15 जून तक आ सकता है मानसून, मध्‍य प्रदेश में सामान्य से अधिक होगी बारिश

भोपाल प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने तय समय (15 जून) पर प्रदेश में पूर्वी क्षेत्र से दस्तक दे सकता है। प्रवेश करने के पांच दिन में मानसून के पूरे प्रदेश में छा जाने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञानियों ने मध्य प्रदेश में मानसून की वर्षा सामान्य से अधिक होने की भी उम्मीद जताई है। बता दें कि पिछले वर्ष प्रदेश में मानसून छह दिन की देरी से 21 जून को आया था। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस बार देश में मानसून का प्रवेश चार दिन पहले अर्थात 27 मई तक होने का अनुमान लगाया है। इस हिसाब से 15 से 18 दिन में मानसून के मप्र में प्रवेश करने के आसार हैं। प्रदेश में मानसून आने की सामान्य तारीख 15 जून है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से मानसून की प्रदेश में एंट्री 18 जून के बाद ही हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि यदि देश में मानसून जल्दी आता है, तो प्रदेश में भी इसके तय समय पर आने की संभावना है। पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 21 जून को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र पांर्ढुना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में प्रवेश किया था। इस बार भी इन्हीं जिलों से मानसून के प्रवेश की संभावना बताई जा रही है। सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद प्रदेश में इस बार मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, प्रदेश में 104 से 106 प्रतिशत अर्थात औसत 38-39 इंच वर्षा हो सकती है। जबलपुर-शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा वर्षा संभावित है। जबकि ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में भी वर्षा का कोटा फुल हो सकता है। बता दें कि प्रदेश की सामान्य वर्षा औसत 37.3 इंच है। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में कब-कब आया मानसून वर्ष- आगमन- विदा हुआ2024- 21 जून- 07 अक्टूबर2023- 24 जून- 09 अक्टूबर2022- 16 जून- 14 अक्टूबर2021- 09 जून- 11 अक्टूबर2020- 14 जून- 21 अक्टूबर2019- 24 जून- 12 अक्टूबर2018- 25 जून- 04 अक्टूबर2017- 22 जून- 11 अक्टूबर2016- 19 जून- 13 अक्टूबर2015- 15 जून- 02 अक्टूबर(मौसम विज्ञान केंद्र के सौजन्य से) recent visitors 29

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निवास पर एक बड़ी बैठक हो रही है, इसमें एनएसए, रक्षा मंत्री समेत बड़े अधिकारी शामिल

नई दिल्ली पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकता, सीजफायर की घोषणा के तीन घंटे के बाद ही उसने फिर फायरिंग शुरू कर इसका सबूत दे दिया। जवाब में भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना को फिर मुंह की खानी पड़ी। इसके बाद सीमा पर शांति हुई। इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निवास पर एक बड़ी बैठक हो रही है। इसमें एनएसए, रक्षा मंत्री समेत बड़े अधिकारी शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद भी पाकिस्तानी सैनिक लगातार फायरिंग कर रहे थे। इतना ही नहीं पाकिस्तान की ओर से लगातार ड्रोन भी भेजे गए, भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन्हें नाकाम कर दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जब करारा जवाब दिया तो सीमा पार चुप्पी छा गई। देर रात सीमा से लगे इलाकों में स्थिति सामान्य हो गई। वहीं कहीं से भी ड्रोन या फायरिंग की कोई घटना सामने नहीं आई है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में भी स्थित अब सामान्य है। सेना अलर्ट पर अपनी आदत से मजबूर पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारतीय सेना अब भी सतर्क है। इधर अमृतसर में कलेक्टर ने अब भी रेड अलर्ट जारी किया हुआ है। रहवासियों से रात में घर से बाहर नहीं आने को कहा गया है। इसके साथ ही घर में भी खिड़की-दरवाजों से दूर रहने के लिए कहा गया है। सीजफायर हुआ पर गाइडलाइंस अभी लागू है इधर दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर कहा है कि सीजफायर हो गया है, लेकिन सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइंस अभी लागू हैं। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षा जांच के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है किसी भी जानकारी के लिए वे केवल आधिकारिक साइट्स ही देखें। recent visitors 37

भेल के रिटायर्ड जीएम की पत्नी ने पति को मारने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी, हत्या मामले में पत्नी, सहेली और सहेली के प्रेमी अरेस्ट

भोपाल पिपलानी क्षेत्र में एक महिला ने सहेली के प्रेमी को दस लाख की सुपारी देकर अपने पति की हत्या करवा दी। पति महिला से अक्सर मारपीट करता था, जिससे वह परेशान रहती थी। उसने करीब तीन महीने पहले पति की हत्या की साजिश रची थी। 18 अप्रैल को सहेली के प्रेमी ने घर पहुंचकर उसका मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया और सिर के बल टाइल्स पर गिराकर उसका सिर फोड़ दिया। मौत के बाद पत्नी अपने पति के शव को लेकर अस्पताल पहुंची और पुलिस को बाथरूम में गिरने का कारण बताया, जिसके बाद पुलिस ने मामूली मर्ग की कायमी की। 21 दिन बाद जब मृतक की पीएम रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस भी हक्की-बक्की रह गई, क्योंकि मृतक की मौत सिर पर चोट लगने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने दो दिन तक वारदात को नहीं कबूला, बाद में सभी साक्ष्य मिल जाने पर वारदात को स्वीकारा। पुलिस ने पत्नी बिट्टी जार्ज, सहेली रेखा और उसके प्रेमी संजय पाठक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया है।   51 की उम्र में की थी 18 वर्षीय युवती से दूसरी शादी एसआई संतोष रघुवंशी ने बताया कि 65 वर्षीय जार्ज कुरियन मूलत: केरल के रहने वाले थे। वह भेल से जीएम के पद से रिटायर थे और पटेल नगर में रहते थे। 14 वर्ष पहले उन्होंने 51 वर्ष की उम्र में 18 साल की बिट्टी नामक युवती से दूसरी शादी की थी। जबकि उनकी पहली पत्नी केरल में ही रहती थी। बीते कुछ वर्षों से जार्ज कुरियन अपनी पत्नी से मारपीट करता था, जिससे महिला परेशान रहती थी। ऐसे की थी हत्या 18 अप्रैल को बिट्टी जार्ज (32) ने संजय को रेखा के माध्यम से घर बुलवाया। बिट्टी ने जार्ज की आंखों में ड्राप डाला था और वह बेडरूम में सो रहे थे। तभी बिट्टी बाहर आ गई और संजय अंदर घुस गया। उसने जार्ज से मारपीट की और मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया। बाद में उसे सिर के बल टाइल्स पर गिरा दिया, जिससे उसका सिर फूट गया। तब तीनों ने चादर और तकिये से कमरे का खून साफ किया और उसे अस्पताल पहुंचाकर बाथरूम में गिरने से मौत की झूठी कहानी रची। चार घंटे तक शव को घर में रखे रहे आरोपित: एसआइ रघुवंशी के अनुसार मौत के बाद बिट्टी चार घंटे तक शव को घर में रखे रही। उसने पुलिस से पूछताछ में बताया कि उसकी पति जार्ज अक्सर कहता था कि उसे किसी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त है कि जब भी वह मरेगा तो चार घंटे बाद वापस जिंदा हो जाएगा। इसीलिए बिट्टी और उसके साथियों ने चार घंटे तक शव रखकर इतंजार किया कि कहीं वह वापस जिंदा न हो जाए। बाद में उसे अस्पताल भेजा। तीन माह पहले रची साजिश, 18 मार्च को पहला हमला उनके मकान में रेखा सूर्यवंशी नामक महिला बेटे के साथ किराये से रहती है। उसके पति की मौत 2017 में हो गई थी, जबकि बेटा सागर कॉलेज में पढ़ाई करता है। रेखा का प्रेम प्रसंग सीहोर में रहने वाले संजय पाठक से था, जो कि आरटीओ एजेंट है। जार्ज रेखा को भी संजय से बात करने से रोकता था। इस प्रकार दोनों महिलाएं उससे प्रताड़ित थीं। करीब तीन महीने पहले दोनों ने उसकी मौत की साजिश रची। उन्होंने संजय को दस लाख की सुपारी दी, जिसमें करीब ढाई लाख रुपये एडवांस राशि के रूप में भी दिए थे। उन्होंने पहला हमला सीहोर क्षेत्र में जार्ज पर किया था। तब जार्ज किसी काम से रेखा के साथ सीहोर गए थे। तभी संजय ने हमला किया, लेकिन जार्ज किसी तरह बच गए थे। उन्हें आनंद नगर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस तरह जांच में अंधे कत्ल से पुलिस ने उठाया पर्दा महिला ने बाथरूम में गिरने से मौत का कारण बताया, जबकि पीएम में दम घुटने से मौत की पुष्टि। पत्नी बिट्टी और उसकी सहेली रेखा के बयानों में भिन्नता मिली। 18 मार्च की घटना के समय तीनों का एक ही रूट पर मिलना। आरोपितों के बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच भी पुलिस कर रही है।   recent visitors 28

जानिए गरमियों में कैसे पाए फटे हुए होंठो से निजात

गरमी के मौसम में भी होंठों का सूखना या फटना आम बात है. लेकिन इन की नियमित देखभाल और घरेलू उपचार से होंठों को ठीक किया जा सकता है. सब से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर होंठ फटते क्यों हैं? इस बारे में मुंबई के द कौस्मैटिक सर्जरी इंस्टिट्यूट के कौस्मैटिक सर्जन डा. मोहन थौमस बताते हैं कि गरमियों में गरम, सूखी हवा और लू के चलने से भी होंठ फटने लगते हैं. इन के फटने की और वजहें निम्न हैंः जब होंठों के सूख जाने पर उन्हें बारबार जीभ से चाटते हैं, तो लार होंठों की नमी को सोख लेती है. इस से होंठों पर पपड़ी बनती है और फिर जब आप पपड़ी निकालती हैं तो नीचे की परत सूख जाती है. इस तरह होंठों का फटना लगातार जारी रहता है. -होंठों को नमीयुक्त बनाए रखने के लिए कोई ग्रंथि नहीं होती. गरम हवा में ड्राईनैस होती है, जिस से होंठ फटते हैं. -अगर होंठ ज्यादा फटते हैं, तो यह शरीर के डीहाइड्रेशन की ओर संकेत करता है. -अगर आप अपने होंठों को ठीक तरह से सनस्क्रीन से प्रोटैक्ट नहीं करती हैं तो भी वे फटते हैं. -गरमी में धूल, मिट्टी, पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी होंठ फटते हैं. -जब आप मुंह से सांस लेती हैं, तो गरम हवा होंठ के ऊपर से बाहर आती है, जिस से लिप कै्रक होता है. -कुछ टूथपेस्ट कई बार होंठों की त्वचा को सूट नहीं करते. ऐसे में होंठों का फटना जारी रहता है. -कई बार अगर खट्टे फल, जूस, सौस आदि होंठों में ऐलर्जी पैदा करें तो भी उन के फटने की संभावना रहती है. -कुछ दवाओं के सेवन से भी होंठ फटते हैं. इसलिए उन दवाओं का सेवन करते हुए ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ, जूस और पानी पीना चाहिए. इस संदर्भ में कौस्मैटिक सर्जन डा. जेम्स डिसिल्वा बताते हैं कि यह जरूरी नहीं कि केवल धूप में जाने वाली महिलाओं के ही होंठ फटते हों. घर में रहने वाली महिलाओं को भी अगर गरम और सूखी हवा लगेगी, तो उन के भी होंठ फटेंगे. होंठों की त्वचा संवेदनशील होती है. अगर सही तरह से इन्हें लुब्रिकैंट नहीं करेंगी तो क्रैक्स आएंगे ही. कुछ घरेलू उपायों को अपना कर आप स्वस्थ होंठ पा सकती हैं… -गरमी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें. इस से शरीर की नमी के साथसाथ होंठों की नमी भी बनी रहेगी. -सुबह ब्रश करते समय अगर लगे कि होंठों में ड्राईनैस है, तो लिप ब्रश को हलके हाथों से होंठों पर फेर लें. बाद में अच्छी तरह लिपबाम लगाएं. -रात में सोते समय पैट्रोलियम जैली या कोकोनट औयल अथवा फ्रैश मलाई लगाएं. इस से होंठों के अंदर की नमी अंदर ही रहेगी और वे मुलायम रहेंगे. -मेकअप करते समय लिपग्लौस का प्रयोग न कर यूवी रेज को सोख लेने वाला लिपबाम लगाएं. यह अच्छे ब्रैंड का ही खरीदें. -होंठ ज्यादा फटें तो लिप मौइश्चराइजर और लिपबाम दोनों दिन में 3-4 बार लगाएं. खानपान में पोषक तत्त्वों की पर्याप्त मात्रा हो. विटामिन सी, विटामिन ई, हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन हमेशा करें. -गरमी के मौसम में लस्सी का सेवन जितना अधिक करेंगी होंठों की सेहत के लिए वह उतना ही अच्छा रहेगा. डा. आमोद राव कहते हैं कि आजकल की लड़कियां स्लिमट्रिम होने के चक्कर में अपना खानपान सही तरीके से नहीं करतीं. जंक फूड खाती हैं. ऐसे में शरीर में पोषक तत्त्वों की मात्रा में कमी आ जाती है, जिस का असर सब से पहले होंठों पर ही पड़ता है. इस के अलावा धूम्रपान करने से भी होंठ फटते हैं. होंठों को सुंदर बनाने के घरेलू नुसखेः -थोड़ा सा शहद, चीनी और नीबू का रस मिला कर फ्रिज में रख लें. फिर जब भी समय मिले होंठों पर लगाएं. धूप में काम करने वाली महिलाएं इसे जरूर लगाएं. -अगर होंठ अधिक फटे हों तो टमाटर के रस में देशी घी या मलाई मिला कर होंठों पर लगा कर त्वचा के चिकना होने तक लगा रहने दें.   recent visitors 57

अब बॉम्बे हॉस्पिटल को मिली बम से उड़ाने की धमकी, स्टेडियम को भी उड़ाने की मिली थी धमकी, मामले की जाँच शुरू

इंदौर इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में सर्चिंग करवाई। इस दौरान वहां कोई भी संदिग्ध सामान या विस्फोटक नहीं मिला। दो दिन पहले भी एमपीसीए को ई-मेल भेजकर होलकर स्टेडियम को उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल में लिखा था कि स्लीपर सेल इस घटना को अंजाम देगी। इसके साथ ही भी लिखा था कि 'अपनी सरकार को समझाओ की वो पाकिस्तान से पंगा नहीं ले।' इस मेल में यह भी लिखा था अस्पताल भी स्लीपर सेल के निशाने पर हैं।   साइबर सेल कर रही मामले की जांच ई-मेल द्वारा भेजी जा रही इस धमकियों की जांच साइबर सेल कर रही है। यह देखा जा रहा है कि ई-मेल कहां से भेजे गए हैं। जल्द ही उस व्यक्ति को ट्रेस कर लिया जाएगा, जिसने यह हरकत की है। recent visitors 18

4 दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में भारी तबाही, भारत का पलड़ा भारी, दिए गहरे झटके

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले तेज सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम ने फिलहाल दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों को एक व्यापक युद्ध की कगार से पीछे खींच लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा 7 मई को आतंकियों के खिलाफ शुरू किए गए जवाबी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल, ड्रोन, लड़ाकू विमानों और आर्टिलरी के जरिये बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हुई। हालांकि एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम उल्लंघन की खबरें आ रही हैं, लेकिन कागजी तौर पर यह समझौता तनाव को थामने में सफल रहा है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की आतंकवादी संरचनाओं, वायुसेना ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को गहरे झटके दिए हैं। वहीं पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई को भारतीय सेना ने बड़ी हद तक निष्फल कर दिया। पाकिस्तान को भारी नुकसान ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को तड़के हुई थी। भारत ने 26 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर लगभग 100 आतंकियों को मार गिराया। ये शिविर खुफिया सूचनाओं के आधार पर चुने गए थे, जो कई वर्षों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में सक्रिय थे। इनमें से 5 ठिकाने एलओसी से 9 से 30 किलोमीटर भीतर PoK में थे, जबकि बाकी 6 से 100 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के भीतर स्थित थे। हमलों में राफेल लड़ाकू विमानों से लॉन्च किए गए स्कैल्प क्रूज मिसाइल, हैमर स्मार्ट हथियार, M777 हॉवित्जर से दागे गए एक्सकैलिबर गोला और कामिकाजे ड्रोन (लोइटरिंग म्यूनिशन) शामिल थे। पाकिस्तान के एयर डिफेंस को भारी क्षति पाकिस्तान ने जवाब में उत्तर और पश्चिम भारत के 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइलों और ड्रोन हमलों को विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने लाहौर और कराची समेत कई स्थानों पर पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणालियों को तबाह कर दिया। भारतीय सेना ने इन हमलों के दौरान S-400, आकाश और बराक-8 वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों के अलावा अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया। रडार और कमांड सेंटर की नेटवर्क प्रणाली से खतरों की पहचान कर त्वरित प्रतिक्रिया दी गई। 10 मई की रात सबसे भीषण हमला सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को 10 मई की रात झेलना पड़ा जब भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरिद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर, चूनियां, पसरूर और सियालकोट में आठ सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ये हमले रातभर चले और इनमें पाकिस्तान की रडार इकाइयों, गोला-बारूद भंडार, कमांड सेंटर्स और तकनीकी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। पाक सेना की जवाबी कोशिशें बेकार 8-9 मई की रात पाकिस्तान ने 300-400 तुर्की निर्मित 'सोंगर' सशस्त्र ड्रोन से भारत के 36 स्थानों पर हमला करने की कोशिश की, जिसमें लद्दाख से लेकर गुजरात के सिर क्रीक तक के ठिकाने शामिल थे। लेकिन अधिकतर ड्रोन भारतीय सेना द्वारा मार गिराए गए। इसके बाद अगले दिन पाकिस्तान ने 26 और ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, जिन्हें भारत ने अपने एयर डिफेंस से निष्फल किया। पाक की सैन्य क्षमता को करारा झटका भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, “स्कर्दू, सर्गोधा, जैकोबाबाद और भोलेरी जैसे महत्वपूर्ण एयरबेसों को भारी नुकसान पहुंचा है। रडार और वायु रक्षा हथियारों की क्षति से पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि एलओसी के पार भी सैन्य ढांचे, लॉजिस्टिक्स और नियंत्रण केंद्रों को सटीक तरीके से निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तान की न तो रक्षा और न ही आक्रामक क्षमताएं प्रभावी रह गईं।   recent visitors 46

चीन की ‘दो चेहरे वाली’ नीति पर उठने लगे सवाल, पहलगाम हमले की निंदा, फिर पाक को बताया ‘मजबूत दोस्त’

बीजिंग पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए चीन ने एक ओर जहां आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दिखाया, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान को अपना 'आयरन-क्लैड फ्रेंड' यानी 'लोहे जैसा मजबूत मित्र' बताते हुए उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के समर्थन की बात दोहराई. यह घटना भारत-चीन-पाकिस्तान के बीच चल रही कूटनीतिक रस्साकशी का एक नया अध्याय बन गई है, जहां चीन की 'दो चेहरे वाली' नीति पर सवाल उठने लगे हैं. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता की रक्षा में चीन के समर्थन को दोहराया. वांग यी ने पाकिस्तान को 'हर मौसम का रणनीतिक साझेदार' और 'लोहे जैसा दोस्त' बताया. चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि वांग ने पाकिस्तान के संयम और जिम्मेदाराना रवैये की सराहना की है. हालांकि, इसी के साथ वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी फोन पर बातचीत की और पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि चीन आतंकवाद का विरोध करता है. चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य जटिल और अस्थिर है. ऐसे में एशिया में शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है और उसे संभालकर रखना चाहिए.   चीन ने यह भी कहा कि वह चाहता है कि भारत और पाकिस्तान दोनों पक्ष संयम बरतें, आपसी मतभेदों को बातचीत और परामर्श से सुलझाएं, और किसी भी तरह की सैन्य टकराव की स्थिति से बचें. बीजिंग ने उम्मीद जताई कि दोनों देश व्यापक और स्थायी संघर्षविराम की दिशा में आगे बढ़ेंगे, जो न केवल दोनों देश, बल्कि पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह नीति दोमुंही है, जहां एक ओर वह आतंकवाद की निंदा करता है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा दिखाई देता है, जो कई बार आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है. रोम के दोमुंहे देवता 'जैनस' की तरह चीन भी एक साथ दो चेहरों के साथ दुनिया के सामने खड़ा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघर्षविराम की घोषणा के बाद चीन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मैं चीन के राष्ट्रपति और वहां की जनता को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं, जो पिछले 58 वर्षों से पाकिस्तान के साथ खड़े हैं. संघर्षविराम की घोषणा भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद हुई, जो दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों को पूरे युद्ध के मुहाने तक ले गई थी. शनिवार को भारत और पाकिस्तान ने जल, थल और वायु मार्ग से सभी सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति जताई. हालांकि, इस समझौते को लेकर कई देशों ने दावा किया कि इसमें उनकी भूमिका रही है. कई रिपोर्ट में कहा गया कि यह समझौता चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब सहित कई देशों की गहन कूटनीतिक कोशिशों के बाद हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यह समझौता अमेरिका द्वारा कराए गए मध्यस्थता के प्रयासों का नतीजा है. वहीं, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह समझौता पूरी तरह से द्विपक्षीय बातचीत का परिणाम है और इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं हुआ. भारत का यह भी कहना है कि पाकिस्तान ने इस संघर्षविराम के लिए बिना किसी शर्त या अन्य मुद्दों से जोड़ने की कोशिश किए बगैर सहमति जताई. दरअसल, भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकियों के लॉन्चपैड ध्वस्त कर दिए थे. इसी के बाद जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी हमले हुए, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया. चीन की भूमिका को लेकर भारत में मिलेजुले सुर देखने को मिल रहे हैं. जहां एक ओर कूटनीतिक हलकों में इसे संतुलन साधने वाला कदम कहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे पाकिस्तान को लेकर चीन के विशेष झुकाव का उदाहरण माना जा रहा है. कई विश्लेषकों का मानना है कि चीन इस समय दक्षिण एशिया में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है और पाकिस्तान को रणनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. वहीं, भारत को संतुलन में बनाए रखने के लिए वह आतंकवाद के मुद्दे पर बयानबाजी करता है. यह चीन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह दोनों पक्षों से अपने हित साधने की कोशिश करता है. फिलहाल, भारत ने चीन के इस 'दोहरे रवैये' पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन आंतरिक स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में भारत की विदेश नीति में इस घटनाक्रम का क्या असर पड़ता है और क्या वह चीन पर अधिक कड़ा रुख अपनाएगा. पाकिस्तान को लेकर चीन की इस अंध समर्थन वाली नीति ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बीजिंग वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ है या फिर वह अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हुए दोहरी चाल चलता है.   recent visitors 39