मध्य प्रदेश के दमोह में दर्दनाक सड़क हादसा, इस हादसे परिवार के 3 सदस्यों की मौत

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे परिवार के 3 सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुट गई है। पूरा मामला देहात थाना क्षेत्र का है। दरअसल, कड़ोरी पटेल नमक व्यक्ति बाइक में सवार होकर पत्नी दशोदा और बेटी आरती के साथ कहीं जा रहा था। इस दौरान मारा गांव के पास ट्रक ने गाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी और मौके से फरार जो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने फौरन 108 एम्बुलेंस को इसकी सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। साथ ही आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। recent visitors 28

स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली पोल! हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिली

बैतूल मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. जहां तेज रफ्तार कार ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी. हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया. लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिली. ऐसे में घायल को ठेले से अस्पताल पहुंचाया गया. यह कहना उचित होगा कि यह घटना स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलती है. यह घटना मुलताई थाना क्षेत्र के जय स्तंभ चौक की है. रविवार को तेज रफ्तार कार ने बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी. जिसके बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया. वहीं इस दुर्घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया. मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने 108 पर हादसे की जानकारी दी. लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची. इधर, बुजुर्ग की बिगड़ती हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मजबूरन ठेले से घायल को अस्पताल ले गए. जहां उसका इलाज जारी है. इस घटना के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं. वैसे सवाल उठना लिजमी है, क्योंकि इसके पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. उधर, घटना की जानकारी मिलते ही मुलताई थाना पुलिस मौके पर पहुंची. फिलहाल, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है. ताकि फरार ड्राइवर को पकड़ा जा सके. recent visitors 23

छिंदवाड़ा जिले में दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई, शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए

छिंदवाड़ा आपने शादी को यादगार बनाने के लिए हेलीकॉप्टर और बैलगाड़ी से विदाई करते हुआ देखा होगा. लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए. दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई. दरअसल, चौरई ब्लॉक के पलटवाड़ा निवासी सोनू वर्मा का सपना था कि वह दुल्हन को अपनी गाड़ी में विदा कर घर लाए. सोनू की शादी सिवनी जिले के केवलारी में सोनम के साथ तय होने के बाद उसने होने वाली पत्नी से अपनी इच्छा जाहिर की थी. लेकिन उसके पास उस समय कोई गाड़ी नहीं थी. बाद में उसने मेहनत कर एक ट्रक अपने नाम फाइनेंस कराया और उसको अपनी कमाई का साधन बनाया. जब शादी का समय आया, तब उसने अपने ट्रक पर ही दुल्हन की विदाई का अनुरोध किया. जिसे दुल्हन और उसके परिवारजनों ने भी स्वीकार किया और ट्रक से दुल्हन की विदाई हुई. इधर, दूल्हा ट्रक चलाता रहा, जबकि दुल्हन गीतों का आनंद लेती रही. वहीं अब यह अनोखी विदाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है. recent visitors 21

जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और पीएम मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई: मुख्यमंत्री

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में पहुंचे. जहां वो विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मीडिया से रूबरू होते हुए सीएम ने कहा कि जल गंगा सर्वधन के तहत जो किया जा रहा है, उसके लिए मध्य प्रदेश पूरे देश में पहचाना जाता है. हमने जल पर बहुत काम किए हैं. पहले नदी जोड़ो अभियान, केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान, चंबल योजना. सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि बीते दिन महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी नदी के पानी संग्रहण को लेकर एक बड़ी योजना बनाई है. जिसके माध्यम से सवा लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी और महाराष्ट्र को भी इसका फायदा मिलेगा. जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई है. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना बता दें कि शनिवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने ‘तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना’ पर एमओयू साइन साइन किया. दोनों सरकारों के बीच ये एमओयू महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल की 28वीं बैठक के बाद हुआ. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज परियोजना है. इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी. 31.13 टीएमसी पानी का होगा उपयोग इस मेगा रिचार्ज योजना में 31.13 टीएमसी पानी का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टीएमसी मध्य प्रदेश को और 19.36 टीएमसी पानी महाराष्ट्र के हिस्से में आएगा. इस प्रोजेक्ट से मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हैक्टेयर और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. इससे प्रदेश के बुरहानपुर-खंडवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार और खालवा की 4 तहसीलें लाभान्वित होंगी. recent visitors 25

नदंनवन के चार तेंदुओं में से एक नरसिंह की ढाई महीनों की बीमारी के बाद मौत

रायपुर नंदनवन पक्षी विहार में बीते दस सालों से आकर्षण का केंद्र रहा नरसिंह अब लोगों को नजर नहीं आएगा. नदंनवन के चार तेंदुओं में से एक नरसिंह की ढाई महीनों की बीमारी के बाद मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, ट्यूमर के लगातार बढ़ने के कारण भोजन पानी और दवाओं के सेवन में 16 साल के नरसिंह को अत्यधिक कठिनाई होने लगी थी. नरसिंह को 2014 में बालोद परिक्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था. जंगल सफारी वनमण्डल ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम के बाद नरसिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया. नंदनवन के चारों तेंदुओं को जंगल सफारी शिफ्ट किया जाना था. recent visitors 24

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय द्वारा सदियों से संरक्षित खान-पान, लोक कलाएं, शिल्प, वस्त्र, आभूषण, उपकरण और चिकित्सा पद्धतियां सभी हमारी अनमोल धरोहर है। हमारी इस लोक संस्कृति का संरक्षण और प्रोत्साहन समाज का दायित्व है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित मौलिक, स्वाभाविक, कला, शिल्प और संस्कृति की सृजनशीलता को निखार कर व्यवसायिक बनाने के प्रयासों की सराहना की है। राज्यपाल श्री पटेल तीन दिवसीय शिल्प ग्राम महोत्सव के समापन कार्यक्रम को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वन्या प्रकाशन, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के समन्वय से किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने समापन कार्यक्रम के पूर्व सभागार में उपस्थित कलाकारों के पास पहुंचे और समक्ष में उनसे चर्चा की। कार्यक्रम में राज्यपाल को बैतूल जिले के शिल्पकारों की बेल मेटल से बनी जनजातीय कलाकृति स्मृति प्रतीक के रूप में और महोत्सव के प्रशिक्षणार्थी शिल्पियों, कलाकारों द्वारा निर्मित उत्पादों का सेट भेंट किए गए। राज्यपाल का वरिष्ठ गोंड कलाकार श्री आनंद श्याम ने पारंपरिक गोंड परंपरा के अनुसार साफा और बीरन माला से स्वागत किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय को सक्षम बना कर उनके विकास और खुशहाली के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।पूरे देश में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों के सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर को उठाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे में सुधार और आजीविका के कार्य 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की अति पिछड़ी जनजातियों जिनमें राज्य के बैगा, भारिया, सहरिया जनजातीय समुदाय शामिल हैं, उनके लिए जनमन योजना के तहत सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल तक पहुँच, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनजाति समुदाय की आनुवंशिक बीमारी सिकल सेल को वर्ष 2047 तक समाप्त करने का संकल्प किया है। संकल्प की सफलता के लिए सरकार और समाज को मिलकर आगे आना होगा। राज्य सरकार द्वारा अभियान के रूप में कार्यवाही करते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 6 लाख जनजातीय बहनों-भाईयों की स्क्रीनिंग कर ली है। स्क्रीनिंग में 2 लाख 6 हजार से अधिक वाहक और 28 हजार से अधिक रोगी मिले है। सभी को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। सिकल सेल की गर्भावस्था में और प्रसूति के 72 घन्टों के भीतर नवजात की जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गई है। वर्ष 2047 तक रोग उन्मूलन के लिए समुदाय को दो बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। पहली, हर गर्भवती महिला की गर्भावस्था में और नवजात शिशु की 72 घन्टों के भीतर जांच हो जाए। दूसरी, जेनेटिक कार्ड मिलाकर ही विवाह संबंध तय किए जाए। किसी एक के रोगी, वाहक होने पर विवाह किया जा सकता है, किन्तु रोगी युवक-युवती का आपस में विवाह नहीं होना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय समुदाय के गौरव रानी दुर्गावती और बिरसा मुण्डा का संदर्भ देते हुए कहा कि समुदाय को उनके गौरव से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने के प्रयास करने होंगे। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी होती है। संतान को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाएं। सरकार द्वारा शिक्षा के लिए समुदाय को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने जनजातीय समुदाय विशेषकर युवाओं को सामाजिक कुरीतियों के प्रति आगाह किया, कहा कि प्रगति के लिए प्राथमिक आवश्यकता व्यसनों से दूर रहना है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश ने जनजातीय कला-शिल्प, संस्कृति-सभ्यता, रीति-रिवाज और मान्यताओं-परंपराओं के संरक्षण और भावी पीढ़ी में हस्तांतरण की सार्थक पहल की है। शीघ्र ही हरसूद में 100 सीटर बालिका-बालक प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया जाएगा। केन्द्र में जनजातीय समुदाय के शिल्पकार, कलाकारों द्वारा जनजातीय संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल ने उनको बताया है कि कला का सम्मान समाज का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्यपाल महोदय की भावना के अनुसार निर्माणाधीन प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा प्रशिक्षक कलाकारों को सम्मान जनक मानदेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की मोहन सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय की खुशहाली के कार्यों में कोई कोर-कसर छोड़ी नहीं जाएंगी। आयुक्त जनजातीय कार्य एवं प्रबंध संचालक वन्या प्रकाशन श्री श्रीमन शुक्ला ने महोत्सव की जानकारी देते हुए बताया कि परंपरा को डिजाइन का साथ मिलता है तो वह आजीविका और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान विशेषज्ञों द्वारा जनजातीय कलाकारों को तकनीकी ज्ञान देने के साथ ही जनजातीय शिल्प, कौशल व्यंजन परंपरा की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। समापन कार्यक्रम में गोंड चित्र कलाकार श्री गगन सिंह मरावी, गौंड चित्रकार एवं नृत्यांगना श्रीमती संदीप्ती परस्ते ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आयुक्त आदिमजाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य ने आभार प्रदर्शन में बताया कि महोत्सव में जनजातीय कार्य मंत्री ने क्रेता के रूप में आकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया था। कार्यक्रम का संचालन श्री विनय उपाध्याय ने किया।   recent visitors 25

भारत माला परियोजना में आरोपी एसडीएम-तहसीलदार, आरआई, पटवारी समेत 8 अब तक ईओडब्ल्यू की पकड़ से बाहर

रायपुर अभनपुर तहसील क्षेत्र के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कर्रे, राजस्व निरीक्षक रोशनलाल वर्मा, पटवारी दिनेश पटेल के अलावा गोबरानवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी नायकबांधा जीतेंद्र लहरे, पटवारी बसंती घृतलहरे, लेखराम पटेल ऐसे नाम हैं, जिनके खिलाफ छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया है. लेकिन इन लोगों के फरार होने की वजह से घोटाले की जांच अटकी हुई है. इस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने अब तक हरमीत सलूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन को गिरफ्तार किया है. इन चारों को रिमांड पर लेकर ईओडब्ल्यू पूछताछ कर चुकी है. लेकिन ईओडब्ल्यू अब तक घोटाला की जड़ तक पहुंच नहीं पाया है. घोटाला की शुरुआत कैसे और कहां से हुई, यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका खुलासा तभी हो पाएगा, जब सभी फरार निलंबित अधिकारी-कर्मचारी ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आएंगे. NHAI अफसर भी शंक के दायरे में इस प्रोजेक्ट का नक्शा एनएचएआई द्वारा तैयार किया गया था. इस नक्शा के आधार पर प्रभावित किसानों की जमीनों का अधिग्रहण कर उन्हें मुआवजा बांटा गया है. इस तरह अधिसूचना जारी होने से पहले अगर प्रोजेक्ट का नक्शा लीक हुआ है, तो यह संभावना जताना भी गलत नहीं होगा कि नक्शा एनएचएआई से लीक हुआ है. सवाल यह है कि नक्शा लीक हुआ है या फिर कराया गया. अगर कराया गया है, तो इस घोटाले में एनएचएआई के कुछ अफसरों के भी शामिल होने की भी संभावना है. क्या लीक हुआ था नक्शा जानकार बताते हैं कि भारत माला परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद बैक डेट पर प्रभावित किसानों की जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़े में बांटकर उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर चढ़ा दिया गया, जिससे जमीन अधिग्रहण के रूप में कई गुना ज्यादा मुआवजा राशि का वितरण किया जा सके. जांच रिपोर्ट में बैक डेट पर किसानों की जमीन को टुकड़ों में बांटने का उल्लेख किया गया है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि अधिसूचना जारी होने के पहले ही जमीनों का बटांकन कर दिया गया हो. अगर ऐसा हुआ है तो इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि अधिसूचना जारी होने से पहले ही प्रोजेक्ट का नक्शा लीक हुआ होगा, जिसका फायदा निलंबित हुए अधिकारी-कर्मचारियों के साथ भू-माफिया ने उठाया. किसानों की भी मिलीभगत भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला में अब तक यह बातें सामने आई है कि प्रभावित किसानों की जमीनों को टुकड़ों में बांटकर उन्हें कई गुना अधिक मुआवजा दिलाया गया है. मुआवजा की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंची भी है, लेकिन उसके बाद से सभी के खातों के ऊपर के मिले लाखों-करोड़ों रुपए निकाल लिए गए हैं. ये रुपए किसने निकाले, कैसे निकाले, इसकी भी जांच की जा रही है. 14 नए संदिग्धों से होगी पूछताछ भारतमाला परियोजन में भूअर्जन के नाम पर 48 करोड़ रुपए घोटाला किए जाने के आरोप में ईओडब्ल्यू एसीबी की टीम ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ में घोटाले से जुड़े 14 और संदिग्धों के नाम मिले हैं. इनमें जमीन दलाल से लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारी और अफसर शामिल हैं. ईओडब्लू, एसीबी इन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. इन संदिग्धों में ज्यादातर जगदलपुर, गरियाबंद तथा धमतरी जिले के रहवासी हैं. बढ़ सकती है घोटाले की रकम भारतमाला परियोजना के लिए भू-अर्जन के नाम पर घोटाले की रकम 48 करोड़ रुपए है. ऐसे में गरियाबंद, जगदलपुर सहित धमतरी में भारतमाला परियोजना के नाम पर घोटाला किया गया होगा तो घोटाले की रकम कई गुना और बढ़ सकती है. ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ जाएगा. एक ही पैटर्न की आशंका भारतमाला परियोजना के लिए किन इलाकों का भू-अर्जन किया जाना है, इसकी जानकारी लीक होने के बाद जमीन दलाल के साथ जमीन कारोबारी भी सक्रिय हो गए. इसके बाद जमीन दलाल और जमीन कारोबारियों ने राजस्व विभाग के अफसर, पटवारी, आरआई से साठगांठ कर किसानों से कम दर पर जमीन खरीदी और उसे टुकड़ों में बांटकर मोटी कमाई की. रायपुर के बाद जिन और नई जगहों पर किए गए भू-अर्जन में रायपुर पैटर्न में ही गड़बड़ी किए जाने की आशंका है. recent visitors 28