कौन बनेगा यूपी का नया DGP? रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों का नाम

लखनऊ उत्तर प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार इसी महीने की 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे है। उनके कार्यकाल विस्तार की फिलहाल संभावना नहीं है। इसलिए नए डीजीपी की नियुक्ति जल्द होने की संभावना है। यूपी के डीजीपी बनने के रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम सामने आ रहे है। जिन पर अंतिम मुहर सरकार ही लगाएगी। कौन कौन है रेस में इस लिस्ट में सबसे से पहला नाम वरिष्ठ IPS अधिकारी राजीव कृष्ण का सामने आ रहा है। राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी है। वर्तमान में उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और विजिलेंस के निदेशक, उनकी सेवानिवृत्ति में अभी चार वर्ष शेष है। दूसरे नंबर पर दलजीत सिंह चौधरी का नाम सामने आ रहा है। वर्तमान में वो बीएसएफ के डीजी है। उनकी सेवानिवृत्ति में छह माह से अधिक का समय बाकी है। दलजीत चौधरी पुलिस उप महानिदेशक कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश भी रह चुके है। तीसरे नंबर पर आलोक शर्मा का नाम है। वर्तमान समय में वो एसपीजी की कमान संभाल रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति में छह माह से अधिक का समय बचा हुआ है। इसके अलावा एमके बसाल 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी वरिष्ठता सूची में शामिल है। तिलोत्तमा वर्मा डीजी प्रशिक्षण है। यदि राज्य सरकार उनको मौका देती है, तो वह प्रदेश की पहली महिला आईपीएस डीजीपी बनेंगी। तिलोत्तमा लंबे समय तक सीबीआई में तैनात रह चुकी हैं। इनके नाम की भी चर्चा इस सूची में आदित्य मिश्रा,संदीप तालुके और रेणुका मिश्रा का भी नाम शामिल हैं। अब देखने वाली वाली दिलचस्प बात यह है कि सभी अधिकारी अपने अपने कार्यदक्षता को सिद्ध कर चुके है। ऐसे में किस अधिकारी पर योगी सरकार मेहरबान होती है ये देखने वाली बात होगी। recent visitors 31

इंदौर में पहली बार एक ही दिन डबल ट्रांसप्लांट, बेटे ने दिया लिवर, तो भतीजी ने किडनी देकर बचाई जान

उज्जैन  कहते हैं कि दुख में अगर कोई साथ देता है, तो वह परिवार ही है. जो कितनी भी विपरीत परिस्थिति में साथ खड़ी रहती है, कुछ ऐसा ही मामला उज्जैन के जगर परिवार से सामने आया है. विनोद जगर लिवर खराब होने से बीते 4 सालों से बीमार चल रहे थे, इतना ही नहीं लिवर के ट्रीटमेंट के दौरान उनकी एक किडनी भी खराब हो गई थी. लिवर और किडनी दोनों आर्गन खराब होने से विनोद जगर पर मानों दुखों का पहाड़ टूट गया, ऐसे में बेटे ने लिवर तो भतीजी ने किडनी देकर जान बचाई. इसके साथ ही यह मध्य प्रदेश का पहला डबल ऑर्गन ट्रांसप्लांट भी कहलाया. लिवर के साथ किडनी भी खराब दरअसल, 48 वर्षीय कॉन्ट्रेक्टर विनोद जगर बीते 4 सालों से लिवर खराब होने के कारण बीमार चल रहे थे. 4 साल चले ट्रीटमेंट के बाद उनकी एक किडनी ने भी साथ छोड़ दिया. विनोद जगर को जब डॉक्टर ने किडनी खराब होने की जानकारी दी, तो वो टूट गए. ऐसे में उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया. इसके बाद इंदौर और अमहदाबाद के डॉ से सलाह लेने पर परिजनों को आखिर में अंग ट्रांसप्लान्ट का ही रास्ता नजर आया. ऐसे में विनोद जगर के 24 वर्षीय बेटे यश जगर व 32 वर्षीय विवाहित भतीजी सीमा यादव ने किडनी और लिवर देकर अपने पिता व चाचा विनोद जगर की जान बताई. 2021 में बीमारी का चला पता जगर परिवार के दोनों बच्चों ने समाज में मिसाल पेश की. 6 मई को इंदौर के निजी अस्पताल में 16 घंटे चले इस ऑपेरशन में एक साथ दोनों ऑर्गन ट्रांसप्लान्ट किए गए. जिसे प्रदेश में पहला ऐसा ऑपेरशन माना जा रहा है, जिसमें पहली बार एक साथ दो ऑर्गन ट्रांसप्लान्ट किए गए हों. वहीं विनोद जगर के सबसे बड़े बेटे विनि जगर ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि "पिता की बीमारी का पता साल 2021 में चला था. डॉ के अनुसार 4 साल ट्रीटमेंट चलता रहा, लेकिन साल 2024 में डॉ ने किडनी खराब होना भी बताया. बेटे ने लिवर तो भतीजी ने दी किडनी विनि जगर ने कहा कि डॉक्टर ने बताया कि पिता कभी भी कोमा में जा सकते हैं. उनकी बॉडी बेसिक मूवमेंट करना बंद कर सकती है. परिवार ने ऑर्गन के लिए कई प्रयास किये, लेकिन असफलता मिली. ऐसे में परिवार के दो बच्चे विनोद जगह के लिए देवदूत बन खड़े हुए. बेटे यश और भतीजी सीमा ने चाचा को नई जिंदगी दी. विनी जगर ने यह भी बताया की परिवार में दादी, मां और हम तीन भाई हैं. सबके ब्लड ग्रुप देखे गए, मां और मेरा मैच नहीं हुआ. दादी की उम्र ज्यादा है, छोटा भाई 19 वर्ष का है, बीच वाला 24 वर्ष और फिर में. बीच वाले भाई यश का ब्लड ग्रुप मैच हुआ 0+, फिर उसने पिता को लिवर दिया. 16 घंटे चले ऑपरेशन में दो अंग ट्रांसप्लांट जैसे तैसे लिवर की समस्या से निजात मिला, तो किडनी की समस्या आ खड़ी हुई. ऐसे में बड़े भाई की बेटी सीमा यादव जो विवाहित है और उनके 2 बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि चाचा को मेरी किडनी दे सकते हैं. इसके बाद 6 मई को ऑपेरशन सक्सेस रहा. दोनों भाई बहन को अस्पताल से 13 मई तक डिस्चार्ज मिल गया है. पिता विनोद एडमिट हैं और 15 दिन में डिस्चार्ज हो जाएंगे. ये ऑपेरशन सुबह 07 बजे से शुरू हुआ जो रात 11 बजे तक चलता रहा. विनी जगर के अनुसार डॉ अमित सिंह बरफा ने लिवर ट्रांसप्लांट किया और डॉ सनी मोदी ने किडनी. सीमा यादव जिसने किडनी डोनेट की, उन्हें डॉ के निर्देश हैं, वो कोई फिजिकल एक्टिविटी न करे. जबकि बेटे यश के लिए कहा गया एक वक्त के बाद लिवर रीजनरेट होगा. तब तक डॉ के गाइडेंस में रुटीन फॉलो करे. recent visitors 30

Samsung Galaxy S25 Edge लॉन्च , S सीरीज का सबसे महंगा फोन

नई दिल्ली Samsung ने अपना सबसे स्लिम और स्लीक फोन Samsung Galaxy S25 Edge लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह बेहद ही स्लिम, स्लीक और फीचर रिच स्मार्टफोन है। S25 Edge मात्र 5.8 mm की थिकनेस और 163 ग्राम के वजन के साथ आता है। हालांकि कंपनी का कहना कि S25 Edge एक स्लिम फोन से कई ज्यादा है। यह फोन 12GB+256GB और 12GB+512GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। इस फोन को आप आज से ही प्री-बुक कर पाएंगे। चलिए जानते हैं इस शानदार स्मार्टफोन की कीमत क्या रखी गई है। कीमत S25 Edge के लॉन्च के बाद इसकी कीमत पर से भी आज पर्दा उठ गया। इस फोन के 12GB+256GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,09,999 रुपये और 12GB+512GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,21,999 रुपये होगी। बता दें कि इस फोन को प्रीबुक करने पर ग्राहकों को 12 हजार का फायदा होगा। दरअसल S25 Edge का 256GB वाला वेरिएंट प्रीबुक करने पर आपको उसी दाम में 512GB वाला वेरिएंट मिल पाएगा। इस फोन को 9 महीने की No Cost EMI पर भी खरीदा जा सकेगा। स्पेसिफिकेशन्स Samsung Galaxy S25 Edge में 6.9 inch का QHD+ डिस्प्ले मिलेगा। यह डिस्प्ले 120Hz, HDR10+ और 2600 nits की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगा। सिर्फ 163 ग्राम के Samsung Galaxy S25 Edge में Qualcomm Snapdragon 8 Elite चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। इससे यह स्लीक होने के साथ-साथ परफॉर्मेंस में बेहज पावरफुल हो जाता है। कैमरा Samsung Galaxy S25 Edge के कैमरा फीचर्स की बात करें, तो इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें से प्राइमरी कैमरा 200MP है। S25Ultra में भी इसी प्राइमरी कैमरा का इस्तेमाल किया गया है। Samsung Galaxy S25 Edge को लेकर कंपनी का दावा है कि इससे बेहतरीन पिक्चर क्लिक किए जा सकते हैं। इसमें Night Photography और Samsung Log वीडियो फीचर भी मिलेगा। इसका दूसरा कैमरा 12MP का अल्ट्रा वाइड लेंस है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। S25 Edge, Samsung के सभी मशहूर AI फीचर्स के साथ आएगा। में यूजर्स को फोटो और वीडियो दोनों में गैर जरूरी चीजों को रिमूव करने का ऑप्शन देता है। वहीं Samsung के राइटिंग AI टूल्स की मदद से आप लंबे-लंबे ईमेल और लिखने से जुड़े बाकी के काम आसानी से कर पाएंगे। सेफ्टी के लिए इस फोन में Samsung की Knox सेफ्टी भी दी गई है। recent visitors 51

पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही, समय से पहले मानसून ने दी दस्तक

नई दिल्ली भारतीय मौसम विभान ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को अंडमान-निकोबार द्वीप, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में समय से पहले दस्तक दी है। जहां पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही है। साथ ही इलाके में तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और घने बादल भी बने हुए रहे हैं, जिसके बाद इन सब संकेतों से मौसम विभाग ने इसे मानसून की शुरुआत घोषित की है।   खाड़ी में हवाओं की रफ्तार बढ़ी मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में पश्चिमी हवाओं की ताकत और गहराई बढ़ गई है। 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं की रफ्तार 20 नॉट्स (लगभग 37 किमी/घंटा) से ज्यादा रही और कुछ क्षेत्रों में यह 4.5 किमी तक फैली रही। अब इन जगहों पर पहुंच सकता है मानसून स्थिति को देखते हुए अब मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 3-4 दिनों में मानसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र, बाकी अंडमान-निकोबार द्वीप, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों में पहुंच सकता है। यानि अब देश में धीरे-धीरे मानसून की दस्तक शुरू हो गई है और जल्द ही दक्षिण भारत में बारिश बढ़ सकती है। मानसून की शुरुआत, किसानों के लिए राहत कैसे? मौसम विभाग के अनुसार मानसून की शुरुआत हो चुकी है, जिसके बाद अब धीरे-धीरे यह देश के बाकी हिस्सों की तरफ बढ़ेगी। इससे दक्षिण भारत और उसके बाद पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। देखा जाए तो यह किसानों, खासकर खरीफ फसल की बुआई की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मामले में मौसम विभाग ने बताया कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर आगे की जानकारी देते रहेंगे। recent visitors 35

अरुणिता कांजीलाल ने इश्क मुबारक, दर्द मुबारक गाने की झलक की शेयर , फैन ने लगाई क्लास

मुंबई पवनदीप राजन और अरुणिता कांजीलाल सिंगिंग रिएलिटी शो 'इंडियन आइडल 12' में थे। दोनों जब स्टेज पर परफॉर्म करते थे तो आग लगा देते थे। इनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई थी। धीरे-धीरे इनके अफेयर की चर्चा होने लगी। मेकर्स ने भी इनकी केमिस्ट्री को खूब भुनाया। बाद में पवनदीप इस सीजन के विनर बने और अरुणिता संग कई म्यूजिक वीडियो भी किए। पर धीरे-धीरे इनका साथ नजर आना और साथ काम करना कम होता चला गया। बीते दिनों पवनदीप का भयानक एक्सीडेंट हो गया। पर अरुणिता की तरफ से कोई रिएक्शन अब तक देखने को नहीं मिला। अब उन्होंने अपने नए गाने की झलक सोशल मीडिया पर शेयर की है। पर यूजर्स उनसे पवनदीप को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। अरुणिता कांजीलाल ने इंस्टाग्राम पर अपने नए गाने 'इश्क मुबारक, दर्द मुबारक' की झलक शेयर की है। उन्होंने बताया कि ये म्यूजिक वीडियो जल्द ही रिलीज होगा। उनके फैंस इस गाने को सुनने के लिए बेकरार हैं। पर कुछ यूजर्स पवनदीप राजन को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। एक यूजर ने अरुणिता के पोस्ट पर कॉमेंट करते हुए पूछा, 'पवनदीप और तुम बात नहीं करते हो क्या?' दूसरे ने लिखा, 'पवनदीप भाई का क्या हाल है और तू झूम रही है।' एक और ने तंज कसते हुए लिखा, 'पवनदीप के लिए गाना दर्द मुबारक।' एक और लिखते हैं, 'पवनदीप का इतना मेजर एक्सीडेंट हो गया, पर तुम साथ में नजर नहीं आई। क्या कुछ झगड़ा हो गया है। हम सभी आप दोनों को साथ देखना चाहते हैं।' पवनदीप का अस्पताल में चल रहा इलाज मालूम हो कि 5 मई को पवनदीप की कार का बुरी तरह से एक्सीडेंट हो गया था। वो और उनके दो अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पवनदीप अभी भी अस्पताल में है। उनका इलाज चल रहा है। उनके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है। कई ऑपरेशन के बाद अब वो पहले से बेहतर हैं। recent visitors 45

गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने की सराहना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बताया क्रांतिकारी कदम: मुख्यमंत्री साय गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री  साय ‘अमृत सरोवर’ योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार  और जलसंरक्षण की दिशा में मिलेंगे ठोस परिणाम: स्थानीय आजीविका से जोड़ने केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय रायपुर   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव श्री आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार श्री नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 64

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना का कबूलनामा, बताया क्या- क्या हुआ नुकसान!

नई दिल्ली अपने देश में जश्न मनाने के बाद अब पाकिस्तान ने कुबूल कर लिया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए है और 78 कर्मी घायल हो गए. इसके अलावा गोलाबारी में 40 नागरिक भी घायल हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बाद दी जानकारी में स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान और अधिकारी मारे गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को भारत के साथ हाल ही में हुए टकराव के दौरान हुए सैन्य और नागरिक हताहतों का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, 6 और 7 मई को भारतीय कार्रवाई के जवाब में 'ऑपरेशन बुनयान-उन-मार्सस' के दौरान देश की रक्षा करते हुए 11 सैनिक मारे गए तथा 78 कर्मी घायल हो गए. मारे गए 6 सैन्यकर्मी और एयरफोर्स के 5 अधिकारी ISPR ने बताया कि भारतीय हमलों में मरने वाले छह सैन्यकर्मी नायक अब्दुल रहमान, नायक वकार खालिद, लांस नायक दिलावर खान, इकरामुल्लाह, सिपाही अदील अकबर और सिपाही निसार शामिल हैं. ISPR ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एयरफोर्स के पांच अधिकारी मारे गए हैं. स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, वरिष्ठ तकनीशियन नजीब, वरिष्ठ तकनीशियन मुबाशिर और कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक शामिल हैं. पाकिस्तानी आर्मी के अनुसार, सैन्य हताहतों के अलावा LoC के पार भारतीय सेना की अकारण गोलाबारी में भारी नागरिक हताहत हुए. आईएसपीआर के बयान के अनुसार, सात महिलाओं और 15 बच्चों सहित 40 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 121 अन्य – जिनमें 27 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं – घायल हो गए. भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। इस हमले में भारत ने कई रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने खुद सार्वजनिक रूप से भारत के हमले और उससे हुए भारी नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने नया मोड़ तब लिया जब भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के भीतर आतंक के अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान जहां पहले मीडिया प्रोपेगेंडा के ज़रिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने सामने आकर भारत के हमले में हुए गंभीर नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य संरचना को झकझोर दिया, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक संदेश भी बनकर उभरा है। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्रों को नष्ट करना था। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत कई पाकिस्तानी एयरबेस पर निशाना साधा, जिनमें प्रमुख थे:     रावलपिंडी का नूरखान एयरबेस      शोरकोट एयरबेस     सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ के ठिकाने इशाक डार ने कबूल की तबाही पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार  ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर हमला किया। उन्होंने शोरकोट, सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ जैसे ठिकानों पर हमला किया। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई थी जिसमें पाकिस्तान का नुकसान हुआ।भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं । इस बयान से पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति और भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि होती है। पाकिस्तानी सेना ने भी मानी हार पाकिस्तानी सेना ने भी यह स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका कम से कम एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि उन्होंने यह बताने से परहेज किया कि यह कौन सा विमान था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं है इससे यह साबित होता है कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा और सफल रही। भारत की सख्त चेतावनी: अब सीजफायर हुआ तो… भारत के  DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर की पहल की थी, लेकिन फिर उसे तोड़ते हुए आतंकी घुसपैठ कराई। अब अगर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, तो भारत और बड़ा जवाब देगा। DGMO ने यह भी जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा गया। इसके अलावा, सीमा पर हुई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के  35-40 सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।  मारे गए आंतकियों में  शामिल हैं:      यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी और मसूद अजहर का रिश्तेदार      अब्दुल मलिक रऊफ  पाकिस्तान में सक्रिय ISI समर्थित आतंकी      मुदस्सिर अहमद जम्मू-कश्मीर में कई हमलों का मास्टरमाइंड  क्यों अहम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?      यह कार्रवाई सीमापार आतंकवाद और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट नीति का हिस्सा है।      भारत ने कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया कि अब हर हमले का ठोस जवाब दिया जाएगा।      यह ऑपरेशन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समान ही प्रभावशाली माना जा रहा है।  ऑपरेशन सिंदूर का  असर      पाकिस्तान के कम से कम 4 एयरबेस पूरी तरह ध्वस्त      आतंकवादियों के प्रमुख शिविर नष्ट       भारतीय सैन्य शक्ति का सफल प्रदर्शन       पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी       पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलकर सच स्वीकारना   recent visitors 48