Friday, July 10, 2026 11:42 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक विश्नोई से उनके निवास पर की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में पाटन क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्नोई से उनके निवास पर भेंट की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, रत्नेश सोनकर एवं राजकुमार पटेल भी मौजूद थे।   recent visitors 19

छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना, बिलासपुर सबसे गर्म

रायपुर छत्तीसगढ़ के लोगों को अगले 5 दिनों तक गर्मी से राहत मिल सकती है। प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की आशंका जताई है। सोमवार को बिलासपुर सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, एक द्रोणिका बिहार से झारखंड तक 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है। इस मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात होने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा (30-40 किमी प्रति घंटे) का अलर्ट जारी किया है। धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर के मौसम का हाल मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक मेघमय रहने और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जहां अधिकतम 42°C और न्यूनतम तापमान 29°C के आसपास रहने की संभावना है। recent visitors 24

ई-पासपोर्ट भारत में हुआ लॉन्च, जानें इसकी विशेषताएं

नई दिल्ली भारत ने औपचारिक रूप से ई-पासपोर्ट लागू करना शुरू कर दिया है, जो विदेशी आगंतुकों के लिए पहचान और सुरक्षा में सुधार के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक को पारंपरिक पासपोर्ट डिज़ाइन के साथ जोड़ता है। यह पहल भारतीय पासपोर्ट जारी करने और सत्यापित करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, और इसे 1 अप्रैल, 2024 को शुरू हुए अपडेटेड पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) संस्करण 2.0 के हिस्से के रूप में पेश किया गया था। आप इसे कहां प्राप्त कर सकते हैं नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, गोवा, जम्मू, अमृतसर, शिमला, जयपुर, चेन्नई, सूरत, हैदराबाद और रांची देश के उन शहरों में शामिल हैं जहां वर्तमान में ई-पासपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। देश भर में इस सेवा का विस्तार करने की योजना पर काम चल रहा है। 3 मार्च, 2025 को, चेन्नई में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने तमिलनाडु में इसका शुभारंभ किया। 22 मार्च, 2025 तक अकेले राज्य में 20,729 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके थे। ई-पासपोर्ट क्या है? एक भारतीय ई-पासपोर्ट के कवर में एक एंटीना और एक छोटा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप लगा होता है। यह चिप पासपोर्ट धारक की बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत जानकारी जमा करता है, जो बेहतर सुरक्षा और तेज़ सत्यापन सुनिश्चित करता है। ई-पासपोर्ट की पहचान करने के लिए बस सामने के कवर के नीचे छपे एक अनोखे सुनहरे रंग के प्रतीक को देखें। इस नवाचार के मूल में पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) है, जो एक जटिल एन्क्रिप्शन प्रणाली है जो चिप पर संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करती है और सत्यापित करती है कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पासपोर्ट धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और जालसाजी के खिलाफ बेहतर बचाव शामिल है, जो सीमा पार करते समय महत्वपूर्ण है। क्या स्विच करना आवश्यक है? हमेशा नहीं। सरकार ने कहा है कि मौजूदा पासपोर्ट उनकी समाप्ति तक वैध रहेंगे। फिलहाल, इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट पर स्विच करना स्वैच्छिक है। भारत द्वारा ई-पासपोर्ट को अपनाना नागरिक सेवाओं के प्रति एक प्रगतिशील दृष्टिकोण को दर्शाता है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय यात्रा अधिक तकनीक-संचालित और सुरक्षा-केंद्रित हो जाती है। यह केवल आव्रजन लाइनों को तेज करने के बारे में नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में पहचान की रक्षा करने के बारे में है। भारत में ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कैसे करें नागपुर, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद और अन्य जैसे शहरों में, नागरिक अब ऑनलाइन ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसे विशिष्ट पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSKS) या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (RPOS) से प्राप्त कर सकते हैं। ई-पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए गाइड आवेदन करने के लिए पासपोर्ट सेवा ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करें। अब आपको अपनी पंजीकृत आईडी का उपयोग करके लॉग इन करना होगा। "नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करें/पासपोर्ट का पुन: जारी करना" चुनें। यदि आप उस प्रकार के पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं जो आपके पास पहले नहीं था, तो "नया" चुनें। पहले, या "पुन: जारी करें" यदि आपके पास पहले से ही उसी प्रकार का स्वामित्व है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें और शुल्क का भुगतान करें। अपनी नियुक्ति के दौरान, आप या तो अपनी आवेदन रसीद प्रिंट या सेव कर सकते हैं या केवल एसएमएस पुष्टिकरण प्रस्तुत कर सकते हैं। नियत तारीख पर, मूल दस्तावेज अपने चुने हुए PSK या RPO में लाएं।   recent visitors 31

अब फोटो खींचेने के लिए नहीं पड़ेगी कैमरे की जरूरत, चश्‍मे से खींचेंगे फोटो

नई दिल्ली स्‍मार्टग्‍लास यानी चश्‍मों की दुनिया एडवांस हो चुकी है और यह तकनीक अब भारत में भी हाजिर हो गई है। फेसबुक और इंस्‍टाग्राम जैसी कंपनियों पर मालिकाना हक रखने वाली मेटा ने भारत में रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को लॉन्‍च किया है। चश्‍मे में हाथ लगाए बिना यूजर्स इसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे वॉइस कमांड दे सकते हैं। म्‍यूजिक और पॉडकास्‍ट को कंट्रोल कर सकते हैं और तस्‍वीरें व वीडियोज ले सकते हैं। मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लासेज में बिल्‍ट-इन स्‍पीकर्स भी हैं, जिनकी मदद से आप चश्‍मा लगाकर म्‍यूजिक सुन सकते हैं। कॉल पर बात कर सकते हैं। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत 29 हजार 900 रुपये से शुरू होती है और 35 हजार 700 रुपये तक जाती है। कंपनी ने कई मॉडल उतारे हैं जिनमें शाइनी और मैट ब्‍लैक जैसे विकल्‍प शामिल हैं। रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को Ray-Ban.com से ऑर्डर किया जा सकता है। इनका रोलआउट 19 मई से ऑनलाइन और स्‍टोर्स पर शुरू होगा। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के फीचर्स मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास सबसे पहले अमेरिका में साल 2023 में आए थे। कंपनी ने खूब टेस्‍ट किया और लोगों के बीच चर्चा की वजह बनाया। अब इन ग्‍लासेज को भारत में उतारा गया है। इस दफा एआई क्षमताओं को भी इस चश्‍मे में जोड़ा गया है, ताकि यूजर्स हाथ लगाए बिना इससे कई सारे काम करवा पाएं। रिपोर्ट के अनुसार, Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के साथ वॉइस कमांड के जरिए इंटरेक्‍ट किया जा सकता है। रे-बैन ग्‍लास से कनेक्‍ट होने बाद ये आपके फोन का म्‍यूजिक कंट्रोल कर सकते हैं। इन्‍हें लगाकर पॉडकास्‍ट सुना जा सकता है। कॉल पर बात की जा सकती है। फोटोज ली जा सकती है और वीडियो भी बना सकते हैं। फोटो खींचने के लिए रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास में 12 मेगापिक्‍सल का कैमरा लगा है। इसमें क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन AR1 Gen1 चिपसेट यूज हुआ है, जो किसी भी टास्‍क को तेजी से पूरा कर सकता है। यह एक स्‍लीक चार्जिंग केस के साथ आता है और कंपनी दावा कर रही है ग्‍लासेज की बैटरी 36 घंटे चल जाती है। कर पाएंगे फेसबुक लाइव इन चश्‍मों को पहनकर यूजर्स फेसबुक और इंस्‍टाग्राम पर लाइवस्‍ट्रीम कर पाएंगे। इन्‍हें IPX4 रेटिंग मिली है, जो ग्‍लासेज को पानी से होने वाले नुकसान से सुरक्ष‍ित रखती है। कंपनी का कहना है कि बहुत जल्‍द इस ग्‍लासेज की मदद से सीधे मैसेज किया जा सकेगा। फोटो भेजी जा सकेंगी। ऑडियो-वीडियो कॉल हो पाएगी। हालांकि ऑडियो-वीडियो कॉल और मैसेज भेजने का काम वॉट्सऐप और मैसेंजर के जरिए किया जाएगा। recent visitors 41

जल्द मध्‍य प्रदेश में विधायकों को दिया जा सकता है एक और कर्मचारी

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी विधायकों को अभी विधायी और क्षेत्र की जनता से जुड़े कामकाज के लिए एक सरकारी कर्मचारी दिया जाता है। इनके बीमार होने या अन्य कारण से अवकाश पर चले जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है। इसे देखते हुए विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने विधायकों को एक-एक कर्मचारी और दिए जाने की सरकार से अनुशंसा की है। सामान्य प्रशासन विभाग समिति यह प्रस्ताव विचार करने के लिए उच्च स्तर पर भेजेगा। विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न या अन्य सूचनाओं समय पर विधानसभा सचिवालय भेजनी होती है।       पूरी व्यवस्था ऑनलाइन हो चुकी है। इसी तरह, स्वेच्छानुदान और निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि से जुड़े कामों को लेकर पत्राचार करना होता है।     चूंकि, विधायक क्षेत्र के दौरे पर रहते हैं, इसलिए इस कार्य के लिए उन्हें सहायक की आवश्यकता होती है।     इसे देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी विधायकों को देने की व्यवस्था बनाई है।     1995 में इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र भी जारी किया।     विधायकों ने सदस्य सुविधा समिति के समक्ष यह मांग रखी कि वर्तमान संदर्भ में काम बढ़ गया है।     केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाएं हैं, जिन्हें लेकर पत्राचार करने होते हैं।     विधायक कई समितियों के सदस्य भी होते हैं। ऐसे में एक कर्मचारी अपर्याप्त है।     वह कार्यालयीन समय के बाद चला जाता है या अवकाश पर होता है तो काम प्रभावित हो जाता है।     इसे देखते हुए एक कर्मचारी और दिया जाना चाहिए।     समिति ने मांग को व्यावहारिक मानते हुए सरकार से अनुशंसा की है कि विधायकों को एक-एक कर्मचारी और दिया जाए।     सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ ही समिति की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है।     नीतिगत मामला होने के कारण यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री तक जाएगा और अंतिम निर्णय होगा।   recent visitors 20

कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद-विदेश मंत्री डार

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर से भारत को चेतावनी देने का दुस्साहस किया है। उन्होंने चेतावनी देने के लहजे में कहा है कि "पाकिस्तान की जल आपूर्ति को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।" इशाक डार का बयान उस वक्त आया है जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा था कि 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।' एक्सपर्ट्स ने मोदी के बयान को 'सिंधु जल समझौता सस्पेंड' करने के फैसले को जारी रखना माना है। इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि "कभी-कभी राष्ट्रों को बेहद कठिन विकल्प चुनने की आवश्यकता होती है, जैसा कि हमने 9 मई की रात को किया।" इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए आगे कहा कि "हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया दोनों पक्षों के बीच सम्मान के साथ आगे बढ़े।" अमेरिकी मीडिया ऑउटलेट से बात करते हुए इशाक डार ने कहा कि "हम बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों को हल करना चाहते हैं, ऐसे मुद्दे जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता की नींव रख सकते हैं।" इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने दक्षिण एशिया में शांति का एकमात्र रास्ता कश्मीर समस्या का समाधान बताया। पाकिस्तान ऐसा करके एक बार फिर से कश्मीर को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश कर रहा है और ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर समस्या का समाधान किए बगैर शांति नहीं हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री की गीदड़भभकी कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से जो भी बात होगी, वो पीओके को लेकर होगी। भारत ने पाकिस्तान से पीओके को खाली करने के लिए कहते हुए पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया है। सीएनएन से बात करते हुए इशाक डार ने कश्मीर को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, "कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद है।" वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की इच्छा के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डार ने ट्रंप की पेशकश को "बहुत महत्वपूर्ण" बताया और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिए अमेरिका सहित तीसरे पक्ष के समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। यानि पाकिस्तान अब कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता चाह रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर रखा है। कश्मीर पर भारत का रूख साफ है कि वो किसी भी तरह की मध्यस्थता का विरोध करता है। इशाक डार ने भारत के साथ व्यापक बातचीत के लिए पाकिस्तान की तत्परता को दोहराया, लेकिन कहा कि "यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। आप एक हाथ से ताली नहीं बजा सकते। हम इसे अकेले हल नहीं कर सकते।" उन्होंने बिना देरी के ऐसे मुद्दों को हल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और चेतावनी दी, कि 'फैसला होने में जितनी देरी होगी, मुश्किलें उतनी ज्यादा बढ़ेंगी।' पाकिस्तान के नेता लगातार इंटरनेशनल मीडिया के जरिए कश्मीर मुद्दे को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बात की कोई संभावना नहीं है कि भारत उनके बयान पर कोई प्रतिक्रिया भी दे। recent visitors 44

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की। बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है। गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं। बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है। recent visitors 25