Friday, July 10, 2026 12:41 pm

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है, इसे समर्पण के साथ निभाएं : खाद्य मंत्री राजपूत परिणय सूत्र में बंधे 750 नवयुगल, पुष्प वर्षा कर सपत्नीक मंत्री राजपूत ने दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है। इसे समर्पण के साथ निभाएं ताकि जीवन में कभी कोई परेशानी न आये। एक-दूसरे का साथ हर परेशानी में दें जिससे आपका जीवन सुख और समृद्धि से भरा रहे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई है। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में 750 से अधिक मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह कार्यक्रम के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह योजना के माध्यम से बेटियों की शादी में अब सीधे 49000 की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाने लगी है। मंत्री राजपूत ने कहा कि सभी नव दंपति आज दी जाने वाली राशि से अपनी गृहस्ती का सामान खरीदना या घूमने जाना किंतु अपना जीवन पूरे प्रेम के साथ जीना। मंत्री राजपूत ने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना के कारण प्रभावशाली बन गया है। पाकिस्तान ने भारत पर आंख उठाने की गुस्ताखी की जिस पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना ने करारा जवाब देकर उनको अच्छा सबक सिखाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से हमारी गरीब मध्यम वर्ग की बेटियों की शादी की जा रही है जिसमें मंत्री,नेता अधिकारी एवं हजारों की संख्या में बाराती उपस्थित है। राजपूत ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़ा शुभ दिन है जब एक ही पंडाल में हिंदुओं की बेटियों की शादियां हो रही है वहीं मुस्लिम बेटियों का निकाह भी हो रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं मंत्री गोविंद राजपूत की पत्नी श्रीमती सविता राजपूत ने कहा कि सभी दूल्हे राजा हमारी बेटियों को कोई कष्ट ना देना उनका कष्ट हमारा कष्ट है आप उनका पूरा ध्यान रखना और प्रेम से अपना जीवन जीना। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने अवसर पर बुंदेली गीत बन्नो तेरी अखियां सुरमेदानी की प्रस्तुति दी तो बेटियों के परिजनों की आंखें नम हो गई। कार्यक्रम में बुंदेली गायिका कविता शर्मा की बुंदेली मांगलिक गीतों से पूरा समारोह विवाह की मस्ती में सराबोर हो गया। पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जोड़े को दी शुभकामनाएं राहतगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत सहित मंच पर आसीन सभी अतिथियों ने सभी जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने सभी बेटियों को अपनी तरफ से उपहार स्वरूप साड़ियां भेंट की तथा चैक वितरित किये गये। आयोजन में बुंदेली व्यंजन परोसे जा रहे थे, वहीं गर्मी से बचने के लिए ठंडी छाछ एवं पना कुल्फी का आनंद भी लिया जा रहा था।   recent visitors 24

जस्टिस बीआर गवई आज ली 52वें सीजेआई के रूप में शपथ, दे चुके हैं ये बड़े फैसले

नई दिल्ली जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ले ली है. वह सुप्रीम कोर्ट के 52वें सीजेआई बन गए हैं. देश के इस अहम पद पर बैठने से पहले उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया. CJI पद की शपथ लेते ही सबसे पहले उन्होंने अपनी मां कमलताई गवई के पैर छुए. जस्टिस गवई भारत के पहले बौद्ध सीजेआई हैं. आजादी के बाद वह देश में दलित समुदाय से दूसरे सीजेआई हैं.  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर उनका कार्यकाल छह महीने का होगा.   जस्टिस वीआर गवई के अहम फैसले जानें न्यायधीश रहते जस्टिस वीआर गवई ने कई अहम फैसले दिए, जिनकी खूब चर्चा हुई. उनके मुख्य फैसलों में बुलडोजर जस्टिस, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को बरकरार रखना, डिमोनेटाइजेशन को बरकरार रखना, अनुसूचित जाति कोटे में उप-वर्गीकरण को बरकरार रखना, शराब नीति में के कविता को जमानत देना, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की दो बार आलोचना करना शामिल हैं. देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस गवई परंपरा के अनुसार, वर्तमान सीजेआई अपने उत्तराधिकारी के रूप में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गवई वरिष्ठता के क्रम में सबसे आगे थे, जिसके चलते उनके नाम की सिफारिश की गई। कानून मंत्रालय ने सीजेआई जस्टिस खन्ना से उनके उत्तराधिकारी का नाम देने की आधिकारिक अपील की थी। ऐसा रहा करियर 16 मार्च, 1985 को वकालत शुरू करने वाले न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में सेवा दी। 17 जनवरी, 2000 को उन्हें नागपुर खंडपीठ के लिए सरकारी वकील और लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। 14 नवंबर, 2003 को वे बॉम्बे हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 12 नवंबर, 2005 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 24 मई, 2019 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। न्यायमूर्ति गवई सर्वोच्च न्यायालय में कई ऐसी संविधान पीठों में शामिल रहे, जिनके फैसलों का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा। दिसंबर 2023 में, उन्होंने पांच जजों की संविधान पीठ में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को सर्वसम्मति से बरकरार रखा। पिता रहे हैं बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। जस्टिस गवई के पिता दिवंगत आरएस गवई भी एक मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल रहे। जस्टिस गवई देश के दूसरे अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन साल 2010 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। कई मामलों पर जस्टिस बीआर गवई ने सुनाए ऐतिहासिक फैसले राजीव गांधी हत्याकांड (2022) जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 30 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद दोषियों की रिहाई को मंजूरी दी, यह मानते हुए कि तमिलनाडु सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। वणियार आरक्षण (2022) तमिलनाडु सरकार को वणियार समुदाय को विशेष आरक्षण देने के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि यह अन्य पिछड़ा वर्गों के साथ भेदभावपूर्ण था। नोटबंदी (2023) जस्टिस गवई ने 2016 की नोटबंदी योजना को 4:1 बहुमत से वैध ठहराते हुए कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच परामर्श के बाद लिया गया था और यह "अनुपातिकता की कसौटी" पर खरा उतरता है। ईडी निदेशक का कार्यकाल (2023) जुलाई 2023 में जस्टिस गवई की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को अवैध करार दिया और उन्हें 31 जुलाई 2023 तक पद छोड़ने का निर्देश दिया था। बुलडोजर कार्रवाई (2024) 2024 में, जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि केवल आरोपी या दोषी होने के आधार पर किसी की संपत्ति को ध्वस्त करना असंवैधानिक है। कार्रवाई बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं कर सकते, अगर होती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।   अन्य फैसले     मोदी सरनेम केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी थी। उन्हें इस केस में दो साल की सजा के बाद लोकसभा से अयोग्य करार दिया गया था।     सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़ को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में बीआरएस नेता के कविता को भी जमानत दी। 1985 में की वकालत की शुरुआत नए CJI गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था. उन्होंने 16 मार्च 1985 को वकालत शुरू की. शुरुआती सालों में उन्होंने बार. राजा एस. भोसले (पूर्व महाधिवक्ता एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) के साथ 1987 तक कार्य किया. इसके बाद 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस की. जस्टिस गवई ने 1990 के बाद मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेचं में प्रैक्टिस की, जिसमें संवैधानिक और प्रशासनिक कानून विशेष क्षेत्र रहे. वह नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के लिए स्थायी वकील रहे. इसके अलावा, उन्होंने सीकोम, डीसीवीएल जैसी विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं और निगमों, विदर्भ क्षेत्र की कई नगर परिषदों के लिए नियमित रूप से पैरवी की.   recent visitors 29

इंदौर से बंद जोधपुर, चंदीगढ़ और जम्मू की उड़ाने कल से होंगी शुरू, उड़यन मंत्रालय ने की एडवाइजरी जारी

इंदौर भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद पाकिस्तानी सीमा से लगे राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। नागरिक उड़यन मंत्रालय ने 32 एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की एडवाइजरी जारी की है, लेकिन इंदौर से बंद जोधपुर, चंदीगढ़ और जम्मू की उड़ाने 15 मई से ही शुरू हो पाएगी। इंडिगो कंपनी द्वारा उड़ानों की बहाली के पहले स्लाट में इंदौर से बंद उड़ानों को शुरू नहीं किया है। संभवत: विमान कंपनियाें द्वारा उडा़नों को धीरे-धीरे दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे है।     भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के चलते देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्से के 32 एयरपोर्ट को 9 से 15 मई तक बंद कर दिया गया था।     इससे इंदौर से संचालित जोधपुर, चंडीगढ़ और जम्मू की उड़ान को बंद कर दिया गया था।     अब सीजफायर लागू होने के बाद इन सभी एयरपोर्ट को दोबारा शुरू कर दिया गया है।     इसके बावजूद इंदौर से संचालित होने वाली तीनों उड़ानें मंगलवार से शुरू नहीं होगी।     यात्रियों को इन शहरों की हवाई यात्रा के लिए 15 मई तक इंतजार करना होगा।     गौरतलब है कि पाकिस्तान के सीमावर्ती राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन पहले 10 मई तक बंद किया गया था।     बाद में इसको बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया। इसके कारण इंदौर से संचालित तीन शहरों की उड़ानें कल से शुरू नहीं होगी।   recent visitors 15

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित अपोलो हॉस्पिटल का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर यूनिट और पेट स्कैन मशीन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर सहित मध्य भारत के लिए स्वास्थ्य जगत के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने संस्कारधानी को मिली अपोलो हॉस्पिटल की श्रृंखला की सौगात को संपूर्ण महाकौशल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर पाटन बायपास स्थित नवनिर्मित अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के कैंसर यूनिट के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के प्रबंधक बड़ेरिया परिवार की प्रशंसा की। उन्होंने ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा दी गई सेवाएं अविस्मरणीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस हॉस्पिटल में स्थापित राधाकृष्ण जी की प्रतिमा की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक पनागर श्री सुशील तिवारी इंदु, जबलपुर केंट के विधायक श्री अशोक रोहाणी, जबलपुर उत्तर के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक सिहोरा श्री संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, भाजपा के ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, पूर्व महापौर श्री प्रभात साहू, पूर्व विधायक श्री नीलेश अवस्थी, डॉ. जितेंद्र जामदार, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, अस्पताल प्रबंधन के सौरभ बड़ेरिया, डॉ. राजीव बड़ेरिया, शोभित बड़ेरिया एवं डॉ. सुनील मिश्रा सहित अस्स्पताल के चिकित्सक, स्टॉफ व आमजन उपस्थित रहे।   recent visitors 23

पूरा कोच या पूरी ट्रेन भी बुक करवानी है तो यह है ऑनलाइन तरीका

नई दिल्ली जरूरत बारात ले जाने की हो, तीर्थ यात्रा पर जाने की या फिर किसी खास मौके पर पूरे परिवार और दोस्तों संग सफर करने की ऐसे में एक-दो सीट नहीं बल्कि पूरा कोच या पूरी ट्रेन भी बुक करवानी पड़ती है। हालांकि बहुत कम ही लोग जानते हैं कि ट्रेन के कोच या पूरी ट्रेन को कैसे बुक करवाया जाता है। जी हां, रेलवे की एक खास सुविधा के तहत अब आप अपनी जरूरत और सहूलियत के हिसाब से ट्रेन का पूरा डिब्बा या पूरी ट्रेन रिजर्व कर सकते हैं। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं जो भीड़भाड़ से दूर, अपनों के साथ एक आरामदायक और निजी सफर का अनुभव चाहते हैं। चलिए जानते हैं कि कैसे आप घर बैठे पूरी की पूरी ट्रेन या एक कोच बुक करवा सकते हैं। कहां और कैसे करें बुकिंग ट्रेन के किसी कोच या पूरी ट्रेन को बुक कराने का काम IRCTC पर उस तरह से नहीं होता जिस तरह से आप एक नॉर्मल टिकट बुक कराते हैं। इसके लिए रेलवे ने IRCTC की वेबसाइट पर ही एक खास सेक्शन बनाया है। ट्रेन कोच या पूरी ट्रेन को बुक करने के लिए www.ftr.irctc.co.in पर जाकर आपको "Full Tariff Rate" के तहत बुकिंग करनी होगी। यह बड़ी संख्या में बुकिंग कराने के लिए IRCTC की ओर से पेश की गई सुविधा है। यहां जाकर आप पूरी ट्रेन या सिर्फ एक या कई कोच बुक कर सकते हैं। बुकिंग के लिए जरूरी डिटेल्स बुकिंग करते समय आपको कुछ जरूरी डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए। इन डिटेल्स में आपको बताना होगा कि कहां से कहां तक की यात्रा करनी है, कितने और कौन से कोच आपको चाहिए जैसे कि स्लीपर, एसी आदि, कितने दिन के टूर के लिए आप बुकिंग करवा रहे हैं और कितने यात्रियों के लिए बुकिंग की जा रही है। इन सभी जानकारियों के आधार पर आपको एक अनुमानित किराया दिखाया जाएगा। बुकिंग कराने से पहले ही ये तमाम जानकारियां तैयार रखें ताकि आपकी बुकिंग तेजी से पूरी हो सके। बुकिंग का अमाउंट पूरी ट्रेन या कोच बुक करवाते समय आपको बताई गई अमाउंट का एडवांस में पेमेंट करना होगा। इस अमाउंट का 100% आपको एक साथ देना होगा। इसके साथ ही आपको एक सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा करवाना होगा। यह सिक्योरिटी डिपॉजिट आपकी यात्रा के बाद आपको लौटा दिया जाता है। कुछ ध्यान रखने वाली बातें किसी ट्रेन या कोच को बुक करवाते समय यह याद रखना जरूरी है कि बुकिंग कम से कम 30 दिन पहले की जानी चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि तुरंत किसी ट्रेन या कोच की बुकिंग करवा पाएं, तो ऐसा नहीं हो सकता। आपको कम से कम 30 दिन का समय एडवांस में लेकर चलना होगा। कोच को कम से कम 1 दिन के लिए बुक कराना होगा। साथ ही सभी यात्रियों की लिस्ट और उनके पहचान पत्र रेलवे को देने होंगे। यह प्रक्रिया भी बुकिंग कराने के लिए बैठने से पहले ही पूरी कर लेनी चाहिए ताकि आपका काम तेजी से हो सके। इस सुविधा का इस्तेमाल कर आप भीड़ से दूर रहते हुए सुविधाजनक तरीके से अपने पूरे ग्रुप के साथ सफर कर सकते हैं। recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जबलपुर में बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्वअशोक रोहाणी, सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, सन्तोष वरकड़े, पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, रत्नेश सोनकर एवं राजकुमार पटेल और डॉ. जितेन्द्र जामदार भी मौजूद थे।   recent visitors 16

क्या आप को पता है बच्‍चों का भी बनता है पैन कार्ड, ऐसे करें ऑनलाइन अप्‍लाई

नई दिल्ली पैन कार्ड को लेकर बहुत से लोग यह सोचते हैं कि बड़े होने पर नौकरी लगने के बाद इसकी ज्‍यादा जरूरत पड़ती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बच्‍चों का पैन कार्ड भी बनाया जाता है। उसे माइनर पैन कार्ड कहते हैं जिसे 18 साल से कम उम्र के बच्‍चों और किशोरों के लिए जारी किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका इस्‍तेमाल मुख्‍य तौर पर आर्थिक लेनदेन के लिए, बच्‍चों का बैंक अकाउंट खाेलने के लिए या फ‍िर उनके नाम पर कोई इन्‍वेस्‍टमेंट करने के लिए किया जाता है। बच्‍चों के पैनकार्ड में कोई फोटो नहीं होती। साइन भी नहीं किए जाते हैं। बच्‍चा जब 18 साल की उम्र पूरी कर लेता है, तो उसी पैन कार्ड को अपग्रेड किया जाता है। अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो यह काम ऑनलाइन किया जा सकता है। हम इसका तरीका बता रहे हैं। बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन बनवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें। अपने फोन या लैपटॉप में Google पर जाकर NSDL की वेबसाइट ढूंढें। सिलेक्‍ट ऐप्‍लिकेशन कैटिगरी में जाकर इंडिविजुअल का ऑप्‍शन चुनना है। इसके बाद बच्‍चे का पूरा नाम, जन्‍मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी है। कैप्‍चा कोड डालकर डिटेल सबमिट करनी होंगी। डिटेल सबमिट होने के बाद आपके पास एक टोकन नंबर आएगा। उसके बाद आपको 'continue with PAN application form' पर क्लिक करना है। फ‍िर आधार डिटेल्‍स को लिंक करना है। साथ ही पैरंट्स की डिटेल, आय की जानकारी देनी है और मांगे गए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने हैं। आखिर में जरूरी फीस का भुगतान करना है, जिसके बाद अगले 15 दिनों में पैन कार्ड आपके अड्रेस पर डिलिवर कर दिया जाएगा। पैनकार्ड तैयार होने के बाद उसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि पूरा प्रोसेस पैरंट्स की निगरानी में होता है, क्‍योंकि बच्‍चा पैन कार्ड के लिए अप्‍लाई नहीं कर सकता। इन कागजों की होती है जरूरत बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाने के लिए मुख्‍य तौर पर उसका आइडेंटिटी प्रूफ, ऐज प्रूफ और अड्रेस प्रूफ चाहिए होता है। आइडेंटिटी प्रूफ में आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि शामिल होते हैं। आधार कार्ड सबसे कॉमन है आप उसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। अड्रेस प्रूफ के तौर पर भी आधार कार्ड दिया जा सकता है। चाहें तो डोमिसाइल सर्टिफ‍िकेट लगा सकते हैं। अगर बर्थ सर्टिफ‍िकेट मांगा जाए, तो वह भी दे दें। बच्‍चे का पैन कार्ड बनाने में कितना खर्च पैनकार्ड बनवाने में बहुत खर्च नहीं आता है। अगर आप ऑनलाइन अप्‍लाई करते हैं तो करीब 101 रुपये में काम हो जाएगा। बहुत से लोग नजदीकी साइबर कैफे या जनसेवा केंद्र में जाकर भी यह काम करवाते हैं, वहां भी तकरीबन 200 रुपये में काम हो जाता है। ऐप्‍लिकेशन देने के लगभग 15 दिनों के अंदर पैन कार्ड आपके दिए गए अड्रेस पर‍ डिलिवर हो जाता है। recent visitors 33