Friday, July 10, 2026 9:40 am

आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर हुई सहमति: एस जयशंकर

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बियाटे मींल-रेसिंगर से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से बातचीत की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के साथ आज हुई बातचीत की सराहना करता हूं। उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर सहमति हुई। हमारे बेहतरीन द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई।'' वहीं, ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। ऑस्ट्रिया और भारत अपने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ऑस्ट्रिया की निंदा दोहराई और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पाकिस्तान के साथ सीजफायर का स्वागत किया।'' उन्होंने आगे लिखा, ''हमने यूक्रेन में शांति के लिए सामूहिक प्रयासों पर भी चर्चा की और मैंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि रूस हिंसा बंद करे और सीजफायर पर सहमत हो।'' इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। भारत की तीनों सेनाएं, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, भारत के अर्धसैनिक बल लगातार अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। recent visitors 37

रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर किये हस्ताक्षर

नई दिल्ली जमीन समेत अन्य अनेक मामलों में रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान और उसके कारण परियोजनाओं में होने वाली देरी को समाप्त करने के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र से पीएम गति शक्ति के तहत आने वाली बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में आ रहीं अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। दोनों मंत्रालयों ने पिछले साल नवंबर में भी नेशनल हाईवे कॉरिडोर में आने वाले रोड ओवर और रोड अंडर ब्रिजों के लिए इसी तरह के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मिलकर समाधान निकालेंगे मंत्रालय उसी के अनुरूप अब जमीन समेत अन्य मामलों को लेकर भी अनुबंध किया गया है। नए समझौते में एक-दूसरे की जमीन लेने की प्रक्रिया को और सरल और समयबद्ध किया गया है। इसके साथ ही दोनों मंत्रालय समन्वय के लिए प्रोजेक्ट स्तर पर समितियों का भी गठन करेंगे और विवाद वाली स्थितियों में मिलकर समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। सहमति पत्र के अनुसार अगर हाईवे निर्माण के लिए रेलवे की जमीन का कोई हिस्सा सड़क परिवहन मंत्रालय अथवा एनएचएआई को चाहिए तो उसे उसके ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा और रेलवे 90 दिनों के भीतर वह जमीन सौंप देगा। यही प्रक्रिया रेलवे की जरूरतों के लिए भी लागू होगी। साझा पोर्टल किया जाएगा तैयार चूंकि सड़क परिवहन मंत्रालय के पास अभी इस तरह का कोई पोर्टल नहीं है इसलिए रेलवे को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के 15 दिनों के भीतर दोनों मंत्रालयों की एक संयुक्त टीम जमीन की पहचान करेंगी। जमीन और आरओबी तथा आरयूबी के मामलों के समाधान के लिए दोनों मंत्रालयों ने हर दो महीने में समीक्षा बैठक करने का भी फैसला किया है। इसके अतिरिक्त दोनों मंत्रालय एक साझा पोर्टल भी विकसित करेंगे जिसमें इन मामलों को दर्ज किया जा सकेगा।   recent visitors 38

भारत में अब बंद होगी पाक के ‘भाईजान’ की दुकान, नए संकट से घिरे तुर्की और अजरबैजान, यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और तुर्की ने किस तरह पाकिस्तान का साथ दिया, इसे पूरी दुनिया ने देख लिया है। तुर्की और चीन निर्मित ड्रोनों का भरपूर इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए किया लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन सभी ड्रोनों और मिसाइलों की हवा निकाल दी। अभी भी पाकिस्तान द्वारा दागी गईं चीनी और तुर्की के मिसाइलों और ड्रोनों के अवशेष भारत में मौजूद हैं। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो गया है लेकिन चीन और तुर्की के अलावा एक और देश अजरबैजान का चेहरा बेनकाब हो गया है, जिसने भाईजान बनकर पाकिस्तान का समर्थन किया था। बड़ी बात ये है कि इन देशों की अर्थव्यवस्था में भारत का बड़ा योगदान है। चीन जहां भारत में अपने सस्ते माल बेचकर बड़ी कमाई करता है, वहीं तुर्की और अजरबैजान भारतीय पर्यटकों से गाढ़ी कमाई करता है। यानी ये देश कमाई भारत से करते हैं लेकिन उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहे हैं। ऐसे में भारतीयों ने अब इनका विरोध करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार का आह्वान किया जा रहा है। व्यापारियों के संगठन, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी भारतीय व्यापारियों और नागरिकों से मौजूदा शत्रुता के बीच पाकिस्तान का खुला समर्थन करने के जवाब में तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार करने का आह्वान किया है। चीनी उत्पादों का बहिष्कार पहले से ही जारी बता दें कि CAIT लंबे समय से चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहा है, जिसका काफी प्रभाव पड़ा है, और अब इसका इरादा इस आंदोलन को तुर्की और अजरबैजान तक बढ़ाने का है। संगठन इस अभियान को तेज करने के लिए ट्रैवल और टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ सहयोग करेगा। CAIT के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बुधवार को यह अपील की और इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के भाईजान तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने से इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं, खासकर उनके पर्यटन क्षेत्र पर काफी असर पड़ सकता है। 2024 में 300000 पर्यटक अकेले भारत से 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए खंडेलवाल ने बताया कि तुर्की में करीब 62.2 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से करीब 300,000 पर्यटक अकेले भारत से आए। यह 2023 की तुलना में भारतीय पर्यटकों में 20.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। व्यापारिक निकाय ने कहा कि तुर्की का कुल पर्यटन राजस्व 61.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें प्रत्येक भारतीय पर्यटक औसतन 972 अमेरिकी डॉलर खर्च करता है, जो कुल अनुमानित भारतीय व्यय 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। तुर्की को 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान उन्होंने कहा कि अगर भारतीय पर्यटक तुर्की का बहिष्कार करते हैं, तो देश को लगभग 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय शादियों, कॉर्पोरेट कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रद्द होने से अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक नुकसान और भी अधिक होगा। तुर्की ने भारत के खिलाफ अपना रंग तब दिखाया है, जब दो साल पहले ही वहां विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत ने दिल खोलकर उसकी मदद की थी। तुर्की की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 12 फीसदी है। अज़रबैजान के बारे में खंडेलवाल ने कहा कि 2024 में देश में लगभग 2.6 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से लगभग 250,000 भारतीय थे। एक भारतीय  पर्यटक द्वारा औसत खर्च 2,170 AZN था, जो लगभग 1,276 अमेरिकी डॉलर है, जिससे कुल भारतीय योगदान लगभग 308.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने कहा कि इसलिए भारतीय पर्यटकों द्वारा बहिष्कार से इस परिमाण का सीधा नुकसान हो सकता है। छुट्टियों, शादियों और मनोरंजन के लिए जाते हैं अज़रबैजान उन्होंने बताया कि चूंकि भारतीय यात्री मुख्य रूप से छुट्टियों, शादियों, मनोरंजन और साहसिक गतिविधियों के लिए अज़रबैजान जाते हैं, इसलिए बड़े पैमाने पर गिरावट इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय आर्थिक मंदी का कारण बन सकती है। खंडेलवाल ने कहा कि यह आर्थिक दबाव तुर्की और अज़रबैजान दोनों को भारत के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कमी आएगी और दोनों देशों में स्थानीय व्यवसायों जैसे होटल, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर और अन्य पर्यटन-संबंधी सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अज़रबैजान की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 फीसदी है।   recent visitors 38

प्रथम त्रैमास की बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करें : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को प्रथम त्रैमास में मिली बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस मद में राशि खर्च की जाना है, उसी में नियमानुसार खर्च करें। किसी भी हालत में बजट राशि लैप्स न हो। प्रथम त्रैमास की राशि 30 जून तक खर्च कर ली जाए। राज्यमंत्री श्री जायसवाल मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कौशल तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा की विभागीय योजनाओं का भौतिक लक्ष्य भी समय -सीमा में पूरा करें। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली, साथ ही विभागीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शासन के निर्देशों पर तत्परता से कार्यवाही हो। हाथकरघा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिंहित कर रोजगार से जोड़ें। उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करें। केंद्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय योजनाओं का 30 सितंबर के पहले नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं और बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रस्तुत करें, शीघ्र ही पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड श्री माल सिंह, कमिश्नर एवं प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम श्री मदन नागरगोजे, कमिश्नर रेशम संचालनालय श्री मोहित बुंदस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 36

मनेंद्रगढ़ में रेल परियोजना को गति, भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी, 30 दिनों में दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की कोशिशें रंग ला रही हैं। उनके अथक प्रयासों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ए) के तहत एक अधिसूचना जारी की है। इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विधायक साल 2017 से है प्रयासरत है। इसके बाद साल 2018 में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पचास पचास प्रतिशत राशि से निर्माण कार्य के लिए एमओयू हुआ था। किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने ये कह कर प्रोजेक्ट को रोक दिया कि इसकी स्थानीय स्तर पर कोई उपयोगिता नहीं है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से पहले बजट में है इस प्रोजेक्ट के लिए राशि की मांग रखी जिसे पहले बजट में है वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।  इसके पश्चात शुरू हुई अन्य प्रक्रियाओं के तहत भू अर्जन हेतु सर्वे प्रक्रिया पूर्ण कर रेल मंत्रालय के द्वारा राजपत्र में भू अर्जन के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। इस अधिसूचना के तहत भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी की गई है, जिसमें चिराईपानी, सरोला, बंजी, खैरबना, सरभोका और चित्ताझोर गांवों के भूखंडों के खसरा नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। सर्वे सूची में उल्लिखित भूखंडों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति या दावा है, तो वे 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। मंत्री जायसवाल के प्रयासों से एमसीबी जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस रेल प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से चिरमिरी को राज्य और राष्ट्र स्तर पर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और इसके साथ ही यहां के लोगों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य जैसे अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। recent visitors 44

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट 'फिल्म सिटी' भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी 'बेव्यू प्रॉजेक्ट्स' और 'भूटानी ग्रुप' को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।   recent visitors 38

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नीलाम खनिज ब्लॉक की समीक्षा के लिए समिति गठित

भोपाल राज्य शासन ने मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में स्वीकृति एवं अनुबंध निष्पादन के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियां नियत समयावधि में प्राप्त किये जाने एवं नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र प्रारंभ कार्य की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, गृह, वन, राजस्व, पर्यावरण सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, खनिज साधन को सदस्य सचिव बनाया गया हैं। समिति मुख्यत: मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में नियत समयावधि में विभिन्न स्वीकृतियां जारी किये जाने की समीक्षा करेंगी। नीलाम खनिज ब्लॉक स्वीकृति के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियों नियत समयावधि में जारी किये जाने तथा नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र खनिज उत्पादन प्रारम्भ होने की समीक्षा करेगी। recent visitors 31