Friday, July 10, 2026 10:49 am

इन स्टेप्स को फॉलो कर गलत UPI पेमेंट को ले वापस

नई दिल्ली UPI सर्विस के आने के बाद से कैश का इस्तेमाल कम होता गया है। हालांकि डिजिटली पेमेंट करने का एक नुकसान ये है कि अगर कभी गलती से किसी गलत अकाउंट पर पेमेंट हो जाए, तो उसे वापस पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। दरअसल गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट करने पर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर पैसे वापस पाने की एक आसान प्रक्रिया है, जिसे फॉलो करके आप बड़े आसानी से जल्द से जल्द अपने पैसे वापस पा सकते हैं। चलिए आज इस पूरे प्रोसेस के बारे में जानते हैं। पहले उस अकाउंट होल्डर से बात करें कभी भी किसी गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट हो जाने पर सबसे पहले आपको तुरंत उस अकाउंट के मालिक से बात करनी चाहिए। अक्सर लोग समझते हैं कि गलती से पेमेंट हो जाना आम बात है। अगर आपको सीधा उसी शख्स से पैसे वापस मिल जाएं, तो आपको बाकी की प्रक्रिया में जाना ही नहीं पड़ेगा और आपका काफी समय बच जाएगा। हालांकि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच हो सकता है कि अगर आप उस शख्स से संपर्क करें जिसके खाते में गलती से पेमेंट कर दी गई है, तो वह आपको सही से जवाब न दें। ऐसे में आपको आगे बताई गई प्रक्रिया को फॉलो करना है। तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क करें गलत अकाउंट में UPI पेमेंट करने के तुरंत बाद आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। आप कस्टमर केयर या ब्रांच जाकर संपर्क कर सकते हैं। बैंक आपसे पेमेंट की डिटेल लेगा और एक जांच प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में बैंक उस बैंक से संपर्क करता है जिसमें पैसा गया है। अगर पैसे रिसीवर ने खर्च नहीं किया होगा, तो बैंक आपकी मदद से उसे रिवर्स करा सकता है। ध्यान रहे कि गलत पेमेंट होने के 48 घंटे के अंदर बैंक से संपर्क करना जरूरी होता है। बैंक से संपर्क न हो पाने की स्थिति में 18001201740 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। UPI ऐप के कस्टमर सपोर्ट से शिकायत करें आपने जिस भी UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि से पेमेंट की है उसके अपने "Help" या "Support" सेक्शन में जाकर कस्टमर केयर से बात करें। वहां आप अपनी गलत पेमेंट की शिकायत करवा सकते हैं। इसके बाद ऐप की टीम आपके बैंक और रिसीवर बैंक से मिलकर केस की जांच करती है। अगर गलती साबित होती है और पैसे रिसीवर ने वापिस देने पर सहमति दी, तो रिफंड मिल सकता है। यह प्रक्रिया कुछ दिन ले सकती है, लेकिन कई मामलों में मदद जल्द भी मिलती है। NPCI या RBI को शिकायत दर्ज करें अगर बैंक या UPI ऐप से समाधान नहीं मिलता है, तो आप NPCI यानी कि National Payments Corporation of India या RBI के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। NPCI की वेबसाइट https://www.npci.org.in और RBI की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in है। वहां शिकायत फॉर्म भर कर और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें। NPCI या RBI आपके मामले की जांच करके बैंक को निर्देश दे सकता है कि वो उचित कदम उठाए। यह थोड़ा लंबा प्रोसेस हो सकता है, लेकिन असरदार होता है। recent visitors 52

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।   recent visitors 27

मुख्यमंत्री ने बीईएमएल के 2100वें मेट्रो कोच की टेस्ट राइड कर किया रवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। अलग-अलग कम्पनियों ने इस क्षेत्र में जो कार्य किया है वह 'मेड इन इंडिया' का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। देश में मेट्रो और वन्देभारत जैसी आधुनिक रेल के विभिन्न उपकरणों का निर्माण हो रहा है। बीईएमएल, मध्यप्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से मध्यप्रदेश के संबंध प्रगाढ़ होंगे। हम अनेक कार्यों में परस्पर विकास के नये रास्ते खालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को बेंगलुरू में बीईएमएल कार्यशाला के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बेंगलुरू स्थित बीईएमएल लिमिटेड के अत्याधुनिक रेल कोच विनिर्माण संयंत्र से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र कंपनी के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण है। बीईएमएल में निर्मित 2100वें मेट्रो कोच का शुभारंभ भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और स्वदेशी तकनीक के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के रायसेन में बीईएमएल की इकाई स्थापना को एक अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के समावेशी एवं सतत् विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।” मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश शासन ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। 2100वें मेट्रो कोच का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि हमारे सहयोगी संस्थानों ने बीईएमएल पर निरंतर विश्वास जताया है। यह उपलब्धि हमारे नवाचार, स्वदेशीकरण एवं गुणवत्ता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। साथ ही देश की औद्योगिक उन्नति एवं रोजगार सृजन में हमारी भूमिका को सुदृढ़ करती है। भारत की अग्रणी रेल निर्माण कंपनी बीईएमएल (BEML) भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह ऐतिहासिक पहल रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का प्रतीक है और विशेष रूप से शहरी परिवहन के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इस इकाई के प्रारंभिक चरण में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी कोच का निर्माण किया जाएगा और भविष्य में एल्यूमीनियम कार बॉडी कोच के निर्माण की क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा। यह प्लांट आधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित होगा, जो न केवल देश की आवश्यकताओं को बल्कि वैश्विक बाजार की मांग को भी पूरा करेगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे इसका संचालन रणनीतिक और टिकाऊ रूप से हो सके। औद्योगिक प्रगति के साथ यह परियोजना क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक लाभ भी लेकर आएगी। यह स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के विकास को प्रोत्साहित करेगी और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को आकार देगी। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश के युवाओं, विशेषकर तकनीकी संस्थानों, कॉलेजों और स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। विशेष रूप से यह रायसेन जिले के ग्रामीण समुदायों के विकास और उत्थान में भी योगदान देगी, जिससे आजीविका और स्थानीय आधारभूत संरचना को बल मिलेगा। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवरलेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इस नवीन कोच की विशेषता "ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम" है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया गया है। इस प्रणाली में पाँच प्रमुख मॉड्यूल – रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं।   recent visitors 30

मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू करने को मंजूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो। उन्होंने इसे भविष्य निर्माण की नींव बताया और कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बहुआयामी रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनमें विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा दी जाएगी। विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की प्रमुख विशेषता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ, आधारभूत सुविधाएँ और शिक्षक उपस्थिति जैसे संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। यह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नई मिसाल होगी। जो विद्यालय अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य न केवल शिक्षा विभाग द्वारा, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे सामुदायिक निगरानी को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक ओर जहाँ कमजोर विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालयों का चयन कर भी किया जाएगा। कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे श्रेष्ठ शैक्षणिक व्यवहार और व्यवस्थाओं से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पालक-शिक्षक सहभागिता मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को एक औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और बच्चों की प्रगति पर संयुक्त रूप से कार्य हो सकेगा। इस अभियान के तहत कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाएँ, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक और प्रभावी हो। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा को केवल पहुंच का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्ता का विषय भी बनाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान न केवल प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल बनाएगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा। recent visitors 32

देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा, JNU ने स्थगित किया तुर्किये के विश्वविद्यालय के साथ समझौता

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराए थे। ऐसे में देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दरअसल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए  गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है। जेएनयू की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, "राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।" तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी। तीन साल के लिए किया गया था समझौता एमओयू पर 3 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया है। समझौते के तहत संकाय विनिमय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के अलावा कई योजनाएं और अन्य बातें थीं।" भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को मुहैया कराए थे रक्षा उपरकरण समझौता ज्ञापन रद्द करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। दोनों पड़ोसी देशों ने चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए 10 मई को एक समझौता किया था। भारत के तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण होने की आशंका है, क्योंकि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया है और पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है। देशभर में उठ रही बहिष्कार की मांग पाकिस्तान को उनके समर्थन के बाद, पूरे देश में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है, साथ ही ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने इन देशों की यात्रा के खिलाफ सलाह जारी की है।   recent visitors 41

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े बदलाव: युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

राज्य मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय – छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्रांति की ओर एक और कदम रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा। स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा। आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी। खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा। उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे। ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे। कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी। दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।   रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा। निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान "प्लग एंड प्ले" फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं। समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा। recent visitors 38

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल को जिला बड़वानी का भी प्रभार

भोपाल राज्य शासन द्वारा कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल को जिला उज्जैन के अतिरिक्त जिला बड़वानी का भी प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं।   recent visitors 39