Friday, July 10, 2026 6:13 pm

अप्रैल में लुढ़क कर 3.16 % पर आई रिटेल महंगाई दर, जानें टूटा कितने सालों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारत की रिटेल महंगाई (CPI) 2019 के बाद सबसे कम हो गई और इसका कारण सब्जियों की कम कीमतें हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के  जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-बेस्ड इन्फ्लेशन अप्रैल में घटकर 3.16% रह गई, जो मार्च में 3.34% थी. खुदरा महंगाई लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी में कुछ नरमी बरत सकता है. महंगाई दर पिछले कुछ वक्त से रिजर्व बैंक के 2 से 4% के लक्ष्य के अंदर रह रही है. पिछली पॉलिसी के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती है तो दरें और घट सकती हैं. RBI ने पिछली बैठक में रेपो रेट को 6% तक घटाया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी. ताजा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अब एक बार फिर दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. इस साल मार्च में खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 2.69 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर के छह साल के निचले स्तर पर आने के बाद आगामी जून माह में आरबीआइ की तरफ से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। महंगाई में कमी का क्या मिलेगा फायदा? आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत से नीचे बने रहने का अनुमान है जिससे मौद्रिक नीति कमेटी की आगामी बैठक में आरबीआइ के लिए रेपो रेट में कटौती करने की पूरी गुंजाइश है। महंगाई में कमी से सरकार को विकास नीति में तेजी और कारपोरेट सेक्टर को आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। पिछले महीने सब्जी के दाम में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत, दाल व दलहन में 5.23 प्रतिशत, मसाले में 3.04 प्रतिशत तो मांस व मछली के दाम में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल अप्रैल में पिछले साल अप्रैल की तुलना में सबसे अधिक 17.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी खाद्य तेल व वनस्पति की कीमतों में रही। अप्रैल में फल के खुदरा दाम में 13.80 प्रतिशत, अनाज में 5.35 प्रतिशत, दूध में 2.72 प्रतिशत, चीनी में 4.59 प्रतिशत, गैर अल्कोहल पेय पदार्थ में 4.40 प्रतिशत का इजाफा रहा। तेलंगाना व दिल्ली की महंगाई दर दो प्रतिशत से नीचे अप्रैल में सबसे कम 1.26 प्रतिशत की खुदरा महंगाई दर तेलंगाना में दर्ज की गई। दिल्ली की खुदरा महंगाई दर इस अवधि में 1.77 प्रतिशत रही तो सबसे अधिक महंगाई दर केरल में 5.94 प्रतिशत दर्ज की गई। कर्नाटक में 4.26 प्रतिशत, पंजाब में 4.09 प्रतिशत तो जम्मू-कश्मीर में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही। रिटेल महंगाई के आंकड़े     अप्रैल CPI रूरल महंगाई 2.92% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI अर्बन महंगाई 3.36% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI हाउसिंग प्राइस बढ़ी 3% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI क्लोथिंग & फुटवियर प्राइस 2.67% बढ़ी (YoY)     April CPI फ्यूल & लाइटिंग प्राइस 2.92% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड & बेवरेज प्राइस 2.14% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड प्राइस 1.78% बढ़ी (YoY) कहां बढ़ी और घटी महंगाई (YoY)     दालों की महंगाई अप्रैल में 5.35% रही, मार्च में 5.93% थी     मीट और मछली की महंगाई अप्रैल में 0.35% घटी, मार्च में 0.32% बढ़ी थी     दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स की महंगाई दर अप्रैल में 2.72% रही, मार्च में 2.56% थी     ईंधन और बिजली की महंगाई दर अप्रैल में 2.92% रही, मार्च में 1.48% थी     कपड़ों की महंगाई 2.67% बढ़ी है     हाउसिंग प्राइस 3% बढ़ी है recent visitors 24

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज़, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक सुगमता से पहुंचें। इन नई सीटों से भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण तथा दूरस्थ अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में सशक्त किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा चिकित्सकों को अवसर मिलेगा, बल्कि अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि यह मान्यता राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण, मानव संसाधन की नियुक्ति और प्रशिक्षण की निरंतर प्रक्रिया का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में प्रत्येक जिला चिकित्सालय एक अत्याधुनिक उपचार और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो। स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एनबीईएमएस, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल शिवपुरी में डीजीओ (डिप्लोमा इन गाइनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स) की 4 सीटें एवं डीए (डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया) की 2 सीटें, जिला अस्पताल रतलाम में डीओ (डिप्लोमा इन ऑप्थाल्मोलॉजी) की 2 सीटें तथा जिला अस्पताल भोपाल में डीजीओ की 4 नई सीटों को एनबीईएमएस द्वारा मान्यता दी गई है। इस मान्यता के साथ ही प्रदेश में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है।   recent visitors 38

देश में संकट आ जाएगा… सिंधु जल समझौते के ठंडे बस्ते में जाने से बिलबिलाया पाकिस्तान, भारत से लगाई गुहार

नई दिल्ली 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. इस फैसले को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान में गंभीर जलसंकट पैदा कर सकता है. पत्र में भारत से अपील की गई है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. पाक की शहबाज सरकार ने भारत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. भावी संकट को देखते हुए भारत से गुहार लगाई है. शहबाज सरकार ने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान में संकट हो जाएगा. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय में सचिव सैय्यद अली मुर्तुजा ने जल शक्ति मंत्रालय में सचिव देवश्री मुखर्जी को पत्र लिखा है. इसमें फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान इस मसले पर बात करने को तैयार है. सूत्रों के अनुसार नियम के मुताबिक यह पत्र विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अगर भारत तीन नदियों के जल पर अपने अधिकार का पूर्ण उपयोग करने लगा, तो पाक‍िस्‍तान के कई राज्‍यों में गंभीर जल संकट पैदा हो जाएगा. इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने भारत से तुरंत बात करने की अपील की है. लेकिन भारत इस बार नरमी के मूड में नहीं दिखता. पीएम मोदी ने एक द‍िन पहले ही कहा था क‍ि पाक‍िस्‍तान को क‍िसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते- PM मोदी सूत्रों से मुताबिक भारत को पाकिस्तान की गुहार से कोई हमदर्दी नहीं. पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते. भारत अब तीन नदियों के पानी का अपने लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. इस पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.  भारत ने बना ल‍िया प्‍लान सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार पाकिस्तान की गुहार से प्रभावित नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते. यह बयान पाकिस्तान के लिए भारत के कड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है. भारत अब रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल पर अपना अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं और गहराती जा रही हैं. क्‍यों बेचैन है पाक‍िस्‍तान सिंधु जल समझौता सस्पेंड होने से पाकिस्तान बेचैन है. क्योंकि उसकी कृषि और वाटर सप्‍लाई का बड़ा हिस्सा भारत से बहने वाली नदियों झेलम, चेनाब और सिंधु पर निर्भर है. भारत अगर इन नदियों के पानी को रोककर अपने इस्तेमाल में लाता है तो पाकिस्तान में सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा. पहले से जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी. भारत की योजना से उसे 3 नदियों के जल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, जिससे पाकिस्तान की जल-आर्थिक सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा है. सिंधु जल समझौता पाकिस्तान की लाइफ लाइन दरअसल, पहलगाम हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था. 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. पाकिस्तान की करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर है. इसके अलावा 90% जमीन में सिंचाई का पानी सिंधु नदी से मिलता है. तनाव के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी पानी भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को सस्पेंड नहीं किया था. लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया और झेलम पर किशनगंगा परियोजना से भी पानी के बहाव को कम कर दिया.   recent visitors 25

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल इस बात की है कि उपलब्ध बजट का समय पर प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गति तेज करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्रालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूंजीगत बजट की योजना अनुसार प्रगति, निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति, उपकरणों की खरीदी और एजेंसीवार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी है कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त बजट का अधिकतम उपयोग कर सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। बैठक में परियोजना संचालक नीरज कुमार सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि पीआईयू, बीडीसी और बी एंड आर सहित सभी कार्यान्वयन एजेंसियों की मासिक आधार पर भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा एजेंसियों को समय पर सचेत कर कार्यों को गति प्रदान की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों सहित समस्त चिकित्सकीय संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए। साथ ही उपकरणों की खरीदी में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मंडला, श्योपुर, राजगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों और पीजी व यूजी पाठ्यक्रमों के लिए उपकरणों की खरीदी की भी गहन समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट कहा कि कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा और बजट उपयोग की त्रि-सूत्रीय रणनीति पर कार्य कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। बैठक में जानकारी दी गई कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा 430 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत की गई है। इसका उपयोग अस्पताल एवं औषधालयों के भवन निर्माण में किया जा रहा है। प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय सीमा को 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, ताकि निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाई जा सके। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) में 476 करोड़ रुपये और मेडिकल एजुकेशन में सेंट्रली स्पॉन्सर्ड योजनाओं के तहत 365.67 करोड़ रुपये की राशि विभाग के पास उपलब्ध है, जिसके त्वरित उपयोग के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए ताकि केंद्र से आवंटन समय से प्राप्त हो सके। केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये, पीजी पाठ्यक्रम सुदृढ़ीकरण के लिए 206 करोड़ रुपये, एमबीबीएस सीट वृद्धि के लिए 150 करोड़ रुपये और नवीन नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये की प्रावधानित राशि के उपयोग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडला, श्योपुर, राजगढ़, बुधनी, छतरपुर, दमोह और सिंगरौली में चल रहे अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लागत संशोधन, अनुबंध वृद्धि एवं प्रशासनिक स्वीकृति जैसे प्रकरणों में विभाग शीघ्र निर्णय लेकर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करे। सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।   recent visitors 31

रतलाम में लोकायुक्त ने पटवारी संघ के अध्यक्ष को रिश्वत लेते पकड़ा

रतलाम  जिले के ताल नगर में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के दल ने ताल तहसील पटवारी संघ के अध्यक्ष व पटवारी आरोपित प्रभु कुमार गरवाल को एक व्यक्ति से सीमांकन का पंचनामा देने के लिए चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से रुपये जब्त कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।     जानकारी के अनुसार फरियादी किशनलाल आंजना निवासी ग्राम कोट कराड़िया ने पिछले दिनों उज्जैन स्थित लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी कि हल्का नंबर 24 के पटवारी आरोपित प्रभुलाल गरवाल द्वारा जमीन के सीमांकन का पंचनामा नहीं दिया जा रहा है।     पंचनामा देने के लिए उसके द्वारा पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। एसपी लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराकर पटवारी प्रभुलाल गरवाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े के लिए टीम गठित की गई।टीम डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में बुधवार दोपहर ताल नगर पहुंची।     फरियादी किशनलाल आंजना ने पुरानी तहसील कार्यालय परिसर में जाकर प्रभुलाल गरवाल को रिश्वत के चार हजार रुपये दिए तथा तत्काल आसपास छिपकर खड़े लोकायुक्त टीम के सदस्यों को इशारा किया।     इशारा मिलते ही टीम के सदस्य वहां पहुंचे तथा प्रभुलाल गरवाल को पकड़कर उसके पास से रिश्वत के रुपये जब्त किए।     लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि पटवारी प्रभुलाल गरवाल को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।     टीम में इंस्पेक्टर हीना डाबर, आरक्षक हितेश लालवात, श्याम शर्मा, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम शामिल है। प्रभुलाल को ताल पुलिस थाने ले जाया गया है, जहां उसके खिलाफ कागजी कार्रवाई की जा रही है।   recent visitors 18

उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक संपन्न

भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में मंत्रालय भोपाल में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। राज्य असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड द्वारा राज्य स्तर पर आवेदित 7 सरोगसी प्रकरणों पर समुचित विचार कर यथोचित निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश में एआरटी एवं सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में कुल 140 केंद्र पंजीकृत हैं। इसमें 30 एआरटी लेवल-1 क्लीनिक, 78 एआरटी लेवल-2 क्लीनिक, 22 एआरटी बैंक और 10 सरोगेसी क्लीनिक शामिल हैं। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका पेंची, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार, वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।   recent visitors 19

कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर

कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर कोटा में एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न बिलासपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा ब्लॉक के करगीकला में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 21 कलस्टर में प्रति क्लस्टर दो कृषि सखी का चयन जिला समिति के द्वारा किया गया है, 42 चयनित कृषि सखियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। ये कृषि सखियां कोटा ब्लॉक के 2665 किसानों को जैविक खेती के विषय में जानकारी देंगी।        उप संचालक कृषि बिलासपुर पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि अब किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है ताकि किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सके। इस प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की वैज्ञानिक शिल्पा कौशिक ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती में उपयोग की जाने वाली गौ आधारित इनपुट बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी स्वयं तैयार कर खेती में उपयोग करने और किसानों को जागरूक करने कृषि सखियों को जानकारी दी गई। आगामी माह में और भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान प्राकृतिक खेती करने की ओर अग्रसर होंगे।        वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड कोटा संतोष टोण्डे ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल स्वस्थ वातावरण, उपयुक्त उत्पादकता तथा प्रदूषणमुक्त खाद्य प्राप्त होगा बल्कि इसके द्वारा संपूर्ण ग्रामीण विकास की एक नई स्वावलंबी प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण के दौरान शाखा प्रभारी प्राकृतिक खेती विनोद साहू ने बताया कि प्राकृतिक खेती में कीट प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी एवं खरीफ फसलों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मित्र कीटों की पहचान बताने के साथ इनके संरक्षण के उपाय बताए गए तथा प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, प्राकृतिक खेती के लाभ, प्राकृतिक खेती के महत्व एवं प्राकृतिक खेती में पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं व्याधि नियंत्रण के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।        ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुजीत कंवर ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने के पूर्व खेत से मिट्टी नमूना लेने की तकनीक एवं मिट्टी नमूना लेकर जांच कराने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया और किसानों को मिट्टी नमूना एकत्रित कर जांच करवाने हेतु जागरुक करने की सलाह दी। कार्यशाला में पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक कृषि बिलासपुर, शिल्पा कौशिक,कृषि विज्ञान केन्द बिलासपुर, संतोष टोण्डे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वि.ख. कोटा, विनोद साहू, रामनरेश सेन, शिवकुमार साहू, प्रमोद राजपूत, धरम सिंह पैकरा, अमर सिंह पैकरा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं मीना पीआरपी सहित कृषि सखी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही। recent visitors 28