शशांक सिंह का ‘इंडिगो एयरलाइंस’ पर फूटा गुस्सा, IPL बहाल होने से पहले हो गया खेला, ऐसे निकाली भड़ास

नई दिल्ली 17 मई से IPL बहाल होने वाला है, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते BCCI ने टूर्नामेंट को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया था। ऐसे में नए शेड्यूल के अनुसार खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के साथ तय वेन्यू पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह के साथ खेला हो गया। दरअसल, पंजाब किंग्स का 18 मई को मैच राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जयपुर में है। टीम इस मैच के लिए वहां पहुंच गई है। हालांकि शाशांक सिंह के साथ खेला यह हुआ कि वह तो जयपुर पहुंच गए मगर उनका सामान जयपुर की जगह बेंगलुरु पहुंच गया। यह गलती एयरलाइंस से हुई जिसकी वजह से वह भड़क गए। शशांक सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपना गुस्सा निकलते हुए लिखा, “बहुत बढ़िया @indigo.6e! हमारे देश की सबसे खराब एयरलाइन्स में से एक। मेरा सामान जयपुर पहुंचना था और फिलहाल वह बैंगलोर में है। मुझे नहीं पता कि वे इतनी चालाकी से काम कैसे कर सकते हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “जब बात कम्युनिकेशन की आती है तो मैनेजमेंट बिल्कुल खराब है और बेशक जब अहंकार की बात आती है तो वे अव्वल दर्जे के हैं। साथ ही, जयपुर इंडिगो के कर्मचारी संपर्क से बाहर हो गए हैं। वे न तो मेरी कॉल रिसीव कर रहे हैं और न ही मुझे मेरे सामान की स्थिति के बारे में बता रहे हैं। मुझे हैरानी है कि ऐसी अक्षमता कैसे कायम रहती है!” पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 प्लेऑफ के बेहद नजदीक है। अभी तक टीम ने खेले 11 में से 7 मैच जीते हैं और 15 पॉइंट्स के साथ पंजाब तीसरे पायदान पर हैं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका जो मैच रद्द हुआ था उसे रिशेड्यूल किया गया है। ऐसे में उनके पास अभी भी प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के साथ-साथ टॉप-2 में जगह बनाने का मौका है। recent visitors 42

प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को विधानसभा के आगामी चुनाव के पहले पूरा कराने पर सरकार फोकस करके काम करेगी। इसको लेकर मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के अफसरों ने परियोजनाओं का रिव्यू करना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- जितनी भी सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। वन भूमि के दायरे में आने वाली परियोजनाओं में जहां वन विभाग की परमिशन जरूरी है वहां अपर मुख्य सचिव वन के साथ कोआर्डिनेशन कर समस्या का निदान किया जाए। जिन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में देरी हुई है उसकी समीक्षा कर कारण पता किए जाएं। इस साल पूरी होने वाली परियोजनाओं को समय पर पूर्ण किया जाए। इस साल दस परियोजनाओं का काम होगा पूरा प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा। कुल 3735.98 करोड़ की इन परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि अधिकारी प्रोजेक्ट वर्किंग का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। साथ ही उन्होंने अगले चार साल में 36705.08 करोड़ की 38 परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए भी टाइम लाइन तय कर दी है और कहा कि हर प्रोजेक्ट एग्रीमेंट में बताई गई टाइम लिमिट में कम्पलीट होना चाहिए। इन परियोजनाओं का पेमेंट और फिजिकल वेरिफिकेशन जांचने के निर्देश सीएस ने यह भी कहा है कि पार्वती परियोजना, लोअर परियोजना और छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स के साथ गोंड़ सिंचाई परियोजना और रतनगढ़ सूक्ष्म परियोजना के एग्रीमेंट के आधार पर पेमेंट और किए गए कामों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाकर अलग से विभाग के जानकारी इसकी जानकारी देंगे। इसके साथ ही मूंझरी और चेटिखेड़ा सिंचाई परियोजना के लिए एग्रीमेंट भले ही हो गए हैं लेकिन एग्रीमेंट अवधि में काम हो पाने की संभावना नहीं है। इसलिए इन परियोजनाओं को विलम्ब वाली कैटेगरी में शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने अफसरों को यह भी कहा है कि जल संसाधन विभाग के जिन प्रोजेक्ट्स से जल जीवन मिशन और जल निगम की निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं का लाभ लोगों को मिलना है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा कराने का काम किया जाए। सभी प्रोजेक्ट्स में हाट पिपल्या सिंचाई परियोजना की लागत सबसे अधिक 4813.26 करोड़ 200 करोड़ से अधिक लागत वाले जिन 38 प्रोजेक्ट्स का रिव्यू सीएस जैन ने किया है इसमें सबसे अधिक लागत वाला प्रोजेक्ट हाट पिपल्या सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना है जिसके निर्माण में 4813.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके 29 जनवरी 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इसके बाद दूसरी बड़ी परियोजना छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना है जिसकी लागत 4309 करोड़ है और इसे इसी साल 20 जुलाई तक पूरा किया जाना है। तीसरी बड़ी सिंचाई परियोजना सीतापुर हनुमना बराज एवं सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना है जिसकी लागत 3700.89 करोड़ रखी गई है और यह 12 सितंबर 2029 को पूरी होगी। recent visitors 42

20 मई को चलेगी प्रदेश की पहली मेट्रो, लेकिन सफर रहेगा बिल्कुल फ्री, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

इंदौर  इंदौर मेट्रो के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को बड़ी अच्छी खबर मिलने वाली है। 20 मई से मेट्रो शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। शुरुआत में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने का मौका मिलेगा। बाद में टिकट पर छूट भी मिलेगी। मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इसका किराया 20 रुपये से शुरू होगा। खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश में यह पहली मेट्रो होगी जो अपना चलना शुरू करेगी। भोपाल मेट्रो को पूरा करने का काम भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। इंदौर मेट्रो को शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसके लिए काम कर रहा है। अभी तक कॉमर्शियल रन की तारीख आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुई है, लेकिन यह तय हो गया है कि पीएम मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी दिखांएगे हरी झंडी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी 20 मई को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। कयास हैं कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सरकार ने अभी तक इस बारे में बात स्पष्ट नहीं की है। पहले सात दिन इंदौर मेट्रो फ्री मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को लुभाने के लिए खास योजना बना रहा है। शुरू में टिकट पर छूट दी जाएगी। पहले हफ्ते में यात्रा मुफ्त रहेगी। दूसरे हफ्ते में टिकट पर 70 प्रतिशत छूट मिलेगी। तीसरे हफ्ते में यह छूट 50 प्रतिशत होगी। चौथे हफ्ते से अगले 3 महीनों तक टिकट पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। बता दें कि सी एमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने पिछले दिनों ही इंदौर मेट्रो को हरी झंडी दिखाते हुए अपनी ओके रिपोर्ट दे दी थी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इस दौरान मेट्रो दोनों तरफ़ से 25-25 फेरे लगाएगी, यानी की मेट्रो दोनों तरफ के मिलाकर कुल 50 फेरे लगाएगी। इंदौर मेट्रो दोनों तरफ से एक साथ चलना शुरू होगी यानी गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ चलेगी। इंदौर मेट्रो दोनों स्टेशन से सुबह 8 बजे से चलना शुरू होगी और आखिरी फेरा रात 8 बजे लगाएगी। मेट्रो के कॉमर्शियल रन के दौरान हर 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर इस समय को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। 20 रुपए रहेगा किराया मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इंदौर मेट्रो का किराया 5 जोन में बांटा है। इस 5 जोन के तहत इंदौर मेट्रो के 28 स्टेशन आएंगे। न्यूनतम किराया 20 रुपए रहेगा। जबकि अधिकतम किराया 80 रुपए रखा गया है। वहीं, शुरुआती प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो इसका न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए रहेगा। कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 से 5 मिनट लगेंगे इंदौर में यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 5.9 किमी का है। इसमें 5 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट के अंदर पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन मेट्रो डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के आगे तक टेस्टिंग हो रही है, जो दिन और रात दोनों समय की जा रही है। बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल रन के दौरान जब इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो वह हर 2 से 5 मिनट में एक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। 24-25 मार्च को किया था फाइनल निरीक्षण सीएमआरएस ने 24-25 मार्च को ही मेट्रो का तीसरा और अंतिम निरीक्षण किया था। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6 किमी हिस्से में मेट्रो दौड़ेगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3, 4, 5 और 6 कुल पांच स्टेशन आएंगे। इनमें इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्कलेटर सहित सभी सुविधाएं जुटाई जा चुकी हैं। ट्रेन को न्यूनतम व अधिकतम गति से चलाकर देखा जा चुका है। हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम ने मेट्रो को हरी झंडी दिखा दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे सुरक्षित बताया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इंदौर मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। मेट्रो दोनों तरफ से 25-25 चक्कर लगाएगी। इस तरह कुल 50 चक्कर लगेंगे। मेट्रो गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ शुरू होगी। मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक मेट्रो मिलेगी। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, तो समय कम किया जा सकता है। इतना होगा किराया मेट्रो का किराया अलग-अलग जोन के हिसाब से होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए को 5 जोन में बांटा है। इन 5 जोन में मेट्रो के 28 स्टेशन होंगे। सबसे कम किराया 20 रुपये होगा। सबसे ज्यादा किराया 80 रुपये होगा। शुरुआती रूट पर सबसे कम किराया 20 रुपये और सबसे ज्यादा किराया 30 रुपये होगा। recent visitors 41

इंदौर-बुधनी रेल प्रोजेक्ट में 38 गांवों की 522 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत; 218 करोड़ का मुआवजा दिया

बुधनी किसानों की जमीन पर इंदौर-बुधनी रेल परियोजना अटकी हुई है। बुधनी रेलवे परियोजना साल 2024 में पूरी हो जानी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के चलते यह परियोजना वर्ष 2025 में भी पूरी होने की उम्मीद नहीं है। जमीन का चार गुना मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर लगातार किसान इस परियोजना को लेकर विरोध करते चले आ रहे हैं। जिससे परियोजना में देरी हो रही है। इसी क्रम में बुधवार को रेहटी क्षेत्र के गांव मलाजपुर में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान 11 हैक्टेयर कृषि भूमि का कब्जा प्रशासन ने किसानों से लेकर रेलवे विभाग को सौंपा। इस दौरान किसानों ने जमकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नहीं सुनी और किसानों की जमीन पर बोई मूंग फसल पर जेसीबी चलाकर जमीन से कब्जा छुड़ाया। इस मामले में किसानों का कहना था कि प्रशासन की हठधर्मिता के चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। कृषि भूमि का बिना मुआवजा दिए ही जमीन से कब्जा लेकर प्रशासन किसानों की कमर तोड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने दावा किया है कि सभी किसानों का राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त है। वहीं खाता नंबर नहीं दिए जाने से किसानों के खातों में मुआवजा राशि नहीं पहुंच पाई है। इस कार्रवाई में रेहटी तहसीलदार भूपेंद्र कलोसिया, थाना प्रभारी राजेश कहारे, नायब तहसीलदार सहित रेलवे के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। 2018 में हुआ था परियोजना का भूमि पूजन उल्लेखनीय है कि इंदौर से जबलपुर की दूरी कम करने और इंदौर से बुधनी रेलवे लाइन बिछाने के लिए 2018 में परियोजना का भूमि पूजन किया गया था। इस दौरान वर्ष 2024 तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण न होने से अर्थवर्क का कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेलवे विभाग को अधिग्रहित भूमि किसानों से लेने में विवाद का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते प्रशासन को मौके पर पहुंचकर अधिग्रहित भूमि से कब्जा हटाकर भूमि विभाग को सौंपनी पड़ रही है। बता दें कि वर्ष 2023 के रेलवे बजट में केंद्र सरकार ने 514 करोड़ की राशि इस परियोजना के लिए स्वीकृत की थी, जिसके चलते सरकारी रास्तों पर पुल-पुलियाओं का निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना में 1107.25 करोड़ का परिव्यय आवंटित किया गया है। इस परियोजना में 3261.82 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। यह परियोजना कुल 205 किमी लंबी हैं। रेलवे लाइन इंदौर जिले में 20 किमी, देवास में 112 और सीहोर जिले में 66 किमी ऐरिये में बिछाई जाना है। जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों को इंदौर से जबलपुर तक सफर करने में कम दूरी का फायदा मिलेगा। किसानों का आरोप, रिकॉर्ड दुरुस्ती के लिए दो साल से लगा रहे चक्कर किसान संघ के पदाधिकारी गजेन्द्र जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि मलाजपुर के 20 से अधिक किसानों की कृषि भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं है। इसके लिए किसानों द्वारा तहसील कार्यालय के चक्कर लगाये जा रहे हैं। जिन किसानों की भूमि से कब्जा लिया गया ऐसे किसान ओमप्रकाश, जयनारायण, अनूप सिंह, रामेश्वर, देवी सिंह, संतोष, रघुवीर, महेन्द्र सिंह, गजेन्द्र सिंह, ईश्वर सिंह, पवन कुमार सहित अन्य महिला किसानों की मानें तो बिना रिकॉर्ड दुरस्त ही प्रशासन द्वारा कब्जा लिये जाने की कार्रवाई की गई है। कब्जा लेने से पूर्व किसानों को किसी भी प्रकार का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। जिससे किसानों द्वारा लगभग 30 एकड़ खेत में बोई मूंग फसल को प्रशासन ने जेसीबी चलाकर बर्बाद कर दिया हैं। इससे किसानों पर दोहरी पार पड़ी है। क्या कहते हैं अधिकारी एसडीएम दिनेश तोमर ने बताया कि मलाजपुर के सभी किसानों का रिकॉर्ड दुरुस्त है। यहां के 29 किसानों की 11 हैक्टेयर जमीन का कब्जा रेलवे विभाग को सौंपा जा चुका है। किसानों द्वारा खाते नंबर नहीं देने की स्थिति में उनके खातो में 3 करोड़ 79 लाख मुआवजा अब तक हस्तांतरित नहीं हो सका है। बुधनी सब डिवीजन के तहत कुल 25 गांव में 798 कृषकों की कृषि भूमि रेलवे परियोजना के लिए अर्जित की गई हैं। जिसका रकबा 306 हैक्टेयर और कुल मुआवजा राशि 132 करोड़ रुपये है। इसमें से 115 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाल दिये हैं, शेष किसानों की खातों की जानकारी नहीं देने से राशि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। राजस्व विभाग द्वारा 280 हैक्टेयर जमीन का कब्जा भी रेलवे को सौंपा जा चुका है। भैरूंदा तहसील के 13 गांव से गुजरेगी रेलवे लाइन बुदनी-इंदौर रेलवे लाइन भैरूंदा तहसील के 13 गांवों से होकर गुजरेगी, जिसके लिए रेलवे विभाग के द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 220 हैक्टेयर में से 184 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। योजना के तहत अधिग्रहित 404 किसानों में से 387 किसानों के खातों में मुआवजा राशि का हस्तांतरण किया जा चुका है। अब 10 गांव के 27 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने बैंक खाते की जानकारी राजस्व विभाग को अब तक नहीं दी हैं, जिससे 4 करोड़ 47 लाख रुपये का मुआवजा अब बैंक खातो में नहीं पहुंच सका है। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कि भूमि से कब्जा हटाये जाने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही हैं। क्षेत्र के बांव ससली, झकलॉय, बोरखेड़ा में 27.472 हैक्टेयर व नंदगांव, आगरा, भैरूंदा, राला, बोरखेड़ाकलां में 8.684 हैक्टेयर भूमि से कब्जा लेकर रेलवे विभाग को सौंपा जाना हैं, जो भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। 522 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत, 218 करोड़ का मुआवजा दिया सीहोर में  कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में इंदौर-बुधनी रेल परियोजना और बाड़ी-बुधनी-संदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति की समीक्षा की गई। रेल परियोजना के लिए भैरूंदा और बुधनी क्षेत्र के 38 गांवों की 522.564 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। प्रभावित किसानों को 218.15 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं बाड़ी-बुधनी-संदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए बुधनी अनुभाग के 29 गांवों की 172.5 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस परियोजना में किसानों को 122.43 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को शेष किसानों को शीघ्र मुआवजा वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही अर्जित भूमि का नामांतरण और कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। बैठक में विभिन्न विभागों … Read more

भोपाल में हिंदू लड़कियों से रेप और ब्लैकमेलिंग कांड में रोपियों के घर की महिलाए भी शक के दायरे में

भोपाल  भोपाल में हिंदू लड़कियों से सुनियोजित तरह से दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के प्रकरण की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी शुरू कर दी है। बुधवार को आयोग की टीम सदस्य प्रियंग कानूनगो के नेतृत्व में भोपाल पहुंची और पुलिस के जांच अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई के बारे में पूछा। कहा कि मुख्य आरोपित फरहान खान की बहन जोया खान ने अपने मकान में हिंदू युवतियों से दुष्कर्म कराया। यह बात सामने आने के बाद सभी आरोपितों के घरों की महिलाओं की भी इस प्रकरण में भूमिका की जांच की जानी चाहिए। कमरों को तोड़ने से पहले फारेंसिक सबूत क्यों नहीं लिए जांच के दौरान आयोग के सदस्य कानूनगो ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उस विवादित रेस्टोरेंट- क्लब 90 पर हुई कार्रवाई पर संदेह जताया, जहां हिंदू लड़कियों को आरोपित मुस्लिम युवक झांसा लेकर पहुंचा करते थे। कानूनगो ने पूछा कि क्लब 90 के छह कमरों को तोड़ने के पहले फारेंसिक साक्ष्य क्यों नहीं लिए गए? ऐसा करके क्या किसी को बचाने की कोशिश हो रही है? दरअसल, समझा जा रहा है कि रेस्टोरेंट- क्लब 90 के संचालन में शामिल रहे लोग इस गिरोह को संरक्षण प्रदान कर रहे थे। यही वजह है कि नगर निगम से रेस्टोरेंट संचालन के लिए लेकर वह क्लब 90 में गेस्ट हाउस चला रहे थे और इस गेस्ट हाउस को उन्होंने अवैध रूप से छह कमरों का निर्माण करा लिया था। इसे ही पुलिस ने पिछले दिनों ध्वस्त करा दिया। आरोपियों को फंडिंग और मनी लांड्रिंग की आशंका टीम ने आरोपियों को फंडिंग और इसके लिए मनी लांड्रिंग की आशंका भी जाहिर की है। आयोग के सदस्य कानूनगो ने कहा कि प्रकरण में अगर शारिक मछली नाम के व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है तो पुलिस को उसकी भूमिका की जांच जरूर करनी चाहिए। अपराध में प्रयोग किए गए वाहनों को जब्त करने के साथ ही मकानों को भी सीज किया जाना चाहिए। बता दें कि प्रकरण में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच पिछले दिनों राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने भी की थी। छात्राओं को नशा देकर दुष्कर्म किया, पीड़िताएं बोलीं- जान का खतरा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य कानूनगो ने कहा कि हमारे पास अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में शिकायत आई थी कि कॉलेज में हिंदू लड़कियों को नशा दिया गया। फिर उनसे दुष्कर्म किया, वीडियो बनाए और उनको ब्लैकमेल किया। हमने इस मामले में भोपाल पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर एक रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हमसे अलग-अलग पीड़िताओं ने संपर्क किया। पीड़िताओं का कहना है कि उनकी जान को खतरा है। उनका पुनर्वास ठीक तरह से नहीं हो रहा है। सबसे अधिक गंभीर बात यह है कि दो पीड़िताएं अनाथ है। इन लड़कियों को धर्म के आधार पर निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म किया गया। recent visitors 114

सेंसेक्स 1200 अंक चढ़ा, निफ्टी 25050 के पार, ऑटो,मेटल शेयरों में तेजी

मुंबई  हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज यानी गुरुवार (15 मई) को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह 500 से ज्यादा अंक की गिरावट के बाद अब सेंसेक्स 1000 अंक उछला है। निफ्टी ने भी 25,000 के स्तर क्रास कर लिया है। इस समय सेंसेक्स 1200 अंक की तेजी के साथ 82,530 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 385 अंक की तेजी है, ये 25,052 के स्तर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने अमेरिका को एक व्यापार समझौता प्रस्तावित किया है, जिसमें अमेरिकी वस्तुओं पर "लगभग शून्य शुल्क" लगाने की बात कही गई है। इस घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। शेयर बाजार में उछाल: इस खबर के प्रभाव से बीएसई सेंसेक्स में 1200 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 385 अंकों से अधिक चढ़ गया। यह उछाल निवेशकों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीदों के कारण देखा गया। 81000 के नीचे फिसल गया था सेंसेक्स शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट के साथ Sensex 81,000 के नीचे लुढ़क गया था. जी हां, बीएसई सेंसेक्स सुबह 9.15 बजे पर 81,354.43 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ मिनटों में ही ये पहले 250 अंक टूटा और अगले 15 मिनट में 560 अंक टूटकर 80,773 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी खुलने के साथ ही फिसलता चला गया. ये इंडेक्स 24,694.45 पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 24,515 पर आ गया. अचानक भागने लगे दोनों इंडेक्स बाजार में ये शुरुआती गिरावट दोपहर 1 बजते-बजते तेजी में तब्दील हो गई. लार्जकैप कंपनियों के शेयर, जो ओपनिंग में रेड जोन में थे अचानक भागते हुए ग्रीन जोन में कारोबार करने लगे. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 1273 अंक चढ़कर 82,607 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. तो दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 390 अंकों की तेजी के साथ 25,057.65 पर पहुंच गया. इस दौरान स्टील, ऑटो और आईटी शेयरों ने बाजार को जोरदार सपोर्ट दिया. इन बड़े शेयरों ने बदली बाजार की चाल बात करें सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों के बारे में, तो Tata Motors Share (3.70%), HCL Tech Share (3.10%), Adani Ports Share (2.50%), Eternal Share (2.10%), Nestle India Share (1.75%) और Reliance Share (1.50%) तक उछलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Maruti, Titan, M&M, ICICI Bank, Tech Mahindra, Tata Steel, HDFC Bank और Bharti Airtel के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल अब बात करें, Mdcap-Smallcap शेयरों की, तो मिडकैप कैटेगरी में Linde India Share (4.37%), KPI Tech Share (3.05%), Yes Bank Share (3%), Mazgaon Dock Share (2.65%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप में Nelcast Share (19.99%), BLSE Share (15.26%) और Yatra Share (1.34%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. recent visitors 47

27 मई को शनि जयंती का पर्व मनाया जायेगा, इन जगहों पर जलाएं दीपक, कष्टों से मिलेगा छुटकारा

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो जातक को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। इसी कड़ी में शनि जयंती मनाई जाती है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को पड़ती है। इस साल यह पर्व 27 मई को मनाया जाएगा। हालांकि, लोगों के बीच इसकी तिथि को लेकर कनफ्यूजन बना हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 पर शुरू होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 8:31 पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, 27 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। महत्व ज्योति शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती के दिन भगवान शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन विधि-विधान पूर्वक इनकी पूजा अर्चना करने से भक्तों को आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती है। इस दिन जातक को तेल, काले तिल, आदि अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस दिन गरीबों में दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यहां जलाएं दीपक     इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में दीपक जलाना बहुत ही शुभ होगा।     शनि जयंती के दिन आप शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। इसके साथ ही, आप काले तिल, नीले फूल और तेल भी अर्पित कर सकते हैं।     भैरव देव के मंदिर में जाकर दीपक जलाने से भी शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिलती है, क्योंकि भैरव देव को शनि देव का गुरु माना जाता है। ऐसे में नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती है और जीवन में खुशहाली आती है।     आप हनुमान मंदिर में जाकर भी दीपक जला सकते हैं, जिससे शनि दो शांत होगा। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने के अलावा सिंदूर अर्पित करें। recent visitors 47