मुख्य सचिव जैन ने कहा, मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की प्राथमिकता

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव  जैन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की हुई बैठक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की हुई समीक्षा भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में  राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव  जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं। स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं। ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव  जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें मुख्य सचिव  जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण "विकसित मध्यप्रदेश@2047" एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से … Read more

प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को विधानसभा के आगामी चुनाव के पहले पूरा कराने पर सरकार फोकस करके काम करेगी। इसको लेकर मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के अफसरों ने परियोजनाओं का रिव्यू करना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- जितनी भी सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। वन भूमि के दायरे में आने वाली परियोजनाओं में जहां वन विभाग की परमिशन जरूरी है वहां अपर मुख्य सचिव वन के साथ कोआर्डिनेशन कर समस्या का निदान किया जाए। जिन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में देरी हुई है उसकी समीक्षा कर कारण पता किए जाएं। इस साल पूरी होने वाली परियोजनाओं को समय पर पूर्ण किया जाए। इस साल दस परियोजनाओं का काम होगा पूरा प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा। कुल 3735.98 करोड़ की इन परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि अधिकारी प्रोजेक्ट वर्किंग का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। साथ ही उन्होंने अगले चार साल में 36705.08 करोड़ की 38 परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए भी टाइम लाइन तय कर दी है और कहा कि हर प्रोजेक्ट एग्रीमेंट में बताई गई टाइम लिमिट में कम्पलीट होना चाहिए। इन परियोजनाओं का पेमेंट और फिजिकल वेरिफिकेशन जांचने के निर्देश सीएस ने यह भी कहा है कि पार्वती परियोजना, लोअर परियोजना और छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स के साथ गोंड़ सिंचाई परियोजना और रतनगढ़ सूक्ष्म परियोजना के एग्रीमेंट के आधार पर पेमेंट और किए गए कामों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाकर अलग से विभाग के जानकारी इसकी जानकारी देंगे। इसके साथ ही मूंझरी और चेटिखेड़ा सिंचाई परियोजना के लिए एग्रीमेंट भले ही हो गए हैं लेकिन एग्रीमेंट अवधि में काम हो पाने की संभावना नहीं है। इसलिए इन परियोजनाओं को विलम्ब वाली कैटेगरी में शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने अफसरों को यह भी कहा है कि जल संसाधन विभाग के जिन प्रोजेक्ट्स से जल जीवन मिशन और जल निगम की निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं का लाभ लोगों को मिलना है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा कराने का काम किया जाए। सभी प्रोजेक्ट्स में हाट पिपल्या सिंचाई परियोजना की लागत सबसे अधिक 4813.26 करोड़ 200 करोड़ से अधिक लागत वाले जिन 38 प्रोजेक्ट्स का रिव्यू सीएस जैन ने किया है इसमें सबसे अधिक लागत वाला प्रोजेक्ट हाट पिपल्या सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना है जिसके निर्माण में 4813.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके 29 जनवरी 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इसके बाद दूसरी बड़ी परियोजना छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना है जिसकी लागत 4309 करोड़ है और इसे इसी साल 20 जुलाई तक पूरा किया जाना है। तीसरी बड़ी सिंचाई परियोजना सीतापुर हनुमना बराज एवं सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना है जिसकी लागत 3700.89 करोड़ रखी गई है और यह 12 सितंबर 2029 को पूरी होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

“हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- अनुराग जैन

राज्यपाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा राज्य-स्तरीय "संविधान दिवस" कार्यक्रम समस्त शासकीय, सार्वजनिक, स्वशासी उपक्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में भी होंगे "संविधान दिवस" कार्यक्रम- राज्यपाल पटेल "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा "संविधान दिवस"- राज्यपाल पटेल मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई "संविधान दिवस" आयोजन सम्बंधी बैठक भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में "संविधान दिवस" आयोजन सम्बंधी बैठक हुई। बैठक में अवगत कराया गया कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में 26 नवम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागृह में प्रात: 11 बजे राज्य-स्तरीय "संविधान दिवस" कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध विभूतियों का स्मरण किया जाएगा। इसमें संविधान निर्माण सम्बंधी प्रदर्शनी लगाई जाएगी और संविधान संबंधी लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। मुख्य सचिव जैन ने संबंधित विभागों के साथ कार्यक्रम तैयारियों को लेकर समीक्षा की। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, संविधान को अंगीकृत करने के 75 वर्ष पूर्ण होने के महत्व को देखते हुए वर्ष भर चलने वाले उत्सव को "हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान" अभियान के अन्तर्गत चलाया जाएगा। "संविधान दिवस" को सम्पूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थाओं, स्वशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों में 26 नवम्बर को "संविधान दिवस" के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी होगा, इसमें अधिकाधिक संख्या में शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहभागी, सामूहिक वाचन की तस्वीर (सेल्फी अथवा अन्य फोटो) पोर्टल www.constitution75.com पर अपलोड कर सकते हैं। तस्वीर अपलोड करने के उपरांत वेबसाइट पर एक प्रमाण-पत्र तैयार हो जाएगा, इसे डाउनलोड कर सोशल मीडिया में साझा किया जा सकता है। ज्ञातव्य है कि भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था और संविधान को अपनाने के इस दिन को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव संसदीय कार्य के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने संभाला पदभार, नवरात्रि के पहले दिन नई पारी का किया शुभारंभ

भोपाल राज्य शासन के 35 वें मुख्य सचिव के रूप में 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनुराग जैन ने आज मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया। मुख्य सचिव जैन को वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट किए। मुख्य सचिव जैन का जन्म 11 अगस्त 1965 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ। भारतीय प्रशासनिक सेवा में जॉइनिंग के बाद जैन की पहली पोस्टिंग सागर में सहायक कलेक्टर के पद पर जून 1990 में हुई। बहुमुखी प्रतिभा के धनी जैन की शैक्षणिक योग्यता बी.टेक. इंजीनियरिंग एवं एम.ए.लोक प्रशासन (यू.एस.ए.) है। मुख्य सचिव जैन मंडला, मंदसौर, भोपाल जिलों में कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहें। जैन ने मध्यप्रदेश शासन में सचिव, प्रमुख सचिव, और अपर मुख्य सचिव के रूप में विभिन्न विभागों के दायित्वों का निर्वहन किया। मुख्य सचिव जैन भारत सरकार में भी प्रतिनियुक्ति पर प्रमुख पदों पर पदस्थ रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 102

अनुराग जैन होंगे प्रदेश के नए मुख्य सचिव, वीरा राणा राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state, Veera Rana will be responsible for the State Election Commission. भोपाल ! मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा सोमवार को रिटायर हो रही हैं। उनकी जगह मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाना लगभग तय हो गया है। दोपहर बाद आदेश जारी हो सकता है। सीएस बनने की रेस में शामिल 1990 बैच के आईएएस अफसर राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में बने रहेंगे। वीरा राणा को राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके आदेश भी जल्द ही जारी होंगे।राजेश राजौरा को जब से मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मुख्य सचिव पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे अनुराग जैन का नाम लंबे अरसे से मुख्य सचिव पद के लिए लिया जा रहा है। 2020 से वे नई दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं। 2022 में भी माना जा रहा था कि इकबाल सिंह बैंस के रिटायरमेंट के बाद उन्हें मुख्य सचिव बनाया जा रहा है। वरिष्ठता क्रम में भी वे ऊपर ही थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजने से इनकार कर दिया था और वीरा राणा को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बिठाया गया था। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक है अनुराग जैनमध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उल्लेखित वरिष्ठता क्रम में वीरा राणा के बाद अनुराग जैन का ही नाम है। वह फिलहाल केंद्र में सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। अनुराग जैन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया है और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिरैक्यूज से एमए (लोक प्रशासन) की डिग्री हासिल की है। वह 24 अप्रैल 2020 से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे। यह भी थे दावेदारमुख्य सचिव पद के लिए राजेश राजौरा के साथ ही मोहम्मद सुलेमान और एसएन मिश्रा जैसे वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम भी लिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी चाहते थे कि एसीएस राजौरा को ही मुख्य सचिव बनाया जाए। हालांकि, दिल्ली से उनका प्रस्ताव खारिज हो गया और अनुराग जैन को होम कैडर में भेजने की व्यवस्था की गई। राजौरा मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहेंगेमध्य प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव हैं। वे गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव रहे हैं। स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में भी प्रमुख भूमिका में रहे हैं। वह धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर में कलेक्टर भी रहे हैं। राजौरा का कार्यकाल 2027 तक है। इस लिहाज से उनके पास अभी भी भविष्य में मुख्य सचिव बनने का मौका रहेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 201