ऐसे पता लगाएं कहीं आपका फोन भी तो नहीं हो रहा है टैप?

स्मार्टफोन आज जिंदगी की जरूरत बन चुका है, गलती से कहीं छूट जाए तो ढ़ेरों बातें दिमाग में हलचल मचा देती है कि कहीं किसी ने चुरा तो नहीं लिया, कहीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया। वैसे भी टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि कोई चाहे तो वह न केवल आपकी बातें सुन सकता है बल्कि आपके मैसेजेस भी आसानी से पढ़ सकता है, इतना ही नहीं आपकी लोकेशन को जीपीएस के द्वारा मॉनिटर भी कर सकता है। यह सब काम आपका फोन टैप करके आसानी से किए जा सकते हैं। ऐसे में प्राइवेसी को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन पता कैसे चलेगा कि आपका फोन टैप हो रहा है? आपकी नजर में तो वह हमेशा आपके ही पास रहता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिनसे आप समझ जाएंगे कि कोई आपके फोन को टैप कर रहा है… -जब फोन इस्तेमाल न कर रहे हो तो सुनें अगर आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो फोन चुपचाप पड़े रहना चाहिए, लेकिन बिना यूज के भी अगर आप इसमें बीप, क्लिक या अन्य किसी प्रकार के शोर की आवाज सुन रहे हैं तो बहुत संभव है कि इसमें टैपिंग सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर इंस्टॉल किया गया है। -बैटरी के टेम्परेचर पर ध्यान दें बिना इस्तेमाल के भी अगर आपके फोन की बैटरी असाधारण तरीके से गर्म हो जाती है और आपको इसका कारण समझ नहीं आ रहा तो बहुत हद तक संभव है कि इसमे कोई टैपिंग सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में चल रहा है और आपके फोन की बैटरी का लगातार इस्तेमाल कर रहा है तभी वह इतना गर्म हो रही है। -फोन को बंद करने की कोशिश में देरी हो अगर फोन देर से बंद हो या फिर पूरी तरह न हो, यह अजीब व्यवहार संकेत देता है कि कोई आपके फोन को टैप करके कंट्रोल कर रहा है। -जब आपके सीक्रेट लीक हो जाए अगर आपने अपनी कोई निजी या सीक्रेट बात चंद विश्वसनीय लोगों को बताई है और अचानक उसी बात का हल्का सा जिक्र किसी के मुंह से सुन लें तो समझ लें कि आपका फोन टैप हो रहा है। जैसे-आप किसी ऊंची पोजिशन पर ऑफिस में हैं तो बहुत संभव है कि आपकी बातें छिपकर सुनी जाए ताकि आपको नीचे किया जा सकें। अगर आपको जानना है कि कोई विश्वासपात्र यह कर रहा है या नहीं तो उससे कोई झुठी बात कहिए और फिर देखिए क्या वह फैल जाती है, अगर हां तो समझ लीजिए कि फोन पर उससे डिस्कस की गई आपकी सीक्रेट बात सीक्रेट नहीं रही। -बैकग्राउंड के शोर को सुने अगर बात करते समय आप बैकग्राउंड में बहुत शोर सुने तो बहुत संभव है कि पीछे से आने सुनाई दे रहा यह शोर फोन टैप करने के कारण हो रहा है। -अपने फोन को अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के पास इस्तेमाल करें अगर आपको शक है कि आपका फोन टैप हो रहा है तो अपनी अगली कॉल आने पर रेडियो या टेलीविजन के पास जाए, अगर यहां फोन पर बात करते समय कुछ बाधा पैदा हो तो समझ लें कि फोन टैप हो रहा है। दरअसल कुछ बग्स या टैप एफएम रेडियो के पास फ्रीकवेंसी का इस्तेमाल करते हैं। -ध्यान दें कि फोन कितना जल्दी चार्ज करना पड़ता है अगर फोन की बैटरी लाइफ बिना किसी कारण के अचानक कम होने लगी है, इसे जल्दी-जल्दी चार्ज करना पड़ता है तो हो सकता है कि टैपिंग सॉफ्टवेयर बैटरी की खपत कर रहा है क्योंकि वह बैकग्राउंड में लगातार चल रहा है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 55

अस्पताल में लगी आग, चीख-पुकार मचाते हुए अस्पताल से बाहर निकले लोग

कोरबा कोरबा के मध्य कोतवाली के पास रानी धनराज कुंवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तपाल में तड़के सुबह अचानक शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटना सामने आई। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मरीज और उसके परिजन चीख-पुकार मचाते हुए अस्पताल से बाहर निकले। कई मरीज अपने नवजात शिशु को हाथ में लेकर दौड़ते हुए बाहर निकले। वहीं, कई मरीज अपने परिजन को साथ में पकड़ कर बाहर निकले। स्टाफ नर्स सभी सभी को बारी-बारी से बाहर निकालने लगे। आगजनी के बाद मरीज और अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स में हड़कंप मच गया। प्रसूता समेत नवजात शिशु को लेकर अस्पताल के बाहर चौराहे पर बैठे रहे। बताया जा रहा है कि अस्पताल के तीसरी मंजिले में स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटना सामने आई है। घगटना की सूचना मिलते ही ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन की दमकल वाहन की मदद से भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

पाक के साथ टेंशन के बीच चीन का एक जासूसी जहाज़ भारत के समुद्री क्षेत्र के पास पहुंचा, जानकारी इकट्ठा करना उद्देश्य

बीजिंग भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल में चीन का एक जासूसी जहाज़ 'दा यांग यी हाओ' भारत के समुद्री क्षेत्र के पास पहुंच रहा है। यह जानकारी ओपन-सोर्स खुफिया विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने दी है। इस जहाज़ को चीन "वैज्ञानिक अनुसंधान पोत" बताता है, लेकिन भारत और अन्य देशों का मानना है कि इसका असली उद्देश्य खुफिया जानकारी इकट्ठा करना  है। यह जहाज़ समुद्र की सतह को स्कैन करने,  मिसाइल टेस्ट ट्रैक करने और पनडुब्बियों की गतिविधियों की निगरानी  करने में सक्षम है। इसकी गतिविधियाँ अक्सर सामान्य वैज्ञानिक अभियानों की आड़ में की जाती हैं। कहां से आया यह जहाज़? डेमियन साइमन द्वारा साझा किए गए नक्शे के अनुसार, यह जहाज़ मलक्का जलडमरूमध्य  से होकर भारत के दक्षिण में श्रीलंका के पास  पहुंच रहा है।इस तरह के जहाज़ आमतौर पर भारत के मिसाइल परीक्षणों और समुद्री सैन्य गतिविधियों के दौरान आसपास देखे जाते हैं।   वैज्ञानिक जहाज़ या जासूस? पिछले साल भी 'Xiang Yang Hong 01' नामक एक अन्य चीनी जासूसी जहाज़ भारत के अग्नि-5 मिसाइल परीक्षण** के समय क्षेत्र में देखा गया था।इसके अलावा, कुछ जहाज़ भारतीय पनडुब्बियों की ध्वनि पहचानने और ITR परीक्षण स्थल (एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप) पर हो रही गतिविधियों की निगरानी करते पाए गए हैं। यह जानकारी बाद में  चीनी उपग्रहों को भेजी जाती है जिससे वह विस्तृत जासूसी कर सकें। अंडरवाटर निगरानी भारत के लिए  खतरे की घंटी इन जहाज़ों में मौजूद मानवरहित जल-नीचे वाहनों (UUVs)  के ज़रिए समुद्र के भीतर मौजूद रक्षा तंत्र,  सी माइंस** और अन्य सैन्य ढांचों  की भी निगरानी की जाती है। साल 2021 में एक और चीनी जहाज़ 'Da Yang Hao' को  पलाऊ के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में बिना अनुमति घुसने पर रोका गया था। उस समय रिपोर्ट में कहा गया था कि वह क्षेत्र भविष्य के पनडुब्बी युद्ध संचालन  के लिहाज़ से रणनीतिक रूप से अहम है। भारत के पड़ोस में चीन के इस तरह के जहाज़ों की मौजूदगी सिर्फ वैज्ञानिक उद्देश्य नहीं, बल्कि  सैन्य जासूसी  और  रणनीतिक निगरानी का हिस्सा मानी जा रही है। यह भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

फायर इंजीनियरिंग में है शानदार करियर

हाल के दिनों में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। चलती कारों में आग लग जाती है, तो बड़े-बड़े मॉल्स, काफी हद तक सुरक्षित मानी जानी वाली ऊंची-ऊंची इमारत भी पूरी तरप सुरक्षित नहीं है। यदि आग अनियंत्रित हो जाए, तो जान-माल का भी काफी नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में फायर इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों की जरूरत होती है, जो आग पर काबू करना अच्छी तरह जानते हैं। क्या है फायर इंजीनियरिंग:- फायर इंजीनियरिंग में पब्लिक के बीच रहकर ही काम करना होता है। सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एनवॉयर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विषयों से तो इसका सीधा जुडाव होता ही है, आग लगने पर पब्लिक का कैसा व्यवहार हो, पब्लिक के साथ इन लाइफ गार्ड्स का क्या व्यवहार हो, इन सब पर भी जोर दिया जाता है। इसके अलावा ढेर सारी तकनीकी बातें होती हैं, जो इसे बाकी क्षेत्रों से अलग करती हैं, मसलन-आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी, स्प्रिंक्लर सिस्टम, अलार्म, पानी की बौछार का सबसे सटीक इस्तेमाल और कम से कम समय और संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान और माल के बचाव के साइंटिफिक फॉर्मूले। सबसे बडी बात है क्राइसिस मैनेजमेंट। इस करियर में आप इसे भी सीखते हैं। बडे-बडे मॉल्स या मेले तो आग के मामले इतने खतरनाक होते हैं कि एक साथ सैकडों की जान जाती है। जैसा कि कुछ समय पहले मेरठ के मेले में हुआ था। इस वजह से आज फायर इंजीनियरों की मांग काफी बढ गई है। फायर इंजीनियरों की मांग को पूरा करने के लिए आज कई सरकारी व निजी संस्थान खुल गए हैं। साथ ही, देश के कई विश्वविद्यालयों ने इस कोर्स को अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है। चुनौतियों तमाम:- कार्य के दौरान फायर इंजीनियर का सामना कई तरह की चुनौतियों से भरा होता है। इसके लिए साहस के साथ-साथ समाज के प्रति प्रतिबद्धता होनी भी जरूरी है। फायर इंजीनियर का कार्य इंजीनियरिंग डिजाइन, ऑपरेशन व प्रबंधन से संबंधित होता है। फायर इंजीनियर की प्रमुख जिम्मेदारी दुर्घटना के समय आग के प्रभाव को सीमित करना होता है। इसके लिए वे अग्निसुरक्षा के विभिन्न तरीकों को इस्तेमाल करते हैं। इसके अतिरिक्त अग्निशमन के आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल व उसके रख-रखाव की तकनीक में सुधार करना भी इनकी जिम्मेदारी होती है। कोर्स और पाठ्यक्रम:- कुशल फायर इंजीनियर बनने के लिए बेचलर इन फायर इंजीनियरिंग की डिग्री या उप-फायर-अधिकारी या सर्टिफिकेट कोर्स इन फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फायर प्रोटेक्शन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी, डिप्लोमा इन फायर इंजीनियरिंग कोर्स के अलावा फायर इंजीनियरिंग में अन्य छोटे-छोटे कोर्स भी उपलब्ध हैं। योग्यता:- विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए योग्यताएं भी अलग-अलग होती हैं। फायर इंजीनियरिंग में अधिकांश कोर्स ग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध हैं, जिसके लिए साइंस विषयों में बारहवीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा इन कोर्सो में प्रवेश के लिए कई संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार आदि भी आयोजित करते हैं। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग के अलावा आप इस क्षेत्र में स्नातकोत्तर स्तर पर मास्टर और डॉक्टरेट की पढ़ाई भी कर सकते हैं। शारीरिक योग्यता:- इन पाठ्यक्रमों में फिजिकल फिटनेस के अंक भी जोड़े जाते हैं। पुरूष के लिए 50 किलो के वजन के साथ 165 सेमी लंबाई और आईसाइट 6/6, सीना सामान्य रूप से 81 सेमी और फुलाने के बाद 5 सेमी फैलाव होना जरूरी है। महिला का वजन 46 किलो और लंबाई 157 सेमी और आईसाइट 6/6 होनी चाहिए। प्रशिक्षण:- इस पाठ्यक्रम के तहत आग बुझाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जाती है। इसमें बिल्डिंग निर्माण के बारे में भी जानकारी दी जाती है। ताकि, आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने में ज्यादा परेशानी न हो। उन्हें आग लगने के कारणों और उसे बुझाने के उपायों के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है। संभावनाएं:- इस संबंध में दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग के चेयरमैन वीरेन्द्र गर्ग कहते हैं कि इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पहले जहां अवसर केवल सरकारी फायर बिग्रेड में ही होते थे, वहीं बदलते दौर के साथ फायर इंजीनियरिंग कोर्स करने वालों के लिए ढेरों नए विकल्प भी सामने आ गए हैं। इनमें प्रमुख इस प्रकार हैं… कंसल्टेंसी:- जब से हर बडी इमारत के साथ आग से जुडे खतरों के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है, इस फील्ड में कंसल्टेंट्स की मांग बढ गई है। कंसल्टेंसी की कंपनियां धीरे-धीरे बिल्डर्स का भरोसा जीत रही हैं और उनकी संख्या बढ रही है। रिसर्च:- फायर प्रोक्टेशन के फील्ड में रिसर्च पहले भारत में नहीं होता था, लेकिन अब यहां भी होने लगा है। हालांकि, ऐसा अभी बहुत कम कंपनियों ने किया है, लेकिन बडे कैंपस वाली कंपनियां अब फायर प्रोटेक्शन इंजीनियरिंग की स्थाई भर्ती करने लगी हैं। इंश्योरेंस:- जैसे-जैसे आग लगने के मामले बढ रहे हैं, वैसे-वैसे आग से जुडी बीमा पॉलिसियों की भी मांग बढ गई है। इसके साथ ही ऐसे लोगों की जरूरत भी बढ गई है, जो आग से होने वाले नुकसान का ठीक-ठीक अनुमान लगा सकें। मैन्युफैक्चरिंग अब हर बडे निर्माण में आग बुझाने के उपकरणों को रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे उपकरणों का उत्पादन भी बढ गया है। उनके उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक के फील्ड में फायर इंजीनियर्स की मांग बढ गई है। अब सारे सिटी प्लानर भी फायर इंजीनियर्स को साथ रखकर ही टाउन प्लानिंग करते हैं। सैलरी पैकेज:- सरकारी अथवा गैर सरकारी संगठनों में फायरकर्मियों के वेतन का आधार अलग-अलग होता है। दोनों में पर्याप्त भिन्नाता देखने को मिलती है। सरकारी संस्थानों में जहां एक फायरमैन की तनख्वाह दस हजार रुपये प्रतिमाह होती है। वहीं, फायर इंजीनियर को बीस हजार रुपये और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को इससे अधिक वेतन मिलता है। इसकी तुलना में प्राइवेट संस्थाएं अपने यहां कार्यरत फायरमैन को 12000 से 14000, फायर इंजीनियर को 20000 तथा अग्निशमन अधिकारी को 25000 से 30000 रुपये प्रतिमाह तक का सैलरी पैकेज देती हैं। प्राइवेट संस्थान अपने यहां कुछ वर्ष का अनुभव रखने वाले लोगों को ही वरीयता देते हैं। वैसे निजी संस्थाओं में वेतन का आधार स्वयं की काबिलियत और अनुभव रखता है। अलग-अलग कंपनियां अपनी क्षमता के अनुसार वेतन तय करती हैं। इंस्टीट्यूट वॉच… -दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, नई दिल्ली -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर -राष्ट्रीय … Read more

आज सरकार की पहली मासिक डेटा सीरीज ने अप्रैल में बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रहने का लगाया अनुमान

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि अप्रैल के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 55.6 प्रतिशत थी। इसी आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए एलएफपीआर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 58 प्रतिशत थी और शहरी क्षेत्रों में 50.7 प्रतिशत थी। एलएफपीआर एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो रोजगार की स्थिति को दर्शाता है। यह दर बताती है कि श्रम बल में कितने लोग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आंकड़ों पर आधारित नई सीरीज के अनुसार, डेटा में पहली बार ग्रामीण रोजगार के आंकड़े भी शामिल हैं, जो कवरेज को व्यापक बनाते हैं। अप्रैल में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच सीडब्ल्यूएस में बेरोजगारी दर (यूआर) 5.1 प्रतिशत थी, घरेलू स्तर पर पुरुष यूआर 5.2 प्रतिशत थी, जबकि महिला यूआर 5.0 प्रतिशत थी। तिमाही आधार पर संकलित पुरानी सीरीज के अक्टूबर-दिसंबर- 2024 के दौरान शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर (यूआर) 6.4 प्रतिशत थी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों के लिए सीडब्ल्यूएस में एलएफपीआर क्रमशः 79 प्रतिशत और 75.3 प्रतिशत थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के बीच एलएफपीआर अप्रैल के दौरान 38.2 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच सीडब्ल्यूएस में श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 55.4 प्रतिशत था। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के दौरान समान आयु वर्ग के व्यक्तियों के बीच शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर 47.4 प्रतिशत था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर समग्र डब्ल्यूपीआर 52.8 प्रतिशत रहा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए डब्ल्यूपीआर महीने के दौरान क्रमशः 36.8 प्रतिशत और 23.5 प्रतिशत थी और देश के स्तर पर समान आयु वर्ग की समग्र महिला डब्ल्यूपीआर 32.5 प्रतिशत देखी गई। बढ़ी हुई कवरेज के साथ उच्च आवृत्ति श्रम बल संकेतकों के निर्माण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) की नमूना पद्धति को जनवरी 2025 से नया रूप दिया गया है। पुनर्निर्मित पीएलएफएस डिजाइन की परिकल्पना अखिल भारतीय स्तर पर सीडब्ल्यूएस में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए मासिक आधार पर प्रमुख रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों (श्रम बल भागीदारी दर, श्रमिक जनसंख्या अनुपात और बेरोजगारी दर) का अनुमान लगाने के लिए की गई है। मासिक परिणाम पीएलएफएस के मासिक बुलेटिन के रूप में जारी करने की योजना है। वर्तमान मासिक बुलेटिन अप्रैल 2025 महीने के लिए सीरीज में पहला है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए पीएलएफएस में जनवरी 2025 से एक रोटेशनल पैनल सैंपलिंग डिजाइन अपनाया गया है। इस रोटेशनल पैनल योजना में, प्रत्येक चयनित घर का लगातार चार महीनों में चार बार दौरा किया जाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 39

DRDO की कानपुर स्थित लैब ने समंदर से मीठा पानी निकालने वाली देसी तकनीक तैयार, 8 महीने में कर दिया कमाल

नई दिल्ली ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए DRDO ने ऐसा कमाल कर दिखाया है जो देश के तटीय इलाकों और रक्षा क्षेत्र दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। DRDO की कानपुर स्थित लैब ने महज 8 महीने में एक नैनोपोरस मल्टीलेयर्ड पॉलीमर मेम्ब्रेन तकनीक विकसित की है, जो खारे समुद्री पानी को पीने योग्य मीठे पानी में बदल सकती है। यह तकनीक खास तौर पर भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों के लिए तैयार की गई है। तटरक्षक जहाजों पर सफल ट्रायल इस स्वदेशी तकनीक को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के ऑफशोर पेट्रोलिंग वेसल (OPV) पर ट्रायल के लिए लगाया गया है। शुरुआती सुरक्षा और परफॉर्मेंस टेस्ट में यह पूरी तरह सफल रही है। अब 500 घंटे की ऑपरेशनल टेस्टिंग के बाद इसे अंतिम मंजूरी दी जाएगी। जल संकट दूर करने में भी कारगार दरअसल, समुद्री पानी में मौजूद क्लोराइड आयन सामान्य झिल्लियों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन DRDO की यह नई तकनीक इस असर से पूरी तरह सुरक्षित है। यह तकनीक ना सिर्फ भारतीय तटरक्षक बल के लिए उपयोगी है, बल्कि यह भविष्य में भारत के उन इलाकों के लिए जल जीवन मिशन जैसा वरदान साबित हो सकती है, जहां पानी की भारी किल्लत है। आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम DRDO पहले ही तेजस लड़ाकू विमान, अग्नि-पृथ्वी मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम और आकाश एयर डिफेंस जैसे स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के निर्माण में अग्रणी रहा है। अब यह नई मेम्ब्रेन तकनीक जल सुरक्षा में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नया आयाम जोड़ेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

अपरा एकादशी के दिन घर पर कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा? जानें पूजा विधि और महत्व

अपरा एकादशी का महत्व हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और विशेष रूप से पापों के नाश, आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से ब्रह्म हत्या, गोत्र हत्या, गर्भस्थ शिशु की हत्या, परनिंदा और परस्त्रीगमन जैसे बड़े पापों से भी मुक्ति मिल जाती है. इस व्रत के पुण्य से अपार धन, समृद्धि और प्रसिद्धि मिलती है. इसे सहस्र गोदान के फल के समान माना गया है.यह व्रत जीवात्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति में सहायक माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और उनकी पूजा-अर्चना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. कब है अपरा एकादशी? वैदिक पंचांग के अनुसार, जेष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की शुरुआत 23 मई को देर रात 1 बजकर 12 मिनट 12 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 23 मई को रात्रि 10 बजकर 29 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा. अपरा एकादशी के दिन घर पर कैसे करें पूजा? व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. यदि संभव हो तो स्नान के पानी में गंगाजल मिलाएं. फिर स्नान के बाद साफ और धुले हुए कपड़े पहनें. भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. भगवान को चंदन, पीले फूल, तुलसी दल, धूप, और दीप अर्पित करें. भगवान विष्णु को फल, मिठाई और तुलसी पत्र डालकर भोग लगाएं. ध्यान रखें कि भोग में केवल सात्विक चीजें ही शामिल हों.भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, जैसे – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”. आप विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं. अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें या सुनें. आखिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें. पूजा समाप्त होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में सभी में वितरित करें.अपनी क्षमतानुसार गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. अपरा एकादशी व्रत के नियम दशमी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए. भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए. दिन में सोना नहीं चाहिए और बुरे विचारों से दूर रहना चाहिए. द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और फिर खुद भी भोजन करके व्रत खोलना चाहिए. अपरा एकादशी व्रत का महत्व अपरा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य बड़े-बड़े पापों से मुक्त हो जाता है. कहा जाता है कि इस व्रत के पुण्य से मनुष्य को अपार धन, समृद्धि और प्रसिद्धि मिलती है. यह भी मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल जाती है. इस दिन भगवान वामन की पूजा भी विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46