Sunday, July 5, 2026 10:59 am

काला हिरण मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने तय की तारीख, सलमान और अन्य सितारों की संयुक्त सुनवाई 28 जुलाई को

जोधपुर काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान से जुड़ी कानूनी कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को इस मामले से संबंधित एक अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई सरकार द्वारा दायर की गई लीव टू अपील पर हुई, जो अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के खिलाफ दायर की गई थी। राज्य सरकार ने इन सितारों को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान वकीलों ने कोर्ट के समक्ष यह मांग रखी कि सलमान खान को सजा सुनाए जाने के फैसले के खिलाफ दायर अपील भी अब हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो चुकी है, इसलिए दोनों अपीलों को एक साथ जोड़ा जाए और एक ही समय पर सुनवाई की जाए। कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार कर लिया है। अब सलमान खान, सैफ अली खान और अन्य सितारों से जुड़े सभी अपील मामलों की संयुक्त सुनवाई 28 जुलाई को होगी। गौरतलब है कि हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के दौरान इन सितारों ने दो काले हिरणों का शिकार किया था। जिसके लिए 1998 में जोधपुर पुलिस ने सलमान खान और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हिरण शिकार का ये मामला विश्नोई समुदाय की तरफ से दर्ज कराया गया था। सलमान खान के खिलाफ तीन अलग-अलग स्थान पर हिरण शिकार व अवधि पार लाइसेंस के हथियार रखने के मामले दर्ज किए गए। इस मामले में सलमान खान को 12 अक्टूबर 1998 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पांच दिन बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद हुई सुनवाइयों में सलमान को कई बार जोधपुर भी आना पड़ा था। recent visitors 27

लंदन की जेल में ही रहेगा नीरव मोदी, हाईकोर्ट ने 10वीं बार खारिज की जमानत याचिका

लंदन पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव दीपक मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाईकोर्ट ने उसकी हालिया जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबआई (CBI) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। नीरव मोदी अपनी प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी लड़ाई हारने के बाद लगभग छह सालों से लंदन की जेल में बंद हैं। भारत में वह मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड के केस का सामना कर रहा है। CBI ने बताया कि यह उनकी 10वीं जमानत याचिका थी, जिसे लंदन की हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने खारिज कर दिया। CBI के मुताबिक, “नीरव दीपक मोदी की ओर दाखिल की गई नई जमानत याचिका को ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के वकील ने कड़े तर्कों के साथ चुनौती दी, जिसमें CBI की टीम ने भी सहयोग दिया। इस टीम में जांच अधिकारी और कानूनी अधिकारी शामिल थे, जो खासतौर से इसके लिए लंदन गए थे। यह उसकी 10वीं जमानत याचिका थी।” भारत को मंजूरी मिल चुकी है प्रत्यर्पण की लंदन की हाईकोर्ट पहले ही नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे चुकी है, जिससे वो भारतीय कानून का सामना कर सकें। नीरव मोदी के खिलाफ CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जांच की जा रही है। PNB घोटाले में 'वांटेड' घोषित नीरव मोदी को 6,498.20 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में 'वांटेड' घोषित किया गया है। उसने जनवरी 2018 में यह घोटाला सामने आने से ठीक पहले देश छोड़ दिया था। मार्च 2019 से वह ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। आरोप क्या हैं? CBI के अनुसार, नीरव मोदी और उसेके मामा मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (FLCs) के जरिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। मुंबई के PNB की ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों ने उनकी कंपनियों को बिना किसी अधिकृत सीमा या कैश मार्जिन के ये LoUs और FLCs जारी किए, साथ ही बैंक के केंद्रीय सिस्टम में कोई एंट्री दर्ज नहीं की, ताकि किसी जांच से बचा जा सके। इन फर्जी LoUs के आधार पर SBI (मॉरीशस), इलाहाबाद बैंक (हांगकांग), एक्सिस बैंक (हांगकांग), बैंक ऑफ इंडिया (एंटवर्प), केनरा बैंक (मामाना) और SBI (फ्रैंकफर्ट) जैसी विदेशी शाखाओं ने नीरव मोदी की कंपनियों को कर्ज दिया। जब नीरव मोदी की कंपनियों ने वह कर्ज नहीं चुकाया, तो PNB को ब्याज सहित वह रकम विदेशी बैंकों को चुकानी पड़ी। भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित नीरव मोदी को 2020 में मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था और अदालत ने उसकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। सितंबर 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 29.75 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों और बैंक बैलेंस को “अपराध की आय” के रूप में जब्त किया था। CBI ने बताया कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को जल्द से जल्द लागू करवाने की दिशा में काम जारी है। मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार इस घोटाले के एक अन्य मुख्य आरोपी और नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी को हाल ही में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था, जहां वे इलाज के लिए गए थे। recent visitors 29

भारत के निर्यात में इन 4 सेक्टर्स का 50% से ज्यादा योगदान, रंग ला रही मोदी सरकार की कोशिशें

नई दिल्ली साल 2024-25 में भारत के निर्यात में कृषि, दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई। इन चारों क्षेत्रों ने मिलकर कुल निर्यात का 50% से ज्यादा योगदान दिया। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि माेदी सरकार की देश का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। यहां हर सेक्टर का हाल जानिए इंजीनियरिंग सेक्टर: पीटीआई के मुताबिक इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात सालाना आधार पर 6.74 प्रतिशत बढ़कर 116.67 अरब डॉलर हो गया। यह सबसे आगे रहा, जो कुल निर्यात (437.42 अरब डॉलर) का 26.67% हिस्सा है। इंजीनियरिंग सामानों के लिए मुख्य निर्यात गंतव्य अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब, ब्रिटेन और जर्मनी रहे। पिछले 3 सालों से यह 100 अरब डॉलर के पार बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स : सबसे अधिक 32.46 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई जो 2023-24 में 29.12 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 38.58 अरब डॉलर हो गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 23.6 अरब डॉलर और 2021-22 में 15.7 अरब डॉलर था। इसमें कंप्यूटर हार्डवेयर तथा पेरिफेरल्स (जिसकी इस क्षेत्र में 3.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है) में 101 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.7 अरब डॉलर से दोगुना होकर 1.4 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए मुख्य गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, नीदरलैंड, ब्रिटेन और इटली थे। दवाएं और फार्मा: इस सेक्टर का निर्यात 9.4% बढ़कर 30.47 अरब डॉलर हुआ। अमेरिकी डॉलर से अधिक बना हुआ है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की दवाएं एवं औषधि अब 200 से अधिक देशों तक पहुंच रही हैं। कृषि और समुद्री उत्पाद: 2023-24 में 4.25 अरब डॉलर से 2024-25 में मसालों का निर्यात मामूली रूप से बढ़कर 4.45 अरब डॉलर हो गया। प्रमुख निर्यात गंतव्यों में चीन, अमेरिका, यूएई, बांग्लादेश और थाईलैंड शामिल हैं, जहां मिर्च, जीरा, हल्दी और अदरक जैसे उत्पाद का निर्यात सबसे अधिक किया गया। इसमें 7.36% बढ़ोतरी के साथ 51.86 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। मसालों में थोड़ी बढ़त (4.45 अरब), कॉफी निर्यात छलांग (1.81 अरब), चावल ने रिकॉर्ड तोड़ा (12.5 अरब डॉलर)। भारत ने दो श्रेणियों के तहत अंगूर, अनार, आम, केले, संतरे, प्याज, आलू, टमाटर, मिश्रित सब्जियां और हरी मिर्च का निर्यात किया। बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, नेपाल और मलेशिया सबसे बड़े आयातक में शामिल थे। कुछ दिलचस्प आंकड़े भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक है, जिसके प्रमुख निर्यात गंतव्यों में यूएई, बेल्जियम, इंडोनेशिया, मिस्र, अमेरिका और तुर्किऐ शामिल हैं।2024-25 में 1.98 अरब डॉलर का निर्यात।  समुद्री उत्पाद अब 130 देशों में जाते हैं (2014-15 में 105)। चावल निर्यात में भारत का दबदबा: वैश्विक बाजार का 40% हिस्सा। भारत का चावल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 12.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 10.4 अरब डॉलर था। इससे देश लगभग 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। इसके प्रमुख गंतव्यों में सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, अमेरिका और यमन शामिल थे। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि अलग-अलग सेक्टर में भारत की ताकत बढ़ रही है। निर्यात बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है। recent visitors 46

रिपोर्ट: रोहित शर्मा के संन्यास के बाद ‘प्रिंस ऑफ इंडियन क्रिकेट’ शुभमन गिल का टेस्ट कप्तान बनना लगभग तय

नई दिल्ली रोहित शर्मा के संन्यास के बाद 'प्रिंस ऑफ इंडियन क्रिकेट' शुभमन गिल का टेस्ट कप्तान बनना तय दिख रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले कुछ प्रभावशाली नाम गिल के पक्ष में नहीं थे लेकिन युवा बल्लेबाज से गौतम गंभीर की एक लंबी मुलाकात ने तस्वीर साफ कर दी। अभी औपचारिक तौर पर गिल को कप्तानी दिए जाने का ऐलान नहीं हुआ है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद गौतम गंभीर बहुत ही ताकतवर हो चुके हैं। टीम के चयन में भी अब कप्तान से ज्यादा कोच की चलेगी, ऐसी अटकलें लगने लगी हैं। शुभमन गिल के रूप में उनके पास युवा कप्तान है जो उनकी सुनेगा। गिल स्टार हैं लेकिन उनका वह दर्जा नहीं है कि गंभीर के फैसलों और रणनीतियों पर सवाल उठा सके। एक ही खिलाड़ी उस कद का है और वह है जसप्रीत बुमराह लेकिन फिटनेस के खराब रिकॉर्ड खासकर चोट के कारण वह कप्तानी की रेस में पिछड़ गए। ऐसे में गंभीर के पास पूरी ताकत होगी लेकिन वनडे में उन्हें संभलकर काम करना होगा जिसमें रोहित और विराट की नजरें 2027 विश्व कप खेलने पर लगी होंगी। गंभीर और गिल की लंबी मीटिंग और छंट गई धुंध न्यूज एजेंसी पीटीआई ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में इशारा किया था कि गिल का अचानक उभार 'भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले प्रभावशाली लोगों' को नागवार लग रही थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसी अटकलें चल रही थीं कि जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी देने की गुंजाइश अभी भी बची हुई है और चर्चाओं में उनके नाम पर विचार हो सकता है। लेकिन दिल्ली में हुई एक हालिया हाई-प्रोफाइल मीटिंग ने तस्वीर साफ कर दी। यह मीटिंग थी गौतम गंभीर और शुभमन गिल की। इसे मुख्य कोच की भावी टेस्ट कप्तान के साथ मीटिंग के तौर पर देखा जा रहा है। ये मुलाकात एक तरह से टेस्ट कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के नाम की पुष्टि है। पीटीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी अफवाहें थीं कि शुभमन गिल को कप्तानी सौंपे जाने पर अब भी पेच है। गुरुवार को गौतम गंभीर सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए मुंबई में थे लेकिन कुछ दिन पहले दिल्ली में उन्होंने गिल से लंबी मुलाकात की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मुलाकात के बाद अब कप्तानी को लेकर चयन समिति या गंभीर के मूल रुख से पीछे हटने की बहुत ही कम गुंजाइश है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी अफवाहें थीं कि भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले प्रभावशाली लोग शुभमन गिल को अचानक कप्तानी दिए जाने से खुश नहीं थे, लेकिन क्या इन लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया होगा? जो लोग इतने ताकतवर हैं उन्हें गिल की कप्तानी को लेकर भरोसे में नहीं लेने जाने का कोई सवाल ही नहीं है। टीम इंडिया को अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है जो 20 जून से शुरू होगी। उसके लिए इसी महीने टीम इंडिया का चयन होगा और उसमें रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी का औपचारिक तौर पर ऐलान हो जाएगा। 3 जून को आईपीएल फाइनल खेला जाना है और उसके बाद खिलाड़ी लंदन के लिए रवाना होंगे। recent visitors 101

132 साल पुरानी प्रॉपर्टी पर कब्जा मामले में रक्षा मंत्रालय को फटकार, हाईकोर्ट ने कही ये बात

इंदौर  महू की 1.8 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय के द्वारा कब्जा लगाने को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने संबंधित विभाग को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा- मंत्रालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश का गलत इस्तेमाल किया. मंत्रालय ने याचिकाकर्ता को अपील का मौका दिए बिना जमीन पर कब्जा कर लिया जो गलत है. हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने आदेश दिया कि जमीन की यथास्थिति बनाई जाए और कब्जा तुरंत याचिकाकर्ताओं को लौटाया जाए. सुनवाई पूरी होने के बाद इंदौर हाई कोर्ट आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में आगामी आदेश जारी कर सकता है. याचिकाकर्ता के पूर्वजों ने 1892 में खरीदी थी यह जमीन इंदौर हाई कोर्ट में 133 साल पुरानी संपत्ति को लेकर रक्षा मंत्रालय को फटकार लगाई है. बता दें मामला महू में मौजूद तकरीबन 1.8 एकड़ जमीन पर कब्जा करने से संबंधित है. बता दें याचिकाकर्ता अन्ना चंदीरमानी और अरुणा के पूर्वजों ने 1892 में इस जमीन को खरीदा था. लेकिन 1995 में रक्षा मंत्रालय ने बेदखली का नोटिस भेजा. इसको लेकर दोनों बहनों ने जवाब देकर 1997 में सिविल कोर्ट में केस दायर किया. 2022 में कोर्ट ने उनका आवेदन खारिज कर दिया. इसके बाद 2024 में अपील कोर्ट ने बेदखली पर रोक की उनकी याचिका खारिज कर दी. जिसके बाद दोनों बहनों ने इंदौर हाई कोर्ट का रुख किया. इंदौर हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय की कार्रवाई को अवैधानिक और कानून विरोधी बताया. जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की. अपने आदेश में जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा कि 24 घंटे में कोई आसमान नहीं टूट पड़ता. recent visitors 42

राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना ही शिक्षा : राज्यपाल पटेल युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की जीवनचर्या को अपनाएं: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा केवल ज्ञान की डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की अंधी भाग-दौड़ में युवा जीवन के आनंद से वंचित हो रहे हैं। दिनचर्या यांत्रिक होती जा रही है। जरूरी है कि युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की दिनचर्या को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करें। परिवार, समाज के प्रति संवेदनशील रहे। माता-पिता, गुरुजन, समुदाय और समाज के लिए कृतज्ञता का भाव रखें। वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहें। राज्यपाल पटेल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भौतिक सुखों को प्राप्त करने से सुख नहीं मिलता है। आत्मिक सुख, जरूरतमंदों की मदद और सेवा कार्यों से मिलता है। उन्होंने सेवा कार्यों में प्रदर्शन की अपेक्षा परिणामों पर बल दिए जाने वाले सामाजिक वातावरण के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन उपलब्धियों से जुड़े गर्व को महसूस करने का दिन है, जो संस्थान और विद्यार्थी दोनों के लिए उत्सव का प्रसंग होता है। हम सबके जीवन में कुछ ऐसे क्षण होते हैं जिन्हें हम जीवन भर संजो कर रखते हैं। ऐसा ही दीक्षांत का दिन होता है, जो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में हमेशा अंकित रहेगा। परिसर में अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं ने यादगार पल और जीवन भर के लिए मित्रता की है। अनमोल सबक और प्रचुर ज्ञान प्राप्त किया है। यह सब आने वाले समय में विभिन्न परिस्थितियों में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत का दिन जीवन का वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां विद्यार्थियों को कैरियर और जीवन के अगले चरण के बारे में निर्णय लेना है। प्राप्त उपाधि आपको असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कराएगी। उनके सामने देश-विदेश में उच्चतर अध्ययन, रोजगार और उद्यम स्थापना के विकल्प उपलब्ध होंगे, लेकिन भावी जीवन में रोजगार तलाशने वाले की बजाय रोजगार देने वाले की तरह सोच कर आगे बढ़ने का प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का सम्मान उनके अथक परिश्रम से मिला है। इस सफलता की साधना में उनके माता-पिता सदैव उनके साथ खड़े रहे, इसलिए यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, यह उनके माता-पिता की भी उपलब्धि है। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत दुनिया का बुद्धिवान समाज था। तक्षशिला, नालंदा सारी दुनिया की शिक्षा के केन्द्र थे। भारत को विश्व गुरू कहा जाता था। हमारी मान्यताएं और परंपराएं प्रकृति के साथ सह-जीवन के ज्ञान-विज्ञान पर आधारित थी। मातृ भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों की शिक्षा समाज के द्वारा प्रदान की जाती थी। शोध में पता चला है कि भारत में लगभग 7 लाख गुरुकुल विभिन्न क्षेत्रों में संचालित थे। अंग्रेजों ने भारत को नियंत्रण में लेने के लिए उसकी शक्तियों के संबंध में अध्ययन कराया था। उन्हें बताया गया कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति और शिक्षा में है। औपनिवेशिक प्रशासन ने षड़यंत्रपूर्वक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की मान्यताओं और परंपराओं की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। भारतीयों को मातृ भाषा में शिक्षा से वंचित कर विदेशी भाषा में शिक्षा की व्यवस्था कर दी। इस तरह भारतीय समाज को अशिक्षित घोषित करने का कार्य किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री प्राप्त करने की उपलब्धि में उनके परिवार, समुदाय, समाज, राज्य और राष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजीव त्रिपाठी ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कुलसचिव प्रो. मोहन सेन ने आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा सचिव रघुराज राजेन्द्रन, विश्वविद्यालय की कार्य एवं विद्त परिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।   recent visitors 41

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का विवादास्पद बयान:देश, देश की वो सेना, PM के चरणों में नतमस्तक

जबलपुर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर में दिए गए अपने हालिया बयान को लेकर पैदा विवाद पर सफाई दी है. देवड़ा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय सेना का अपमान करने वाला कोई विवादित बयान नहीं दिया, बल्कि सेना के सम्मान में ही बात की थी. देवड़ा ने कहा, "मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि देश की सेवा कर रहे वीर जवानों के चरणों में पूरा देश नतमस्तक है. लेकिन मेरे इस बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे गैरजरूरी विवाद खड़ा हो गया." डिप्टी सीएम आगे आरोप लगाया, "मेरे बयान को गलत तरीके से चलाने के पीछे किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जनता सब जानती है. मैं हमेशा सेना और हमारे सुरक्षाबलों के सम्मान में बोलता आया हूं और आगे भी यही करूंगा." मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है। इसी बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के एक बयान पर विवाद हो गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई कार्रवाई को लेकर डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश उनके चरणों में नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। दरअसल, इस वाक्य से पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे थे। इस वजह से कांग्रेस ने उन पर सेना का अपमान करने का आरोप लगाया है। दावा है कि उपमुख्यमंत्री देवड़ा पीएम मोदी के चरणों में नतमस्तक होने की बात कर रहे थे।        मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की बाइट के मुख्य बिन्दु :- * जबलपुर में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम में मैंने जो बात कही थी, उसे गलत तरीके एवं तोड़-मरोड़कर प्रस्‍तुत किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। * मैंने अपने भाषण में कहा था कि- आतंकवादियों के खिलाफ सेना के जांबाज जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जो पराक्रम दिखाया है, उसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। पूरा देश एवं देश की जनता उनके चरणों में नतमस्‍तक है व उन्‍हें प्रणाम करती है और मैं भी उन्‍हें प्रणाम करता हूं। * वक्‍तव्‍य में मेरा अभिप्राय यह था कि देश की रक्षा करने वाले सेना के जांबाज जवानों के चरणों में देश की जनता प्रणाम करती है, मेरे इस बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। * मैंने कोई ऐसा बयान हीं नहीं दिया है जिसके उसके लिए माफी मांगी जाए और न ही मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। * जिस तरीके से बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है वह मन को बहुत आहत करने वाली है, ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा बयान, पढ़िए मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम बीते गुरुवार को जबलपुर के दौरे पर थे। जहां, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवड़ा ने कहा कि मन में बहुत क्रोध था, जो नजारा हमने देखा, जो पर्यटक घूमने गए थे, वहां चुन-चुनकर, धर्म पूंछ-पूंछकर, महिलाओं को एक तरह खड़ा करके, बच्चों के सामने पुरुषों को गोली मार दी गई। उस दिन से देश के लोगों में बहुत तनाव था, जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा। जिन आतंकवादियों ने माताओं का सिंदूर मिटाया, और आतंकवादियों को जो पाल रहे हैं, उनको जब तक नेस्तनाबूद नहीं करते, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हम धन्यवाद देना चाहेंगे। देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है।   पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात कर रहे थे देवड़ा डिप्टी सीएम जबलपुर के घंटाघर स्थित सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां मंच से वे पहलगाम हमले को लेकर सेना के चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा, मन में बहुत क्रोध था। जो दृश्य उन्होंने देखा कि जो पर्यटक के रूप में गए थे, घूमने गए थे और वहां चुन-चुनकर के धर्म पूछ-पूछकर के और महिलाओं को एक तरफ खड़ा करके उनके सामने गोली मारी। बच्चों के सामने गोली मारी। उस दिन से दिमाग में बहुत तनाव था, पूरे देश के लोगों के दिमाग में। जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा और जिन माताओं के सिंदूर को मिटाने का काम जिन आतंकवादियों ने किया और आतंकवादियों को जिन्होंने पाला, जो पाल रहे हैं उनको नेस्तनाबूद नहीं कर देंगे, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। डिप्टी सीएम देवड़ा के बयान के बाद कांग्रेस हमलावर यह सेना के शौर्य का अपमान : सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- इस देश की सेना और सैनिक प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं”। मध्यप्रदेश BJP के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा यह सेना के शौर्य पराक्रम का घोर अपमान है। सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे: तनखा राज्यसभा सांसद विवेद तन्खा ने कहा- आप क्या कह रहे हैं देवड़ा जी। मोदी जी और देश की जनता हमारी वीर सेना के प्रति समर्पित और नतमस्तक है। आप लोग देश की और सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे हैं। इनको गर्मी ज्यादा हो गई है: नेता प्रतिपक्ष भारतीय जनता पार्टी निरंकुश हो गई है। अभी एक बयान आया मुझे जानकारी मिली कि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सेना मोदी जी के चरणों में है। तो यह क्या है क्या इनको गर्मी ज्यादा हो गई है क्या मई की गर्मी उनके सर पर लग गई। इनका दिमाग सटकने लगा। सेना के खिलाफ इतनी आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे तो मुख्यमंत्री जी क्या कर रहे हैं? मुख्यमंत्री जी अपनी इन्वेस्टर मीट में लगे हैं। लेकिन यहां महिलाओं का सम्मान हो चाहे अधिकारियों के सम्मान की बात हो चाहे सेना के सम्मान की बात हो। क्या भारतीय जनता पार्टी का यह बयान समझें? उनकी रणनीति समझें कि सोफिया कुरेशी का अपमान किया तो क्या भारतीय जनता पार्टी ने … Read more