एनटीए जारी कर सकेगा NEET UG 2025 का परिणाम, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नीट यूजी के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर गुरुवार को लगाई रोक एक दिन बाद ही शुक्रवार को हटा ली। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर शेष सेंटरों के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों की सूची विस्तृत जवाब के साथ प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। चार मई को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे, मगर जोरदार बारिश और हवा के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई। 15 मई को आदेश जारी कर लगाई थी रोक इस कारण केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कई जगह तो मोमबत्ती का इंतजाम भी नहीं हो सका था। परीक्षा के दौरान हुई इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई को आदेश जारी कर नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को मामले में दोबारा सुनवाई हुई। पक्ष सुने बगैर दिया आदेश केंद्र शासन की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि हमारा पक्ष सुने बगैर आदेश जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कुछ सेंटरों पर हुई अव्यवस्था की वजह से पूरे परीक्षा परिणाम पर रोक लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने विरोध किया। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि एनटीए इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर परिणाम घोषित कर सकता है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। recent visitors 24

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 31

राजस्थान में बेटियों को भजनलाल सरकार देगी 25 से 40 हजार रुपए, यह कागज होने जरूरी

जयपुर: राजस्थान सरकार ने बेटियों के लिए एक खास योजना शुरू की है। भजनलाल शर्मा सरकार चाहती है कि राज्य की बेटियां आत्मनिर्भर बनें और खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसलिए, 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी। यह योजना उन छात्राओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और खेती को सिर्फ खेत तक ही नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं और मैनेजमेंट संस्थानों तक ले जाना चाहती हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नई योजना राजस्थान सरकार बेटियों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि बेटियां अब खेतों से लेकर रिसर्च लैब तक अपनी पहचान बनाएंगी। इस योजना के तहत, सरकार पढ़ाई के हर स्तर पर छात्राओं की मदद करेगी। हालांकि इस योजना का नाम अभी तय नहीं है, लेकिन इसका लक्ष्य बेटियों को कृषि शिक्षा में प्रोत्साहित करना है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। सरकार ने प्रोत्साहन राशि को अलग-अलग स्तरों पर बांटा है-     11वीं और 12वीं में कृषि विषय लेने पर: 15,000 रुपये प्रति वर्ष     कृषि स्नातक (B.Sc. Ag, डेयरी, उद्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी आदि): 25,000 रुपये प्रति वर्ष (4 साल का कोर्स)     कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में बीएससी एग्री-बिजनेस: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (5 साल का कोर्स)     एम.एस.सी. कृषि में: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (2 साल तक)     पीएच.डी. कृषि में: 40,000 रुपये प्रति वर्ष (अधिकतम 3 साल तक)   जानें जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। छात्राएं राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। साथ ही, वे राज्य सरकार या राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों में कृषि से जुड़ी पढ़ाई कर रही हों। आवेदन करते समय, छात्राओं को अपना मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछली कक्षा की मार्कशीट जैसी जानकारी देनी होगी। आवेदन करने का तरीका भी आसान है। छात्राएं एसएसओ आईडी या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। फिर, स्कूल या कॉलेज के प्रिंसिपल एक सर्टिफिकेट जारी करेंगे। आखिरी में जिला परिषद के संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) इसे मंजूरी देंगे। इनको नहीं मिलेगा लाभ प्रिंसिपल की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रा उसी कक्षा में दोबारा दाखिला नहीं ले रही है और परीक्षा में फेल नहीं हुई है। अगर प्रिंसिपल गलत जानकारी देते हैं, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कुछ छात्राओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे कि, जो छात्राएं पिछली कक्षा में फेल हो गई हैं, या जो अपनी श्रेणी सुधारने के लिए फिर से उसी कक्षा में दाखिला ले रही हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर कोई छात्रा बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती है, तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 सरकार ने आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 रखी है। इसलिए, जो छात्राएं कृषि में करियर बनाना चाहती हैं, उनके पास अभी काफी समय है। लेकिन, उन्हें सही दस्तावेज और तैयारी के साथ आवेदन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है। सरकार चाहती है कि बेटियां कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपनी पहचान बनाएं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से राज्य में कृषि क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी। recent visitors 42

RCB-KKR के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 फिर से पटरी पर लौट रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते इस लीग को एक हफ्ते के लिए स्थगित करना पड़ा था. अब शनिवार (17 मई) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइटराइडर्स (RCB) के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी. बेंगलुरु-कोलकाता का यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे से बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. कोहली पर होंगी सबकी निगाहें इस मुकाबले में सबकी निगाहें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर होंगी, जो टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार मैदान पर उतरेंगे. स्टेडियम में भी फैन्स 'कोहली-कोहली' के नारे निश्चित तौर पर लगाएंगे. वैसे भी ज्यादातर प्रशंसक इस मुकाबले में कोहली के सम्मान में सफेद जर्सी पहनकर मैदान पर आ सकते हैं. किंग कोहली भी टेस्ट करियर से शॉकिंग रिटायरमेंट के बाद इस मुकाबले में दमदार पारी खेलना चाहेंगे. इसमें कोई शक नहीं है कि केकेआर पर आरसीबी का पलड़ा भारी होगा. चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ चोटिल हुए कप्तान रजत पाटीदार फिट हो चुके हैं, जो आरसीबी के लिए अच्छी खबर है. आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी भी टीम को जॉइन कर चुके हैं. फिल साल्ट, लुंगी एनगिडी, टिम डेविड, लियाम लिविंगस्टोन और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी सेलेक्शन के लिए उपलब्ध हैं. हालांकि तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की चोट के कारण गैरमौजूदगी आरसीबी के लिए एक बड़ी समस्या हो सकती है. उधर कोलकाता नाइट राइडर्स को मौजूदा सत्र में सबसे ज्यादा निराश उसके बल्लेबाजों ने किया है. कप्तान अजिंक्य रहाणे और युवा अंगकृष रघुवंशी के अलावा किसी भी बल्लेबाज में निरंतरता नहीं दिखी है. केकेआर को वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल और रिंकू सिंह से अब दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी. वैसे केकेआर को इंग्लिश ऑलराउंडर मोईन अली की कमी खलेगी, जो वायरल बुखार के कारण बाहर हो गए हैं. वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा और हर्षित राणा केकेआर की बॉलिंग की अहम कड़ी रहने वाले हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग इलेवन: विराट कोहली, फिल साल्ट, मयंक अग्रवाल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, लुंगी एनिगडी, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल. कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सुनील नरेन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. फैंटेसी इलेवन में ये होंगे बेस्ट: फिल साल्ट, विराट कोहली (उप-कप्तान), रजत पाटीदार, अजिंक्य रहाणे, अंगकृष रघुवंशी, सुनील नरेन (कप्तान), क्रुणाल पंड्या, आंद्रे रसेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. आईपीएल 2025 की अंकतालिका में फिलहाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दूसरे नंबर पर है. आरसीबी के 11 मैचों में 8 जीत से 16 अंक हैं. इस मुकाबले में जीत उसे प्लेऑफ में जगह पक्की कर देगी. दूसरी तरफ कोलकाता नाइट राइडर्स 12 मैचों में 11 अंकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर है. आरसीबी के हाथों मुकाबला हारने पर केकेआर प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हो जाएगी. IPL में आरसीबी-केकेआर के बीच H2H इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच अबतक 35 मुकाबले हुए हैं. इस दौरान 20 मैचों में कोलकाता की टीम को जीत मिली. वहीं 15 मैच आरसीबी ने जीते. इस सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार भिड़ रही हैं. इससे पहले 22 मार्च 2025 को दोनों टीमों के बीच ईडन गार्डन्स में मुकाबला हुआ था. उस मुकाबले में आरसीबी ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्क्वॉड: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख सलाम डार, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह. कोलकाता नाइट राइडर्स का स्क्वॉड: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, लवनिथ सिसोदिया, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, मयंक मार्कंडे, उमरान मलिक, एनरिक नॉर्किया, स्पेंसर जॉनसन.   recent visitors 42

CG में एसीबी और ईओडब्ल्यू की छापेमारी, 100 अधिकारी, नेता-मंत्री के घर में घुसे धड़ाधड़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है. प्रदेश में हुए शराब घोटाले को लेकर एसीबी और ईओडल्ब्यू की टीम ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर फिर छापा मारा. शनिवार सुबह ईओडलब्यू की टीम ने रायपुर, जगदलपुर, सुकमा, तोंगपाल, दंतेवाड़ा, अंबिकापुर सहित करीब 15 ठिकानों पर दबिश दी है. लगभग 100 अफसरों की अलग-अलग टीमों ने छापा मारा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकमा और अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की संयुक्त टीमों ने शनिवार को छापा मारा. यह कार्रवाई शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर की गई. सूत्रों के मुताबिक, दंतेवाड़ा जिले के तोंगपाल और सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए. कांग्रेस नेता राजकुमार तांबों के ठिकानों पर छापा दंतेवाड़ा में कांग्रेसी नेता राजकुमार तांबों के निवास पर ACB और EOW की टीमें सुबह पहुंचीं. तांबों को कवासी लखमा का करीबी और गरीबों का नेता माना जाता है. सूत्रों का कहना है कि टीमें महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं. शराब घोटाले से संबंधित सबूतों की तलाश में उनके घर और कार्यालयों की गहन जांच चल रही है. वहीं, अंबिकापुर में प्रतिष्ठित व्यवसायी अशोक अग्रवाल के घर ACB की टीम ने छापा मारा. अग्रवाल ध्वजाराम रामकुमार व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालक हैं और शासकीय विभागों में सामग्री आपूर्ति का काम करते हैं. सकुमा जिले में 4 ठिकानों पर छापे कोतवाली थाना क्षेत्र के बसंतलाल गली स्थित उनके निवास पर सुबह तीन गाड़ियों में पहुंची ACB की टीम ने जांच शुरू की. सुकमा जिला मुख्यालय में भी ACB ने एक हार्डवेयर दुकानदार के घर छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है. जिला मुख्यालय में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए. ACB और EOW की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है. सभी स्थानों पर जांच जारी है और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. रायपुर के देवेंद्र नगर के शहीद हेमू कलाणी वार्ड स्थित जी नागेश्वर राव और जी श्रीनिवास राव के घर भी छापा पड़ा है। श्रीनिवास कांग्रेस से पार्षद प्रत्याशी थे। नागेश्वर राव कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबी हैं। सुबह 2 गाड़ियों में करीब 8-10 अधिकारियों ने दबिश दी है। EOW-ACB की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। वहीं दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता राजकुमार तामो के घर ACB-EOW ने दबिश दी है।राजकुमार तामो को कवासी लखमा का करीबी माना जाता है। सुकमा जिले में 4 स्थानों पर छापेमारी हुई है। इसमें जिला मुख्यालय के 3 और तोंगपाल के 1 स्थान पर कार्रवाई जारी है। अंबिकापुर में कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म के खिलाफ रेड इनमें हार्डवेयर और पेट्रोल पंप कारोबारी भी शामिल हैं। ये सभी व्यक्ति भी कवासी लखमा के नजदीकी बताए जा रहे हैं। वहीं अंबिकापुर में भी कार्रवाई की गई है। यहां ACB-EOW की टीम ने कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म धजाराम-विनोद कुमार के संचालकों के ठिकानों पर छापा मारा है। इस फर्म का नाम पहले भी चर्चित डीएमएफ (DMF) घोटाले में आ चुका है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पहले भी ईडी (ED) और आयकर विभाग (IT) इन व्यापारियों पर कार्रवाई कर चुके हैं। फर्म के संचालक मुकेश अग्रवाल और विनोद अग्रवाल हैं, जिनके घरों पर शनिवार सुबह छापेमारी शुरू हुई। घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल ACB-EOW की टीमें जांच में जुटी हैं। पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम चल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है। ED का आरोप- लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी।वही शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। वही ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कमिशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। घोटाले की रकम 2100 करोड़ से ज्यादा लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर निदेशालय की ओर से कहा गया कि जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले में ED के मुताबिक ऐसे होती थी अवैध कमाई।     पार्ट-A कमीशन: CSMCL … Read more

34 गांव के किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा, निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के दिए निर्देश, गुणवत्ता का रखें ध्यान- मुख्यमंत्री

रायपुर सुशासन तिहार के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीतागांव के समाधान शिविर के बाद हेलीकॉप्टर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गभरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के समीप 220 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सिद्धबाबा सिंचाई जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। इस सिंचाई जलाशय से 34 गांवों के लगभग साढ़े चार हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 1380 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री साय ने जलाशय स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलाशय न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त आधार होगा। हमारी सरकार हर किसान तक पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस जलाशय के माध्यम से तीन जिलों के 34 गांवों खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गभरा, कोटरीछापर, दोड़िया, विचारपुर, बुन्देली, मुरई, खैरी, सीताडबरी, कोटरा, साल्हेकला, बेमेतरा जिले के पठारझोरी, चिचानमेटा, जानो, रानो, गाड़ाडीह, सोनडबरी गांव और दुर्ग जिले के अगारकला, अगारखुर्द, साल्हेखुर्द, नवागांव में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। इसके अलावा डुबान क्षेत्र के किसान भी 120 हेक्टेयर भूमि पर रबी और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। जलाशय से प्रतिवर्ष 498 क्विंटल मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे 200 ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निस्तारी और पेयजल संकट भी कम होगा। कुल 23 निर्मित लघु जलाशयों को जल आपूर्ति भी इसी परियोजना से सुनिश्चित होगी। इनमें विकासखंड छुईखदान के 13 जलाशय-साजा के 7 जलाशय-धमधा के 3 जलाशय शामिल है। recent visitors 51

योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: सभी पंचायतों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित-मुख्यमंत्री साय योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 42