Tuesday, July 7, 2026 1:50 am

जल नहीं होगा तो जीवन मुश्किल में पड़ जाएगा, प्रकृति हमें वर्षा के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध कराती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मानव और जीवों के अस्तित्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व जल है। जल नहीं होगा तो जीवन मुश्किल में पड़ जाएगा। प्रकृति हमें वर्षा के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध कराती है। वर्तमान समय में जल को संरक्षित करना मानव जीवन के लिए महती आवश्यकता बन गया है। हम सब को वर्षा के जल को संग्रहित कर न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित करना होगा। इसके लिए पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और नई जल संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता देना होगी, जिससे जल की एक-एक बूंद को संरक्षित किया जा सके। प्रदेश में इसी उद्देश्य से 30 अप्रैल से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया है, जो आगामी 30 जून तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अंतर्गत जहां एक ओर पुरानी बावडियों और तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, वहीं बड़े पैमाने पर किसानों के खेतों में "खेत तालाब" भी बनाए जा रहे हैं। वर्षा के जल को संग्रहित करने स्टॉपडेम सहित अन्य जल संरचनाओं का निर्माण भी हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान की विशेषता यह है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जन-भागीदारी भी व्यापक रूप ले चुकी है। श्रमदान कर जन-भागीदारी को कर रहे हैं प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभियान में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने विभिन्न जिलों में जाकर स्वयं भी श्रमदान कर रहे हैं। मंत्रि-परिषद के सदस्य, सांसद, विधायक, नगरीय एवं पंचायत प्रतिनिधि, जन अभियान परिषद सहित अनेक स्वयं सेवी संस्थाएं भी अभियान का अभिन्न हिस्सा बन कर इसे जन आंदोलन बना रही हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान की विशेषता 30 अप्रैल से क्षिप्रा के घाट से प्रारंभ हुआ अभियान 30 जून 2025 तक चलेगा। प्रत्येक गाँव में तैयार किये गये जल दूत। पुरानी बावडियों एवं जल संरचनाओं का किया जा रहा है जीर्णोद्धार। किसानों के लिए बनाये जा रहे है "खेत तालाब"। जल बांध, नहरों एवं जल संरचनाओं का सफाई और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। जन-भागीदारी को बढ़ाने के लिए जल-पंचायतों का आयोजन। दीवार-लेखन सहित प्रचार की विभिन्न गतिविधियों से नागरिकों को जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में भी जन-जागरूकता की गतिविधिया संचालित हो रही हैं। जल संरक्षण के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक श्रमदान भी कर रहे हैं। अभियान अंतर्गत बड़े पैमाने पर पौध-रोपण भी किया जाएगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की योजना भी लागू की गई। जल संरचनाओं की सफाई, निर्माण और जीर्णोद्धार का अभियान जारी देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” जन भागीदारी से अपने चरम पर है। जन-जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल-संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं। जन-प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, आमजन और सरकार के संयुक्त प्रयास से अभियान में मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बागली विकासखंड की ग्राम पंचायत बरझाई में जन सहयोग से बावड़ी एवं घाट का जीर्णोद्धार कर उनकी साफ-सफाई की गई। जल स्त्रोतों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण से इनकी जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही आस पास की छोटी जल संरचनाओं में भी भू-जल पर्याप्त मात्रा में बना रहेगा। अब नहीं सूखेगी भितरवार की बर्षाती नदी ग्वालियर जिले के विकास खंड भितरवार में जल गंगा संवर्धन अभियान में स्थानीय वर्षाती नदी के संरक्षण के लिए श्रमदान किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद से जुड़ी नवांकुर संस्था के संयुक्त प्रयास से ग्राम पंचायत कैथी और भेंगना के बीच बर्षाती नदी पर युवाओं ने श्रमदान किया। संचार युवा मंडल के पदाधिकारियों ने भी श्रमदान में सहभागिता की। इससे नदियों के संरक्षण के साथ जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया गया। पांढुर्ना की जाम नदी के तट पर सफाई अभियान मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर के नेतृत्व में पांढुर्ना जिले के जनप्रतिधियों ने स्थानीय समुदाय के साथ मिल कर मां जाम नदी के तट पर साफ-सफाई के लिए श्रमदान किया। मां जाम नदी के घाट परिसर की स्वच्छता के अभियान में जन अभियान परिषद और ग्रामीण आदिवासी समाज कल्याण विकास संस्थान की टीम का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।   recent visitors 35

एमपी ट्रांसको द्वारा आउटसोर्स वाहन चालकों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी  भोपाल द्वारा कंपनी में कार्यरत आउटसोर्स वाहन चालकों के लिए एक  निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर सेंटर फॉर साइट, भोपाल यूनिट के सहयोग से गोविंदपुरा स्थित ट्रांसको परिसर में आयोजित किया गया। शिविर का लाभ वाहन चालकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों ने भी उठाया। अधीक्षण अभियंता श्री रामपुरिया ने स्वास्थ्य शिविरों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल कर्मचारियों को समय पर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने में सहायक हैं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सेंटर फॉर साइट की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया,  जिन्होंने अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों की सहायता से नेत्रों की जांच की। कुल 86 कर्मचारियों ने कराया नेत्र परीक्षण शिविर में कुल 86 कर्मियों ने अपनी आंखों की जांच करायी, जिनमें आउटसोर्स वाहन चालक एवं अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल थे। एमपी ट्रांसको द्वारा राज्य भर में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का समग्र स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके। recent visitors 36

एक ही जगह मिलेगी सभी पद्धतियों की दवाएं, हर मंडल में आयुष महाविद्यालय; CM योगी का निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आयुष विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक इंटीग्रेटेड आयुष महाविद्यालय की स्थापना सुनिश्चित की जाए, जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी समेत आयुष की सभी पद्धतियों को एक ही परिसर में उपलब्ध कराया जाए। यह कदम न केवल आयुष चिकित्सा पद्धति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य-आधारित शिक्षा प्रणाली को भी सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आयुष संस्थानों में नेचुरोपैथी और योग सेंटर की स्थापना अनिवार्य रूप से की जाए और सभी स्वीकृत शैक्षणिक व चिकित्सकीय पदों को शत-प्रतिशत भरने की कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। प्रदेश के हर जनपद में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्रारंभ किए जाएं, जो सरकारी या पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में संचालित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से हो और प्रदेश भर में आयुष विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी प्राथमिकता से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने निजी क्षेत्र को भी इस क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निजी निवेशकों को आयुष सेक्टर में निवेश के लिए आकर्षित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निजी क्षेत्र में संचालित आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों के बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, फैकल्टी एवं स्टाफ की गुणवत्ता का गहन परीक्षण कराया जाए ताकि कोई कमी न रह जाए। आयुर्वेद में पंचकर्म जैसी विशिष्ट पद्धतियां गंभीर बीमारियों के उपचार में अत्यंत प्रभावी हैं, इसलिए इन पद्धतियों को प्रदेश के सभी आयुष संस्थानों में बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा की लोकप्रियता को देखते हुए यह समय है जब भारत की परंपरागत चिकित्सा को वैज्ञानिक रूप से प्रस्तुत कर वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाए। उन्होने कहा कि डाबर, वैद्यनाथ और पतंजलि जैसी आयुर्वेदिक उत्पादक संस्थाओं के साथ एमओयू कर सभी आयुष चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को चिकित्सकीय उपचार के लिए दवा की कमी न हो। बैठक के दौरान आयुष विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 2,127 आयुर्वेदिक, 259 यूनानी और 1,598 होम्योपैथिक चिकित्सा संस्थान संचालित हैं, जो आयुष सेवाओं को जनसामान्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन संस्थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। recent visitors 37

सेना के सम्‍मान में वंदेमातरम गायन हुआ जिसमें कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद चुप रहे, बीजेपी ने पोस्ट किया वीडियो

भोपाल मध्यप्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्रियों के बयानों पर इन दिनों देशभर में बवाल मचा है। प्रदेश के जनजातीय मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी करने और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा सेना के संबंध में दिए गए ओछे बयान का जोरदार विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे पर विशेष रूप से कांग्रेस नेता मुखर हैं और राज्य सरकार व बीजेपी पर जमकर हमला कर रहे हैं। पार्टी पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच एक ऐसा घटनाक्रम घटा है जिससे कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ सकता है। सेना के सम्‍मान में आयोजित कार्यक्रम में वंदेमातरम गायन हुआ जिसमें कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद चुप रहे। राष्ट्रगीत नहीं गाने पर बीजेपी ने उन्हें तो आड़े हाथों लिया ही, कांग्रेस नेताओं की देशभक्ति पर भी सवाल उठाए हैं।   उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयानों के लिए एमपी कांग्रेस दोनों मंत्रियों की खिलाफत करते हुए इस्तीफे मांग रही है। पूरे प्रदेश में मंत्रियों के पुतले फूंके जा रहे हैं। बीजेपी के मंत्रियों के इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के बीच भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का वीडियो सामने आया है जिसमें राष्ट्रगीत वंदेमातरम गायन के समय वे चुपचाप खड़े दिख रहे हैं। इसपर बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं की देशभक्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।   विधायक आरिफ मसूद ने अपने निवास पर सेना के सम्‍मान में कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें “वंदे मातरम्” का गायन हुआ। सभी लोगों ने राष्ट्रगीत गाया लेकिन आरिफ मसूद के होंठ नहीं हिले, वे चुपचाप खड़े रहे। इस पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने सवाल उठाया है। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस का असली चेहरा फिर सामने आ गया है। कांग्रेस के लिए देशभक्ति महज दिखावे भर की ही है, उन्हें राष्ट्रगीत से परहेज़ है। आशीष अग्रवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा- मुंह से नहीं निकला वंदे मातरम् दिखावे की देशभक्ति और राष्ट्रगीत से परहेज़ — कांग्रेस का असली चेहरा फिर सामने आया! क्‍या यही है सेना और देश का सम्‍मान मुंह से नहीं निकला वंदे मातरम्। -कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपने बंगले पर सेना के सम्‍मान में दिखावे का एक कार्यक्रम तो आयोजित किया, लेकिन जब “वंदे मातरम्” की आवाज उनके कानों तक गूंजी तो उनकी बोलती ही बंद हो गई। आरिफ मसूद की जुबान पर देश नहीं, तुष्टिकरण बैठा था। आरिफ और कांग्रेस को राष्ट्रगीत से इतनी नफरत क्यों?, यही है कांग्रेस का असली चाल, चरित्र और चेहरा? क्या जीतू पटवारी और कांग्रेस पार्टी इस दिखावे पर जवाब देंगे? recent visitors 35

इंतजार खत्म : कोर्ट ने दरगाह जेठ मेला लगाने की अनुमति दी, मसूद गाजी की दरगाह पर लगेगा जेठ मेला

बहराइच सैय्यद सालार मसूद गाजी दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दरगाह जेठ मेला लगाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन के रोक लगाने के बाद दरगाह कमेटी ने याचिका दायर की थी। दरगाह कमेटी की याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यह फैसला सुनाया है।   प्रशासन ने लगाई थी रोक बता दें कि हजरत सय्यद सालार मसूद गाज़ी की दरगाह पर लगने वाले पारंपरिक मेले पर प्रशासन ने रोक लगाई थी। ऐसे में इस रोक के खिलाफ दरगाह शरीफ प्रबंध समिति की ओर से चेयरमैन समेत 6 लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परमिशन देने की मांग की थी। जिस पर लखनऊ पीठ ने सुनवाई की। दरगाह शरीफ के जेठ मेला की गिनती उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में होती है। 1375 ई. में स्थापित दरगाह शरीफ में मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में भारत और विदेशों से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं। हालांकि इस वर्ष मेले की अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन दरगाह के अंदर धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी। recent visitors 32

पंचायती राज राज्यमंत्री ने सिरोही में किया विकास कार्याे का लोकार्पण

जयपुर ग्रामीण विकास, पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने शनिवार को सिरोही जिले के ग्राम गोल, बरलूट, ऊड एवं ग्राम पंचायत पाडीव में हुए कार्यक्रमों में केन्द्र व राज्य सरकार के विभिन्न विकास कार्याे का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया तथा जन सुनवाई में लोगों के अभाव अभियोग सुने। राज्यमंत्री ने देवासी ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया और कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र के विकास एवं जन सुविधाओं के सशक्तीकरण के लिए हमारा सतत प्रयास रहेगा।  राज्य मंत्री देवासी ने कार्यक्रम के बाद जन सुनवाई कर ग्रामीणजनों की समस्याएं सुनी एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सांसद लुम्बाराम चौधरी व जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने राज्य व केन्द्र सरकार की विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ उठाने एवं जन समस्याओं से अवगत कराने की बात कही। recent visitors 40

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने भारत रत्न डॉ. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण किया

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने शनिवार को भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय, चंबल-बेतवा कछार, भोपाल के प्रांगण में किया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा सहित विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. विश्वेश्वरैया के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला गया। डॉ. विश्वेश्वरैया भारत के महान सपूत और अभियांत्रिकी क्षेत्र के महापुरूष थे, जिन्होंने कृष्णराज सागर बांध, स्वचालित फ्लड गेट सिस्टम और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की स्थापना जैसे कार्यों से देश के विकास में अमूल्य योगदान दिया। उनकी अनुशासित जीवनशैली और “समय ही धन है” का सिद्धांत आज भी प्रेरणा देता है। इस अवसर पर सभी ने उनके आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। recent visitors 36