Wednesday, July 8, 2026 1:47 am

भारत ने बांग्लादेश पर आर्थिक की स्ट्राइक, आने वाले सामान पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली पाकिस्तान की लंका लगाने के बाद अब भारत सरकार ने बांग्लादेश का बैंड बजाने की पूरी तैयारी कर ली है। भारत ने बांग्लादेश पर आर्थिक स्ट्राइक करते हुए आने वाले सामान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। पाकिस्तान और चीन परस्त मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ भारत ने कड़ा एक्शन लेते हुए  जमीनी रास्तों से रेडिमेड कपड़ों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामानों के आयात पर शनिवार को प्रतिबंध लगा दिए। सिर्फ न्हावा शेवा (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, नवी मुंबई) और कोलकाता समुद्री बंदरगाहों के माध्यम से आयात की अनुमति होगी। भारत सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में बांग्लादेश की युनूस सरकार (Muhammad Yunus) को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत कार्यरत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हालांकि, यह प्रतिबंध उन बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होगा जो भारत के रास्ते नेपाल और भूटान भेजे जाएंगे। इन परिवर्तनों के लिए देश की आयात नीति में एक नया पैराग्राफ जोड़ा गया है, जो बांग्लादेश से भारत में इन वस्तुओं के आयात को तत्काल प्रभाव से विनियमित करेगा। इससे पहले भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा नौ अप्रैल को वापस ले ली थी। अधिसूचना के अनुसार, बांग्लादेश से तैयार कपड़ों का इंपोर्ट अब केवल न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों के माध्यम से ही किया जा सकेगा, न कि किसी भूमि बंदरगाह के माध्यम से। इसके अतिरिक्त, प्रोसेस्ड फूड, फल और फलों के स्वाद वाले या कार्बोनेटेड पेय, कपास और सूती धागे का वेस्ट, प्लास्टिक और PVC तैयार माल (पिगमेंट, डाई, प्लास्टिसाइज़र जैसे कच्चे इनपुट को छोड़कर) और लकड़ी के फर्नीचर सहित अन्य श्रेणियों के सामानों को भी विशिष्ट बंदरगाह प्रतिबंधों के अंतर्गत लाया गया है। इन वस्तुओं को असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम में स्थित लैंड कस्टम्स स्टेशंस (LCS) या इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट (ICP) के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में चंग्रबांधा और फुलबारी लैंड कस्टम्स स्टेशंस के माध्यम से इंपोर्ट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, डीजीएफटी ने स्पष्ट किया कि ये बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर नेपाल और भूटान जाने वाले बांग्लादेशी माल पर लागू नहीं होंगे। इसके अलावा, बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और कुचल पत्थर का आयात इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा। यह घटनाक्रम पिछले महीने सरकार द्वारा ट्रांसशिपमेंट सुविधा को समाप्त करने के कदम के बाद हुआ है, जिसके तहत बांग्लादेश को बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंच के लिए इंडियन लैंड पोर्ट का उपयोग करके तीसरे देशों को माल निर्यात करने की अनुमति दी गई थी। नेपाल तथा भूटान को छोड़कर अन्य देशों को बांग्लादेश भारत के रास्ते सामानों का निर्यात नहीं कर सकता। बताया जा रहा है कि यह निर्णय बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस द्वारा हाल ही में चीन में दिए गए विवादास्पद बयान के संदर्भ में लिया गया है। चीन में युनूस ने कहा था कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य, जो बांग्लादेश के साथ लगभग 1,600 किमी की सीमा साझा करते हैं के पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। समुद्री रास्ते के लिए भारत के ये राज्य बांग्लादेश पर निर्भर हैं। युनूस ने यह भी कहा था कि बांग्लादेश इस क्षेत्र में हिंद महासागर का एकमात्र संरक्षक है। यूनुस ने चीन को बांग्लादेश के माध्यम से दुनियाभर में माल भेजने के लिए भी आमंत्रित किया था। युनूस के इस बड़बोलेपन को भारत ने बेहद गंभीरता से लिया। बांग्लादेश के इस दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भारत के भीतरी इलाकों से पूर्वोत्तर तक पहुंच बंद हो गई। बांग्लादेश के भूमि-बंदरगाह प्रतिबंधों के कारण, पूर्वोत्तर राज्यों को स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं को बेचने के लिए बांग्लादेश के बाजार तक पहुंच की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बाजार तक पहुंच केवल प्राथमिक कृषि वस्तुओं तक ही सीमित हो गई है। वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश को पूरे पूर्वोत्तर बाजार तक खुली पहुंच हासिल है। इससे अस्वस्थ निर्भरता पैदा हो रही है तथा पूर्वोत्तर राज्यों में विनिर्माण क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो रहा है। दरअसल भारतीय परिधान क्षेत्र ने पहले भी चिंता जताई थी और सरकार से व्यापार असंतुलन का हवाला देते हुए बांग्लादेश को दिए गए ऐसे ट्रांजिट विशेषाधिकारों को वापस लेने का आग्रह किया था। यह निर्णय बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर हाल ही में की गई टिप्पणियों का नतीजा बताया जा रहा है। यूनुस ने चीन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि भारत के पूर्वी हिस्से में सात भू-आबद्ध राज्य हैं, जिन्हें सात बहनें कहा जाता है और उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। हम समुद्र (बंगाल की खाड़ी) के संरक्षक हैं। उन्होंने चीन को दुनिया भर में इसके माध्यम से माल भेजने के लिए आमंत्रित भी किया था। recent visitors 35

दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस गुजरात टाइटंस IPL 2025 का 60वां मैच अरुण जेटली स्टेडियम में आज

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस गुजरात टाइटंस IPL 2025 का 60वां मैच आज यानी रविवार, 18 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। दिल्ली बनाम गुजरात मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -अक्षर पटेल और शुभमन गिल- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। शुभमन गिल की अगुवाई वाली जीटी की टीम की नजरें इस मैच को जीतकर प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने पर होगी। अगर ऐसा होता है तो आरसीबी को भी अगले राउंड का टिकट मिल जाएगा। वहीं दिल्ली की नजरें गुजरात को हराकर प्लेऑफ की तरफ एक और कदम बढ़ाने पर होगी। ऐसे में आज के मैच में दिल्ली और गुजरात के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। आईए एक नजर DC vs GT पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की सतह आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार होती है। यहां की छोटी बाउंड्री के चलते असर बड़े-बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। 190 रन से ऊपर का कोई भी स्कोर सुरक्षित माना जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के मौसम में बारिश हुई है, लेकिन इससे खेल पर असर पड़ने की उम्मीद काफी कम है। यहां चेजिंग टीम का रिकॉर्ड थोड़ा बेहतर रहा है, ऐसे में टॉस जीतने वाला कप्तान पहले फील्डिंग चुन सकता है। अरुण जेटली स्टेडियम IPL रिकॉर्ड्स और आंकड़े मैच- 93 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 45 (48.39%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 47 (50.54%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 46 (49.46%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 46 (49.46%) बिना परिणाम वाले मैच- 1 (1.08%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 187/3 औसत रन प्रति विकेट- 27.48 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 167.94 DC बनाम GT हेड टू हेड दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस का आमना सामना IPL में सिर्फ 6 ही बार हुआ है। हालांकि इस दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। दिल्ली और गुजरात दोनों टीमों ने 3-3 मैच जीते हैं। आज भी फैंस को एक रोमांचक मैच की उम्मीद होगी। recent visitors 30

मंत्री सारंग ने डिजाइनिंग और लेआउट पर जताई नाराजगी, सुधार के दिए निर्देश

भोपाल खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में खेल और युवा कल्याण की बैठक में नाथू बरखेड़ा में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कार्य के प्रगति की समीक्षा की। मंत्री श्री सारंग ने फेज-II में हो रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य की डिजाइनिंग और ले-आउट में और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित मल्टीलेवल पार्किंग के स्थान पर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक बनाने एवं ओपन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने हर हफ्ते निर्माण कार्य प्रगति की प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, कांट्रेक्टर, कंसल्टेंट, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। डिजाइनिंग और ले-आउट में सुधार के बाद करें निर्माण कार्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के फेज-I एवं फेज-II में चल रहे निर्माण कार्य की डिजाइन और ले-आउट में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शीघ्र ही सभी आवश्यक सुधार के बाद तय समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मूलभूत सुविधाओं को करें सुनिश्चित मंत्री श्री सारंग ने जल आपूर्ति एवं भंडारण की क्षमता, सीवेज, फायर सेफ्टी, सर्वर रुम, कैफेटेरिया, मीटिंग हॉल एवं साइनेज की व्यवस्था का प्रॉपर प्लॉन तैयार कर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सभी बुनियादी सुविधाएं विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें इसके लिए विस्तृत प्लान भी तैयार किया जा रहा है। फेज-II में हो रहा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य फेज-I में एथलेटिक्स स्टेडियम, हॉकी स्टेडियम, एथलेटिक्स प्रैक्टिस फील्ड एवं हॉकी प्रैक्टिस फील्ड का निर्माण कार्य किया जा रहा है। फेज-II में मल्टी स्पोर्ट्स इंडोर स्टेडियम, एक्वाटिक्स सेंटर, फुटबाल हाई परफार्मेंस सेंटर, स्टॉफ एवं स्टुडेंट्स रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स एवं थ्री-डे प्रैक्टिस एंड इक्वेस्ट्रियन ट्रैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है।   recent visitors 21

भारत माता की जय और तिरंगे झंडे की जयकार से गूंज उठा पूरा वातावरण

रायपुर  "ऑपरेशन सिंदूर" की सफलता पर  जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के चराईडांड में देशभक्ति से ओत-प्रोत तिरंगा यात्रा निकली गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गांव के शिव मंदिर से आम बगीचा तक निकली गई इस भव्य यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के साथ हाथों में तिरंगा लिए जशपुर विधायक  रायमुनि भगत , नगर पालिका अध्यक्ष  अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष   सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, विक्रमादित्य सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता,  कृष्णा राय, सरगुजा कमिश्नर   नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी   दीपक झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, एसएसपी  शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे एवं जवान तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। लोग हाथ में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि “यह यात्रा न केवल तिरंगे के प्रति सम्मान है, बल्कि यह हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। यह अभियान देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सशक्त बनाने का प्रतीक है।”ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पूरे जिले में एक साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार करना,  जनसहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, मातृशक्ति एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में इतनी बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता एकजुट होकर राष्ट्र के लिए खड़ी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। यह अभियान उन शहीद जवानों को समर्पित है जिन्होंने अपनी शहादत से राष्ट्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद जिस प्रकार से सेना ने जवाब दिया, उसी प्रकार हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा की गई कायरतापूर्ण घटना का करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने पहलगाम की घटना में छत्तीसगढ़ के सपूत सहित अनेक लोगों की निर्ममहत्या का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री के कुशल नेतृत्व में सीमापार आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त किया गया। इस तिरंगा यात्रा में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता यह संदेश देती है कि भारत एक है, और राष्ट्रहित में सभी नागरिक एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिदूंर की सराहना हर देशवासी कर रहा है। भारतीय सेना द्वारा देश की रक्षा हेतु अदम्य साहस का परिचय देते हुऐ देश की सीमाओं की रक्षा अत्यन्त वीरता के साथ की जा रही है। भारतीय सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने और देश की एकता अखंडता के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और देश के प्रति अपनी एकजुटता एवं सम्मान प्रकट किया। recent visitors 24

शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का मुख्यमंत्री साय ने किया लोकार्पण

   रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के चिखली में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यहां शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का प्रकाशन होता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय मुद्रणालय के नवनिर्मित भवन और वहां की प्रकाशन तथा अन्य व्यवस्था का भी अवलोकन किया।     राजनांदगांव स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय भवन छत्तीसगढ़ में एक मात्र शासकीय मुद्रणालय है जहां महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया जाता है। मुद्रणालय का पुराना भवन अत्याधिक पुराना होने के कारण नये भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।     शासकीय मुद्रणालय के नवीन भवन में पेपर गोडाउन, प्रिटिंग मटेरियल स्टोर, बाइडिंग एवं पेपर स्टोर, मेकेनिकल स्टोर, काम्पोजिंग एवं रीडिंग रूम, टाइप स्टोर, कैमरा रूम, असिस्टेंट सुपरिटेंडेन्ट कक्ष, डायरेक्टर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम एवं अन्य आवश्यक व्यस्थाएं रखी गई है। यहां 4 बड़े हाल एवं 12 कमरे हैं।     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासकीय मुद्रणालय के अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित थे। recent visitors 18

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में परस्पर कनेक्टिविटी बढ़ाना आवश्यक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। जनसामान्य को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगरीय क्षेत्रों के व्यवस्थित नियोजन को समय रहते सही दिशा देना जरूरी है। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के नगरीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के प्रबंधन को सशक्त करते हुए संस्थाओं की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रस्तावित क्षेत्रों में वर्तमान में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकास से यहां निवेश और औद्योगिक विकास की प्रक्रिया तेज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन एरिया गठन से संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नागरीय विकास एवं आवास श्री संजय शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में परस्पर कनेक्टिविटी बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए बसाहटों, यातायात, सार्वनिक परिवहन, अधोसंरचना, जल आपूर्ति, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, और प्रकाश व्यवस्था आदि की समन्वित रूप से कार्ययोजना बना कर गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इन वृहद क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, कृषि योग्य भूमि के संरक्षण, वन प्रबंधन, जल ग्रहण और पर्यटन की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ नीतियां निर्धारित की जाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पंचायतों को आवश्यकतानुसार नगर परिषद के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तामिलनाडु में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास एवं प्रबंधन के लिए विद्यमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।   recent visitors 24

जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा: तुलसीराम सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। समाज की भागीदारी से सरकार की जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के फलस्वरुप मध्यप्रदेश जल शक्ति के रूप में उभर कर देश के नक्शे में स्थापित होगा। मंत्री श्री सिलावट ने शनिवार को विदिशा ज़िलें में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम जम्बार के तालाब में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री वीर सिंह के साथ अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी श्रमदान में सहभागिता की। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू कर जल संवर्धन के ऐसे कार्य को मूर्तरूप दिया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल संचय भण्डार विरासत में दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इंदौर में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लीड कर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल की है, ठीक वैसी ख्याति विदिशा जिला जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में अर्जित करे। इस अभियान को अपना समझकर हम अपने स्तर पर सहयोग व योगदान कर मिसाल कायम करें। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का कोई विकल्प नहीं है, जल है तो कल है, भविष्य है और प्रगति संभव है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ाने के लिए सिंचाई कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में पूरे कराए जा रहे हैं। उन्होंने विगत वर्षों की तुलना में सिंचित रकबे में हुई आशातीत वृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का नदियों को जोड़ने का संकल्प प्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर पूरा कर रहे हैं। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से होने वाले प्रमुख फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि इससे बिजली उत्पादन के साथ 12 माह पेयजल की उपलब्धता रहेगी। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि पहले गांवों के तालाब व अन्य जल संचय लबालब भरे रहते थे। इस स्थिति को पुन: लाने में हम कोई कोर कसर ना छोड़े। उन्होंने कहा कि हरेक जल स्रोत की संरचना अतिक्रमण से विमुक्त हो यदि कहीं कोई इस प्रकार की खबर मिलती है तो अभियान के रूप में क्रियान्वित कराने की समझाइश अधिकारियों की दी है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का सदुपयोग हो इसके लिए विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि खुली नहरों की जगह माइक्रो परियोजना से पाईप लाईन का विस्तारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने प्राचीन तालाब, कुएं, बावड़ियों के अलावा अन्य जल स्रोतों के जीणोद्धार पर बल देते हुए कहा कि इन विरासतों को बनाए रखना जरूरी है। विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि बेतवा नदी में नाले ना मिलें इसके लिए पृथक से तैयार की गई कार्य योजना अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जल संचय को बढ़ावा देने के कार्यो को अतिमहत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विदिशा जिला इस क्षेत्र में विशेष पहल कर रहा है। उन्होंने प्राचीन जल स्त्रोत धरोहरो के जीर्णोद्धार हेतु किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हम अपने खेतो में अधिक से अधिक जल संचय की संरचनाओं क निर्माण कराएं। इस कार्य में शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं से मदद की जा रही है। ऐसी संरचनाओं का निर्माण होने से हम सिंचित रकबे को बढ़ा सकते हैं, वहीं भू-जल स्तर को गिरने से बचा सकते है। मंत्री श्री सिलावट ने जम्बार लघु तालाब में श्रमदान कर जल संचय कार्यो के लिए सभी को अभिप्रेरित किया। जम्बार तालाब सम्राट अशोक सागर परियोजना संभाग क्रमांक-2 विदिशा के अंतर्गत निर्मित जम्बार तालाब का निर्माण वर्ष 1965-66 में हुआ था। तालाब का कैचमेन्ट एरिया 3.74 वर्ग किमी. तथा जीवित जल भराव क्षमता 1.26 मिलियिन घन मीटर है। तालाब से विदिशा तहसील के 3 ग्रामों कमशः जम्बार, बागरी एवं पिपरिया घाट की कुल 235 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचाई होती है। वर्तमान में तालाब से उक्त तीनों ग्रामों की कुल 318 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनियों के साथ साथ गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत ग्रामीण विकास के अधिकारी और ग्रामीण जन मौजूद रहे। मंत्री ने बेतवा नदी की आरती की और स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया मंत्री श्री सिलावट ने विदिशा जिले में बेतवा नदी के बड़वाले घाट पर आरती की और साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश संप्रेषित किया है। सफाई अभियान में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, कुरवाई विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरि सिंह रघुवंशी को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों ने भी स्वच्छता संबंधी कार्यो में सहभागिता निभाई।   recent visitors 36