एनकाउंटर में खत्म हुआ खौफ का दौर, ढेर हुआ 1 लाख का इनामी बदमाश

गोंडा उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. एनकाउंटर में पुलिस ने 1 लाख के इनामी बदमाश सोनू उर्फ भुर्रे पासी को मार गिराया गया है. अधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बदमाश की घेराबंदी की. लेकिन खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान एक गोली SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी. हालांकि, इस हमले में वह बाल-बाल बच गए. वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोनू उर्फ भुर्रे ढेर हो गया. आपको बता दें कि भुर्रे ने 24 अप्रैल को चोरी की एक घटना में एक शख्स की हत्या की थी. उसके खिलाफ 40 से अधिक केस दर्ज थे. इसमें हत्या, अपहरण और लूट जैसे मामले शामिल थे. भुर्रे एक शातिर किस्म का अपराधी था, जिसने कई वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस काफी टाइम से उसे तलाश रही थी. बीती रात पुलिस/एसओजी टीम से उसकी मुठभेड़ हो गई जिसमें वह मारा गया. जानकारी के मुताबिक, 24 अप्रैल को गोंडा के बेगमगंज में चोरी की वारदात के दौरान एक शख्स की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस सोनू की सरगर्मी से तलाश कर रही थी. बीती रात सोनू से पुलिस की मुठभेड़ बेगमगंज थाना क्षेत्र में हुई. गोली लगते ही सोनू जमीन पर गिर गया, जिसपर पुलिस उसे अस्पताल ले गई, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किया है. एनकाउंटर के दौरान जिन SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी है, उनका नाम है नरेंद्र राय है. बदमाश की गोली से नरेंद्र राय बाल-बाल बच गए. बाकी पुलिसकर्मी भी सुरक्षित हैं. फिलहाल, सोनू उर्फ भुर्रे के परिजनों को सूचित कर दिया गया है. अब पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जाएगी, फिर शव परिजनों को सौंपा जाएगा.   recent visitors 45

छगन भुजबल ने महाराष्ट्र मंत्री पद की शपथ ली, सीएम फडणवीस, डिप्टी सीएम शिंदे और अजित पवार उपस्थित थे

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पांच महीने पुराने राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता छगन भुजबल की मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. उन्होंने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार की उपस्थिति में शपथ ली. शपथ के दौरान मजेदार वाकया हुआ. शपथ से पहले सभी ने उनको गुलदस्ता दे कर अभिनंदन किया, मगर जैसे ही उनके पास अजित पवार पहुंचे तो सभी लोग हंसने लगे. बता दें कि सीएम फडणवीस ने अपने 5 महीने पुराने कैबिनेट का विस्तार किया है. पिछले साल दिसंबर में उनको मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी. मगर, सोमवार को विस्तार के दौरान उनको शामिल किया गया. सोमवार रात को ही भुजबल ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार, 20 मई को फडणवीस सरकार की कैबिनेट की शपथ लेंगे. आज सुबह उन्होंने राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन की मौजूदगी में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली.    भुजबल ने पहले ही बता दिया था सोमवार को देर जानकारी देते हुए भुजबल ने कहा था, ‘उन्हें मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाले महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. मुझे सूचित किया गया है कि मुझे राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार सुबह 10 बजे होगा.’ भाजपा ने पुष्टि कर दी थी वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन का नेतृत्व कर रही भाजपा के सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की थी. राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुख चेहरे भुजबल (77) को पिछले साल दिसंबर में मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था. राकांपा के एक वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे ने मार्च में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद संभावित रूप से भुजबल को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है. ताकतवर ओबीसी नेता छगन भुजबल का राजनीतिक कद महाराष्ट्र में किसी से छिपा नहीं है. वे न केवल येवला से विधायक हैं, बल्कि ओबीसी समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ है. उनके समर्थक लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए. सूत्रों का कहना है कि गठबंधन सरकार ने उनकी नाराजगी को दूर करने और ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है. निकाय चुनावों से पहले की चाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भुजबल का मंत्रिमंडल में शामिल होना एनसीपी और गठबंधन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है. खासकर, आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए ओबीसी समुदाय को साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है. भुजबल के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण विभाग मिलने की भी संभावना जताई जा रही है. recent visitors 41

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा हडको की प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण के प्रयासों में यह सहभागिता महत्वपूर्ण सिद्ध होगी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने सौजन्य भेंट की। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, वर्तमान में संचालित अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की अधोसंरचना के उन्नयन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। हडको चेयरमैन कुलश्रेष्ठ ने इन परियोजनाओं के लिए ऋण सहायता प्रदान करने एवं तकनीकी परामर्श देने की इच्छा व्यक्त की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हडको की प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण के प्रयासों में यह सहभागिता महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस अवसर प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी सहित हडको के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 24

मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाले समय में जल की उपलब्धता तभी संभव

सिंगरौली लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम पंचायत खिरवा में 24 लाख रु. की लागत से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने की, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। जल से ही जीवन है, जल की रक्षा हम सबका दायित्व मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाले समय में जल की उपलब्धता तभी संभव है जब समाज इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि जल स्तर में लगातार गिरावट चिंताजनक है और इसके समाधान के लिए समुदाय को अपने-अपने क्षेत्र के पारंपरिक जल स्रोतों की पहचान कर उनके संरक्षण, साफ-सफाई और जीर्णोद्धार की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मंत्री श्रीमती उईके ने स्पष्ट किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान में बनाए जा रहे अमृत सरोवर जैसे प्रयास न केवल जल संचय को बढ़ावा देंगे, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल-आधारित कृषि के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे। स्थानीय जल स्रोतों के पुनर्जीवन का हो रहा कार्य – राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने कहा कि सिंगरौली जिले में तालाबों, नदियों, कुओं और बावड़ियों जैसे परंपरागत जल स्त्रोतों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। साथ ही खेत-तालाब और अमृत सरोवर जैसी योजनाओं के माध्यम से जल संचयन की दीर्घकालिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल के संरक्षण के लिये सोक-पिट और बोरी-बंधन जैसे उपायों को अपनाना आवश्यक है, जिसके लिए जन-जागरूकता अनिवार्य है। विधायक शाह ने जल संरक्षण को भावी पीढ़ियों के हित में सर्वोपरि बताया और नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।   recent visitors 21

सिंगरौली एनटीपीसी के मुख्य कैनाल मे मिली युवक की तैरती हुई लाश

सिंगरौली सिंगरौली एनटीपीसी के मुख्य नहर कैनाल मे मिली 29 वर्षीय युवक की नहर में तैरती हुई लाश,घटना स्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस,नहर से शव को निकलवाकर पुलिस शुरू की जांच,विवेक कुमार उपाध्याय निवासी धतुरा बरवा टोला के रूप में मृतक की हुई पहचान, मृतक के परिजनों को पुलिस ने दी सूचना,शव को जिला अस्पताल के मर्चुरी में रखवाया,मौत का कारण है अज्ञात,मौत के हर पहलु पर जांच कर रही है पुलिस, विन्धनगर थाना क्षेत्र के एनटीपीसी के मुख्य नहर कैनाल में तैरता हुआ मिला है शव recent visitors 23

स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के सशक्तीकरण, चिकित्सकीय मैनपॉवर और अत्याधुनिक उपकरण की उपलब्धता के किए गए सुगठित प्रयास

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार "स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि “राइट टू हेल्थ” के साथ “राइट टू स्क्रीनिंग” भी आवश्यक है। राज्य ने सिकल सेल, टीबी और अन्य बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, निरोगी काया अभियान में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन, मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि यह परिणाम हमें आश्वस्त करते हैं कि स्वस्थ सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में हम शीघ्र सफल होंगे। प्रदेश में निक्षय भारत अभियन के अंतर्गत 23 जिलों में 78.14 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, 21,992 टीबी मरीज चिन्हित हुए, 28,664 निक्षय मित्र बनाए गए और 23,818 फूड-बास्केट वितरित किये गये। अभियान में उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश में नए बने जिलों के अतिरिक्त सभी जिलों में क्षय रोग की जांच के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में 1.05 करोड़ स्क्रीनिंग हुई, 28,297 मरीजों का इलाज हुआ और 75.36 लाख कार्ड वितरित किये गये। इसके उपचार के लिए बीएमएचआरसी भोपाल और एमजीएम इंदौर में 2 सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस उपलब्ध हैं। साथ ही, संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया गया है। उच्च रक्तचाप के 77.73 लाख, मधुमेह के 76.07 लाख, एनएएफएलडी के 33.94 लाख, ओरल कैंसर के 11.90 लाख, सर्वाइकल कैंसर के 3.38 लाख और स्तन कैंसर के 5.59 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। प्रदेश के 52 डे-केयर में 42 प्रकार की कैंसर रोधी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिसंबर-2024 के पल्स पोलियो अभियान में 36 लाख बच्चों को 99% लक्ष्य के साथ पोलियो खुराक दी गई। 6 जनवरी 2025 से शुरू 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने अब तक 21 जिलों के 87 विकासखंडों के 1268 ग्रामों में 2.08 लाख रोगियों को सेवा दी है। अब प्रदेश में इमरेजेंसी पेसेंट्र से लिए एयर एम्बुलेंस भी उपलब्ध है। इस सेवा से अब तक 61 नागरिक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा में सतत विस्तार और उन्नतिकरण हुआ है। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज है। सत्र 2024-25 में 400 नई एमबीबीएस की सीटें उपलब्ध हुई हैं। आगामी वर्ष में 6 मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे। साथ ही पीपीपी मोड में 12 शासकीय कॉलेज भी स्थापित किये जायेंगे। 2300 और सीटों की वृद्धि संभावित है। सुपर स्पेशियलिटी सीटें 47 से बढ़कर 64 हुईं हैं, जबकि नॉन-क्लिनिकल विषयों में 291 सीनियर रेजिडेंट पद सृजित हुए हैं। भोपाल और इंदौर मेडिकल कॉलेज एम्स की तर्ज पर उन्नत किए जा रहे हैं। प्रदेश में 13 नए नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन है, शेष 27 जिलों में भी इनकी स्थापना प्रस्तावित है। जबलपुर में बोन मेरो ट्रांसप्लांट, इंदौर में सीएआर-टी सेल थेरेपी और रक्त विकिरणक मशीन की सेवा शुरू की गई। 15वें वित्त आयोग और पीएम अभीम के तहत 271 उप स्वास्थ्य केंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 79 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 15 आईपीएचएल, 1 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 5 ब्लड बैंक और 2 मैटरनिटी वार्ड सहित 37 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए। एनक्यूएएस के तहत 1977 संस्थाएँ अभिप्रमाणित, 176 लेबर रूम, 53 मेटरनिटी ओटी, 22 एसएनसीयू मुस्कान अभिप्रमाणित, 30 पैथोलॉजी लैब एनएबीएल प्रमाणित और 24 ब्लड बैंक ऑटोमेटेड हैं। प्रदेश में 10 हज़ार करोड़ के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य प्रगतिरत हैं। ‘हेल्थ केयर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2025’ लॉन्च की जा चुकी है। नीति 2020 के अंतर्गत 120 करोड़ रूपए के 84 प्रस्ताव और नई नीति में 200 से अधिक ‘इंटेंशन टू इन्वेस्ट’ प्राप्त हो चुके हैं। आयुष्मान भारत में अग्रणी अब तक 4.29 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना में 58 लाख लाभार्थियों को 8,757 करोड़ रूपए की सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। योजना में शामिल किए जाने के बाद से 40 लाख वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड बनाकर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य "मातृ शिशु संजीवन मिशन" और "अनमोल 2.0" प्रारंभ किये गए हैं। प्रदेश में MMR 173 से घटकर 80, NMR को 31 से 10 और IMR को 43 से 20 तक लाने का लक्ष्य तय किया गया हैं। अनमोल 2.0 के माध्यम से शत-प्रतिशत ट्रैकिंग, गर्भवती महिलाओं को जाँच और पोषण आहार के लिए प्रेरित करना, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान को सुगम बनाया जाएगा। प्रदेश में SNCU, HDU, ICU और स्तनपान सहायता इकाइयों की स्थापना की गई है। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पैकेज निजी अस्पतालों तक विस्तारित हुए हैं। मध्यप्रदेश में 30 से 65 वर्ष की 39.5 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई, 12,251 को उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में 111 लाख महिलाओं की स्तन कैंसर जाँच की जा कर अब तक 8000 मरीजों की कीमोथेरेपी कारई जा चुका है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश के डे-केयर सेंटर मॉडल को अपनाकर पूरे देश में लागू करने का प्रावधान किया है। ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक; 278 ब्लॉक्स में से 118 में यूनिट संचालित। साथ ही 67 ब्लॉकों में PPP मॉडल पर डायलिसिस यूनिट्स का संचालन किया जा रहा है। शेष में 2028 तक ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा विस्तार की योजना है। निःशुल्क दवाएँ और जाँच सेवाएँ प्रदेश के जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में 267, सामुदायिक केंद्रों पर 80 तरह की जाँच सेवाएँ उपलब्ध हैं। 14 जिलों में आईपीएचएल कार्यरत है। आईपीएचएल सेवा का विस्तार भी योजनाबद्ध तरीके से किया जा जा रहा है।उज्जैन में ₹592.30 करोड़ से अटल मेडिसिटी का निर्माण कराया जा रहा है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण वर्ष 2024-25 में 1768 रिक्त पदों (40 पीजीएमओ, 420 एमओ, 980 सीएचओ, 7 जिला कार्यक्रम प्रबंधक, 7 जिला लेख प्रबंधक, 10 जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर, आदि) पर भर्ती की गई। 3850 नए पदों (1388 विशेषज्ञ, 1832 एमओ, 469 दंत चिकित्सक) के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से और 454 लैब … Read more

पोर्टल मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग संस्थान के महा निदेशक टी.पी. सिंह के बीच सोमवार को मंत्री निवास कार्यालय पर नई तकनीकों के उपयोग को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबी चक्रवर्ती, लोक निर्माण के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा एवं एस. आर. बघेल उपस्थित थे। बैठक में प्रधानमंत्री गति शक्ति प्लेटफार्म के अंतर्गत विकसित किए जा रहे विशेष जीआईएस पोर्टल और सर्वेक्षण मोबाइल ऐप की विस्तार से जानकारी दी गई। यह पोर्टल मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है, जो निर्माण कार्यों की निगरानी से लेकर परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने तक की सुविधाएं प्रदान करता है। बैठक में रोड ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टम, ग्रीनफील्ड सड़कों की योजना, राज्य का रोड नेटवर्क मास्टर प्लान, रोड सेक्टर पॉलिसी और इंजीनियरों के प्रशिक्षण जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सिंह ने प्रदेश के इंजीनियरों को जीआईएस पोर्टल पर प्रशिक्षण देने की सहमति दी और आईटी संबंधी तकनीकी जरूरतों में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। लोक निर्माण विभाग के लोकपथ मोबाइल ऐप एवं लोक कल्याण सरोवर योजना की प्रशंसा करते हुए टीपी सिंह ने सुझाव दिया कि विभाग के सभी नवाचारों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये एक विस्तृत सॉफ्टवेयर सिस्टम निर्मित किया जाना चाहिए। “लोक कल्याण सरोवर” के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इससे अधिकतम भूजल पुनर्भरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक माह 5 और 20 तारीख को किए जाने वाले औचक निरीक्षणों के लिए निर्माण कार्यों के रेंडम चयन व्यवस्था को जीआईएस पोर्टल के सहयोग से और भी बेहतर बनाया जा सकता है। मंत्री सिंह ने आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहयोग के लिए उप सचिव, लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में प्रमुख अभियंता कार्यालयों, सड़क विकास निगम एवं भवन विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति भास्कराचार्य संस्थान के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर सभी नवाचारों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और गति शक्ति प्लेटफार्म के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी उन्नयन को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। लोक निर्माण विभाग ने तकनीक के बेहतर उपयोग के माध्यम से अधोसंरचना विकास में सशक्त और आधुनिक पहल की है।   recent visitors 20