‘सिलिकॉन सिटी’ के घर-दफ्तरों में पानी, साल की सबसे अधिक बारिश, 6 घंटे बरसते रहे मेघ

बेंगलुरु बेंगलुरु में साल की सबसे भारी बारिश ने सोमवार को तीन लोगों की जान ले ली। छह घंटे की मूसलाधार वर्षा ने बारिश के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सबसे दुखद हादसा BTM लेआउट में हुआ, जहां एक अपार्टमेंट परिसर में जमा पानी निकालते समय 63 वर्षीय एक बुजुर्ग और 12 साल के लड़के की करंट लगने से मौत हो गई। इससे पहले वाइटफ़ील्ड में भारी बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई, जिसमें 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात शहर में छह घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में सड़कों, बेसमेंट और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 6 बजे हुआ। मृतकों की पहचान मन्मोहन कामत (63) और दिनेश (12) के रूप में हुई है। दिनेश नेपाली मूल के एक कर्मचारी का बेटा था, जो उसी अपार्टमेंट में कार्यरत है। DCP साउथ ईस्ट डिवीजन सारा फातिमा ने बताया, “कामत ने बाहर से मोटर मंगवाई थी और उसे बिजली से जोड़कर बेसमेंट में जमा पानी निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से उन्हें करंट लग गया। दिनेश जो उनकी मदद कर रहा था, उसे भी करंट लग गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।” दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सेंट जॉन्स अस्पताल भेजा गया है। वाइटफ़ील्ड में महिला की मौत बारिश के कारण वाइटफ़ील्ड में एक कंपाउंड वॉल गिर गई, जिसकी चपेट में आकर 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। उधर मामले में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु में 210 बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें से 166 में समस्या का समाधान हो चुका है। 24 स्थानों पर काम जारी है और शेष 20 पर जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने 197 किमी लंबी स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाई है और इसके लिए ₹2000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने 132 जलभराव वाले स्थानों की सूची दी है, जिनमें से 82 ठीक किए जा चुके हैं, जबकि 41 पर कार्य प्रगति पर है। शिवकुमार ने कहा, “बारिश हमारे नियंत्रण में नहीं है, लेकिन हम बाढ़ वाले इलाकों की पहचान कर समाधान कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचाने पर ध्यान दे रहे हैं।”   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

CM रेखा गुप्ता सरकार ने MLA का LAD फंड 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ किया, AAP सरकार ने पिछले ही साल बढ़ाया था

नई दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद परिवर्तनों का दौर चल रहा है. रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली सरकार ने अब विधायकों के लिए लोकल एरिया डेवलपमेंट (एलडीए) फंड पर कैंची चला दी है. दिल्ली सरकार ने अब विधायकों की विकास निधि 15 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ कर दिया है. विधायक निधि में कटौती का दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने आधिकारिक ऐलान कर दिया है. दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने विधायक निधि कम किए जाने से संबंधित आदेश जारी कर दिया है. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक निधि को पांच करोड़ रुपये वार्षिक करने का निर्णय 2 मई को हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया था. विभाग की ओर से कहा गया है कि कैबिनेट निर्णय संख्या 3187, दिनांक 2 मई 2025 के अनुपालन के क्रम में विधायकों को क्षेत्र के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये वार्षिक फंड दिया जाएगा. विधायक निधि में कटौती करने का रेखा गुप्ता कैबिनेट का यह फैसला चालू वित्त वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025-26) से लागू होगा. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि यह एक अनटाइड फंड है. इस फंड का उपयोग विधायक पूंजीगत प्रकृति के स्वीकृत कार्यों के साथ ही बिना किसी सीमा के संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए खर्च किया जा सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बीजेपी के एक विधायक ने कहा कि विधायक निधि के लिए सरकार ने 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसे 70 विधायकों में बांटा जाना है. प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ क्षेत्र के विकास के लिए मिलेंगे. गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के समय वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में विधायकों को एलएडी फंड के तहत चार-चार करोड़ रुपये मिले थे. वित्तीय वर्ष 2023-24 में एलएडी फंड के तहत दी जाने वाली धनराशि सरकार ने बढ़ाकर सात करोड़ रुपये कर दिया था. 2024-25 में एलएडी फंड 10 करोड़ हुआ और पिछले ही साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये वार्षिक करने का ऐलान कर दिया था.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

उप्र में दो ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश हुई नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अराजकतत्वों द्वारा दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश को लोको पायलट की सजगता से नाकाम कर दिया गया है. यह पूरी घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच घटी है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं. दोनों ट्रेनों को डिरेल करने की यह घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच की है. यहाx राजधानी एक्सप्रेस (20504) जब लखनऊ की ओर जा रही थी तभी अराजकतत्वों ने डाउन ट्रैक पर अर्थिंग वायर से लकड़ी का गुटखा बांधकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन लोको पायलट ने समय रहते खतरे को देखते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक से अवरोध हटाने के बाद रेल अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद जब राजधानी एक्सप्रेस सकुशल गुजर गई तो पीछे आ रही काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को भी डिरेल करने की कोशिश की गई है. हालांकि, इस बार भी लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता से हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी,आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि कछौना थाना क्षेत्र के दलेलनगर और उमर ताली रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर जीआरपी वह स्थानीय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया. जांच करने के दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा लोहे की पट्टी से बना हुआ था प्रकरण के संबंध में रेलवे विभाग स्थानिक पुलिस द्वारा घटना के समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है साथी ही पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के रहने वाले व्यक्तियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

पाकिस्तान हाफिज सईद को भारत के हवाले नहीं करेगा, तब तक जारी रहेगा ऑपरेशन सिंदूर

 येरूशलम  पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों के खात्में के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सरकार और सेना कई बार साफ कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा। वहीं, अब इजराइल में भारत के राजदूत ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को कुछ समय के लिए रोका गया है, यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। इजराइल में भारतीय राजदूत जेपी सिंह का कहना है कि जब तक पाकिस्तान हाफिज सईद, साजिद मीर, जाकिउर्र रहमान लखवी समेत सभी खूंखार आतंकियों को भारत को नहीं सौंप देता, तब तक ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं होगा। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी: जेपी सिंह इजराइली टीवी i24 को दिए एक साक्षात्कार में जेपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया था। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने लोगों को धर्म के आधार पर गोली मारी। उन्होंने गोली मारने से पहले पर्यटकों का धर्म पूछा और 26 मासूमों की जान ले ली। ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ: जेपी सिंह सीजफायर पर बात करते हुए जेपी सिंह ने कहा कि, "सीजफायर अभी भी लागू है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर पर हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि इसे रोका गया है, खत्म नहीं किया गया है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हमने एक न्यू नॉर्मल सेट करते हुए आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। आतंकवादी चाहे जहां भी हों हम उन्हें मारेंगे और उनकी इमारतों को भी तबाह कर देंगे। तो अभी सब खत्म नहीं हुआ है। " "आतंकवाद रुकना चाहिए", भारतीय राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की संधि लागू होनी चाहिए और पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद रोकना चाहिए. भारत में पाकिस्तान से शुरू हुए आतंकी हमलों की एक लंबी लिस्ट का हवाला देते हुए जेपी सिंह ने कहा कि "मूल कारण ये दो समूह हैं – जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा". उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के नेता खुलेआम घूम रहे हैं, जिसमें कई यहूदी भी मारे गए थे. राजदूत जेपी सिंह ने जोर देकर कहा, "उन्हें एक बहुत ही सरल चीज करने की जरूरत है – जब प्रस्तावना में सद्भावना और दोस्ती शामिल है, तो उन्हें बस इन आतंकवादियों को हमें सौंपने की जरूरत है." उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका ने मुंबई हमले में शामिल तहव्वुर हुसैन राणा को प्रत्यर्पित किया था. इसी से सीखकर इस्लामाबाद भी ऐसा कर सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा, "जब अमेरिका इन दोषियों को सौंप सकता है, तो पाकिस्तान क्यों नहीं सौंप सकता? उन्हें बस हफीज सईद, लखवी, साजिद मीर को सौंपना होगा और चीजें खत्म हो जाएंगी." यह तर्क देते हुए कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है, भारतीय दूत ने चुनौती का सामना कर रहे देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया. पाकिस्तान में मचा हड़कंप नूर खान एअरबेस की बात करते हुए जेपी सिंह ने कहा कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था। उनके DGMO ने भारत में फोन करके सीजफायर करने की मांग रखी। पानी के बदले पाक ने आतंकवाद दिया: जेपी सिंह सिंधु जल समझौते पर बात करते हुए जेपी सिंह कहते हैं, "सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में साइन की गई थी। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच दोस्ती बरकरार रखा था। मगर पिछले कई सालों से देखा गया है कि हम पाकिस्तान को पानी देते हैं और बदले में पाकिस्तान हमारे देश में आतंकी हमले करवाता है। इसे लेकर लोगों में बेहद गुस्सा था। हमारे प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अब पानी और खून एकसाथ नहीं बहेगा।" आतंक के खिलाफ भारत का युद्ध है ऑपरेशन सिंदूर जेपी सिंह ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान चाहता है कि सिंधु जल समझौता कायम रहे तो उसे आतंकवाद खत्म करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर भारत का आतंकवाद के खिलाफ युद्ध है। पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए दो अहम संगठन जिम्मेदार हैं – जैश-ए-मोहम्म और लश्कर-ए-तैयबा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

गुना जिले में एक सरपंच ने अपनी ग्राम पंचायत ही ठेके पर दे दी, इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पर बाकायदा करार लिखा गया

गुना अभी तक आपने पंचायतों को निजी फर्मों को काम कराने का ठेका देते सुना होगा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले में एक सरपंच ने अपनी ग्राम पंचायत ही ठेके पर दे दी। इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पर बाकायदा करार लिखा गया। इसमें ठेका लेने वाले ने सरपंच का 20 लाख का कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी ली, वहीं निर्माण कार्य की लागत का पांच प्रतिशत कमीशन सरपंच को देने की गारंटी दी। शिकायत पर जांच के बाद जिला पंचायत ने ठेका लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया है। पंच और सरपंच ने मिलकर कर डाला सौदा     जनपद पंचायत गुना को शिकायत मिली थी कि करोद ग्राम पंचायत (Karod Gram Panchayat) की सरपंच ने पंचायत का संचालन ठेके पर दे दिया है। जनपद पंचायत ने जांच कराई तो सामने आया कि 28 नवंबर 2022 को सरपंच लक्ष्मी बाई ने पंच रणवीर सिंह कुशवाह के साथ एक करारनामे की नोटरी कराई है। 100 रुपये के स्टांप वाले शपथ पत्र पर इस करारनामे के अनुसार सरपंच ने पंचायत के संचालन की जिम्मेदारी रणवीर सिंह कुशवाह को सौंप दिया था। गांव के किसी व्यक्ति ने अप्रैल में इसकी शिकायत जनपद पंचायत से की। जांच हुई, सरपंच के बयान हुए। जनपद पंचायत ने रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दी। नौ मई को जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत को एफआईआर कराने के निर्देश दिए। जनपद पंचायत ने 13 मई को कैंट थाना प्रभारी को प्रकरण दर्ज करने पत्र लिखा। शुरुआती तथ्य लेने के बाद कैंट थाने में 17 मई को एफआईआर दर्ज कर ली गई। भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में केस जनपद पंचायत गुना के समन्वयक सुनील खालको की शिकायत पर कैंट थाने में रणवीर सिंह कुशवाह के खिलाफ धारा 420, 419 और भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा (8) के तहत मामला दर्ज किया गया है। – अनूप भार्गव, थाना प्रभारी कैंट Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले मंत्री शाह के खिलाफ जांच करेगी 3 सदस्यीय SIT टीम, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ राज्य के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की जांच के लिए सोमवार देर रात तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है. विशेष जांच दल (एसआईटी) में पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, उप महानिरीक्षक कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह शामिल हैं. सुप्रीम ने सोमवार को कर्नल कुरैशी पर की गई ‘‘अभद्र'' टिप्पणी के लिए विजय शाह को फटकार लगाई और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन करने का निर्देश दिया. कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने गठित की एसआईटी शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मंगलवार सुबह 10 बजे तक आईजी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने को कहा था, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हो, जो मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच करेगी.  मंत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह एक सार्वजनिक व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं और इसलिए उनके शब्दों में कुछ वजन होना चाहिए. इस मामले में CID ​​ने आदेश जारी कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2025 को कुंवर विजय शाह बनाम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं अन्य के मामले में यह आदेश जारी किया था, जो एफआईआर क्रमांक 188/2025 से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152, 196 (1) (बी) एवं 197 (1) (सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. गठित एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन प्रमोद वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक विशेष सशस्त्र बल भोपाल कल्याण चक्रवर्ती, पुलिस अधीक्षक डिंडोरी वाहिनी सिंह जांच करेंगे. CID के आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः एवं निर्धारित समय सीमा में पालन किया जाए. क्या है पूरा मामला दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह के मामले में जांच करने के लिए एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. कुछ दिनों पहले मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की विवादित टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच समिति (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया था. साथ ही पीठ ने विजय शाह की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने मंत्री की लगाई फटकार पीठ ने कहा कि हमें ऐसी माफी नहीं चाहिए. आप पहले गलती करते हैं, फिर कोर्ट चले आते हैं. आप जिम्मेदार राजनेता हैं. आपको सोच-समझकर बोलना चाहिए, लेकिन आपने बहुत घटिया भाषा अपनाई है. इस पर विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि वह माफी मांग चुके हैं और माफी का वीडियो भी जारी कर चुके हैं. विजय शाह मेरी पार्टी में होते तो उन्हें निकाल देता: चिराग पासवान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि अगर भाजपा नेता उनकी पार्टी में होते तो उन्हें ‘‘जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.'' लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे. वह अपने गृह राज्य बिहार के दौरे पर हैं. हाजीपुर से सांसद ने कहा, ‘‘हमें अपने सैन्यकर्मियों पर गर्व है, जो कोई भी उनकी तुलना आतंकवादियों से करता है, वह निंदा का पात्र है। अगर ऐसा कोई व्यक्ति मेरी पार्टी में होता, तो उसे जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.'' चिराग की पार्टी भाजपा की सहयोगी है. शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में मीडिया को जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को ‘‘आतंकवादियों की बहन'' कहकर विवाद खड़ा कर दिया था. हालांकि, भाजपा ने अभी तक शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जो दावा कर रहे हैं कि यह ‘‘जुबान फिसलने'' के कारण हुआ. मध्यप्रदेश के मंत्री को राजग सहयोगियों के साथ-साथ विरोधियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई. न्यायालय ने कहा कि शाह के बयानों से ‘‘पूरा देश शर्मसार हुआ है''. इसने साथ ही आदेश दिया कि इस संबंध में दर्ज प्राथमिकी की जांच तीन सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा की जाए. 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.'' हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम … Read more

महाराष्ट्र सरकार में फिर से मंत्री बने NCP नेता छगन भुजबल, सूबे में हैं OBC का बड़ा चेहरा

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पांच महीने पुराने राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता छगन भुजबल की मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. उन्होंने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार की उपस्थिति में शपथ ली. शपथ के दौरान मजेदार वाकया हुआ. शपथ से पहले सभी ने उनको गुलदस्ता दे कर अभिनंदन किया, मगर जैसे ही उनके पास अजित पवार पहुंचे तो सभी लोग हंसने लगे. बता दें कि सीएम फडणवीस ने अपने 5 महीने पुराने कैबिनेट का विस्तार किया है. पिछले साल दिसंबर में उनको मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी. मगर, सोमवार को विस्तार के दौरान उनको शामिल किया गया. सोमवार रात को ही भुजबल ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार, 20 मई को फडणवीस सरकार की कैबिनेट की शपथ लेंगे. आज सुबह उन्होंने राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन की मौजूदगी में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली.     भुजबल ने पहले ही बता दिया था सोमवार को देर जानकारी देते हुए भुजबल ने कहा था, ‘उन्हें मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाले महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. मुझे सूचित किया गया है कि मुझे राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार सुबह 10 बजे होगा.’ भाजपा ने पुष्टि कर दी थी वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन का नेतृत्व कर रही भाजपा के सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की थी. राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुख चेहरे भुजबल (77) को पिछले साल दिसंबर में मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था. राकांपा के एक वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे ने मार्च में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद संभावित रूप से भुजबल को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है. ताकतवर ओबीसी नेता छगन भुजबल का राजनीतिक कद महाराष्ट्र में किसी से छिपा नहीं है. वे न केवल येवला से विधायक हैं, बल्कि ओबीसी समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ है. उनके समर्थक लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए. सूत्रों का कहना है कि गठबंधन सरकार ने उनकी नाराजगी को दूर करने और ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है. निकाय चुनावों से पहले की चाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भुजबल का मंत्रिमंडल में शामिल होना एनसीपी और गठबंधन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है. खासकर, आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए ओबीसी समुदाय को साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है. भुजबल के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण विभाग मिलने की भी संभावना जताई जा रही है. काम आई भुजबल की पॉलिटिक्स? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शरद पवार को मेंटर मानने वाले छगन भुजबल समता परिषद के जरिए यह संदेश देने में सफल रहे कि उनकी नाराजगी से एनसीपी को नुकसान हो सकता है, अजित पवार के साथ उनके पिछले छह महीने में संबंध सामान्य ही रहे, हालांकि दूसरी ओर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ नजदीकी बढ़ाते रहे। एक्सपर्ट कहते हैं कि यह प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा था। इसी बीच जब बीड के सरंपच की हत्या में धनंजय मुंडे का इस्तीफा हुआ तो भुजबल के लिए मंत्रीमंडल में लौटने की उम्मीद बढ़ गई क्योंकि फडणवीस सरकार में एनसीपी के कोटे की एक बर्थ खाली हो गई। भुजबल की क्यों हुई वापसी? राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने छगन भुजबल को मंत्री बनाकर खुश करने की कोशिश की है। छगन भुजबल की अगुवाई वाली समता परिषद की ओबीसी वर्ग में अच्छी पैठ है। भुजबल के मंत्री बनने से अच्छा संदेश जाएगा। एक्सपर्ट कहते हैं कि अजित पवार ने भुजबल की वापसी कराकर जहां ओबीसी वर्ग को खुश करने की कोशिश की है तो वहीं उन्होंने भुजबल को भी यह संदेश दे दिया है कि वह चाहे तो किसी को भी बाहर बैठा सकते हैं। उन्होंने ऐसा करके अपनी पावर दिखा दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि जब केंद्र सरकार देश में जाति जनगणना के लिए आगे बढ़ रह है तब अजित पवार पार्टी के सबसे बड़े ओबीसी चेहरे को और नाराज नहीं रख सकते थे। तब अजित के साथ ली थी शपथ भुजबल महाराष्ट्र के उन कुछ नेताओं में शामिल हैं जो 75 पार होने के बाद भी राजनीतिक में खुद को प्रासंगिक बनाए हुए हैं। पिछले साल दिसंबर में जब फडणवीस ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था तब भुजबल के साथ एनसीपी के ही दिलीप वाल्से पाटिल तथा बीजेपी के मुनगंटीवार और विजयकुमार गावित को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। इसके बाद सिर्फ भुजबल ही मंत्रिमंडल में लौटे हैं। भुजबल ने राजनीति की शुरुआत शिवसेना से की थी। 1991 से 1999 तक शिवसेना में रहने के बाद वह 1999 में एनसीपी में आए थे। इसके बाद से वह एनसीपी में हैं। अजित पवार ने जब चाचा शरद पवार का साथा छोड़ा था। तब भुजबल भी अजित के साथ चले गए थे और फिर शिंदे सरकार में मंत्री बने थे। भुजबल की अहमियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने अजित पवार के साथ शपथ ली थी। भुजबल दो बार राज्य के डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं। वह राज्य के गृह विभाग के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग को संभाल चुके हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श … Read more