रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बीच में टेस्ट से संन्यास लेना चाहते थे, बीसीसीआई ने उसे किया खारिज: रिपोर्ट

नई दिल्ली रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट से संन्यास क्यों लिया? क्या बीसीसीआई ने उन्हें संन्यास के लिए कहा था? रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने रोहित शर्मा से दो टूक कह दिया था कि अब टेस्ट टीम में उनकी कोई भूमिका नहीं दिख रही। अब रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इंग्लैंड दौरे पर जाना चाहते थे। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की तरह रिटायरमेंट का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीसीसीआई ने उसे खारिज कर दिया। उसी के बाद हिटमैन को मजबूरन टेस्ट से संन्यास का ऐलान करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित शर्मा अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर जाना चाहते थे जहां भारत को अंग्रेजों के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। रिपोर्ट में भारतीय क्रिकेट से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बीच में टेस्ट से संन्यास लेना चाहते थे। महेंद्र सिंह धोनी ने 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ही सीरीज के बीच में टेस्ट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। हालांकि, बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के धोनी जैसे रिटायरमेंट के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि चयनकर्ता सीरीज के दौरान निरंतरता चाहते थे। उन्होंने रोहित शर्मा से कहा कि उन्हें इंग्लैंड दौरे पर बतौर खिलाड़ी तो भेजा जा सकता है लेकिन कप्तान के तौर पर नहीं। इसी के बाद रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया। रोहित शर्मा ने 67 टेस्ट मैच की 116 पारियों में 40.57 की औसत से कुल 4301 रन बनाए। इसमें उनके 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इस फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। तब विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने भी टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया था। रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास के 5 दिन बाद विराट कोहली ने भी इस फॉर्मेट को अलविदा कहकर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

जापान-फ्रांस को क्यों चाहिए PL-15E का अवशेष, कई देशों में क्यों मची होड़, भारत से की मलबे की मांग

नई दिल्ली पिछले महीने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से आतंकियों का खात्मा करने और उनके ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमला बोल दिया था। चार दिनों के सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान की तरफ से करीब 800 से 1000 ड्रोन और मिसाइल दागे गए थे, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने मार गिराया था। पाकिस्तान ने ये ड्रोन और मिसाइल भारत के 30 शहरों में आम नागरिकों और सैन्य बेस को निशाना बनाकर दागे थे लेकिन सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया। इन हमलों में भारत में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। पिछले दिनों जब सेना के तीनों सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स की थी और दुश्मन देश द्वारा हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स और मिसाइलों के मलबों की तस्वीरों का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया था, तब बताया गया था कि पाकिस्तान ने तुर्की के ड्रोन समेत चीन के PL-15E मिसाइलों का भी इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया था, जिसे हमारी एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया था। PL-15E हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल PL-15E चीन निर्मित हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसे सीमावर्ती इलाकों में मार गिराया गया था। इस मिसाइल के टुकड़े पंजाब के खेतों में मिले थे। पंजाब के होशियारपुर में एक जगह तो यह मिसाइल बिना ऐक्टिव हुए ही खेतों में गिरा मिला, जिसकी सुरक्षा बलों ने जांच की तो पाया कि यह चीन की उन्नत मिसाइल PL-15E है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस मिसाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये प्रति यूनिट बताई जा रही है। इसे हवा से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की एडवांस मिसाइलों में गिना जाता है। जापान-फ्रांस को क्यों चाहिए PL-15E का अवशेष अब नए घटनाक्रम में जापान, फ्रांस और फाइव आइज के कई देशों की खुफिया एजेसियों ने भारत से इस मिसाइल के मलबे की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन निर्मित मिसाइल की बरामदगी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह अपनी मारक क्षमताओं और रेंज के बारे में बहुमूल्य जानकारी देने में सक्षम होगी, जिसका उपयोग उसकी काट तैयार करने और उससे निपटने की रणनीति तैयार करने समेत चीनी मिसाइल निर्माण की तकनीक हासिल करने में किया जा सकता है। दरअसल, फ्रांस और जापान, जो हाई टेक एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणालियों में भारी निवेश कर रहे हैं, उन्हें चीन के इस गुप्त PL-15E मिसाइल के मलबे से न सिर्फ उसकी संरचना और तकनीकी पहलुओं से नई जानकारी प्राप्त होगी बल्कि विदेशी मिसाइल के रडार सिग्नेचर, मोटर संरचना, मार्गदर्शन तकनीक और संभवतः इसके एईएसए (एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे) रडार की मायावी वास्तुकला का पता लगाने में भी बड़ी मदद मिल सकेगी। फ्रांस के मेटियोर मिसाइल के लिए सीधा खतरा फ्रांस, इसलिए भी इस मिसाइल की स्टडी करने को उत्सुक है क्योंकि इस चीनी मिसाइल को मेटियोर मिसाइल के लिए सीधा खतरा माना जाता है। रैमजेट प्रणोदन प्रणाली और एक महत्वपूर्ण "नो-एस्केप ज़ोन" के साथ, मेटियोर लंबे समय से हवाई प्रभुत्व के लिए बेंचमार्क रहा है। हालांकि, PL-15E ने लंबी दूरी और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के रूप में एक दुर्जेय प्रतिद्वंद्वी के रूप मेंअपनी पहचान स्थापित की है। पाकिस्तान द्वारा युद्ध में पहली बार इस मिसाइल का इस्तेमाल करना भी सैन्य आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। फाइव आईज देश और जापान एशिया में खासकर इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे में बीजिंग के बढ़ते प्रभाव को एक रणनीतिक चुनौती के रूप में देख रहे हैं। इसलिए उसकी मिसाइल टेकनोलॉजी का गहराई से अध्ययन करना चाहते हैं और इस दिशा में पंजाब के खेतों में मिला चीनी मिसाइल का मलबा एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन

लालबाग के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन संवर्धन हेतु 24 महीने में होगा पुनर्निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 47.59 करोड़ की लागत से लालबाग पैलेस का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में होगा विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक लालबाग पैलेस का भ्रमण कर किया अवलोकन मंत्रि-परिषद सदस्यों की उपस्थिति में हुई लालबाग के ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस  ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें  बाउंड्री वाल,  पाथवे,  पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे,  मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं, आसिम मुनीर संग हाफ फोटो शेयर कर अमित मालवीय ने साधा निशाना

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर एक तरफ जहां सरकार देश-विदेश में अभियान चला रही है. वहीं राहुल गांधी इस ऑपरेशन का हिसाब-किताब मांगने में जुटे हैं. ऐसे में अब बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से कर दी है. बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि यह चौंकाने वाला नहीं है कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री को बधाई भी नहीं दी. इसके बजाए वह बार-बार पूछ रहे हैं कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवा दिए जबकि इस सवाल का जवाब डीजीएमओ की ब्रीफिंग में पहले से दिया जा चुका है. मालवीय ने कहा कि राहुल ने हालांकि एक बार भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के कितने जेट मार गिराए गए या फिर कितनों को नष्ट किया गया. राहुल गांधी को आगे क्या मिलेगा? निशान-ए-पाकिस्तान? क्या है पूरा मामला? बता दें कि इस पोस्ट के साथ अमित मालवीय ने एक तस्वीर भी पोस्ट की है, जिसमें आधा चेहरा पाकिस्तानी सेना के चीफ आसिम मुनीर का और आधा चेहरा राहुल गांधी का नजर आ रहा है. वह एक और पोस्ट कर कहते हैं कि राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. इस पूरे ऑपेरशन को लेकर राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे हैं कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भारत के कितने एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री जयशंकर से सवाल करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री जयशंकर चुप है. उनकी यह चुप्पी बहुत कुछ कह रही है. ये निंदनीय है. इसलिए मैं दोबारा पूछूंगा कि पाकिस्तान को हमले का पता होने की वजह से हमने कितने एयरक्राफ्ट खो दिए? यह सिर्फ चूक नहीं थी. यह अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है. इससे पहले भी राहुल गांधी ने जयशंकर पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमला करने से पहले पाकिस्तान को बताना एक अपराध है. विदेश मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार किया है. इसकी मंजूरी किसने दी? हमने कितने एयरक्राफ्ट खोए? इससे पहले 11 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा था कि हम युद्ध की स्थिति में है और नुकसान इसका एक हिस्सा है. सवाल ये है कि क्या हमने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया है? इसक जवाब है हां. उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी डिटेल पर वह फिलहाल टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि हम अभी भी युद्ध की स्थिति में है और ऐसी कोई भी जानकारी दुश्मनों के हाथ लगाना सही नहीं है. एयर मार्शल ने कहा कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि हमने ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार को मैसेज भेजा था कि हम आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे थे लेकिन हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. ऐसे में सेना के पास पीछे हटने और हस्तक्षेप नहीं करने का विकल्प है. पाकिस्तान ने इस सलाह को नहीं सुनने में ही अपनी भलाई समझी. बता दें कि मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसने प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला के खिलाफ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ देकर विश्वासघात किया था.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

शासन के द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर

 रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। यह राशि सुकमा जिले के लाभार्थियों अथवा उनके माता-पिता के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई।     वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन विभाग के अधिकारियांे को स्पष्ट रूप से निर्देशित किए है कि विभाग द्वारा चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा सभी लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाया जाए।     वन मंडलाधिकारी सुकमा श्री अक्षय भोंसले ने बताया कि मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 46 छात्रों को कुल, एक लाख चौबीस हजार पांच सौ रूपए की राशि वितरित की गई है। वहीं प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कुल 34 छात्रों को पांच लाख सत्तर हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इसके अलावा व्यवसायिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 6 विद्यार्थियों को कुल चालीस हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई है।     वनमंडलाधिकारी श्री भोंसले ने यह भी बताया कि एक अभिनव पहल के रूप में वन विभाग के कर्मचारियों को यह निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार को इस आर्थिक सहायता की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों को राशि की जानकारी समय पर मिले। इसके साथ ही उन्होंने जंगल में रहने वाले समुदायों से आह्वान किया है कि वे आगे आएं और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में भाग लें, जिससे वे भी शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो सकें। यह योजनाएँ न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि वनवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती हैं। जिले के प्रभारी मंत्री और वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री श्रीनिवास राव के निर्देशानुसार वन विभाग का यह प्रयास समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

ऐसा तो पाकिस्तान में ही मुमकिन है! भारत से बुरी तरह पिटे, फिर भी मुनीर का प्रमोशन

करांची  पाकिस्तान की शहबाज शरीफ ने मंगलवार को बड़ा फैसला करते हुए आसिम मुनीर को बड़ी उपलब्धि से नवाज दिया है. शहबाज शरीफ कैबिनेट ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया है. आसिम मुनीर पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल होंगे, इससे पहले जनरल अय्यूब खान फील्ड मार्शल के पद तक पहुंचे थे. पाकिस्तान की कैबिनेट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.पाकिस्तान में फील्ड मार्शल का पद पाकिस्तानी सशस्त्र बलों में सर्वोच्च पद है. जनरल असीम मुनीर देश के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बन गए हैं, इससे पहले अयूब खान 1959-1967 के बीच इस पद के कार्यरत थे. असीम मुनीर ने पाकिस्तान में रखी आतंकवाद 2.0 की बुनियाद, तीसरी नस्ल भी बर्बाद!  पाकिस्तान एक ऐसा अभागा देश है जहां के बच्चों को पढ़ने लिखने की नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ जिहाद का जहर चटाकर जवान किया जाता है। यही वजह है कि आम पाकिस्तानियों में भारत के खिलाफ इतनी नफरत भरी हुई है। पाकिस्तान की सेना देश की युवा पीढ़ी को आतंक की नई नस्ल बनाने के लिए काफी तेजी से काम कर रही है और असीम मुनीर की नियुक्ति का मतलब भी यही करना था। भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों का मानना है कि जनरल असीन मुनीर को पाकिस्तानी सेना का प्रमुख बनाना सिर्फ एक आम नियुक्ति नहीं है, पाकिस्तान की तीसरी पीढ़ी को भी कट्टरपंथी जिहादी राजनीति में शामिल करने के एक और खतरनाक दौर की शुरूआत है। पाकिस्तान में ऐसा सालों से होता आया है और पाकिस्तान की सेना के जनरल देश की अवाम को भारत के खिलाफ जिहाद शुरू करने के लिए हमेशा से भड़काते रहे हैं।  ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरल आसिम मुनीर मजहब को हथियार बनाकर एक ऐसे "जिहाद" को आगे बढ़ा रहा है, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।  रिपोर्ट में भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों ने पाकिस्तान में जिहाद के खतरनाक डेवलपमेंट को लेकर चेतावनी दी है। जनरल असीम मुनीर के जहरीले भाषण के बाद ही आतंकवादियों ने पहलगाम में आतंकी हमला किया था और लोगों से धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी थी। भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों का मानना है कि जनरल असीम मुनीर का भाषण सिर्फ बयानबाजी नहीं था, बल्कि इसे हत्या करने का आदेश के रूप में देखना चाहिए। पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ऐसा करते रहे हैं और मजहब को हथियार बनाकर भारत के खिलाफ जिहाद लड़ने के लिए अपने देश के लोगों को जमा करते रहे हैं। देश की तीसरी पीढ़ी को भी जहरीला बना रहे असीम मुनीर सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर पाकिस्तान की तीसरी पीढ़ी को भी उसी रास्ते पर ले जा रहा हैं, जिस रास्ते पर भारत के खिलाफ नफरत सिखाया जाता है। असीम मुनीक की स्ट्रैटजी हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर के कश्मीर को आजाद कराने के लक्ष्यों के मुताबिक ही है। हालांकि हााफिज सईद और मसूद अजहर आतंकवादी हैं और उन्हें सरकारी संसाधन नहीं मिले हैं, लेकिन असीम मुनीर सेना का कमान संभाले हुए इन्हीं आतंकवादियों वाले काम कर रहा है। यानि पाकिस्तान की सेना ने भारत के खिलाफ जिहाद को अपना मुख्य मकसद बना लिया है। असीम मुनीर पाकिस्तान के ऐसे पहले सेनाध्यक्ष हैं, जिसे पूरा कुरान याद है और देश की सेना में उसे मौलाना के तौर पर पहचान हासिल है। वो अपने हर भाषण में कुरान की आयतों का हवाला देता है और 'पवित्र युद्ध' की बात करता है। असीम मुनीर पाकिस्तान के नागरिक समाज और सेना में धार्मिक भावना का इस्तेमाल कर रहा है ताकि 'जिहाद' को एक स्टेट पॉलिसी की तरह अपनाया जा सके।  सूत्रों के हवाले से बताया है कि असीम मुनीर ने पाकिस्तान की सेना के ट्रेनिंग कार्यक्रमों में भड़काऊ भाषण करने वाले मौलानाओं को बुलाना शुरू कर दिया है और उसने जवानों को कहना शुरू कर दिया है कि 'कश्मीर को आजाद करवाना ऊपरवाले का आदेश है।' यही सब बातें हाफिज सईद और मसूद अजहर भी करते हैं। लिहाजा धीरे धीरे फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना कहीं आतंकवादी संगठन में तो तब्दील नहीं होने लगी है। सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर अक्सर कुरान की आयतें पढ़ता रहता है और बैठकों के दौरान कुरान की आयतों को ही अपने तर्ज पर व्याख्या करते हुए भाषण देता रहता है। सूत्रों ने कहा है कि छद्म युद्ध के लिए मुनीर बार बार कुरान का हवाला देता है और हाफिज सईद या मसूद अजहर की तरह ही भारत के खिलाफ लड़ाई को अल्लाह के लिए लड़ाई बताता है। असीम मुनीर के आने के बाद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे समूहों के लिए पाकिस्तान में भारी समर्थन हो गया है। उन्हें ड्रोन, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराए गए हैं। सूत्रों से पता चलता है कि मुनीर ने ISI सहित पाकिस्तान की सैन्य-खुफिया मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए हिंदुओं को निशाना बनाकर 2025 के पहलगाम नरसंहार जैसे हमलों को अंजाम दिया है। पाकिस्तान सेना का मकसद अब कश्मीरी मुस्लिम समाज में धार्मिक चरमपंथ को दोबारा पनपाना है। इसके अलावा कट्टरपंथी मौलवियों के जरिए भारत के अंदर भी कट्टरपंथी विचारधारा को भड़काने की कोशिश किया जाना है और पहलगाम आतंकी हमले से पहले टू नेशन थ्योरी और मुसलमानों को हिंदुओं से अलग बताना उसकी इसी कोशिश को दिखाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की … Read more

सोना तस्करी मामले में रान्या राव को मिली जमानत.

बेंगलुरु सोने की तस्करी मामले में कन्नड़ ऐक्ट्रेस रान्या राव और दूसरे आरोपी कोंडारू राजू को मंगलवार को आर्थिक अपराधों की स्पेशल कोर्ट से सशर्त जमानत दे दी गई। कोर्ट ने दोनों से दो जमानती गवाह और 2-2 लाख रुपये के बॉन्ड जमा करने को कहा है। जज विष्णनाथ सी. गौदार ने यह जमानत दी, लेकिन शर्त रखी कि दोनों आरोपी न तो देश छोड़ सकते हैं और न ही दोबारा ऐसा जुर्म करेंगे। ये फैसला तब आया जब डायरैक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करने में नाकाम रही।  रिपोर्ट के मुताबिक, रान्या राव को स्पेशल कोर्ट ने सोने की तस्करी मामले में जमानत तो दे दी है, मगर वो फिलहाल रिहा नहीं होंगी। वजह यह है कि उनके खिलाफ अब एक और सख्त कानून विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी रोकथाम अधिनियम, 1974 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून भारत में तस्करी और विदेशी मुद्रा की हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए इस्तेमाल होता है और इसके तहत बिना मुकदमा चलाए भी किसी को हिरासत में रखा जा सकता है। जब तक रान्या राव को इस कानून के तहत भी जमानत नहीं मिलती, तब तक उनकी रिहाई मुमकिन नहीं है। बता दें कि रान्या राव को 3 मार्च को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, जब वो दुबई से करीब 14.2 किलो सोना चुपचाप अपने साथ ला रही थीं। इस सोने की कीमत 12.56 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है और इसे उन्होंने अपने शरीर पर छुपा रखा था। डीआरआई अधिकारियों को उनके खिलाफ पहले से ही सूचना मिली हुई थी और लंबे समय से उन पर नजर रखी जा रही थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि रान्या और उनके साथी कोंडारू राजू ने साल 2023 से 2025 के बीच दुबई के कुल 52 चक्कर लगाए, जिनमें से 45 बार वो सिर्फ एक दिन में जाकर लौट आए। इन लगातार अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से उन पर शक गहराता गया और आखिरकार वो डीआरआई के शिकंजे में आ गईं। कन्नड़ सिनेमा की पॉपुलर एक्ट्रेस रान्या राव पर सोने की तस्करी करने के आरोप में कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। 3 मार्च, 2025 को बैंगलोर के केंपगौड़ा एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस 12.56 करोड़ के गोल्ड के साथ पकड़ाई थीं। जांच में सामने आया कि एक्ट्रेस बीते लंबे समय से गोल्ड स्मगलिंग कर रही हैं, जिसके तार लंदन, यूरोप और दुबई से जुड़े हुए हैं। अब इसी मामले में 26 अप्रैल को कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव पर COFEPOSA (कंजर्वेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज एंड प्रिवेंशन ऑफ स्मगलिंग एक्टिविटीज) के तहत शिकायत दर्ज हुई है। इसके चलते रान्या के कम से कम एक साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी। जांच एथॉरिटी के अनुसार, रान्या राव इन्वेस्टिगेशन में सहायता नहीं कर रही थीं। उन्होंने कई बार जमानत याचिका दायर की थी। ये धारा इसलिए लगाई गई है, जिससे वो उन्हें दोबारा इस गैरकानूनी काम में जाने से रोका जा सके। क्या है पूरा मामला? कन्नड़ एक्ट्रेस और सीनियर पुलिस ऑफिसर के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव 3 मार्च को बैंगलोर के केंपगौड़ा एयरपोर्ट पर उतरी थीं। करीब 6 बजे रान्या एग्जिट गेट की ओर बढ़ीं। बाहर निकलने के लिए वे ग्रीन चैनल की ओर चली गईं। ग्रीन चैनल उन पैसेंजर्स के लिए होता है, जिनके पास जांच के लिहाज से कोई सामान नहीं होता। रान्या पहले भी इसी तरह एयरपोर्ट से बाहर निकलती थीं। उस दिन डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी DRI के अफसरों ने उन्हें रोक लिया। पूछा- क्या आपके पास सोना या ऐसी कोई चीज है जो बतानी हो? रान्या ने जवाब दिया- नहीं। इतनी सी बातचीत में रान्या के चेहरे पर घबराहट दिखने लगी। अफसरों को शक हुआ। उन्होंने दो महिला अधिकारियों को बुलाया और रान्या को चेक करने के लिए कहा। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सोना मिला। उनके पास कुल 14.2 किलोग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपए थी। रान्या को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। तब से ही रान्या पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रान्या ने बताया है कि वो कई बार यूरोप, अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों में गई थीं। उन्होंने इसकी वजह मॉडलिंग फोटो शूट और रियल एस्टेट से जुड़ा काम बताया। रान्या फिलहाल बैंग्लोर की सेंट्रल जेल में दो सह-आरोपियों तरुण राजू और साहिल सकरिया के साथ बंद हैं। इस मामले की जांच डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और CBI द्वारा की जा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49