भारत ने सुरक्षा तैयारियों का कड़ा संदेश देते हुए ‘भार्गवास्त्र’ का सफल परीक्षण किया, चीन लॉन्च करने जा रहा ‘ड्रोन मदरशिप’

चीन चीन जल्द ही अपना नया एडवांस्ड ड्रोन मदरशिप जियु टियान लॉन्च करने वाला है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह ड्रोन जून के अंत तक अपनी पहली मिशन फ्लाइट पर रवाना होगा। इस मिशन के साथ ही चीन की लंबी दूरी की मानवरहित हवाई क्षमताओं में बड़ा इजाफा माना जा रहा है। इससे पहले भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों का कड़ा संदेश देते हुए 'भार्गवास्त्र' नामक नई काउंटर-ड्रोन प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। क्या है चीन का 'जियु टियान'? चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह मानवरहित हवाई वाहन अपनी पहली मिशन फ्लाइट जून के अंत तक भरेगा। ‘जियु टियान’ का अर्थ है “ऊंचा आकाश” और इसे शांक्सी अनमैन्ड इक्विपमेंट टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। यह UAV नवंबर 2024 में झुहाई एयर शो में पहली बार प्रदर्शित हुआ था। इसकी रेंज 7000 किमी है। इसकी उड़ान ऊंचाई 15000 मीटर है। अधिकतम टेक-ऑफ वजन 16000 किलोग्राम है। पेलोड क्षमता 6000 किलोग्राम है। यह एकसाथ 100 ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता रखता है। यह क्रूज़ और PL-12E एयर-टू-एयर मिसाइल से लैस इस UAV की सबसे खास बात यह है कि इसे मिशन के अनुसार तेजी से बदला जा सकता है — चाहे वो सीमा सुरक्षा, समुद्री निगरानी, इमरजेंसी रेस्क्यू या सैन्य ऑपरेशन हो। भारत का जवाब- 'भार्गवास्त्र' चीन की इस तैयारी के बीच भारत ने भी अपनी नई कम लागत वाली काउंटर-ड्रोन तकनीक ‘भार्गवास्त्र’ का परीक्षण कर जवाब दे दिया है। यह परीक्षण ओडिशा के गोपालपुर में पिछले हफ्ते किया गया। 'भार्गवास्त्र' भारत की स्वदेशी विकसित की गई एक बहुस्तरीय काउंटर-ड्रोन प्रणाली है, जिसे खासतौर पर छोटे, झुंड में आने वाले और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन को मार गिराने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह काउंटर ड्रोन रक्षा प्रणाली 6 से 10 किलोमीटर तक की दूरी पर ड्रोन को ट्रैक कर सकती है और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग या हार्ड किल तकनीक से निष्क्रिय कर सकती है। इसमें AI-आधारित ट्रैकिंग, RF रिसीवर, लेजर डिटेक्शन और इंटरसेप्शन सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं। भारत के रक्षा अनुसंधान संगठनों द्वारा विकसित यह प्रणाली सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से तैनाती के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।   recent visitors 46

पीएम मोदी ने किया नर्मदापुरम एवं शाजापुर अमृत भारत स्टेशनों सहित 100 से अधिक स्टेशनों का लोकार्पण

भोपाल मंडल को मिले दो पुनर्विकसित अत्याधुनिक स्टेशन – सुविधाओं, संस्कृति और सौंदर्य का अनूठा संगम भोपाल भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले नर्मदापुरम एवं शाजापुर रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए स्वरूप में पुनर्विकसित किया गया है। आज दिनांक 22 मई 2025 को देशभर के 100 से अधिक स्टेशनों के साथ इन दोनों स्टेशनों का लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की जो गति पकड़ी है, वह अभूतपूर्व है। आज भारत के 100 से अधिक अमृत भारत स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें मध्य प्रदेश राज्य के छह स्टेशन – कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं।  उन्होंने कहा कि ये स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन प्रयासों से न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अपने ओजस्वी भाषण में प्रधानमंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि “दुनिया ने देखा है जब पवित्र सिंदूर बारूद में बदलता है, तो परिणाम क्या होते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत की तीनों सेनाओं को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और अब भारत आतंकवाद के हर हमले का जवाब अपने तरीके और समय से देगा। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को भारतीयों के जीवन की कीमत चुकानी पड़ेगी, और यह कीमत उसकी सेना और अर्थव्यवस्था दोनों को भुगतनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगा, और हर हमले का निर्णायक जवाब देगा। इस अवसर पर नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। माननीय राज्यपाल मध्य प्रदेश श्री मंगूभाई पटेल (वीसी के माध्यम से), माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, माननीय प्रभारी मंत्री नर्मदापुरम श्री राकेश सिंह ,माननीय सांसद (लोकसभा) श्री दर्शन सिंह चौधरी, माननीय सांसद (राज्यसभा) श्रीमती माया नरोलिया, माननीय विधायक नर्मदापुरम डॉ. सीतासरन शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुरेश पचोरी,माननीय विधायक  पिपरिया  श्री ठाकुरदास नागवंशी , माननीय विधायक  सोहागपुर श्री विजय पाल सिंह  , नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव , जनपद अध्यक्ष श्री भूपेंद्र चौकसी एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि  उपस्थित रहे। रेलवे की ओर से महाप्रबंधक पश्चिम मध्य रेलवे श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय, मंडल रेल प्रबंधक भोपाल श्री देवाशीष त्रिपाठी, मुख्य जन संपर्क अधिकारी श्री हर्षित श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन – आध्यात्मिक संस्कृति और आधुनिक संरचना का मेल ₹26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित नर्मदापुरम स्टेशन को माँ नर्मदा की थीम पर आधारित स्वरूप दिया गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, सुसज्जित प्रतीक्षालय, आधुनिक टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैम्प व शौचालय, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज तथा दोनों ओर कवर शेड्स युक्त हाई लेवल प्लेटफॉर्म यात्रियों की सुविधा को नई ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, लगभग 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण और 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में एलईडी प्रकाश व्यवस्था की गई है। नर्मदापुरम स्टेशन अब केवल एक यात्री ठहराव नहीं, बल्कि माँ नर्मदा की पावन धरा पर बना एक आधुनिक और सांस्कृतिक अनुभव केंद्र बन चुका है। शाजापुर रेलवे स्टेशन – परंपरा और आधुनिकता का समन्वय शाजापुर स्टेशन पर आयोजित लोकार्पण समारोह में भी अनेक जनप्रतिनिधियों एवं रेलवे अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। माननीय सांसद (लोकसभा) श्री महेंद्र सिंह सोलंकी, माननीय विधायक शाजापुर श्री अरुण भीमावाद, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रेम जैन, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री संतोष जोशी, जनपद अध्यक्ष श्री शरद शिवहरे , जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिसोदिया एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि  उपस्थित रहे। रेलवे की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल श्रीमती रश्मि दिवाकर, मंडल अभियंता (पश्चिम) श्री भरत भूषण दीक्षित, मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यवेक्षक भी मौजूद रहे। लगभग ₹13 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में प्लेटफॉर्म का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, आकर्षक प्रवेश द्वार, सुसज्जित प्रतीक्षालय, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय, VIP प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा विकसित की गई है। स्टेशन पर 140 वर्गमीटर में विकसित ‘आर्ट एंड कल्चर ज़ोन’ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करता है, जो यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए गए इन पुनर्विकास कार्यों से न केवल यात्रियों के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन, सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारतीय रेलवे के उस विजन को साकार करती है, जिसमें अमृत काल के दौरान भारत को आधुनिक, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की सोच निहित है। recent visitors 37

याचिका पर SC का केंद्र को नोटिस, पिछले साल हीटवेव से मरे 700 लोग, इस बार भी खामोश बैठे राज्य

नई दिल्ली भारत में गर्मी की लहर (हीटवेव) के बढ़ते खतरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में जारी किया गया, जिसमें पिछले साल हीटवेव और गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण 700 से अधिक लोगों की मौत का हवाला दिया गया। याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों से हीटवेव प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है। प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने गृह मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोंगड़ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने ‘पूर्वानुमान, गर्मी की चेतावनी जारी करने/पूर्व चेतावनी प्रणाली और चौबीसों घंटे निवारण हेल्पलाइन आदि के लिए सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश देने की भी मांग की।’ तोंगड़ की ओर से पेश हुए वकील आकाश वशिष्ठ ने कहा कि पिछले साल भीषण गर्मी के कारण 700 से अधिक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि बार-बार भविष्यवाणियां की गई हैं कि ‘हीट स्ट्रेस’ (गर्मी का प्रकोप) अधिक तीव्र होता जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। वशिष्ठ ने कहा, ‘‘पहले, भीषण गर्मी और लू की स्थिति उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत सहित तीन क्षेत्रों में रहती थी, लेकिन अब यह पूर्वी तट, पूर्व, उत्तर-पूर्व, प्रायद्वीपीय, दक्षिणी और दक्षिण-मध्य क्षेत्रों में फैल गई है और यह आईएमडी की एक रिपोर्ट में खुद कहा गया है।’’ याचिका में इस बात पर जोर डाला गया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी की गई कार्य योजना की तैयारी के लिए 2019 में राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी किए जाने के बावजूद, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अभी तक अनिवार्य ग्रीष्म कार्य योजना को लागू नहीं किया है। इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 35 के तहत केंद्र की वैधानिक जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया गया है, जिसके तहत सरकार को आपदा प्रबंधन के लिए उचित उपाय करने की आवश्यकता होती है। याचिका में बढ़ते तापमान के संकट को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा गया है और गर्मी से संबंधित बीमारी के पीड़ितों को मुआवजा देने और अत्यधिक गर्मी की अवधि के दौरान कमजोर वर्गों को न्यूनतम मजदूरी या अन्य सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।   recent visitors 46

खेलो इंडिया एकेडमी सुकमा की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का हुआ चयन

सुकमा संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी रायपुर में खेलो इंडिया एकेडमी सुकमा की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है। यह चयन जिले की खेल प्रतिभाओं के लिए गौरव का विषय है और खेल क्षेत्र में उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को मजबूती प्रदान करता है। चयनित खिलाड़ियों में किच्चे ललिता (पोलमपल्ली), माड़वी पूजा (चिंतागुफा), संध्या नाग (कोकावाड़ा), शारदा प्रधानी (चिपुरपाल), लक्ष्मी सोढ़ी (करिगुण्डम, चिंतागुफा), सोढ़ी कोईन्दे (चिंतागुफा), माही कुंजाम (कोर्रा) और किच्चे लक्ष्मी (पोलमपल्ली) का नाम शामिल है। ये सभी खिलाड़ी सुकमा जिले की दूरस्थ क्षेत्रों से आकर अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर इस मुकाम तक पहुंची हैं। खेल अधिकारी वीरूपाक्ष पुराणिक ने बताया कि रायपुर स्थित इस आवासीय खेल अकादमी में खिलाड़ियों को न केवल गहन खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार, खेल परिधान, आवश्यक सामग्री और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का भी अवसर मिलेगा। यह सुविधा पूर्णतः आवासीय होगी, जिससे खिलाड़ी एक अनुशासित और समर्पित वातावरण में शिक्षा व खेल दोनों में आगे बढ़ सकें। खिलाड़ियों के चयन हेतु ट्रायल्स अप्रैल 2025 में राजधानी रायपुर में आयोजित किए गए थे। यह उपलब्धि सुकमा जिले के लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि जिले के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करने वाली है। recent visitors 36

बाग बगीचों को चिन्हांकित कर किया जा रहा हरित विकास

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल प्रदेश में जन सामान्य को पानी के महत्व को समझाने के लिये अनेक स्लोगन तैयार किये गये हैं। इन स्लोगन के पोस्टर और दीवार लेखन से समाज के सभी वर्गों में जन जागरूकता फैलाने के व्यापक स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी का प्रभाव है कि प्रदेश में जल संरचनाओं की साफ-सफाई में जनता की भागीदारी दिनोदिन बढ़ती जा रही है। ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान जल संरक्षण के सिद्धांत को अपनाने पर जोर देता है। इस अभियान में बुरहानपुर अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अभियान में ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण कार्य जारी है। इस कार्य में ग्रामीणजन स्वयं आगे आकर सहभागिता कर रहे है। पौंड निर्माण कार्य से वर्षा का जल संचित किया जा सकेगा और आस-पास के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। जिले में जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई इत्यादि कार्य प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। बाग बगीचों को चिन्हांकित कर किया जा रहा हरित विकास उमरिया जिले में जिला शहरी एवं विकास अभिकरण ने जन भागीदारी से नगरीय निकायों में शहरी क्षेत्रों और टाउनशिप के उजड़े बाग बगीचों को चिन्हांकित कर हरित विकास किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद उमरिया में अमृत 2.0 के अंतर्गत लालपुर पानी टंकी के पास 45 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क के निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वार्ड नंबर 14 में कन्या स्कूल के सामने 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह वार्ड नंबर 12 सत्संग भवन के पास 50 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क का निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह नगर पालिका परिषद पाली में अमृत 2.0 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 13 में सांई मंदिर के सामने 33.20 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद चंदिया के अंतर्गत अमृत 2.0 के तहत भरोसा तालाब के पास 21 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद मानपुर अंतर्गत वार्ड क्रमांक एक पंचायत भवन सेमरा में पौधरोपण किया गया है। नगर परिषद नौरोजाबाद में अमृत 2.0 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 में बागीचे का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उमरिया की नदी ग्राम पंचायत गौरय्या में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान नागरिकों ने नदी तथा उसके आस पास पड़े कचरे को एकत्र किया और जन जागरूकता का संदेश दिया।  पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा शहडोल जिले में जल संरचनाओं के कार्य में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी ली जा रही है। अभियान में नागरिकों को बताया जा रहा है कि पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा। सरकार और समाज दोनों को मिलकर जल के महत्व को समझना होगा। इसी से हम सबका भविष्य सुरक्षित होगा। जल चौपाल में बताया गया कि जल जीवन का अभिन्न अंग है, और इसके बिना न तो कृषि संभव है, न ही उद्योग, और न ही हमारी दैनिक आवश्यकताएँ पूरी हो सकती हैं। जनपद पंचायत बुढ़ार के ग्राम सिंघली में जल की एक-एक बूंद सहेजने के लिए चौपड़ा का निर्माण किया गया। चौपड़ा के निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगों को जल की समस्या से निजात मिली, वहीं वर्षा जल का संचयन भी होगा। भीषण गर्मी में भी चौपडा पानी से लबालब भरा हुआ है। जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा शहडोल जिले में "जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा", प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से 30 जून तक चलाये जाने का निर्णय लिया है। जिले में जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत बरमनिया, देवरी बुढार जनपद पंचायत के रूपौला सहित अन्य ग्राम पंचायतों में नवीन खेत तालाब के कार्य किये गए। नागौद के खजलइयां तालाब की हुई सफाई सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नगर परिषद नागौद द्वारा वार्ड क्रमांक-3 स्थित खजलइयां तालाब में जल सहयोग से सामूहिक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शासकीय अमला और नागरिक शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान की निगरानी के लिए 6 दल तैनात रीवा जिले में संभाग के सभी जिलों में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में नदियों के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण संरचनाओं में सुधार तथा नई जल संरचनाओं के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने जल संरक्षण कार्यों की निगरानी के लिए संभागीय अधिकारियों के 6 दल तैनात किए हैं। सभी दल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलों का भ्रमण करके जल संरक्षण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। रैली के माध्यम से दिया गया जल संरक्षण का संदेश कटनी जिले में कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव के मार्गदर्शन में विकासखंड कटनी में छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से चौपाल एवं रैली के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्राकृतिक स्रोतों की गहरीकरण और साफ-सफाई जन भागीदारी से करने का संदेश दिया गया। ग्राम वासियों ने स्थानीय तालाब के घाट में कचरा और गंदगी की श्रमदान से साफ-सफाई में सहभागिता की और मानव श्रृंखला बनाकर तालाब से निकले कचरे को दूर फेंक दिया। तहसील विजयराघवगढ़ सेक्टर क्रमांक एक उबरा में ग्रामीण संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जागरूकता रैली द्वारा ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश देते हुए हैंडपंपों से पानी के अपव्यय को रोकने की प्रेरणा दी गई। ग्रामों में किए जा रहे जल संरक्षण के कार्य डिण्डोरी जिले में जल स्त्रोतो के जल संरक्षण एवं पुर्नजीवन के लिये विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। विकासखण्ड … Read more

‘मंदिर एक सदी से अधिक पुराना है लेकिन दबंगों ने इस पर कब्जा कर लिया, अब अवैध निर्माण शुरू कर दिया

कराची पाकिस्तान के सिंध प्रांत के टांडो जाम कस्बे में 100 साल पुराने एक हिंदू मंदिर पर कब्जे का आरोप लगा है। हिंदू समुदाय के एक प्रतिनिधि ने गुरुवार को बताया कि जिस जमीन पर 100 साल पुराना शिव मंदिर है, उस पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इसके अलावा उसके आसपास निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘दरावर इत्तेहाद पाकिस्तान’ के प्रमुख शिव काच्छी ने कहा, ‘मंदिर एक सदी से अधिक पुराना है लेकिन दबंगों ने इस पर कब्जा कर लिया है और मंदिर के आसपास की भूमि पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया है। साथ ही शिव मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग और प्रवेश को बाधित किया है।’ काच्छी ने सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी करके घटना की जानकारी दी। काच्छी ने कहा कि शिव मंदिर के कामकाज और मंदिर के आसपास लगभग चार एकड़ जमीन की देखरेख का जिम्मा एक समिति के पास था। यह स्थान कराची से लगभग 185 किलोमीटर दूर टांडो जाम कस्बे के पास मूसा खटियन गांव में है। उन्होंने कहा कि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के कारण सिंध विरासत विभाग की एक टीम ने पिछले वर्ष इसका जीर्णोद्वार किया था। उन्होंने बताया कि मंदिर के निकट ही समुदाय के लोगों के अंतिम संस्कार के लिए एक शमशान भी है। मंदिर में प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु भजन-कीर्तन भी करते हैं। संगठन प्रमुख ने कहा, ‘भू-माफिया ने मंदिर के आसपास की काफी भूमि पर कब्जा कर लिया है और इसके चारों ओर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।' सिंध में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कल्याण के लिए कार्य करने वाले और कानूनी सहायता प्रदान करने वाले काच्छी ने पाकिस्तान सरकार से मंदिर के चारों ओर अवैध निर्माण को रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिंध में कई ऐतिहासिक हिंदू मंदिर हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है। बता दें कि पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी अब एक फीसदी से भी कम बची है। इनमें भी ज्यादातर लोग सिंध प्रांत में ही बसे हैं। ऐतिहासिक तौर पर भी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ही हिंदुओं की संख्या अधिक थी।   recent visitors 57

बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से कट गया टोल टैक्स, ऐसे मिलेगा रिफंड

नई दिल्ली पिछले दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए थे जहां बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से टोल टैक्स कट गया था। वहीं 250 मामलों में भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ने टॉल ऑपरेटरों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह मामले FASTag वॉलेट से गलत कटौती या टोल की तय रकम से ज्यादा टैक्स वसूलने से जुड़े थे। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार IHMCL को हर महीने औसतन लगभग 50 ऐसी शिकायतें मिलती हैं।अगर कभी आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपके FasTag से गलत या जरूरत से ज्यादा रकम काट ली जाए, तो परेशान होने की जरूरत बिलकुल नहीं है। दरअसल आप कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल करके गलत या ज्यादा कटे पैसे का रिफंड पा सकते हैं। अगर आपके साथ ऐसा नहीं भी हुआ है, तो भी इस तरह की जानकारी होना फायदेमंद रहता है। चलिए जानते हैं पैसे वापस पाने का आसान तरीका। गलत डिडक्शन क्यों होता है FasTag से गलत पैसे कट जाने पर रिफंड कैसे पाना है, इस बारे में जानने से पहले यह जान लेना चाहिए कि FasTag से पैसों की गलत कटौती होती कैसे है? दरअसल इस बारे में जानकारों का कहना है कि ऐसा तब होता है जब किसी की गाड़ी का FasTag टोल प्लाजा पर ठीक से रीड नहीं हो पाता। इसके बाद टोल ऑपरेटर मैनुअल तरीके से गाड़ी की डिटेल्स सिस्टम में भरता है। इस डिटेल को भरने में हुई गलती से उन लोगों के टैग से पैसा कट जाता है जिनका नंबर सिस्टम में गलत भरा जा रहा होता है। कॉल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत कॉल के जरिए करना चाहते हैं, तो आप 1033 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कॉल पर आपसे डिडक्शन के संबंध में मांगी गई सारी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद आपकी शिकायक की जांच IHMCL करेगा और गलत डिडक्शन होने पर आपको रिफंड जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं ऐसा होने पर टोल ऑपरेटर पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। ईमेल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत ईमेल के जरिए करना चाहते हैं, तो falsededuction@ihmcl.com पर सारी डिटेल्स के साथ ईमेल कर सकते हैं। इसमें आपको अपने FasTag ID, गाड़ी के नंबर, गलत डिडक्शन से जुड़ी सारी जानकारी भेजनी होगी। इसके बाद आपके रिफंड का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। बैंक या FasTag प्रोवाइडर को शिकायत अगर आप FasTag में हुए गलत डिडक्शन की शिकायत बैंक या FasTag प्रोवाइडर से करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप ट्रांजेक्शन आईडी (Transaction ID), कटौती की तारीख और समय, गाड़ी नंबर जैसी डिटेल्स के साथ इनकी वेबसाइट या कस्टमर केयर अधिकारी से बात करके कर सकते हैं। recent visitors 49