Tuesday, July 7, 2026 5:32 am

अजमेर से तीन बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ा, अब तक 41 घुसपैठिए पकड़े

अजमेर अजमेर जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर शहर से तीन बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ा है।  अब तक इस विशेष अभियान के तहत कुल 41 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस मुख्यालय, राजस्थान जयपुर के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा (आईपीएस) द्वारा किया जा रहा है। अवैध घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन की इस प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जागिंड तथा वृत्ताधिकारी लक्ष्मण राम के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सीआईडी जोन अजमेर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने दरगाह थाना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों  दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अन्दरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, बड़े पीर का चिल्ला, लंगर खाना गली, और चश्मा-ए-नूर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान खुफिया सूचना, तकनीकी संसाधनों और स्थानीय जानकारियों के आधार पर 8–10 संदिग्ध खानाबदोश लोगों को डिटेन किया गया। गहन पूछताछ के बाद तीन महिलाओं की पहचान अवैध रूप से भारत में रह रहीं बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई। पकड़ी गई महिलाओं में पन्ना बेगम,  दूसरी महिला समीरा वहीं तीसरी महिला  साहनी उर्फ समीना उर्फ रिहाना है। इन महिलाओं ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि वे बेनापोल और हिल्ली बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं और पश्चिम बंगाल के मैदनापुर होते हुए अजमेर आकर दरगाह क्षेत्र में रहने लगी थीं। तीनों महिलाओं से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है, जिससे शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें निष्कासित किया जा सके। recent visitors 50

US के बाद अब EU को चुभ रहा ड्रैगन, यूरोपीय संघ में 91 फीसदी छोटे पार्सल चीन से आयातित, दे दी नई टेंशन

नई दिल्ली दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच पिछले कई महीनों से ट्रेड वॉर छिड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 145 फीसदी का रेसिप्रोकल टैक्स लगाया है, इसके जवाब में चीन ने भी उतना ही टैक्स अमेरिकी आयातित वस्तुओं पर लगाया है। हालांकि, फिलहाल दोनों देशों ने इसे 90 दिनों के लिए रोक रखा है और व्यापार को सुगम बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं लेकिन इस ट्रेड वॉर में चीन का खिलौना उद्योग तबाही के कगार पर पहुंच गया है। वहां कई कारखाने बंद हो चुके हैं, जबकि कई ने कर्मचारियों की छंटनी कर दी है तो कुछ कंपनियों में सैलरी का संकट आ पड़ा है। इसी बीच, अब यूपोपीय संघ (EU) ने चीन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। EU ने चीन से आने वाले हरेक छोटे पार्सल पर हैंडलिंग शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे चीनी ई-कॉमर्स मार्केट को बड़ा नुकसान हो सकता है। ईयू के इस प्रस्ताव से चीन बौखला गया है। चीन ने यूरोपीय संघ से व्यापार के लिए निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "चीन का मानना ​​है कि एक खुला और समावेशी व्यापार वातावरण बनाना सभी पक्षों के साझा हित में है। हमें उम्मीद है कि यूरोपीय यूनियन खुला बाजार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएगा और चीनी कंपनियों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावकारी व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।" छोटे मूल्य के पार्सल पर शुल्क दरअसल, यूरोपीय यूनियन ने विदेशों से सीधे ग्राहकों को भेजे जाने वाले 150 यूरो या उससे कम मूल्य के छोटे पैकेजों के लिए 2 यूरो यानी 2.27 डॉलर (195.15 रुपये) शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा यूरोपीय गोदामों में भंडारण के लिए भेजे जाने वाले पार्सल के लिए प्रति पार्सल 50 सेंट का शुल्क रखा गया है। EU के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने मंगलवार को यूरोपीय सांसदों को इस प्लान के बारे में जानकारी दी है। इस टैक्स से EU को लगभग 3 अरब यूरो (3.4 अरब अमेरिकी डॉलर) की आय होगी। यूरोपीय संघ में 91 फीसदी छोटे पार्सल चीन से आयातित सेफकोविक ने सांसदों को बताया कि इस आय का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर पार्सल की आवाजाही के लिए सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच की लागत को कवर करने के लिए किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले लगभग 4.6 अरब छोटे पार्सल में से 91 फीसदी सिर्फ चीन से आए थे। अगर EU ने नए टैक्स प्रस्ताव को मंजूरी दी तो शीन और टेमू जैसी चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा मार पड़ेगी। इन दोनों कंपनियों के यूरोपीय यूनियन के अंदर कई वितरण केंद्र हैं। टेमू यूरोपीय ऑर्डर का करीब 80 फीसदी माल लोकल वेयरहाउस से सप्लाई करता है। फ्रांसीसी सरकार बढ़-चढ़कर कर रही काम बहरहाल, सेफकोविक ने यह नहीं बताया है कि प्रस्तावित टैक्स कब से लागू होगा। न ही इसका उल्लेख किया गया है कि लोकल वेयरहाउस से सप्लाई किए जाने पर कितना टैक्स लगंगा। दूसरी तरफ फ्रांसीसी सरकार, जो इस शुल्क के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रही है, ने पिछले महीने कहा था कि 2026 तक नया शुल्क वसूलना शुरू हो जाएगा।   recent visitors 42

हॉकी इंडिया ने आज यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की, हरमनप्रीत को मिली कप्तानी

नई दिल्ली हॉकी इंडिया ने गुरुवार को नीदरलैंड के एम्सटेलीवन और बेल्जियम के एंटवर्प में सात से 22 जून तक होने वाली एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25 के यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की। अनुभवी ड्रैगफ्लिकर हरमनप्रीत सिंह कप्तान के रूप में टीम अगुवाई करेंगे। मिडफील्डर हार्दिक सिंह उप-कप्तान होंगे। भारत अपने यूरोपीय चरण की शुरुआत में सात और नौ जून को नीदरलैंड के खिलाफ दो-दो मैचों खेलेंगा। इसके बाद 11 और 12 जून को एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में अर्जेंटीना के खिलाफ दो मैच होंगे। टीम 14 और 15 जून को ऑस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए एंटवर्प जाएगी और फिर 21 और 22 जून को मेजबान बेल्जियम के खिलाफ अपना अभियान समाप्त करेगी। टीम में गोलकीपर के रूप में कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा शामिल हैं। सुमित, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, नीलम संजीप जेस, कप्तान हरमनप्रीत सिंह,जरमनप्रीत सिंह, संजय और यशदीप सिवाच टीम की रक्षा पंक्ति में होंगे। मिडफील्ड में राज कुमार पाल, नीलकांत शर्मा, उप कप्तान हार्दिक सिंह, युवा प्रतिभावान राजिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और शमशेर सिंह शामिल हैं। गुरजंत सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह भारतीय टीम के फॉरवर्ड है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘हम इस बार टीम में थोड़ा और अनुभव चाहते थे और मैं टीम चयन से वास्तव में बेहद खुश हूं। टीम अच्छी तरह से अभ्यास कर रही है और हम जितना संभव हो सके उतना प्रयास करने और प्रो लीग जीतने की कोशिश कर रहे हैं।' recent visitors 39

आतंकवादी उसकी ही जड़ें खोद रहे हैं तो उसके पास निकलने का रास्ता नहीं, बौखलाया पाक, अब नया प्रोपेगेंडा

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने लंबे समय तक तालिबान को पाला था। यहां तक कि तालिबान का एक हिस्सा जिसे टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान कहा जाता है, वह खैबर पख्तूनख्वा में ऐक्टिव रहा है। इन आतंकियों को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में सक्रिय अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए पाला था। लेकिन आज जब आतंकवादी उसकी ही जड़ें खोद रहे हैं तो उसके पास निकलने का रास्ता नहीं है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने अब भारत पर ही आरोप लगाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो गुरुवार को यहां तक कहा कि टीपीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के पास पर्याप्त सबूत हैं, जिससे यह साबित किया जा सकता है कि ये भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं। बुधवार को बलूचिस्तान के खुजदार जिले में एक आर्मी स्कूल की बस पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन बच्चों समेत 5 लोग मारे गए थे। अब पाकिस्तान ने इस अमानवीय हरकत के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराना शुरू किया है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि पहलगाम आतंकी हमले से ध्यान भटकाया जा सके। पहलगाम में पाकिस्तान प्रेरित आतंकियों ने 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार डाला था। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि हम जो दावा कर रहे हैं, उसके लिए सबूत भी देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं, उसमें तो कोई दम नहीं है। लेकिन हम यह साबित करेंगे कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और भारत के बीच लिंक है। बता दें कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। कहा जाता है कि भारत पर हमलों के लिए आतंकियों को पालना पाकिस्तान की 'ब्लीड इंडिया विद थाउजेंड कट्स' की नीति का हिस्सा है। इसी पॉलिसी के तहत वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठनों को पालता है। इन आतंकी संगठनों के मुख्यालयों पर ही भारत ने जोरदार हमला बोलते हुए 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर किया था। इस हमले में करीब 100 आतंकी मारे गए थे और आतंकियों के 9 ठिकाने तबाह किए गए थे। माना जा रहा है कि दुनिया भर में खुद के आतंकी देश की छवि बनने से चिंतित पाकिस्तान ने अब यह नया प्रोपेगेंडा चला है, जिसमें अपने ही पाले तालिबान का भारत से लिंक बता रहा है।   recent visitors 41

दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ से हुई बाहर , 13 मैच में 7 सलामी जोड़ी, कोच हेमंग बदानी ने बताई कमजोरी

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स शानदार शुरुआत के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नॉकआउट चरण में आगे नहीं बढ़ पाई। टीम के मुख्य कोच हेमंग बदानी का कहना है कि पूरे सत्र में सलामी जोड़ी नहीं ढूंढ पाना ही टीम की नाकामी का एक कारण रहा। दिल्ली कैपिटल्स बुधवार को मुंबई इंडियंस से 59 रन से हारकर आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई जो पिछले सात मैच में उनकी पांचवीं हार भी थी। दिल्ली कैपिटल्स ने 13 मैच में सात सलामी जोड़ी को आजमाया लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली और अब टीम शनिवार को अपने आखिरी मैच में पंजाब किंग्स से भिड़ेगी। बदानी ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक अच्छी सलामी जोड़ी तभी मिलती है जब वह आपको अच्छी शुरुआत दे। अगर आपको शुरुआत नहीं मिलती है, तो आपको उस कमी को पूरा करने के लिए बदलाव करने होते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप दूसरी टीमें देखें कि जिन्होंने शानदार शुरुआत की है और पावरप्ले में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन हम वैसी शुरुआत नहीं कर पाए और इसलिए हमें वे बदलाव करने पड़े।’’ बदानी ने कहा, ‘‘हमारे पास पहले जैक (फ्रेजर-मैकगुर्क) थे लेकिन हमारे लिए यह कारगर नहीं रहा। अभिषेक (पोरल), फाफ (डुप्लेसी) थे, फिर करुण (नायर) भी थे। यह सिर्फ इतना है कि हमारे पास कोई ऐसा नहीं था जो हमें अच्छी शुरुआत कराए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष स्थान पर हमारे लिए पारी का आगाज करना चिंता का विषय था और मुझे लगता है कि यही एक कारण है कि हम आगे नहीं बढ़ पाए।’’   recent visitors 76

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का परिणाम किया जारी, अनुप्रिया 99.60% लाकर किया टॉप

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE), अजमेर द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी। रिजल्ट शाम 5 बजे जारी किया गया. परिणाम की घोषणा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर की जाएगी। RBSE 12वीं का रिजल्ट रोल नंबर से चेक करना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा. इस वर्ष भी आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम्स का रिजल्ट एक साथ जारी किया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठ उपाध्याय (Senior Upadhyay) परीक्षा का परिणाम भी घोषित होगा। रिजल्ट जारी करने के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि बोर्ड प्रशासक व संभागीय आयुक्त महेश चंद्र शर्मा रिजल्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे। इस साल कुल 8,93,616 छात्र परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, जिनमें साइंस संकाय से 2,73,984, कॉमर्स से 28,250, आर्ट्स से 5,87,475 और वरिष्ठ उपाध्याय पाठ्यक्रम से 3,907 छात्र शामिल हैं।   परीक्षा में शामिल हुए कुल छात्र इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम को मिलाकर कुल 8,93,616 छात्रों ने राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लिया था। इनमें से साइंस स्ट्रीम से 2,73,984 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। कॉमर्स स्ट्रीम से 28,250 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। आर्ट्स स्ट्रीम से सबसे ज़्यादा 5,87,475 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 6 मार्च से 7 अप्रैल, 2025 तक आयोजित की गई थीं। तीनों ही स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ जारी किया गया है।   किस स्ट्रीम में कितने फीसदी छात्र हुए पास? साइंस (विज्ञान) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 94.43% कॉमर्स (वाणिज्य) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 99.07% आर्ट्स (कला) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 97.70% 12वीं आर्ट्स टॉपर्स लिस्ट अनुप्रिया 99.60% प्रगति अग्रवाल 99.60% प्रियंका 99.60% उर्मिला 99.60%   recent visitors 51

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

भोपाल प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समागम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति, किसान, आमजन आदि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य "कृषि उद्योग समागम 2025" का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।   recent visitors 39