Sunday, July 5, 2026 10:59 am

21 मई को 27 माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री साय ने जवानों को दी बधाई

नारायणपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को हुई डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 को मार गिराया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे ने माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 को माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना संबंधी कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह ले जाएगा। गृह मंत्री श्री शर्मा ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्तर अंचल में स्कूल आंगनबाड़ी भवन, सड़कों का विस्तार एवं बिजली की सुविधाओं से गांवों को रोशन किया जाएगा। इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने भी जवानों की पराक्रम की सराहना करते हुए इसे माओवाद के विरूद्ध ऐतिहासिक कामयाबी बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैम्प के जवानों को एलईडी सेट और प्रशस्ति पत्र भेंट किया तथा नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों को ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर जल्द विचार करने की बात भी कही। इस अवसर पर जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से बरामद किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुबोध कुमार सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम काम्बले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 40

नाबालिक लडकी से छेडछाड व पाक्सो एक्ट के फरार आरोपी को तखतपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

 बिलासपुर     मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 21-04-2025 को प्रार्थी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि पीडिता नाबालिक लडकी को दिनांक 01.02.2025 को शिक्षक अशोक कुर्रे द्वारा बेड टच किया है । प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही मे लिया गया। आरोपी गिरफतारी से बचने हेतु फरार था। प्रकरण महिला संबंधी गंभीर अपराध होने मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) के द्वारा आरोपी को जल्द से जल्द  गिरफतारी  का निर्देश दिया गया। जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती अचर्ना झा, श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोटा श्रीमती नूपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देवेश सिंह राठौर  के नेतृत्व में टीम द्वारा  कार्यवाही करते हुए फरार अरोपी अशोक कुमार कुर्रे पिता भागचंद कुर्रे स.शि.एल.बी.साकिन शरन नगर पडरिया रोड तखतपुर जो बिलासपुर मे छिप कर रह रहा है सूचना पर तत्काल बिलासपुर पहुचकर घेराबंदी कर दबिश देकर आरोपी को पुलिस अभिरक्षा मे थाना तखतपुर लाया गया आरोपी के विरूध अपराध सबुत पाये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।          उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक देवेश सिंह राठौर, आरक्षक आशीष वस्त्रकार, रवि श्रीवास, का सुनील सूर्यवंशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा । recent visitors 74

पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के रोज-रोज के नए पैंतरों पर स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि उसका जन्म कैसे हुआ है और उसके निर्माण में भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) की क्या भूमिका थी। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि पड़ोसी देश 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नजरअंदाज न करे। बांग्लादेश के निर्माण में भारत के ऐतिहासिक सहयोग की याद दिलाते हुए शाह ने BSF की महत्वपूर्ण भागीदारी पर भी जोर दिया। शाह ने ये बातें 22वें सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ द्वारा निभाई गई बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए।” इसके साथ ही शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों पर भारत की सैन्य कार्रवाई के विरोध में और आतंकवादियों के समर्थन में भारत पर जवाबी कार्रवाई करने से दुनिया भर में पाकिस्तान की पहचान आंतकवाद का समर्थन करने वाले देश की बन गयी है और वह पूरी तरह बेनकाब हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर से बेनकाब हुआ पाकिस्तान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद को समर्थन नहीं देता है लेकिन ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रमों ने उसे दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिन्दूर में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में केवल नौ आतंकवादी अड्डों को तबाह किया था और सैन्य तथा असैनिक अड्डों को निशाना नहीं बनाया था लेकिन पाकिस्तान ने बौखलाहट में आकर भारतीय सैन्य ठिकानों और असैनिक ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की नाकाम कोशिशों ने साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद का समर्थन करता है और आतंकवादियों को शह दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के बाद के घटनाक्रम से पाकिस्तान का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है कि वह आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा है। पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह पाकिस्तान सेना के अफसरों ने आतंकवादियों के जनाजों में नमाज पढ़ी। भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए: शाह उन्होंने कहा कि दूसरी ओर भारतीय सेनाओं की सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के केवल सैन्य अड्डों को ही निशाना बनाया और असैनिक क्षेत्रों में हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी अपनी वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने बांग्लादेश के साथ लगती सीमा सहित अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश को अपने निर्माण में बीएसएफ की बड़ी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए जान कुर्बान करने के लिए तैयार रहने की भावना के साथ अपने कर्तव्य पथ पर 1965 से 2025 तक निडरता से चलते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 2,000 से अधिक सीमा प्रहरियों को पूरे देश की ओर से नमन करते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी के एफ रुस्तमजी बीएसएफ के संस्थापक और पहले महानिदेशक थे। बीएसएफ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है, जिसमें लगभग 2.75 लाख कर्मी हैं। ये कर्मी पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी उठाते हैं। बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी। recent visitors 54

बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया

 नई दिल्ली आईपीएल 2025 का 65वां मुकाबला शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जा रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम जारी सीजन में 17 अंक के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है। हालांकि अगर आज रजत पाटीदार के नेतृत्व वाली बेंगलुरु की टीम मैच जीतने में कामयाब होती है तो वह टेबल टॉपर बन जाएगी। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद अपने अभियान का जीत के साथ समापन करना चाहेगी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु प्लेइंग इलेवन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): फिलिप सॉल्ट, विराट कोहली, मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर/कप्तान), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल, लुंगी एनगिडी, सुयश शर्मा सनराइजर्स हैदराबाद प्लेइंग इलेवन सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन, अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नियमित कप्तान रजत पाटीदार बतौर इम्पैक्ट प्लेयर खेलेंगे। जितेश शर्मा ने उनकी जगह टीम की कमान संभाली है। बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। recent visitors 62

जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा- इस साल अब तक कोटा से छात्रों की आत्महत्या के 14 मामले सामने आए

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोटा शहर में छात्रों की आत्महत्याओं के बढ़ते मामले को लेकर राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने स्थिति को गंभीर बताया। जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि इस साल अब तक कोटा से छात्रों की आत्महत्या के 14 मामले सामने आए हैं। जस्टिस पारदीवाला ने राजस्थान राज्य की ओर से पेश वकील से पूछा कि एक राज्य के तौर पर आप क्या कर रहे हैं? ये बच्चे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं और वह भी केवल कोटा में ही क्यों? क्या आपने एक राज्य के तौर पर इस पर विचार नहीं किया? इस पर वकील ने कहा कि आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए राज्य में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। शीर्ष अदालत आईआईटी, खड़गपुर में पढ़ने वाले 22 साल के छात्र की मौत के मामले की सुनवाई कर रही थी। छात्र 4 मई को अपने छात्रावास के कमरे में लटका हुआ पाया गया था। कोर्ट यह एक अन्य मामले की भी सुनवाई कर रही थी, जिसमें नीट की तैयारी कर रही एक लड़की कोटा में अपने कमरे में लटकी हुई पाई गई थी। वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी। पीठ को पता चला कि आईआईटी, खड़गपुर के छात्र की मौत के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 8 मई को दर्ज की गई प्राथमिकी में चार दिन की देरी पर सवाल उठाया। पीठ ने कहा कि इन बातों को हल्के में न लें। ये बहुत गंभीर बातें हैं। पीठ ने शीर्ष अदालत के 24 मार्च के फैसले का हवाला दिया, जिसमें उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के बार-बार होने वाले मामलों पर संज्ञान लिया गया था। छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था। शुक्रवार को पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करना जरूरी है। पीठ ने अदालत में मौजूद संबंधित पुलिस अधिकारी से पूछा, "आपको एफआईआर दर्ज करने में चार दिन क्यों लगे?" अधिकारी ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच चल रही है। पीठ ने कहा कि आप कानून के अनुसार जांच जारी रखें। यह बात रिकॉर्ड में आई कि आईआईटी खड़गपुर के अधिकारियों ने आत्महत्या के बारे में पता चलने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी। हालांकि, बेंच आईआईटी खड़गपुर के वकील और पुलिस अधिकारी के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं थी। पीठ ने कहा, "हम इस मामले में बहुत सख्त रुख अपना सकते थे। हम संबंधित थाने के प्रभारी पुलिस अधिकारी के खिलाफ अवमानना ​​का मुकदमा भी चला सकते थे।" पीठ ने कहा कि जांच सही दिशा में तेजी से की जानी चाहिए। कोटा आत्महत्या मामले में पीठ ने एफआईआर दर्ज न करने को गलत ठहराया। राज्य के वकील ने कहा कि मामले की जांच जारी है और एसआईटी को राज्य में आत्महत्या के मामलों की जानकारी है। पीठ ने वकील से पूछा कि कोटा में अब तक कितने युवा छात्र मर चुके हैं? वकील द्वारा 14 छात्रों की संख्या बताए जाने पर पीठ ने पलटकर पूछा कि ये छात्र क्यों मर रहे हैं? पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित टास्क फोर्स न्यायालय को समग्र रिपोर्ट देने से पहले अपना समय लेगी। पीठ ने राजस्थान के वकील से पूछा, "आप हमारे फैसले की अवमानना ​​कर रहे हैं। आपने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की?" पीठ ने कहा कि छात्रा अपने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में नहीं रह रही थी। उसने नवंबर 2024 में उसे छोड़ दिया था और अपने माता-पिता के साथ रहने लगी थी। पीठ ने कहा, "हमारे निर्णय के अनुसार एफआईआर दर्ज करना और जांच करना संबंधित पुलिस का कर्तव्य था। संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं। उन्होंने इस अदालत द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया है। नतीजतन, पीठ ने कोटा मामले में संबंधित पुलिस अधिकारी को 14 जुलाई को स्थिति स्पष्ट करने के लिए तलब किया।   recent visitors 51

69000 शिक्षक भर्ती : गलत दस्तावेज लगाकर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों पर लगातार कार्रवाई जारी, अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग

लखनऊ 69000 शिक्षक भर्ती में गलत दस्तावेज लगाकर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। ऐसे अभ्यर्थियों को जिलों में नौकरी से बर्खास्त किया जा रहा है। इसी क्रम में इस भर्ती में नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि गलत तरीके से नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बड़ी है। विभाग के अधिकारी अब भी उनका बचाव कर रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गलत तरीके से नौकरी पाने वाले लोगों को बाहर किया जाए, साथ ही उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने यह भ्रष्टाचार का खेल किया है। recent visitors 43

अरुणाचल में फिर शुरू हुआ विरोध- चीन से टक्कर के लिए भारत भी उसी नदी पर बना रहा बांध

ईंटानगर अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों में शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर सियांग नदी पर प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल इस प्रोजेक्ट के सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की गई है। इससे लोग बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। यह विवादास्पद परियोजना ईस्ट सियांग जिले के बेगिंग क्षेत्र में प्रस्तावित है। भारत सरकार का दावा है कि यह परियोजना चीन द्वारा तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बनाए जा रहे विशाल जलविद्युत बांध से उत्पन्न संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए जरूरी है। यारलुंग त्सांगपो नदी को भारत के अरुणाचल प्रदेश में सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है। स्थानीय विरोध और तैनाती से तनाव बढ़ा स्थानीय लोग नवंबर 2024 से इस परियोजना के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और सर्वेक्षण के प्रयासों को लगातार रोकते आ रहे हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने विरोध को काबू में करने और सर्वे कार्य को पूरा कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की, जिससे नया विरोध भड़क गया। पासीघाट के निवासी निथ परोन ने बताया, “प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। लेकिन जब सैकड़ों लोग एकत्र हुए, तो थोड़ी अफरा-तफरी मच गई, जिससे नदी पर बना एक झूलता पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस या सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग नहीं किया है।” 100,000 से अधिक लोगों के विस्थापन की आशंका सियांग, ऊपरी सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से आदि समुदाय के लोगों, ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है, क्योंकि उनका मानना है कि यह उनकी आजीविका, कृषि भूमि और सांस्कृतिक विरासत को खतरे में डालेगा। सियांग नदी के दीते डाइम, परोंग और उग्गेंग क्षेत्रों में बनने वाली इस परियोजना से कम से कम एक लाख लोगों के विस्थापित होने की आशंका है। पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं, क्योंकि यह परियोजना जैवविविधता से भरपूर क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। सरकार ने दी राष्ट्रीय सुरक्षा की दलील अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने नवंबर में कहा था कि चीन द्वारा तिब्बत में बनाए जा रहे बांध से उत्पन्न खतरे- जैसे अचानक बाढ़ आना और जल संकट को देखते हुए भारत को तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा, “अगर हमने अभी कदम नहीं उठाया, तो हम बाहरी शक्तियों की दया पर निर्भर हो जाएंगे। यह परियोजना जल भंडारण कर बाढ़ नियंत्रण और जल संकट से निपटने में मदद करेगी।” खांडू ने कहा, "चीन का यारलुंग त्सांगपो पर बन रहा 60,000 मेगावाट का बांध अरुणाचल, असम और बांग्लादेश में तबाही मचा सकता है। SUMP इस खतरे का मुकाबला करने के लिए एक रणनीतिक कदम है।" ‘दिबांग रेजिस्टेंस’ ने दी कड़ी प्रतिक्रिया गुरुवार को ‘डिबांग रेजिस्टेंस’ नामक एक स्थानीय समूह ने बयान जारी कर कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद सशस्त्र बलों की तैनाती न केवल गलत है, बल्कि उन लोगों की आवाज को दबाने जैसा है जो इस परियोजना से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जमीन के वास्तविक मालिकों से सीधे संवाद करना चाहिए और उनकी चिंताओं को समझते हुए समाधान निकालना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हमें एक साथ मिलकर ऐसा रास्ता खोजना होगा जो लोगों के अधिकारों और दृष्टिकोण को मान्यता देता हो। यह एक अनुचित और दमनकारी कदम है। हम अपने समुदाय के साथ खड़े हैं और न्याय की मांग करते रहेंगे।” चीन के बांध से क्षेत्रीय असंतुलन की आशंका दिसंबर 2024 में चीन ने दुनिया के सबसे बड़े जलविद्युत बांध के निर्माण को मंजूरी दी थी, जो तिब्बत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। इसका अनुमानित बजट 137 बिलियन डॉलर है और यह सालाना 300 अरब किलोवॉट-घंटा बिजली उत्पन्न करेगा- जो वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े ‘थ्री गॉर्जेस डैम’ से तीन गुना अधिक है। भारत और बांग्लादेश को निचले क्षेत्रों में इसके असर को लेकर गंभीर चिंता है।   recent visitors 48