3 म्यूल खाता धारक गिरफ्तार, करोड़ों के ट्रांजेक्शन का हुआ खुलासा

महासमुंद सायबर ठगी में मदद करने वाले म्यूल अकाउंट से जुड़े तीन खाताधारकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2), 111 के तहत मामला दर्ज किया गया है. समन्वय पोर्टल से मिली थी सूचना मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को समन्वय पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि जिले में 6 संदिग्ध बैंक खातों में बेहद कम समय में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है. इन छह खातों में से पांच खाते केनरा बैंक और एक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं. हैरानी की बात यह है कि सभी खाताधारक महासमुंद जिले के निवासी हैं, लेकिन इन खातों का संचालन दिल्ली से कोई अज्ञात व्यक्ति कर रहा था. 3 खाता धारक चढ़े पुलिस के हत्थे पुलिस ने जांच के दौरान जिन तीन खातों पर सबसे पहले कार्रवाई की, उनके नाम हैं:     रविंदर चावला (54 वर्ष), निवासी पंजाबी पारा     दीपक तिलवानी (35 वर्ष)     महेश (60 वर्ष), निवासी गुरुद्वारा रोड जांच में इन खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला. पूछताछ में सभी खाताधारकों ने खुद को इससे अनभिज्ञ बताया और कहा कि उन्हें इस लेन-देन की कोई जानकारी नहीं है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं बाकी तीन खातों की जांच अभी जारी है, और पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर अन्य खाताधारकों पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. क्या है म्यूल अकाउंट घोटाला? “म्यूल अकाउंट” वे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर अपराधी दूसरों के नाम पर अवैध लेन-देन के लिए करते हैं. कई बार खाताधारक पैसे के लालच में अपनी जानकारी या खाता दूसरों को दे देते हैं, जो बाद में साइबर फ्रॉड का जरिया बनता है. पुलिस ने लोगों से अपील की गई है कि वे अपने बैंक खाते या दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें. ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आता है. recent visitors 70

उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की

लखनऊ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल मानसून औसत से अधिक रहने के आसार जताए हैं। इसे देखते हुये घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कैच द रेन कार्यक्रम के तहत अमृत वर्षा की बूंद बूंद को सहेज कर भूजल स्तर में सुधार की तैयारी कर ली गयी है। केरल और पश्चिमी बंगाल में हो रही मानसून की सक्रियता से यह भी पूर्वानुमान है कि इस बार यह समय से पहले या समय से आकर पूरे देश को तर करेगा। उल्लेखनीय है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक के मानसून के सीजन में कुल बारिश के औसत का 70 से 80 फीसदी प्राप्त होता है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्ययालय गोरखपुर के पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष रहे प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, बारिश लिहाज से भारत इंद्र देव से मिलने वाले इस प्रसाद के लिहाज से दुनियां के कई देशों से संपन्न है। यहां चार महीने के दौरान करीब 870 मिलीमीटर बारिश होती है। उत्तर प्रदेश खासकर तराई के एक बड़े इलाके में तो इससे भी अधिक। मसलन अपने देश में पानी की नहीं इसके प्रबंधन की कमी है। हाल ही में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पूरी ने भी इस बात को स्वीकार किया। उनके मुताबिक भारत में जल संकट जल संसाधनों की कमी के नहीं उपलब्ध पानी के कुप्रबंधन के कारण है। डबल इंजन की सरकार (मोदी और योगी) का फोकस इसीलिए बारिश के हर बूंद को सहेजने का है। 2019 अटल भूजल योजना के तहत 'कैच द रेन' का कार्यक्रम इसके लिए ही चलाया गया था। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निजी रुचि के कारण उत्तर प्रदेश जल संरक्षण के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। खेत, तालाब, अमृत सरोवर, लुप्त प्राय हो रही नदियों का पुरुद्धार, नदियों के किनारे बहुउद्देशीय तालाब खासकर गंगा नदी के किनारों पर और केन बेतवा लिंक जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं इसका जरिया बन रही हैं। सरकार ने हाल ही में शहरों में बनने वाले आवासीय इकाइयों के लिए जल संरक्षण अनिवार्य कर दिया है। योगी सरकार शहरी स्थानीय निकायों से यह सुनश्चिति करने के लिए कहती है कि सभी भवन नर्मिाण अनुमतियों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं शामिल हों। बता दें कि तृतीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। इसी क्रम में खेत तालाब योजना की सफलता को देखते हुए योगी सरकार ने इस योजना के तहत 8500 तालाब के निर्माण का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे अधिकतम समय तक पानी की उपलब्धता के नाते कुल उत्पादन में लगभग 12 फीसद से अधिक की वृद्धि होगी। विशेषकर धान और मक्का के क्षेत्रफल और उपज में। इसी मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2023 में अमृत सरोवर योजना शुरू गई थी। योगी सरकार ने इस योजना के तहत हर जिले में 75 तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा था। फिलहाल इस योजना में उत्तर प्रदेश नंबर एक है। ग्लोबल वार्मिंग से परेशानी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मौसम की अप्रत्याशिता बढ़ी है। कम दिन में अधिक बारिश, उसके बाद सूखे का लंबा दौर हाल के कुछ दशकों में आम बात हो गई है। इससे एक साथ बारी बारी से बाढ़ और सूखे दोनों का सामना करना होता है। एक साथ दोनों संकटों के कारण सरकार द्वारा अधिक संसाधन खर्च करने बाद भी फसलों की पैदावार अच्छी न होने से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पानी की कमी के कारण जिन आठ देशों के फसल उत्पादन में सर्वाधिक गिरावट (28.8 प्रतिशत) संभव है, उसमें भारत सर्वाधिक है। स्वाभाविक है कि उत्तर प्रदेश इससे सर्वाधिक प्रभावित होगा। बाकी देश जिनके उत्पादन में गिरावट संभव है वे हैं मेक्सिको 25.7, ऑस्ट्रेलिया 15.6 संयुक्त राज्य अमेरिका आठ, रूस 6.2,अर्जेंटीना 2.2,दक्षिण पूर्वी एशियाई देश में 18 प्रतिशत हैं। बारिश की ये टेंडेंसी भी बदल रही है। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में करीब 77 वर्षों के दौरान औसत बारिश में 320 मिलीमीटर की कमी आई है। मसलन सालाना 4.2 मिलीमीटर की कमी। यह पहले के सालाना औसत 1068.4 मिलीमीटर से घटकर 800 से 900 मिलीमीटर तक आ गई है। शायद यही वजह है कि हर संभव तरीके से बुंदेलखंड में जल संरक्षण पर योगी सरकार का सर्वाधिक फोकस भी है। खेत तालाब योजना की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। सिंचाई और जलसंरक्षण की छोटी बड़ी कई परियोजनाओं से बुंदेलखंड को आच्छादित किया जा रहा है। सिंचाई के दौरान अपेक्षाकृत दक्ष विधाओं ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के उपयोग के लिए भी यहां के किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। केन बेतवा लिंक के पूरा होने पर यह इस लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी।   recent visitors 59

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस से विश्व बाघ दिवस तक की अवधि के लिये एक नया अभियान बाघदेव प्रारंभ किया गया

भोपाल सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस से विश्व बाघ दिवस तक की अवधि के लिये एक नया अभियान “बाघदेव’’ प्रारंभ किया गया है। “बाघदेव’’ को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देवता के रूप में पूजा जाता है और उनसे मन्नतें मांगी जाती हैं। यह परम्परा आज भी प्रचलित है। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 22 मई को जबकि बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाया जाता है। उप संचालक पेंच टाइगर रिजर्व श्री रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि “बाघदेव’’ अभियान में बफर क्षेत्र की सभी 130 ईको विकास समितियों में मिट्टी के बाघ बनाये जायेंगे। ईको विकास समितियों के सदस्य एवं ग्राम पंचधार के मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाने वाले विशेषज्ञ कुम्हार भी सहायता करेंगे। पेंच प्रबंधन द्वारा समिति सदस्यों को पोस्टर के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। ग्रामीणजन मिट्टी के बाघ बनाकर उससे प्रकृति के इन तत्वों को वरदान के रूप में लेते हैं। मिट्टी के बाघों को पार्क प्रबंधन द्वारा एकत्रित करा कर भट्टी में पकाया जाता है, जिन्हें खबासा में निर्माणाधीन स्टील स्क्रेप से बन रही बाघ कलाकृति के पास स्थापित कर नये आस्था स्थल में संजोया जायेगा। पेंच प्रबंधन का प्रयास है कि इस वर्ष टेराकोटा (मिट्टी) की कलाकृति बनायी जाये। उन्होंने बताया कि इस अभियान में ईको विकास समितियों के साथ पर्यटक एवं अन्य बफर क्षेत्र के बाहर के रहवासी भी जुड़ सकते हैं और अपने हाथ से बाघ बनाकर उसमें अपना नाम लिखकर “बाघदेव’’ से मनोकामना मांग सकेंगे, इससे बाघ संरक्षण में समुदायों के भावनात्मक जुड़ाव के साथ ही पंचधार के मूर्तिकारों के लिये रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होंगे।   recent visitors 51

भारत का साफ कहना है कि पाक ने आतंकवाद के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की, FATF की ग्रे लिस्ट में हो शामिल

नई दिल्ली आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान के खिलाफ भारत एक बार फिर बड़ा ऐक्शन लेने की तैयारी में है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में शामिल करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मालूम हो कि पाकिस्तान को साल 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया था। इसके चलते उसे आतंकवाद वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर नियंत्रण की कमी के लिए कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, 2022 में 34 बिंदुओं के कार्य योजना को पूरा करने के बाद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकाल दिया गया। ऐसे में उसकी वैश्विक ऋणदाताओं के बीच इस्लामाबाद की साख बढ़ गई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और अन्य संस्थानों से आर्थिक सहायता प्राप्त करने में आसानी हुई। भारत का साफ कहना है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है। नई दिल्ली ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में, भारत न केवल एफएटीएफ में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में वापस लाने की मांग कर रहा है, बल्कि विश्व बैंक से पाकिस्तान को दी जाने वाली आगामी सहायता का भी विरोध करेगा। पहलगाम हमले के बाद भारत ने अपनी रणनीति को और सख्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, भारत अन्य एफएटीएफ सदस्य देशों का समर्थन हासिल करने के लिए सबूत जुटा रहा है ताकि पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डाला जा सके। ग्रे लिस्ट में शामिल होने से कितना बड़ा नुकसान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान के विदेशी निवेश और कर्ज मिलने पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जो उसकी आर्थिक स्थिति को और ज्यादा कमजोर कर देगा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगा दी हैं। आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेताया कि भारत के साथ तनाव से योजना के लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं। पाकिस्तान पर लगाई गई नई शर्तों में 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध को हटाना शामिल है।   recent visitors 55

राजा कोलंदर को सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, इंसानी खोपड़ी का सूप बनाकर पीता था, कई हत्याएं भी की

लखनऊ राजा कोलंदर उर्फ राम निरंजन को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर चारबाग इलाके से टाटा सूमो बुक कर मालिक तथा ड्राइवर की हत्या कर शव को शत विक्षिप्त हालत में फेकने के मामले में दोषी पाया गया। उम्रकैद भोगने सहित ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। पत्नी फूलन देवी सहित 4 लोगों को भी इसी मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। 23 मई को हुए इस फैसले में दोहरे हत्याकांड के मामले में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश (आयुर्वेद प्रकरण) रोहित सिंह ने राजा कोलंदर तथा बच्छराज कोल को सजा सुनाई है। ये है पूरा मामला इस मामले में वादी शिव हर्ष सिंह ने 27 जनवरी 2000 में थाना नाका में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया कि उनकी टाटा सूमो यूपी 32 जेड 2423 उनका भतीजा मनोज कुमार सिंह तथा ड्राइवर रवि श्रीवास्तव लखनऊ इलाहाबाद रोड पर सवारियों को ढोने के लिए चलाते थे। उक्त वाहन को 23 जनवरी 2000 को दिन में एक महिला समेत 6 लोग सवार होकर चाकघाट रीवा (मध्य प्रदेश) ले गए, तब से न गाड़ी वापस आई और न ही दोनों लोग।  उक्त सभी व्यक्तियों को उन लोगो ने स्वयं अपने हरचनपुर स्थित घर में देखा था, जहां वे लोग रीवा जाते समय नाश्ते पानी के लिए रुके थे। जिसके बाद पुलिस ने गाड़ी तथा व्यक्तियों के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान मामले के अभियुक्त राजा कोलंदर उर्फ राम निरंजन, उसकी पत्नी फूलन देवी, उनका 1 नाबालिग बेटा, बच्छराज कोल, दिलीप गुप्ता तथा दद्दन सिंह कोल के नाम प्रकाश में आए। सभी अभियुक्त प्रयागराज के ही निवासी थे, तथा कोल जाति से आते थे। अपहृत व्यक्तियों के परिजनों द्वारा खोजबीन करने पर 3 दिन बाद पता चला कि शंकरगढ़ स्थित जंगल में कुछ अज्ञात लोगों की क्षत विक्षिप्त लाशे पड़ी है। वहां जाने पर परिजनों ने मृतकों की पहचान की, जिसके बाद 30 जनवरी 2000 को दोनों मृतकों की लाशें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी गईं। इसी दौरान इलाहाबाद (प्रयागराज) में 19 दिसंबर 2000 को पत्रकार धीरेन्द्र प्रताप सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में राजा कोलंदर तथा उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस को दोषी के पास मृतक मनोज कुमार सिंह की टाटा सूमो यूपी 32 जेड 2423 तथा उसके घर से मृतक रवि श्रीवास्तव का कोट भी बरामद हुआ, जिसे मृतकों के परिजन ने पहचाना। पुलिस द्वारा गहन जांच पड़ताल करने पर दोषी राजा कोलंदर की अनेक शहरों में ऐसे ही लगभग 10 अपराधों में संलिप्ता पाई गई थी। पत्रकार हत्या मामले में राजा कोलंदर तथा बच्छराज कोल को अपर सत्र न्यायधीश इलाहाबाद द्वारा 30 नवंबर 2012 को उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। दोषी के लंबे आपराधिक इतिहास के ऊपर ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर 1 सीरीज भी बनाई जा चुकी है। recent visitors 62

जाति जनगणना को लेकर बड़ा अभियान चलाएगी कांग्रेस: मल्लिकार्जुन खरगे

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को पार्टी प्रवक्ताओं का आह्वान किया कि वे जाति जनगणना के विषय को संवेदनशीलता के साथ और निडर होकर जनता के बीच ले जाएं तथा इसे सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि वैचारिक प्रतिबद्धता समझें। खरगे ने यहां कांग्रेस प्रवक्ताओं के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज जब देश जातीय न्याय की बात कर रहा है, तब कांग्रेस पार्टी का यह दायित्व बनता है कि वह इस विमर्श को दिशा दे, उसे नारे से नीति तक ले जाए और ‘जितनी आबादी, उतना हक’ को केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प बनाए।’ उन्होंने प्रवक्ताओं का आह्वान किया, ‘साथियों, हम सभी जानते हैं कि जातिगत जनगणना का मुद्दा कोई नया नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने इसे लगातार उठाया है, हमारे घोषणापत्रों में, संसद में, सड़कों पर और हर उस मंच पर जहां सामाजिक न्याय की बात होनी चाहिए।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर यह मांग दोहराई थी कि जाति जनगणना तत्काल शुरू की जाए, क्योंकि जब तक सही आंकड़े नहीं होंगे, तब तक कोई भी सरकार यह दावा नहीं कर सकती कि वह सबको न्याय दिला रही है। खरगे ने कहा, ‘आज हमें यह पूछना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलित और आदिवासी समुदायों की देश की सत्ता, संस्थानों में क्या भागीदारी है? क्या वे मीडिया, नौकरशाही, न्यायपालिका, कॉरपोरेट क्षेत्र और उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व रखते हैं? अगर नहीं, तो इसका कारण क्या है? और समाधान क्या है?’ उन्होंने कहा कि इसका समाधान है सच्चाई को सामने लाना, आंकड़ों को सार्वजनिक करना और फिर नीतियों का पुनर्निर्माण करना। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘यही कारण है कि हम जाति जनगणना को केवल आंकड़ों की कवायद नहीं मानते, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र का नैतिक दायित्व है।’ उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ताओं से यह मांग पुरजोर तरीके से उठाने का आह्वान किया कि संविधान के अनुच्छेद 15(5) को तुरंत लागू किया जाए, जिससे ओबीसी, दलित और आदिवासी छात्रों को निजी शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण मिले। खरगे ने कहा, ‘हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा पर अब नये आंकड़ों के आलोक में पुनर्विचार हो। जब सामाजिक वास्तविकताएं बदल चुकी हैं और आंकड़े नयी तस्वीर पेश कर रहे हैं, तो हमारी नीतियों में भी उसी के हिसाब से बदलाव होना चाहिए। आरक्षण की मौजूदा सीमा को आंकड़ों और न्याय दोनों के बीच संतुलन के लिहाज से देखा जाना चाहिए, ताकि ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों को उनका वास्तविक हक मिल सके।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तेलंगाना के जाति सर्वेक्षण ने एक मॉडल पेश किया, जिसमें समाज, विशेषज्ञ और सरकार सभी की भागीदारी रही। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार भी ऐसा ही जन-संवादी और पारदर्शी मॉडल अपनाए। हम इस प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।’ खरगे ने इस बात पर जोर दिया, ‘आप सभी हमारी पार्टी के प्रवक्ता हैं, हमारे विचारों की आवाज हैं। आज जब देश जाति जनगणना को लेकर जागरूक हो रहा है, तब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम तथ्यों के साथ, संवेदनशीलता के साथ और निडर होकर इस विषय को जनता के बीच ले जाएं। यह न केवल सामाजिक न्याय की, बल्कि संविधान की आत्मा की रक्षा की भी लड़ाई है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि इस अभियान को केवल चुनावी मुद्दा न समझें, यह हमारी वैचारिक प्रतिबद्धता है। आज का यह संवाद, इस दिशा में हमारी एकजुटता का प्रमाण है।’   recent visitors 55

घर में सो रही 5 वर्षीय बालिका से रिश्तेदार ने किया दुष्कर्म, नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में बालिकाओं के खिलाफ अपराधों की दो भयावह घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पिपलोद और खालवा थाना क्षेत्रों में नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों ही मामलों में आरोपी पीड़िताओं के परिचित निकले, जिसने समाज में सुरक्षा और विश्वास पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामलों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया है।   पिपलोद में पांच वर्षीय बालिका से दुष्कर्म पिपलोद थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच वर्षीय मासूम बालिका के साथ उसके ही रिश्तेदार ने दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना तड़के सुबह तीन से साढ़े तीन बजे के बीच की है, जब बालिका अपने घर में सो रही थी। शादी समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदार ने मौके का फायदा उठाकर घर में घुसकर अपराध किया। पीड़िता के रोने की आवाज सुनकर परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने आरोपी को सुबह ही हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। खंडवा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज कुमार राय ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच महिला अधिकारी टीआई एजके को सौंपी गई है। recent visitors 58