Sunday, July 5, 2026 9:54 am

उज्जैन महाकालेश्वर में इस साल 6 सवारियां निकाली जाएँगी, शेड्यूल जारी

उज्जैन सावन-भादौ महीने में उज्जैन महाकालेश्वर में बाबा महाकाल की सवारी (Mahakal Sawari 2025)की को लेकर महाकाल मंदिर समिति की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। अगर आप भी महाकाल की सवारी के लिए उत्सुक हैं। तो आपको बता दें कि इस साल 2025 में 11 जुलाई को सावन (Sawan 2025) का महीना शुरू हो रहा है। सावन के इस महीने में महाकाल की पहली सवारी 14 जुलाई को और आखिरी या शाही सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। 2024 में निकाली गई थीं सात सवारियां, बाबा ने बैलगाड़ी पर किया था नगर भ्रमण बता दें कि पिछले साल 2024 में सावन-भादौ (Sawan Bhado 2024) महीने में कुल 7 सवारियां निकाली गई थीं। 22 जुलाई को पहली और 2 सितंबर को अंतिम या शाही सवारी का आयोजन किया गया था। बता दें कि पिछले साल महाकाल बैलगाड़ी पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकलते थे और भक्तों का हाल जानते थे। इस साल 6 सवारियां यहां जाने सवारियों की डेट –इस साल 2025 में 11 जुलाई से सावन मास आरंभ, यहां देखें जुलाई से अगस्त तक महाकाल सवारी की पूरी डेट लिस्ट… जुलाई 2025 (July 2025) में महाकाल सवारी – पहली सवारी – 14 जुलाई – दूसरी सवारी – 21 जुलाई – तीसरी सवारी- 28 जुलाई अगस्त 2025 (August 2025) में महाकाल सवारी – चौथी सवारी- 4 अगस्त – पांचवी सवारी- 11 अगस्त – छठी या शाही सवारी- 18 अगस्त भक्तों के साथ सावन सोमवार उपवास पर रहेंगे महाकालेश्वर बता दें कि सावन-भादौ के महीने में बाबा महाकाल भक्तों के साथ स्वयं भी उपवास रखते हैं। इस दौरान उपवास रखे हुए ही वे अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकल पड़ते हैं। महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ता है। बता दें कि इस बार नागपंचमी का पर्व 29 मई को मनाया जाएगा। recent visitors 43

जालौर में 44.4 के पार पहुंचा पारा, 27 के बाद हल्की बारिश की संभावना

जालौर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को इस सीजन की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का अब तक का सर्वाधिक तापमान रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राजस्थान की तीसरी सबसे गर्म रात रही। इससे पहले बारां में 31.8 और जैसलमेर में 31.5 डिग्री सेल्सियस की गर्म रात रिकॉर्ड की गई थी। रविवार को सुबह से ही शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में चिलचिलाती धूप के कारण आमजन बेहाल नजर आए। आसमान पूरी तरह साफ रहा और हवा न चलने से उमस और भी अधिक बढ़ गई। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जगह-जगह मृग-मरीचिका जैसे दृश्य नजर आए, मानो सड़क पर पानी बह रहा हो। बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के उपाय करते दिखाई दिए। कई क्षेत्रों में कूलर और एसी तक बेअसर हो गए। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वर्णगिरी पहाड़ी के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में दिन के साथ-साथ रात भी भट्टी जैसी गर्म रही। दिनभर सूर्य की तपिश झेलने के बाद रात को भी पहाड़ों से गर्म हवा निकलती रही, जिससे तापमान में गिरावट नहीं आ सकी और लोग रात में भी बेचैनी महसूस करते रहे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों 26 और 27 मई को भी भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बना रहेगा। इन दिनों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि 27 मई की शाम के बाद मौसम में परिवर्तन की उम्मीद जताई गई है। बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। जालौर जिले के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। 28 और 29 मई को तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है और मौसम थोड़ा सामान्य हो सकता है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा खुले में काम करते समय छाया, टोपी और सनग्लासेस का प्रयोग करने की सलाह दी है। recent visitors 52

मिशन संडे की जांच में खुली पोल, छिंदारी डेम बना भ्रष्टाचार का जलाशय, पूरे भुगतान के बाद भी काम अधूरा

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर एक बार फिर भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के निर्देशन में संचालित ‘मिशन संडे’ टीम ने रविवार को छिंदारी गांव स्थित रानी रश्मि देवी सिंह जलाशय का निरीक्षण किया. इस जलाशय को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग को 41 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन यहां के हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अधिकांश निर्माण कार्य या तो अधूरे हैं या बेहद घटिया गुणवत्ता के हैं. किचन शेड, मचान, कुर्सियां और बैठने की अन्य व्यवस्थाएं बेहद साधारण और कमजोर सामग्री, जैसे- बांस और सस्ती लकड़ियों से बनाई गई है. यह स्पष्ट दिखा कि निर्माण कार्यों में न केवल लापरवाही बरती गई है बल्कि शासकीय धन का खुला दुरुपयोग भी हुआ है. टीम को यह भी जानकारी मिली कि इन अधूरे कार्यों का भुगतान वन विभाग द्वारा पहले ही पूरा कर दिया गया है. वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी टीम के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों ने सरकारी पैसे का खुलकर दुरुपयोग किया है. विकास के नाम पर केवल दिखावा किया गया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि विभाग ने बिना जमीनी काम किए, कागजों में ही पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण दिखा दिया. recent visitors 40

महीनों की शांति के बाद, कोरोना वायरस भारत के शहरों में धीरे-धीरे वापसी कर रहा, 20 राज्यों में आये मामले

नई दिल्ली महीनों की शांति के बाद, कोरोना वायरस भारत के शहरों में धीरे-धीरे वापसी कर रहा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में कोविड-19 के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है. इन सभी राज्यों में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. भारत में दो नए कोविड-19 वेरिएंट- NB.1.8.1 और LF.7 का पता चला है. देश के कम से कम 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं. आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ अस्पतालों को अपनी ओर से पूरी तैयारी रखने का निर्देश है. महाराष्ट्र में कोरोना के ज्यादातर नए केस मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे शहरों में रिपोर्ट हो रहे हैं. केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इस महीने कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. कर्नाटक में भी बेंगलुरु नए कोविड मामलों का सेंटर बनकर उभरा है. राष्ट्रीय राजधानी में तीन साल में पहली बार कोरोना वायरस के 23 मामले दर्ज किए गए हैं. ज्यादातर मामले हल्के हैं और मरीजों को कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है. हालांकि, ठाणे और बेंगलुरु में कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत भी हुई है. कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जिस कोरोना संक्रमित 84 वर्षीय व्यक्ति की बेंगलुरु में मौत हुई, उसे पहले से कई गंभीर बीमारियां थीं. वहीं, ठाणे नगर निगम ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज कालवा अस्पताल में इलाज करा रहे 21 वर्षीय कोविड-19 मरीज की मौत हो गई. केरल में कोविड संक्रमण के सर्वाधिक मामले मई में कोविड संक्रमण के सर्वाधिक 273 मामले केरल में सामने आए हैं. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. केरल के अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और खांसी के लक्षण वाले लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है. पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी कोविड के मामलों में मामूली वृद्धि देखी गई है, जहां 35 संक्रमण दर्ज किए गए हैं. इनमें होसकोटे का नौ महीने का बच्चा भी शामिल है. सांस की गंभीर बीमारी या सांस लेने में दिक्कत का सामना करने वाले लोगों को तत्काल अपना कोविड टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है. मुंबई में मई में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 95 मामले सामने आए हैं, जो महाराष्ट्र में कोविड संक्रमण के कुल मामलों का सबसे बड़ा हिस्सा है. हालांकि, शहर में अस्पताल में भर्ती होने की दर कम रही है, केवल 16 मरीज भर्ती हुए हैं. बीएमसी ने सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) जैसे लक्षण वाले सभी मरीजों को अपना कोविड जांच कराने की सलाह दी है. महाराष्ट्र के ठाणे में पिछले तीन दिनों में कोविड के 10 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है. आंध्र प्रदेश में कोरोना के मामलों में बहुत ज्यादा उछाल नहीं आया है, लेकिन राज्य ने अस्पतालों को वैक्सीन, पीपीई किट और ट्रिपल-लेयर मास्क की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने का निर्देश दिया है. कोविड प्रभावित देशों, खासकर एशियाई देशों से लौटने वालों को कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी गई है. तमिलनाडु में भी मई महीने में अब तक कोरोना संक्रमण के 66 नए मामले दर्ज किए गए हैं. अचानक क्यों बढ़ने लगे कोरोना के मामले? दक्षिण एशिया में कोविड मामलों में उछाल संभवतः JN.1 वैरिएंट (ओमिक्रॉन का एक सब-वैरिएंट) के प्रसार के कारण हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट काफी एक्टिव है, लेकिन इसे अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा चिंताजनक वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है. कोरोना के इस वैरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों में लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और वह चार दिनों के भीतर ठीक हो जाता है. कुछ सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, थकावट इत्यादि शामिल हैं. तमिलनाडु में अप्रैल 2025 में NB.1.8.1 की पहचान की गई, जबकि गुजरात में मई में LF.7 के चार मामलों की पुष्टि हुई. इन दोनों को WHO द्वारा 'निगरानी में रखे गए वैरिएंट' के रूप में वर्गीकृत किया गया है. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रमुख स्ट्रेन JN.1 बना हुआ है, जो सभी जांच किए गए सैंपल्स के 53% में पाया गया है. इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) आते हैं. NB.1.8.1 और LF.7 जैसे वैरिएंट के सामने आने के बावजूद, कोई सबूत नहीं है कि ये ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन रहे हैं. इनसे संक्रमित होने वाले मरीजों में लक्षण सामान्य सर्दी या हल्के फ्लू जैसे ही रहते हैं. बढ़ते कोविड मामले कितनी परेशानी की बात? कोरोना संक्रमण में अचानक बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, घबराने की नहीं. उनका कहना है कि पिछले संक्रमणों और टीकाकरण से मिली मजबूत हाइब्रिड इम्युनिटी के साथ, भारत स्थिर स्थिति में है. साथ ही उन्होंने सरकार को नए कोविड वैरिएंट पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत में मामूली वृद्धि कोविड-19 संक्रमण की सही संख्या को सही ढंग से नहीं दर्शा सकती है, क्योंकि श्वसन संबंधी लक्षणों वाले कई व्यक्ति कोविड-19 परीक्षण नहीं करवाते हैं. फिर भी, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि वायरस ने अधिक गंभीर बीमारी पैदा करने के लिए म्यूटेशन किया है. वायरस के विकास पर नजर रखने वाले माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स का कहना है कि जब तक वायरस में महत्वपूर्ण विकासात्मक बदलाव नहीं आता, तब तक संक्रमण के पैटर्न या गंभीरता में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. लोगों में बन गई है सेल्फ इम्युनिटी: डॉ. गुलेरिया दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने आज तक से बातचीत में कहा कि जो नया वैरिएंट JN.1 सामने आया है, यह 2023 में ही रिपोर्ट हुआ था. कोरोना का यह वैरिएंट पूरी दुनिया में अब सबसे डॉमिनेंट वैरिएंट हो गया है. इस वैरिएंट में कुछ म्यूटेशन हुए हैं, जिसके कारण यह ज्यादा संक्रमणकारी हो गया है. यह लोगों की बॉडी की इम्युनिटी को बायपास करके उनको संक्रमित कर रहा है. लेकिन इससे संक्रमित लोगों में देखा गया है कि लक्षण हल्के होते हैं. अधिकतर लोगों में खांसी, नजला, बुखार, गले में खरास जैसे सामान्य लक्षण ही … Read more

01417/01418 पुणे–दानापुर–पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप)

01417/01418 पुणे–दानापुर–पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप) भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी  भोपाल गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 01417/01418 पुणे – दानापुर – पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 01417 पुणे – दानापुर ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01417 पुणे – दानापुर विशेष ट्रेन दिनांक 28 मई 2025 (बुधवार) एवं 01 जून 2025 (रविवार) को पुणे स्टेशन से रात 19:55 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए दोपहर 12:05 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 07:30 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01418 दानापुर – पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01418 दानापुर – पुणे विशेष ट्रेन दिनांक 30 मई 2025 (शुक्रवार) एवं 03 जून 2025 (मंगलवार) को सुबह 08:30 बजे दानापुर स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 01:50 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन शाम 17:35 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में पुणे जं., दौंड चॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड जं., भुसावल जं., खंडवा, इटारसी जं., जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जं., बक्सर, आरा जं., दानापुर स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 24

मुंबई पुलिस की EOW ने मीठी नदी घोटाला केस में डिनो मोरिया से की पूछताछ

मुंबई मुंबई के बहुचर्चित मीठी नदी घोटाले की जांच अब और भी गहराती जा रही है। इस घोटाले में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया का नाम सामने आने के बाद सोमवार सुबह वो EOW (आर्थिक अपराध शाखा) के दफ्तर में पेश हुए। सूत्रों की मानें तो मोरिया सुबह करीब 11 बजे जांच अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे। फोन कॉल्स ने खोले नए राज EOW की जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ताजा अपडेट में यह बात सामने आई है कि डिनो मोरिया, उनके भाई और इस घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के बीच कई बार बातचीत हुई है। इन कॉल्स की रिकॉर्डिंग्स और डेटा अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सूत्रों का कहना है कि इन कॉल्स के जरिए मिली जानकारी से पूरे घोटाले की परतें खुल सकती हैं। क्या है मीठी नदी घोटाला? यह घोटाला मुंबई महानगरपालिका की ओर से मीठी नदी की सफाई में इस्तेमाल होने वाले स्लज पुशर और ड्रेजिंग मशीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। आरोप है कि इन मशीनों को कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से ऊंचे दामों पर किराए पर लिया गया और इसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी हुई। मामले में केतन कदम और जय जोशी को मुख्य आरोपी बताया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया। डिनो मोरिया की भूमिका पर सवाल जांच में यह भी पता चला है कि डिनो मोरिया और उनके भाई की भूमिका केवल एक दोस्ती के दायरे में सीमित नहीं रही। कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स में घोटाले की राशि, भुगतान प्रक्रिया और मशीन रेंटल जैसे विषयों पर बातचीत होने के संकेत हैं। हालांकि, अब तक कोई सबूत सामने नहीं आया है जो डिनो मोरिया को सीधे इस घोटाले में दोषी ठहराए। लेकिन उनकी पेशी से इतना तो साफ है कि जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। EOW की रणनीति और आगे की कार्रवाई EOW इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और बाकी वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी नाम इस जांच के दायरे में आएंगे। वहीं डिनो मोरिया के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभिनेता पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।   recent visitors 72

नगर पालिका का एक कर्मचारी महिला के साथ रंगरलियां मनाने आया, हिंदू संगठन ने किया हंगामा

दमोह दमोह जिले के हटा में खचना नाका के पास नेहरू पार्क में रविवार शाम एक घटना हुई। यहां नगर पालिका का एक कर्मचारी एक महिला के साथ रंगरलियां मनाने आया। उसने पार्क का बाहर का गेट बंद कर ताला लगा दिया ताकि कोई शक न करे। लेकिन सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के लोग पार्क पहुंचे। तब वह कर्मचारी महिला के साथ वहां से भाग गया। यह पूरा घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जब इस बारे में सीएमओ को बताया गया, तो वह मौके पर पहुंचे, लेकिन बताया गया कि सीसीटीवी कैमरे बंद थे। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र खटीक भी आए। उन्होंने पास के वाचनालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की और ताला लगाने, महिला के अंदर जाने और बाहर से ताला लगाने की फुटेज मिली। महिला ताला देख अपनी चप्पल छोड़कर पास के दूसरे गेट से बाहर निकल गई। हिंदू संगठन के लोग भी वहां आ गए। कर्मचारी ने ताला लगाकर भागने से पहले महिला को बाइक से उसके घर छोड़ा। बताया गया कि कर्मचारी की पार्क में ड्यूटी थी। पार्क में काम करने वाले दो कर्मचारी बंदू रैकवार और परसू पटेल भी मौके पर आए। बंदू ने बताया कि दोपहर 12 बजे उन्होंने गेट का ताला लगाकर घर चले गए थे और चाबी गेट के ऊपर रख दी थी। बाद में कौन आया, उन्हें पता नहीं। सीएमओ राजेंद्र खरे ने कहा कि अगर कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोग इस घटना को मंदसौर में भाजपा नेता के वायरल वीडियो के बाद हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं। समय रहते हिंदू संगठन के लोग पहुंचकर मामला रोका। recent visitors 37