Sunday, July 12, 2026 8:13 am

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मनाई क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले जयंती, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मनाई क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले जयंती, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

Krantijyoti Savitribai Phule Jayanti celebrated at the State Congress office, paid homage by offering floral tributes भोपाल। अनुसूचित जाति विभाग के नेतृत्व में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण एवं नियुक्ति आदेश वितरण का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, पूर्व गृहमंत्री महेंद्र बौद्ध, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रकोष्ठ प्रभारी महेंद्र चौहान, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, अनुसूचित जाति सेल की प्रभारी भगवती चौधरी एवं हेमंत नरवरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जिस सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता की ऐतिहासिक लड़ाई बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दशकों पहले शुरू की थी। आज भाजपा के शासन में उसी विचारधारा और संवैधानिक मूल्यों को कुचलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राहुल गांधी पूरे देश में संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की उस लड़ाई को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी क्रान्तिज्योति सावित्री बाई फुले के शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार, सम्मान और अवसर पहुँचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दी गईं तथा संगठन को बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया गया। recent visitors 68

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग (CAG) ने 2019 में ही गंदे पानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पढ़ें पूरी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए। उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि गंदे पानी की वजह से जानें जाना किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ADB से कर्ज, फिर भी साफ पानी नसीब नहींनेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जल प्रबंधन के लिए 200 मिलियन डॉलर (तब करीब 906 करोड़ रुपये) का कर्ज लिया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर नागरिक को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन कर्ज लेने के करीब 15 साल बाद 2019 में आई CAG रिपोर्ट ने इस पूरे प्रोजेक्ट को असफल और भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताया। कैग (CAG) रिपोर्ट, सिस्टम फेल होने की कहानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में केवल 4 जोन और भोपाल में सिर्फ 5 जोन में रोज पानी की सप्लाई हो रही थी।दोनों शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से महज 5.30 लाख को ही नल कनेक्शन मिल सके। इपलाइन लीकेज की शिकायतों पर नगर निगम 22 से 182 दिन तक लगाता रहा। 2013 से 2018 के बीच लिए गए 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए, लेकिन इन पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लाखों लोगों तक पहुंचा गंदा पानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की स्वतंत्र जांच में 54 में से 10 पानी के नमूने दूषित पाए गए, जिनमें गंदगी और मल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद था। इसके चलते भोपाल के 3.62 लाख और इंदौर के 5.33 लाख कुल 8.95 लाख लोगों को गंदा पानी सप्लाई हुआ। इसी अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले दर्ज किए। पानी गायब, जवाबदेही नदारदनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गैर-राजस्व पानी (Non-Revenue Water) 30 से 70 प्रतिशत तक है, यानी इतना पानी कहां जा रहा है—किसी को पता नहीं। नियमित जल ऑडिट नहीं होने से बर्बादी और चोरी पर लगाम नहीं लग पाई। इसके अलावा दोनों शहरों में पानी के टैरिफ की वसूली भी नहीं हो सकी और नगर निगम पर 470 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ गया। जरूरत से बहुत कम पानी मिल रहानेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG के मुताबिक, भोपाल में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 9 से 20 लीटर और इंदौर में 36 से 62 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, जो तय मानकों से काफी कम है। वहीं, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई भी नहीं की जा रही थी। सरकार बिना मौत के नहीं जागतीउमंग सिंघार ने कहा कि CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न व्यवस्था सुधारी गई। अब जब इंदौर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, तब सरकार हरकत में आई है।उन्होंने सवाल उठाया जब रिपोर्ट पहले से थी, चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं किए गए? क्या सरकार हर बार त्रासदी के बाद ही जागेगी? recent visitors 114