Saturday, July 4, 2026 4:25 pm

सांसें थाम देने वाला अंत, हैवर्ट्ज के लेट गोल से आर्सेनल काराबाओ कप फाइनल में

लंदन लंदन के एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आर्सेनल ने चेल्सी को 4-2 से हराकर काराबाओ कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के हीरो काई हैवर्ट्ज बने, जिन्होंने आखिरी पलों में निर्णायक गोल करके टीम को जीत दिलाई। पहले चरण में आर्सेनल ने विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी के गोल की बदौलत 3-2 की बढ़त बना ली थी। इसी बढ़त के साथ गनर्स ने दूसरे चरण की शुरुआत की और एमिरेट्स स्टेडियम में आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी। उन्होंने शुरुआती मिनटों में खेल पर पकड़ बनाए रखी और गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा। चेल्सी ने मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए पांच खिलाड़ियों की बैकलाइन बनाई, जिससे मैच के पहले एक घंटे तक दोनों टीमों को ज्यादा साफ मौके नहीं मिले। चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने बढ़त बनाने के इरादे से एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारा, लेकिन आर्सेनल की डिफेंस मजबूत बनी रही। जैसे-जैसे मैच अपने अंतिम मिनटों की ओर बढ़ा, चेल्सी गोल की तलाश में आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान आर्सेनल को जवाबी हमला करने का मौका मिला। चोट से हाल ही में लौटे सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी काई हैवर्ट्ज ने शानदार संयम दिखाते हुए गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को चकमा दिया और गेंद को जाल में डाल दिया। इस गोल के साथ ही आर्सेनल की फाइनल की टिकट पक्की हो गई। आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप के फाइनल में पहुंचा है। अब उसका सामना मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल यूनाइटेड से होगा, जिनके बीच सेमीफाइनल का दूसरा चरण बुधवार शाम खेला जाएगा। कप की इस बड़ी जीत के बाद आर्सेनल अब प्रीमियर लीग में वापसी करेगा। वे अपने घरेलू मैदान एन5 में सदरलैंड से भिड़ेंगे। इसके बाद 12 फरवरी को टीम वेस्ट लंदन में ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ जीटेक कम्युनिटी स्टेडियम में मुकाबला खेलेगी।   recent visitors 27

मणिपुर में सत्ता वापसी की पटकथा तैयार, राष्ट्रपति शासन हटते ही NDA का दावा, आज शपथ समारोह

इम्फाल पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से करीब एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने यह आदेश दिया है। इसके साथ ही वहां नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने वहां सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। अब NDA विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह आज (बुधवार) शाम छह बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। प्रदेश भाजपा ने यह जानकारी दी है। शपथ ग्रहण समारोह 'लोक भवन' में होगा, जहां सुबह से ही तैयारियां जारी हैं।   भाजपा की मणिपुर इकाई ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''वाई खेमचंद सिंह का मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह आज यानी 4 फरवरी 2026 को शाम छह बजे लोक भवन में होगा।'' इसमें आगे कहा गया, ''उनके अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है, जिससे राज्य में स्थिरता और प्रगति का एक नया युग शुरू होगा।'' अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अशांत मणिपुर में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था। सिंह के नेतृत्व में राजग के प्रतिनिधिमंडल ने यहां लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे। सिंह को मंगलवार को नयी दिल्ली में भाजपा विधायक दल का नेता और उसके बाद राजग विधायक दल का नेता चुना गया।भाजपा विधायक थोंगबम बिस्वजीत ने पहले कहा था कि सिंह समेत पांच विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री खेमचंद मेइतेई समुदाय से हैं, जबकि उनके साथ शपथ ले ने जा रहे दोनों उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो, क्रमशः कुकी और नागा जनजातियों से हैं।   recent visitors 29

न रिफाइंड, न ऑलिव—ये देसी तेल है स्वास्थ्य का खजाना, 3 जबरदस्त फायदे जानिए

रसोई में तड़के की छनछनाहट से लेकर सर्दियों की गुनगुनी धूप तक, सरसों का तेल सदियों से हर भारतीय घर का हिस्सा रहा है। यह सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का वो जादुई संगम है, जो बेस्वाद खाने और थके बदन, दोनों में फौरन जान फूंक देता है। सरसों के इन्हीं फायदों के बारे आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के कुछ बेमिसाल फायदे- दिल के लिए फायदेमंद सरसों का तेल दिल की अच्छी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसे रोजाना डाइट में शामिल करने से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, ये शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। हालांकि, दिल की सेहत पर सरसों तेल के प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है। स्किन और बालों के लिए अच्छा सरसों का तेल स्किन और बालों दोनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल अक्सर दादी-नानी छोटे बच्चों के शरीर की मालिश के लिए करती हैं। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है और ड्राईनेस को भी कम करता है। साथ ही, यह फटी एड़ियों को भी ठीक करने के लिए भी बेहतरीन तरीका है। सरसों के तेल में थोड़ा मोम मिक्स करके आप रूखी और फटी एड़ियों को हील भी आसानी से कर सकते हैं। इतना ही नहीं, मस्टर्ड ऑयल झुर्रियों, फाइन लाइन्स और बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका कोई साइड इफेक्ट्स न हो इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। कैंसर का खतरा करें कम क्या आप जानते हैं कि खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों तेल कैंसर के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि यह कई तरह के कैंसर सेल्स के ग्रोथ को कम करता है। एक अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि मक्के के तेल या फिश ऑयल के मुकाबले सरसों का तेल चूहों में कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में ज्यादा प्रभावी साबित हुआ। वहीं, जानवरों पर किए गए एक और अध्ययन में पता चला है कि इसमें मौजूद एलिल आइसोथियोसाइनेट ब्लैडर कैंसर की ग्रोथ को लगभग 35% तक कम कर सकता है और यह ब्लैडर में कैंसर के इन्फेक्शन को फैलने से रोकने में भी मदद करता है। हालांकि, इंसानों पर इसके प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है। recent visitors 27

टीमवर्क और परफॉर्मेंस पर जोर: डेविस कप में जीत का फॉर्मूला बताकर बोले कप्तान रोहित राजपाल

बेंगलुरु भारत 7-8 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप क्वालिफायर राउंड 1 मैच की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए नेशनल टीम कप्तान रोहित राजपाल की देखरेख में बेंगलुरु के एस.एम. कृष्णा टेनिस स्टेडियम में कड़ी ट्रेनिंग कर रही है। करण सिंह और रित्विक बोल्लीपल्ली ने गुरुवार शाम को अपना ट्रेनिंग सेशन शुरू किया, जबकि सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और यूकी भांबरी आज बेंगलुरु में टीम के साथ जुड़ेंगे, क्योंकि महत्वपूर्ण घरेलू मैच के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत डेविस कप देशों की रैंकिंग में नंबर 33 पर है, और उसका मुकाबला एक मजबूत डच टीम से है जो फिलहाल दुनिया में नंबर 6 पर है और 2024 डेविस कप फाइनल में रनर-अप रही थी। फिर भी, भारतीय टीम अपने इतिहास से प्रेरणा ले सकती है, जिसने फरवरी 1996 में जयपुर में नीदरलैंड्स को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। उस मौके पर, लिएंडर पेस और महेश भूपति ने 1-2 से पीछे होने के बाद शानदार वापसी करते हुए भारत को जीत दिलाई थी। राजपाल, जो 2019 से भारत के डेविस कप कप्तान हैं, डच टीम के खिलाफ इस सफलता को दोहराना चाहते हैं, जैसा कि उन्होंने कहा, “अगर हम वैसे ही खेलते हैं जैसे हमने स्विट्जरलैंड में खेला था, जहां सभी खिलाड़ी सही समय पर अपने चरम पर थे, तो मेरा मानना है कि हम यह टाई जीत सकते हैं। जब से मैं कप्तान बना हूं, हम जल्दी आकर टीम को तैयार करना शुरू कर देते हैं। हमारा मकसद धीरे-धीरे लोड कम करना है, हम हर दिन दो भारी सेशन से शुरू करते हैं और धीरे-धीरे लोड कम करते हैं ताकि हर कोई सही समय पर अपने चरम पर हो और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।” भारतीय टेनिस आइकन महेश भूपति ने भी भारतीय टीम का समर्थन करते हुए कहा, “मैं डेविस कप टाई से पहले टीम को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। डच टीम के खिलाफ खेलने की मेरी बहुत अच्छी यादें हैं, खासकर जब हमने 1996 में जयपुर में उन्हें हराया था। यह दिखाता है कि डेविस कप में कुछ भी संभव है। टीम को अपना हौसला बनाए रखना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी।”   recent visitors 25

यात्रियों के लिए खुशखबरी! भारतीय रेलवे ने लॉन्च की 20 नई ट्रेनें, देखें रूट और टाइमिंग

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने बढ़ती यात्रा मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. 1 फरवरी 2026 से देश के अलग अलग प्रमुख रूटों पर 20 नई ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई है. नई ट्रेनों को लाॅन्च करने के वजह भीड़ कम करना और यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाना है. इन ट्रेनों में अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत और कुछ स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. जिससे लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा आरामदायक और तेज हो सके. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टिकट बुकिंग IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो चुकी है. इसलिए यात्री अपने रूट के हिसाब से पहले ही सीट बुक कर सकते हैं. जान लें किस रूट पर चलेंगी यह नई ट्रेनें. इन शहरों के लोगों को होगा फायदा फरवरी में यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है. नई ट्रेनों का शेड्यूल और रूट प्लान इस तरह बनाया गया है कि देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के प्रमुख शहर पहले से बेहतर कनेक्ट हो सकें. इससे लंबी दूरी की यात्रा का समय घटेग  भीड़ का दबाव कम होगा और कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी. रेलवे मंत्रालय ने Trains At A Glance 2026 के तहत इन ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. अमृत भारत जैसी किफायती और तेज ट्रेनों पर खास फोकस रखा गया है. जिससे मिडिल क्लास और आम यात्रियों को सीधे तौर पर सुविधा मिल सके. इन रूट्स पर चलेंगी नई ट्रेनें ट्रेन नंबर 64033 दिल्ली – शामली मेमू यह ट्रेन शामली और दिल्ली के बीच रोजाना ट्रेवल करने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद होगी पीलीभीत – शाहजहांपुर पैसेंजर  यह ट्रेन लोकल लेवल पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई. इस डेली पैसेंजर ट्रेन के जरिए लोकल ट्रेवल आसान होगी. राजेंद्र नगर – नई दिल्ली अमृत भारत  जो लोग बिहार से दिल्ली जाते हैं. उन लोगों के लिए यह ट्रेन एक बढ़िया ऑप्शन बनकर आई है. साबरमती – जोधपुर वंदे भारत इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत की टाइमिंग में 1 फरवरी से बदलाव किया गया है. जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक टाइमिंग मिल सके. गुजरात और राजस्थान के बीच तेज और आरामदायक सफर का यह बेहतर ऑप्शन बनेगा. कामाख्या – रोहतक अमृत भारत पूर्वोत्तर भारत को हरियाणा से जोड़ने वाली यह वीकली अमृत भारत ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए अहम साबित होगी. इस ट्रेन से दोनों क्षेत्रों के बीच सीधी और किफायती कनेक्टिविटी मजबूत होगी. संबलपुर – इरोड स्पेशल दक्षिण भारत की ओर यात्रा करने वालों के लिए इस स्पेशल ट्रेन की सर्विस बढ़ाई गई है. ओडिशा से तमिलनाडु तक का सफर अब ज्यादा आसान और सीधा हो सकेगा. जिससे लंबी दूरी की यात्रा में राहत मिलेगी. पुरी – राउरकेला वंदे भारत ओडिशा के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए यह सेमी हाई स्पीड वंदे भारत शुरू की जा रही है. इससे राज्य के भीतर तेज, आरामदायक और समय बचाने वाला सफर संभव होगा. धुले – वाराणसी/अयोध्या महाराष्ट्र के धुले से वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों के लिए नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं. तीर्थ यात्रा करने वालों के लिए यह सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा का ऑप्शन देगी. recent visitors 26

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी जीत, 21 लाख के इनामी माओवादी सुखराम ने किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर नक्सल मोर्चे पर ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 21 लाख रुपए के इनामी माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने हथियार डाल दिया है। यह आत्मसमर्पण ओडिशा के मलकानगिरी जिले में किया गया, जहां सुरक्षा बलों के सामने माओवादी ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण के दौरान सुखराम मरकाम के पास से एक SLR राइफल के साथ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। सुखराम मरकाम माओवादी संगठन में ACM रैंक का सक्रिय कैडर बताया जा रहा है। वह वर्ष 2010 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सुखराम कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। माओवादी सुखराम मरकाम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी है। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में गंभीर नक्सली मामले दर्ज थे। लगातार दबाव और सघन ऑपरेशन के चलते माओवादी सुखराम ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल का कहना है कि यह नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी उपलब्धि है। आत्मसमर्पण से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आगे भी अन्य माओवादी मुख्यधारा में लौटेंगे। recent visitors 21

दुर्लभ संयोग में आएगी महाशिवरात्रि: 6 ग्रहों का योग, भक्तों के लिए शुभ; महाकाल मंदिर सजने लगा

उज्जैन  पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी के संधिकाल में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी, रविवार को है। इस दिन सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेगा। इस बार त्रिकोण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष पंडित अमर डिब्बावाला के अनुसार, ऐसा दुर्लभ योग करीब 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले यह 2007 में हुआ था। चार प्रहर की पूजा का महत्व शिव महापुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर मध्य रात्रि और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार इसे अकेले या परिवार सहित कर सकते हैं। शिव पूजा कैसे करें महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। व्रती अन्न ग्रहण नहीं करें और क्रोध, लालच, नशा और बुराइयों से दूर रहें। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप शुभ माना जाता है। पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करनी चाहिए। माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड लगाएं और शिवलिंग पर पहले से चढ़ी सामग्री हटाकर बिल्वपत्र धोकर पुनः प्रयोग करें। शिवरात्रि और विवाह नहीं महाशिवरात्रि केवल भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पर्व है, यह शिव-पार्वती के विवाह के कारण नहीं मनाया जाता। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में इसे भगवान शिव की उत्पत्ति और ब्रह्मा-विष्णु के अहंकार को समाप्त करने के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट किया गया है कि शिव और पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि पर नहीं हुआ था। ज्योतिषाचार्य  ने बताया महाशिवरात्रि पर सूर्य, बुध, शुक्र व राहु यह कुंभ राशि पर गोचरस्थ रहेंगे। वहीं केतु सिंह राशि में अवस्थित होंगे तथा चंद्रमा का संचार मकर राशि पर रहेगा। एक बात स्पष्ट है कि महाशिवरात्रि का पर्व काल मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में ही आता है। लेकिन शिव आराधना के इस विशिष्ट काल खंड में शेषग्रह अगर एक साथ रहते हैं, तो यह साधना, आराधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग प्रहर में इसकी पूजा का विशेष शुभफल प्राप्त होता है। महाकाल मंदिर में तैयारियां शुरू 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 6 फरवरी से शिवरात्रि पर्व के तहत मंदिर के मुख्य शिखर की धुलाई, मंदिर परिसर की रंग-रोगन, कोटितीर्थ कुंड की सफाई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया है। मंदिर प्रांगण में स्थित 40 मंदिरों की पुताई का काम अंतिम चरण में है। इस संबंध में मंगलवार शाम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और समिति सदस्यों के साथ बैठक कर दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देंगे। चार प्रहर की पूजा से मिलती है सिद्धि और सफलता शिव महापुराण के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर निशिथ काल (मध्य रात्रि) और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार सपरिवार या साधक विशेष पूजा-अनुष्ठान कर सकते हैं। ऐसे करें शिव पूजा महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। इस दिन क्रोध, काम, नशा, लालच और चोरी जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते रहना शुभ माना जाता है। शिव पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना अधिक शुभ होता है। पूजा के समय माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड अवश्य लगाएं। पूजा से पहले शिवलिंग पर पहले से चढ़ी हुई सामग्री हटा देनी चाहिए। बिल्वपत्र को धोकर दोबारा पूजा में उपयोग किया जा सकता है। शिवरात्रि पर नहीं हुआ था शिव-पार्वती का विवाह शिवरात्रि सनातन धर्म में भगवान शिव की कृपा, भक्ति और आराधना का पर्व है। यह पर्व शिवतत्व को समझने और पूजा-अर्चना करने के लिए मनाया जाता है, न कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के कारण। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में शिवरात्रि को भगवान शिव की उत्पत्ति का दिन बताया गया है। इसे ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को समाप्त करने और सृष्टि चक्र की शुरुआत के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। इसी कारण इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में यह स्पष्ट किया गया है कि भगवान शिव का विवाह माता सती और माता पार्वती से अलग-अलग समय पर हुआ था। दोनों विवाह फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (महाशिवरात्रि) पर नहीं हुए थे। recent visitors 26