Saturday, July 4, 2026 9:25 am

मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने कांग्रेस को छोड़ दिया, दिया इस्तीफा

रीवा  रीवा में कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में लक्ष्मण तिवारी ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कांग्रेस में गुटबाज़ी हावी हो चुकी है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।  recent visitors 33

2155.97 लाख रुपए किए मंजूर, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयास से बनेंगी सड़कें

रायपुर. आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास अब घोषणा नहीं, जमीनी सच्चाई बनता जा रहा है। क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सड़क विकास की बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सतत पहल और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिला रायपुर के गोढ़ी–तोड़गांव–बड़गांव मार्ग के 9.00 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए ₹2155.97 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना में सड़क निर्माण के साथ-साथ पुल–पुलिया का निर्माण भी शामिल है, जिससे क्षेत्रीय यातायात को स्थायी समाधान मिलेगा। इस सड़क के उन्नयन से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। किसानों को मंडियों तक पहुंच, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुविधा और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह योजना आरंग विधानसभा के आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी साबित होगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विकास को प्राथमिकता नहीं, प्रतिबद्धता मानकर कार्य कर रही है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार मिल रही स्वीकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास को काग़ज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए जन प्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी आरंग विधानसभा को अधोसंरचना, सड़क, सिंचाई एवं जनसुविधाओं से जुड़ी अनेक नई सौगातें मिलती रहेंगी। recent visitors 31

भोपाल में बनेगी AI और नॉलेज सिटी, 3700 एकड़ में होगा विकास, देश का सबसे उन्नत शहर बनेगा

 भोपाल  भोपाल अब देश के भविष्य के टेक–एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ (1500 हेक्टेयर) भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी विकसित की जाएगी। यह प्रोजेक्ट केवल एक एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एकीकृत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश को देश का बड़ा AI हब बनाने की दिशा में काम होगा। इस परियोजना के लिए 20 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) दाखिल किए हैं। एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और फरवरी के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। भौंरी में 3700 एकड़ जमीन पर भारत की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी विकसित होने जा रही है। यह प्रोजेक्ट केवल एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि यह रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनेगा। बीडीए इसकी नोडल एजेंसी है, जबकि आइसर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजुकेशन एंड रिसर्च) इसका पूरा रोडमैप तैयार करेगा। प्रोजेक्ट के लिए अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट को लेकर 20 से ज्यादा ग्लोबल एजेंसियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल किया है। चयन प्र्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस माह के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। नॉलेज एवं एआई सिटी के रोडमैप पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की बैठक भी रखी गई है। इसमें नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित केंद्रीय संस्थानों के निदेशक, कुलपति और प्राचार्य भाग लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने आइसर को एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए 8 सदस्यीय कोर कमेटी बनी है, जिसके कन्वीनर प्रो. सौरभ दत्ता हैं। सुपरविजन आइसर डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। बीडीए ने जमीन की पहचान के बाद ईओआई प्रक्रिया पूरी कर ली है। बीडीए सीईओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि देश-विदेश की 20 से ज्यादा एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। डेवलपमेंट एजेंसी क्या करेगी     पूरे प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करेगी     ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर कैंपस डिजाइन     बड़े पैमाने पर ग्रीन जोन और ओपन स्पेस     ईवी, सीएनजी और हाइड्रोजन आधारित स्मार्ट ट्रांसपोर्ट     पीपीपी मॉडल, जॉइंट वेंचर और इंटीग्रेटेड पार्टनरशिप के विकल्प भौंरी क्षेत्र में पहले से मौजूद है एजुकेशन इको-सिस्टम देश के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र एजुकेशन सिटी की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन भोपाल की नॉलेज–AI सिटी का कॉन्सेप्ट अलग होगा। भौंरी क्षेत्र में पहले से आईसर भोपाल, निफ्ट, राष्ट्रीय फॉरेंसिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, अटल बिहारी वाजपेयी पॉलिसी रिसर्च सेंटर, एमपी पुलिस अकादमी और शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक इंस्टिट्यूट मौजूद हैं। इसी क्लस्टर में ट्रिपल आईटी (IIIT) कैंपस के निर्माण का प्रस्ताव भी है। इन संस्थानों की मौजूदगी से यहां पहले से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार है, जहां AI, स्पेस टेक, फॉरेंसिक, पब्लिक पॉलिसी, हेल्थ और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में साझा रिसर्च की जा सकेगी। IISER तैयार कर रहा है रोडमैप नगरीय प्रशासन विभाग, मप्र शासन ने नॉलेज–AI सिटी के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी IISER भोपाल को सौंपी है। IISER ने पिछले वर्ष फरवरी में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन किया था, जिसके बाद इस परियोजना को सभी संस्थानों को साथ लेकर आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी IISER के डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। फरवरी के आखिर तक एजेंसी नियुक्त होगी भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने जमीन की पहचान के बाद EOI प्रक्रिया पूरी कर ली है। पहले यह परियोजना 2000 एकड़ में प्रस्तावित थी, जिसे बढ़ाकर अब 3700 एकड़ कर दिया गया है। लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में नॉलेज–AI सिटी को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो जाए। प्रोजेक्ट के कन्वीनर प्रोफेसर सौरभ दत्ता ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले एक वर्ष से योजना बनाई जा रही है। नॉलेज और AI सिटी के माध्यम से ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है, जहां शिक्षा के साथ रिसर्च और इंडस्ट्री मिलकर काम करें। यह एक पूरी सिटी होगी, जिसे हायर एजुकेशन के साथ अर्बन डेवलपमेंट, हॉस्पिटल और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा। recent visitors 32

रूस और अमेरिका की परमाणु संधि समाप्त, 50 साल में पहली बार बिना नियम; क्या विनाश की ओर बढ़ रही है दुनिया?

मॉस्को  दुनिया को हिला देने वाली एक खबर सामने आई है. अमेरिका और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे परमाणु हथियार नियंत्रण का सबसे अहम समझौता अब खत्म हो गया है. यह वही संधि थी जिसने दुनिया के दो सबसे बड़े परमाणु ताकतवर देशों के हथियारों की सीमा तय कर रखी थी. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. समझौता खत्म होने के बाद दुनिया में टेंशन बढ़ गई है. रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सुरक्षा अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इस संधि का खत्म होना दुनिया को तबाही की ओर धकेल सकता है और ‘डूम्सडे क्लॉक’ यानी मानव विनाश का खतरा तेज हो सकता है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार शीत युद्ध के दौर के बाद से ही रूस अपनी सुपरपावर छवि को बनाए रखने की कोशिश करता रहा है. सोवियत संघ के टूटने के बाद रूस का वैश्विक प्रभाव कमजोर जरूर हुआ लेकिन परमाणु ताकत के कारण उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका बनी रही. साल 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति मेदवेदेव ने न्यू START संधि पर हस्ताक्षर किए थे. इस संधि के तहत दोनों देशों को अधिकतम 1550 तैनात परमाणु हथियार रखने की अनुमति थी. यह समझौता वैश्विक शांति के लिए बेहद अहम माना गया था. लेकिन अब इसके खत्म होने के साथ ही दुनिया एक नए और खतरनाक दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है. सबसे पहले- New START संधि क्या है? न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START) परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने के लिए 2010 में किया गया एक ऐतिहासिक समझौता था। 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इस पर साइन किए थे। यह संधि 2011 में लागू हुई थी। इसका उद्देश्य उन रणनीतिक परमाणु हथियारों की तैनाती को सीमित करना था, जो किसी देश के प्रमुख राजनीतिक, सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम होते हैं। तैनात हथियार वे माने जाते हैं जो सक्रिय सेवा में हों और तुरंत इस्तेमाल किए जा सकें। संधि कैसे बनी? पूरी कहानी परमाणु हथियारों पर रोक लगाने की कोशिश शीत युद्ध के समय से चली आ रही है। 1969 से अमेरिका और सोवियत संघ (बाद में रूस) ने कई दौर की बातें कीं।     1970 के दशक में SALT समझौते: हथियारों की संख्या पर सीमा लगाई, लेकिन कम नहीं किए।     1991 में START I: पहली बड़ी कटौती, जॉर्ज बुश और गोर्बाचेव के समय। हजारों हथियार कम हुए।     1993 में START II: और कटौती, लेकिन पूरी तरह लागू नहीं हुई।     2002 में SORT (मॉस्को संधि): बुश और पुतिन ने वारहेड्स 1,700-2200 तक कम करने पर सहमति, लेकिन जांच-पड़ताल कम थी। फिर आई न्यू स्टार्ट। 2009 में बराक ओबामा (अमेरिका) और दिमित्री मेदवेदेव (रूस) ने बात शुरू की। 8 अप्रैल 2010 को प्राग (चेक गणराज्य) में हस्ताक्षर हुए। अमेरिकी सीनेट ने 2010 में मंजूरी दे दी थी। रूसी संसद ने 2011 में दी। आखिरकार संधि 5 फरवरी 2011 से लागू हुई। इसका मूल समय 10 साल तक ही था। हालांकि इसे एक बार 5 साल बढ़ाने का प्रावधान भी था, जो 2021 में जो बाइडेन ने इस्तेमाल किया और 2026 तक बढ़ा दिया। 2021 के बाद क्या हुआ? 2023 में रूस ने संधि में हिस्सा रोक दिया जैसे निरीक्षण बंद कर दिए, लेकिन सीमाओं का पालन करने का दावा जारी रखा। वजह बताई कि यूक्रेन युद्ध में अमेरिका मदद कर रहा है। आखिरकार आज (5 फरवरी 2026) संधि खत्म हो गई। अब दोनों देश स्वतंत्र हैं – जितने चाहें हथियार बढ़ा सकते हैं। रूस बोला- अब परमाणु हथियारों की सीमा से मुक्त रूस ने कहा है कि वह अब अमेरिका के साथ रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाली न्यू स्टार्ट संधि से अब बंधा नहीं है, क्योंकि यह संधि गुरुवार को समाप्त हो रही है। इस बयान से वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए “गंभीर क्षण” करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें दोनों देशों से 12 महीने तक संधि के तहत मिसाइलों और तैनात परमाणु वारहेड्स की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने कहा- हम मानते हैं कि न्यू स्टार्ट संधि के पक्षकार अब इसके तहत किसी भी दायित्व या पारस्परिक घोषणाओं से बंधे नहीं हैं। हमारी बातों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है, जो गलत और अफसोसजनक है। संधि खत्म होने के संभावित असर संधि की अवधि समाप्त होने के साथ ही रूस और अमेरिका दोनों के लिए मिसाइलों की संख्या बढ़ाने और सैकड़ों अतिरिक्त रणनीतिक वारहेड्स तैनात करने का रास्ता खुल जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना तकनीकी और लॉजिस्टिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा और इसमें समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि वे संधि के विस्तार पर विचार कर सकते हैं, लेकिन जनवरी में उन्होंने कहा था कि अगर यह खत्म होती है तो कोई बेहतर समझौता किया जाएगा। ट्रंप ने भविष्य की किसी भी परमाणु वार्ता में चीन को शामिल करने की भी बात कही है। परमाणु हथियारों का मौजूदा संतुलन रूस और अमेरिका मिलकर दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक परमाणु हथियारों का भंडार रखते हैं। जनवरी 2025 तक रूस के पास 4,309 और अमेरिका के पास 3,700 परमाणु वारहेड्स थे। फ्रांस और ब्रिटेन के पास क्रमशः 290 और 225 वारहेड्स हैं, जबकि चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार माने जाते हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि न्यू स्टार्ट के खत्म होने से एक नई हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है, जिसमें चीन के परमाणु विस्तार का भी असर पड़ेगा। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के मैट कोर्डा के अनुसार सबसे अधिकतम स्थिति में दोनों देश अपनी तैनात परमाणु क्षमताओं को लगभग दोगुना कर सकते हैं। पोप लियो ने भी चेताया संधि की समाप्ति से पहले, पोप लियो ने दोनों देशों से अपील की कि वे हथियारों पर लगी सीमाओं को न … Read more

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  गन्ना किसानों की प्रदेश के अंदर क्या स्थिति थी..वर्ष 2000 से 2017 के बीच में गन्ना किसानों को कुल ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, यानी 17 वर्षों में ₹2,14,000 करोड़ का. और 2017 से लेकर 2025 के बीच में, इन 8-9 वर्षों में हम लोगों ने ₹3,00,000 करोड़ अन्नदाता किसानों के खाते में गन्ना किसानों के खाते में सीधे पैसा दिया है,17 वर्ष में जितना नहीं हुआ, उसके आधे वर्षों में उससे भी हम लोगों ने ₹86,000 करोड़ अधिक किसान के खाते में भेजे हैं.. आज एक क्विंटल का हम ₹400 अन्नदाता किसान को दे रहे हैं, गन्ना किसान को दे रहे हैं,  ये सरकार के द्वारा उठाए गए कदम हैं और इसके माध्यम से लाभान्वित होने वाले किसानों का परिणाम है.. आज यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अंदर नंबर एक पर है। गन्ना उत्पादन में देश का कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी केवल यूपी कर रहा है, चीनी उत्पादन में भी देश के अंदर यूपी नंबर एक पर है.. recent visitors 27

बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में भारतीय रिवाज से संदीप और शेरला करेंगे विवाह, मनाई हल्दी की रस्म

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे।  recent visitors 28

Pixel 10a लॉन्च डेट हुई कंफर्म, सस्ता स्मार्टफोन होगा ये फीचर्स के साथ

नई दिल्ली  Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता हैंडसेट Pixel 10a होगा. अब गूगल ने ऑफिशियली इस स्मार्टफोन के लुक को अनवील कर दिया है. साथ ही लॉन्चिंग डेट भी कंफर्म कर दी है.   Youtube पर गूगल ने एक शॉर्ट टीजर वीडियो पोस्ट किया है, जो 16 सेकेंड का है. इस शॉर्ट वीडियो में कंपनी ने स्मार्टफोन का लुक और लॉन्चिंग डेट की जानकारी शेयर की है. यह हैंडसेट ग्लोबल मार्केट में 18 फरवरी 2018 को लॉन्च होगा. Pixel 10a एंट्री लेवल फोन होगा  Pixel 10a, अपनी सीरीज का एंट्री लेवल का स्मार्टफोन होगा. कंपनी ने बीते साल Pixel 9a को अनवील किया था, जो पिक्सल 9 सीरीज का एंट्री लेवल स्मार्टफोन था. कंपनी हर साल सभी सीरीज के एंट्री लेवल स्मार्टफोन को A नाम के साथ लॉन्च करती है.  Pixel 10a के स्पेसिफिकेशन्स  Pixel 10a के स्पेशिफिकेशन्स का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है, लेकिन इसमें भी Pixel 9a के जैसा 6.3-inch 120Hz Actua डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. वीडियो देखकर पता चलता है कि बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, हालांकि अभी सेंसर की जानकारी नहीं है.  Pixel 9a की इतनी थी कीमत  बीते साल Pixel 9a की शुरुआती कीमत 499 अमेरिकी डॉलर और भारत में 49,999 रुपये रखी गई थी. अब 18 फरवरी को लॉन्च होने वाले Pixel 10a की कीमत क्या होगी, वो तो ऑफिशियल लॉन्चिंग के  बाद ही पता चलेगी.  Pixel 10a इन चार कलर में होगा लॉन्च  टिप्स्टर Evan Blass ने बताया है कि Pixel 10a को ग्लोबल मार्केट में चार कलर वेरिएंट में पेश किया जाएगा. यह चार कलर के नाम ऑब्सिडियन, लेवेंडर, बेरी और फॉग है.  नए AI फीचर्स भी मिलेंगे  Pixel 10a की मदद से यूजर्स को सस्ते में गूगल का ईकोसिस्टम यूज करने को मिल जाता है.  इसमें ढेरों न्यू AI फीचर्स का भी एक्सेस मिलेगा. कंपनी लंबे समय से 7 साल तक Android OS वर्जन का अपडेट दे रही है और इस बार भी उम्मीद है कि कंपनी 7 साल तक OS अपडेट देने का ऐलान करेगी.  recent visitors 41