Sunday, July 5, 2026 6:11 am

सऊदी अरब की बड़ी तेल कंपनी ने रोका उत्पादन, ईरान से टकराव के बाद महंगाई का खतरा

सऊदी अरब दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में जाने जाने वाली सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको को ईरान ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनूरा रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के जवाब में तेहरान पूरे क्षेत्र में लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन हमलों में खाड़ी देशों में कई लोगों की मौत भी हो गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबिया टीवी को बताया कि इस क्षेत्र में दो ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है। ड्रोन के मलबे से सीमित स्तर पर आग भी लगी थी जिसे तुरंत काबू कर लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता बता दें कि रास तनूरा कॉम्प्लेक्स सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है और यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। यह सऊदी कच्चे तेल के निर्यात का एक अहम टर्मिनल भी है। सूत्र के अनुसार रिफाइनरी को सावधानी के तौर पर बंद किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं। मच सकता है हाहाकार रिफाइनरी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री व्यापार भी लगभग ठप हो गया है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल खपत इसी मार्ग से गुजरती है। रविवार को इस क्षेत्र के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद तेल परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अरामको ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। क्या कह रहे विशेषज्ञ? रिस्क इंटेलिजेंस फर्म वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट के मिडिल ईस्ट विश्लेषक टॉरब्योर्न सोल्टवेड्ट ने कहा ताजा हमलों कर चिंता जताते हुए कहा कि रास तनूरा पर हमला क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है और अब खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचना सीधे निशाने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देश अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के और करीब आ सकते हैं। कई खाड़ी देशों में हमले यह ड्रोन हमला क्षेत्र में हाल के हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के दुक़्म वाणिज्यिक बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया है, जहां से फरवरी में करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल तुर्की को निर्यात किया गया था।   recent visitors 19

माँ मोटी माता परिसर में ताप्ती–नर्मदा रेल लाइन को लेकर बैठक संपन्न हुई

  बड़वानी नरेश रायक ताप्ती नर्मदा रेल लाइन समिति के केंद्रीय संयोजक दामोदर अग्रवाल की अध्यक्षता में माँ मोटी माता परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि खंडवा–अलीराजपुर रेलवे लाइन के सर्वे कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा वृहद परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया गया, जिनमें झाबुआ–अलीराजपुर सांसद अनिता नागरसिंह चौहान, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं धार सांसद सावित्री ठाकुर, खरगोन–बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल तथा राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी शामिल हैं। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि शीघ्र ही रेल लाइन को स्वीकृति प्राप्त होगी और बड़वानी जिलेवासियों का रेल यात्रा का सपना साकार होगा। रेल लाइन से क्षेत्र को संभावित लाभ   सस्ती और सुगम यात्रा सुविधा – विद्यार्थियों, मरीजों व श्रमिकों को बड़े शहरों तक आसान आवागमन।  व्यापार एवं कृषि को बढ़ावा – कपास, मिर्च, सोयाबीन सहित स्थानीय उत्पादों का तेज परिवहन। रोजगार के अवसर – निर्माण कार्य से लेकर संचालन तक स्थानीय युवाओं को रोजगार।  स्वास्थ्य व शिक्षा में सुविधा – इंदौर, खंडवा, धार आदि शहरों तक शीघ्र पहुँच।  पर्यटन विकास – क्षेत्र के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों तक पहुँच आसान। इस अवसर पर सर्वश्री अमित शर्मा, राजेंद्र देवड़े, नारायण वर्मा, भगवती प्रसाद कुमरावत, दीपक जेमन, जगन्नाथ गुप्ता, ताराचंद शर्मा, वीरेंद्र रावत, अशोक शर्मा, संजय माले, संतोष गुप्ता, महेश धनगर, बालकृष्ण सोनगरा, नितिन बद्रीलाल अग्रवाल एवं राजेश राठौड़ सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि यह रेल परियोजना बड़वानी जिले के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। recent visitors 18

कामयाबी का शॉर्टकट नहीं, स्टीव जॉब्स की ये 5 आदतें अपनाइए और बड़ा मुकाम पाइए

एप्पल कंपनी के मुख्य संस्थापक स्टीव पॉल जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। स्टीव ने iPhone, iPad, Mac के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। सिंपल लेकिन क्रिएटिव होने में वह ज्यादा विश्वास रखते थे और काम को दिल से करने वाले लोगों को पसंद करते थे। स्टीव ने फुल फोकस के साथ काम किया और दुनिया एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी से मिलवाया जो काफी तेज और बेहतरीन है। आज हर हाथ में एप्पल के मोबाइल दिखते हैं और इसका श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है। वह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनकी कुछ आदतों को हर किसी को अपनाना चाहिए। अगर आप दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो स्टीव की इन बातों को गांठ बांध लें। स्टीव जॉब्स की खास आदतें- सिंपल बट क्रिएटिव स्टीव जॉब्स का कहना था कि सादगी से क्रिएटिविटी बढ़ती है। वह खुद हमेशा काफी सिंपल रहें और उन्हें हमेशा सिर्फ ब्लैक टर्टलनेक टी-शर्ट और जींस में देखा गया। उनका कहना था कि किसी भी चीज पर काम करो, तो तब तक लगे रहो जब तक वो परफेक्ट न हो जाए। हर काम की बारीकी मैटर करती है, फिर चाहे उसके लिए कितना भी इंतजार करना पड़े। फोकस हटना नहीं चाहिए स्टीव जॉब्स का कहना था कि आप किसी भी काम को फुल फोकस के साथ करते हैं, तभी उसमें पारंगत हो सकते हैं। इसी वजह से आपको सफलता मिलेगी। स्टीव ने एप्पल के कई सारे प्रोडक्ट्स को हटाकर सिर्फ 10 चीजों को लिया था, जिससे वह उन्हें बेहतर ढंग से बना सकें। ना कहना सीख लें उनका मानना था कि ना कहना भी एक कला है, जो हर व्यक्ति की सीख लेनी चाहिए। वरना आप लोगों की हां में हां मिलाते हुए पीछे खड़े रह जाएंगे। स्टीव का कहना था कि जब आप 1000 चीजों को ना कहेंगे तब जाकर आप खुद की किसी 1 चीज पर फोकस बढ़ा सकेंगे। फोकस करने से ही आपको सफलता मिलेगी। रिस्क लेना जरूरी है स्टीव जॉब्स को कुछ कारणों से एप्पल कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि NeXT और Pixar जैसे सॉफ्टवेयर बनाकर ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ये उनके रिस्क लेने की मिसाल है। वह फेल हो सकते थे लेकिन उन्होंने बिना डरे रिस्क लेने का फैसला किया। लक्ष्य तय करो स्टीव जॉब्स का कहना था छोटे और बड़े अलग-अलग गोल्स सेट करो और उसे पूरा करने के लिए स्ट्रैटजी बनाओ। जब आप गोल्स बनाकर चलते हैं, तो सफलता मिलती है। ऐसे में आप सही डिसीजन मेकर भी बनकर उभरते हो। स्टीव जॉब्स रोजाना एक जैसे कपड़े इसलिए पहनते थे, क्योंकि वह इन कपड़ा चुनने जैसे छोटे फैसलों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते थे। recent visitors 74

कोरबा: अधूरे मकान में छिपा था कोबरा, सूचना मिलते ही चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोरबा सोमवार की सुबह शहर के व्यस्त क्षेत्र निहारिका घंटाघर में उस समय हड़कंप मच गया, एक मकान का निमार्ण कार्य के लिए पहुंचे मजदूरों ने कोबरा सांप देखा। जिसके बाद मजदूरों और स्थानीय नागरिकों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और लोगों को पास जाने से रोका गया और रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यू सोसाइटी की टीम को सूचना दी गई। जिसके बाद आरसीआरएस अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। और पूरी सावधानी तथा पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर बाद कोबरा को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद सांप को जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस दौरान न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा और न ही सांप को कोई चोट आई। अविनाश यादव ने बताया कि कोबरा सांप 3 फिट का था और फुर्तीला था। इसमें जहर बहुत तेज होता है और हमला बहुत जल्दी करता है, इसलिए छेड़छाड़ सांप से नहीं करना चाहिए। स्थानीय नागरिकों की समझदारी, समय पर दी गई सूचना से सांप पकड़ा गया। जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम के कार्य की सराहना की। recent visitors 69

अल्सर से कैसा डर! समय पर पहचान, सफल उपचार

हमारा पेट नाजुक टिश्यू से बना है। थोड़ी-सी गड़बड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी कर देती है। पेट में दर्द, जलन व सूजन का एहसास, सीने में जलन व उल्टी की शिकायत-सुनने में भले ही अजीब लगे, पर ऐसा ही होता है, जब पेट में अल्सर की शिकायत होती है। खुद को इसका शिकार बनने से कैसे रोक सकते हैं, बता रहे हैं हम… जीवनशैली और खान-पान में बदलाव का नतीजा है कि किशोर और युवाओं में पेट के अल्सर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सामान्य भाषा में कहें तो पेट में छाले व घाव हो जाने को अल्सर कहा जाता है। सोने का नियत समय न होना, ऑफिस में बेहतर प्रदर्शन का तनाव, जंक फूड का बढ़ता चलन और अधिक डाइटिंग से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। उस पर धूम्रपान, एल्कोहल और तंबाकू का सेवन पेट की परत को नुकसान पहुंचाने का कारण बन जाता है। क्या है पेप्टिक अल्सर:- पेट में घाव या छाले होने को चिकित्सकीय भाषा में पेप्टिक अल्सर कहते हैं। पेट में म्युकस की एक चिकनी परत होती है, जो पेट की भीतरी परत को पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड से बचाती है। इस एसिड की खासियत यह है कि जहां यह एसिड पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है, वहीं शरीर के ऊतकों को नुकसान भी पहुंचाता है। इस एसिड और म्युकस परतों के बीच तालमेल होता है। इस संतुलन के बिगड़ने पर ही अल्सर होता है। आमतौर पर यह आहार नली, पेट और छोटी आंत के ऊपरी भाग की भीतरी झिल्ली में होता है।   गैस्ट्रिक अल्सर: यह पेट के अंदर विकसित होता है। इसोफैगियल अल्सरः यह भोजन नली (इसोफैगस) में होता है, जो भोजन को गले से पेट में ले जाती है। यह अल्सर कम देखने में आता है। ड्योडेनल अल्सर: यह छोटी आंत के ऊपरी भाग में होता है, जिसे ड्योडनम कहते हैं। इसके मामले अधिक सामने आते हैं। मानसून में रखें खास एहतियात:- पेप्टिक अल्सर का सबसे प्रमुख कारण एच. पायरोली बैक्टीरिया है, जिसका संक्रमण मल और गंदे पानी से फैलता है। बरसात के मौसम में गंदगी की समस्या दूसरे मौसमों के मुकाबले अधिक होती है। शारीरिक सक्रियता कम होने और रोग प्रतिरोधक तंत्र में होने वाले बदलाव भी इसके कारण बन सकते हैं। अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन और चाय-कॉफी लेना पेट में एसिड के स्तर को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण से बचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है। लक्षण:- पेट में दर्द होना इसका प्रमुख लक्षण है। खाली पेट होने पर यह दर्द और तेज हो जाता है। पेट का एसिड अल्सरग्रस्त कोशिकाओं पर असर डालने लगता है। रात के समय पेट में जलन बढ़ जाती है। कुछ मामलों में खून की उल्टी होना, मल का रंग गहरा हो जाना, जी मिचलाना, भार में तेजी से कमी आना या भूख प्रक्रिया में बदलाव आने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। ये देते हैं अल्सर को बुलावा:- -हेलिकोबैक्टर पायरोली बैक्टीरिया का संक्रमण। -तनाव व डायबिटीज। -आनुवंशिक कारण। -अत्यधिक मात्रा में पेट में एसिड का स्राव। -तैलीय और मसालेदार भोजन अधिक खाना। -अधिक मात्रा में शराब, कैफीन और तंबाकू का सेवन। -ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार के लिये ली जाने वाली दवाएं। लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाओं, एस्प्रिन और ज्वलनरोधक दवाओं का सेवन करना। समय रहते उपचार है जरूरी:- पेप्टिक अल्सर के कारण एनीमिया, अत्यधिक रक्तस्राव और लंबे समय तक बने रहने पर स्टमक कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। पेट या छोटी आंत की दीवार में छेद हो जाते हैं, जिससे आंतों में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पेप्टिक अल्सर पेट के ऊतकों को भी क्षतिग्रस्त कर सकता है, जो पाचन मार्ग में भोजन के प्रवाह में बाधा पहुंचाता है। इस कारण पेट जल्दी भर जाना, उल्टी होना और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दवा से मिलता है आराम:- पेप्टिक अल्सर का उपचार आसान है। कई मामलों में एंटीबायोटिक दवाएं, एंटा एसिड व दूसरी दवाओं से ही आराम आ जाता है। घरेलू उपचार भी इसमें काफी राहत पहुंचाते हैं। यह न खाएं:- -चाय, कॉफी और सोडा का सेवन न करें। इससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, जो अल्सर को बढ़ाता है। -अधिक तेल और मसालेदार भोजन न खाएं। -ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, अल्सर के दौरान इनके सेवन से पेट के घावों को नुकसान पहुंचता है। नीबू, मौसंबी, संतरा, अंगूर, अनन्नास, फलों का जूस, जैम और जैली में सिट्रिक एसिड अधिक होता है। -लाल मांस, मैदे से बनी चीजें, सफेद ब्रेड, चीनी, पास्ता और प्रोसेस्ड फूड भी कम से कम खाएं। -खान-पान में साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। देर से कटा रखा हुआ सलाद न खाएं। खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। क्या कहते हैं आंकड़े:- -जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए होता है, उनमें कैंसरयुक्त स्टमक अल्सर होने की आशंका अधिक होती है, हालांकि इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। -स्वीडन में हुए एक शोध के अनुसार जो लोग सप्ताह में तीन बार दही का सेवन करते हैं, उन लोगों में अल्सर होने की आशंका उन लोगों से कम होती है, जो इसका सेवन नहीं करते। -विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पेप्टिक अल्सर के 50 प्रतिशत मामलों का कारण एच. पायलोरी बैक्टीरिया होता है। -डेनमार्क में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनमें पेप्टिक अल्सर होने की आशंका कम होती है। -हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जो लोग प्रतिदिन एक नाशपति का सेवन करते हैं, उनमें छोटी आंत का अल्सर होने की आशंका 31 प्रतिशत कम होती है। इन्हें खाने से मिलेगी राहत:- खान-पान का ध्यान रख कर ना केवल पेट में अल्सर बढ़ने से रोका जा सकता है, बल्कि हमेशा के लिए इसका शिकार होने से भी बचा जा सकता है। -केले में एंटी बैक्टीरियल तत्व प्रचुरता में होते हैं, जो पेट के अल्सर को बढ़ने से रोकते हैं। नाश्ते के बाद केला खाएं। -नाशपति में फ्लेवोनॉएड और एंटी-ऑक्सीडेंट काफी मात्रा … Read more

ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया ऐलान: विद्युत समाधान योजना की अवधि 31 मार्च तक बढ़ाई

विद्युत समाधान योजना की अवधि 31 मार्च तक बढ़ाई गई : ऊर्जा मंत्री  तोमर 31 मार्च तक एकमुश्त राशि जमा करने पर सरचार्ज में मिलेगी 90 प्रतिशत तक की छूट भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय व अंतिम चरण को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। पूर्व में यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। समाधान योजना में तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ताओं को एकमुश्त राशि जमा करने पर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मंत्री  तोमर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि वे तीन माह से अधिक के बकाएदार हैं और योजना में अभी तक शामिल नहीं हो पाए वे अब 31 मार्च तक योजना में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा करके 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। 21 लाख 67 हजार उपभोक्ताओं ने लिया लाभ मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 28 फरवरी तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1043 करोड़ 53 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 388 करोड़ 77 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 6 लाख 38 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 616 करोड़ 42 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 285 करोड़ 39 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 222 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 73 करोड़ 7 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 29 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 204 करोड़ 29 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 30 करोड़ 31 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना में सरचार्ज में 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। योजना में एक मुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 फीसदी तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। योजना की विस्तृत जानकारी तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखी जा सकती है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।   recent visitors 21

बड़वानी में हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एस्ट्रो-टर्फ की उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए दी जाएगी हर संभव मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागलवाड़ी में प्रबुद्धजनों से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम की लखपति दीदियों, नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों से सुने अनुभव बड़वानी में हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एस्ट्रो-टर्फ की उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा बड़वानी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट के अवसर पर बड़वानी जिले के प्रबुद्धजनों से भेंट की। उन्होंने एनआरएलएम की लखपति दीदियों, बड़वानी जिले के नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों के अनुभव सुने और उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबुद्धजनों से भेंटकर कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों, खिलाड़ियों सहित समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मदद उपलब्ध करा रही है। बड़वानी जिले के ग्राम भागसुर की सीमा नरगावे ड्रोन दीदी ने निमाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने जैविक खेती और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया। अब वह अन्य महिलाओं को जैविक खेती करना सिखा रही है। ड्रोन दीदी सीमा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उसकी आय में वृद्धि तो हुई ही है, साथ ही उसे एक नई पहचान भी मिली है। सीमा ने बताया कि वह गांव में ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव करती है जिससे घंटों का काम अब मिनिटों में होने लगा है और उसे नियमित रूप से आय भी प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करते हुए हॉकी की नेशनल खिलाड़ी सु स्नेहा मोहनिया ने बताया कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर 2 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल मिल चुका है। स्नेहा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बड़वानी में एस्ट्रो-टर्फ की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर राइफल शूटिंग की नेशनल खिलाड़ी जुलवानिया निवासी सु वैष्णवी महुले से भी चर्चा की। उन्होंने सु वैष्णवी को राज्य स्तर की शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण दिलाने के लिए निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलवानिया में शूटिंग क्लब प्रशिक्षण केंद्र संचालन कर रहे प्रशिक्षक  नीरज को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि बालिकाओं की ट्रेनिंग के सराहनीय कार्य के लिए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बड़वानी जिले के ग्राम घटवा निवासी उन्नत कृषक  महेश पाटीदार ने अपने उत्पाद "गुड़ की चाय" के बारे में बताया।  पाटीदार ने बताया कि उन्होंने पी.एम.एफ.एम.ई. योजना में 28 लाख रुपए का ऋण लिया था। इसमें उन्हें 10 लाख रुपए का अनुदान भी मिला है। वर्तमान में  पाटीदार "गुड़ की चाय" के 500 क्विंटल के पैकेट प्रतिवर्ष बेच रहे हैं। भविष्य में एक हजार क्विंटल प्रतिवर्ष "गुड़ की चाय" के पैकेट बेचने का उनका लक्ष्य है।  पाटीदार ने बताया कि उनकी गुड़ की चाय के पैकेट विक्रय के लिए अमेजॉन एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। बड़वानी जिले के ही  अमोल महाजन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को केला उत्पादन के अपने व्यवसाय के बारे में बताते हुए कहा कि वह पहले अमेरिका में जॉब करते थे, बाद में जॉब छोड़कर अपने देश में ही केला उत्पादन का स्टार्ट-अप शुरू किया। आज उनका केला दुबई, ईरान और इराक सहित विश्व के कई देशों में निर्यात हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  महाजन की उपलब्धि की प्रशंसा की।   recent visitors 20