आमला में प्रतिमा विसर्जन के दौरान मुस्तैद रही नगरपालिका की टीम, घाटों पर तैनात रहे गोताखोर

In Amla, the municipal team remained on alert during the idol immersion process, with divers stationed at the riverbanks. हरिप्रसाद गोहेआमला। दशहरा पर्व के उपरांत आमला नगर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। बुधवार को छोटी दुर्गा प्रतिमाओं का जुलूस नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए रटेड़ा रोड स्थित चंद्रभागा नदी विसर्जन घाट पहुंचा, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर नगरपालिका की टीम विभिन्न घाटों पर मुस्तैद रही। नगरपालिका अधिकारी प्रकाश देशमुख ने बताया कि नगर के सभी विसर्जन घाटों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रतिमाओं का विसर्जन नदी अथवा प्रशासन द्वारा बनाए गए विसर्जन कुंड में कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। नगरपालिका की टीम विसर्जन प्रक्रिया के दौरान व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकें।नगर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान नगरपालिका की सक्रियता और घाटों पर सुरक्षा इंतजामों के चलते विसर्जन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। recent visitors 3

योजनाएं अनेक, MSP का वादा भी, फिर भी बदहाल किसान! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार से पूछे सवाल

योजनाएं अनेक, MSP का वादा भी, फिर भी बदहाल किसान! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार से पूछे सवाल

Numerous schemes, a promise of MSP too—yet farmers remain in a dire state! Umang Singhar poses questions to the Mohan government. उमंग सिंघार किसान मुद्दा: मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मोहन यादव सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने MSP पर खरीदी, मूंग की फसल के भुगतान, बढ़ती कृषि लागत और फसल बीमा के दावों के निपटारे को लेकर किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाया। भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार किसान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, फसल बीमा और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं संचालित होने के बावजूद किसान अपनी फसल की लागत निकालने और अगली फसल की तैयारी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उमंग सिंघार ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद-बीज, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार चुनौती बनी हुई है। वहीं, फसलों का उचित मूल्य मिलने, समय पर भुगतान और फसल बीमा के दावों के निपटारे को लेकर भी किसानों की चिंताएं सामने आ रही हैं। उमंग सिंघार ने किसान मुद्दों पर सरकार को घेरा सिंघार ने 2026 के ग्रीष्मकालीन मूंग सीजन का हवाला देते हुए खरीदी में देरी, ई-टोकन व्यवस्था, ग्रेडिंग और भंडारण से जुड़ी समस्याओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ही परेशान होना पड़े, तो सरकारी खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने सीहोर के एक किसान का मामला भी उठाया, जिसकी सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के बाद करीब एक साल तक फसल बीमा के दावे पर अपडेट नहीं मिलने की बात कही गई। यह मामला फसल बीमा दावों के निपटारे और किसानों को समय पर राहत मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। MSP पर खरीदी और मूंग किसानों की समस्याएं उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से सवाल किया कि जब किसानों के लिए इतनी योजनाएं और सहायता के प्रावधान हैं, तो उन्हें अपनी लागत निकालने और अगली फसल की तैयारी के लिए चिंता क्यों करनी पड़ रही है?उन्होंने कहा कि किसानों को केवल घोषणाओं और आश्वासनों की नहीं, बल्कि उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, फसल बीमा की राशि और मेहनत का पूरा हक चाहिए। recent visitors 8