योजनाएं अनेक, MSP का वादा भी, फिर भी बदहाल किसान! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार से पूछे सवाल
Numerous schemes, a promise of MSP too—yet farmers remain in a dire state! Umang Singhar poses questions to the Mohan government. उमंग सिंघार किसान मुद्दा: मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मोहन यादव सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने MSP पर खरीदी, मूंग की फसल के भुगतान, बढ़ती कृषि लागत और फसल बीमा के दावों के निपटारे को लेकर किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाया। भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार किसान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, फसल बीमा और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं संचालित होने के बावजूद किसान अपनी फसल की लागत निकालने और अगली फसल की तैयारी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उमंग सिंघार ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद-बीज, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार चुनौती बनी हुई है। वहीं, फसलों का उचित मूल्य मिलने, समय पर भुगतान और फसल बीमा के दावों के निपटारे को लेकर भी किसानों की चिंताएं सामने आ रही हैं। उमंग सिंघार ने किसान मुद्दों पर सरकार को घेरा सिंघार ने 2026 के ग्रीष्मकालीन मूंग सीजन का हवाला देते हुए खरीदी में देरी, ई-टोकन व्यवस्था, ग्रेडिंग और भंडारण से जुड़ी समस्याओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ही परेशान होना पड़े, तो सरकारी खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने सीहोर के एक किसान का मामला भी उठाया, जिसकी सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के बाद करीब एक साल तक फसल बीमा के दावे पर अपडेट नहीं मिलने की बात कही गई। यह मामला फसल बीमा दावों के निपटारे और किसानों को समय पर राहत मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। MSP पर खरीदी और मूंग किसानों की समस्याएं उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से सवाल किया कि जब किसानों के लिए इतनी योजनाएं और सहायता के प्रावधान हैं, तो उन्हें अपनी लागत निकालने और अगली फसल की तैयारी के लिए चिंता क्यों करनी पड़ रही है?उन्होंने कहा कि किसानों को केवल घोषणाओं और आश्वासनों की नहीं, बल्कि उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, फसल बीमा की राशि और मेहनत का पूरा हक चाहिए। recent visitors 9