जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा

Public struggling on the ground while a ₹225 crore helicopter is purchased following a ₹350 crore jet! Umang Singhar targets the Mohan government. भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए नए वीवीआईपी विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में आम जनता स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि पहले करीब ₹350 करोड़ के लग्जरी जेट की खरीद को लेकर सवाल उठे और अब करीब ₹225 करोड़ के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर को लेकर सरकार निशाने पर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान 2026 में बेड़े में शामिल होने की प्रक्रिया में है, जबकि एयरबस H160 हेलीकॉप्टर को 2027 तक बेड़े में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। सिंघार का आरोप है कि एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के हवाई दौरों और वीवीआईपी सुविधाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है। उन्होंने जहरीली शराब से हुई मौतों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सितंबर में जहरीली शराब से मौतों के बाद सिंघार प्रभावित परिवारों से भी मिले थे। हेलीपैड को लेकर भी सरकार पर सवाल हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। हाल में कैबिनेट ने 140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है, जिनमें हेलीपैड का प्रावधान बताया गया है। योजना के लिए ₹962.50 करोड़ के बजट को मंजूरी दिए जाने की रिपोर्ट है। सरकार की ओर से हेलीपैड को जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस और हवाई संपर्क के लिए उपयोगी बताया गया है। उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन जैसी जरूरतें मौजूद हैं, तो सरकार की प्राथमिकता वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना क्यों है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या जनता की बुनियादी जरूरतों से ज्यादा जरूरी वीवीआईपी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करना है? हालांकि, विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद सरकार की ओर से विमानन बेड़े के आधुनिकीकरण और सरकारी यात्राओं की जरूरतों से जुड़ी बताई गई है। इसलिए इसे लेकर विपक्ष के खर्च और प्राथमिकताओं संबंधी आरोपों को सरकार के पक्ष के साथ देखा जाना जरूरी है। recent visitors 26

पहचान बचानी है तो एकजुट हों” — आदिवासियों से उमंग सिंघार की अपील

“If you want to save your identity, unite” – Umang Singhar appeals to tribals अनूपपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देशभर के आदिवासी समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उमंग सिंघार ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अभी बड़ी संख्या में अपने अलग धर्म कोड की मांग के लिए आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में उनकी पहचान किसी अन्य धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। इससे आदिवासी समाज की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में धर्म कोड की मांग के समर्थन में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि आदिवासी समाज की अलग पहचान और सांस्कृतिक विरासत को उचित मान्यता मिल सके। सिंघार ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता और अस्तित्व से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी को एकजुट होकर इस मांग को मजबूत बनाना होगा, ताकि देश में आदिवासी धर्म और संस्कृति को अलग पहचान मिल सके। recent visitors 95

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। https://twitter.com/UmangSinghar/status/1896855211391799602 आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। recent visitors 109

सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष का तंज: उमंग सिंघार बोले- योजनाओं में नया कुछ नहीं, घोटालों पर मौन

भोपाल। मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार के एक साल पूरा होने पर जारी रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सियासी निशाना साधा है। मुख्यमंत्री के एक साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने पर बोले- जो योजनाएं चल रही थी उसमें नया कुछ नहीं है। जिन योजनाओं में घोटाले हुए उन पर वह मौन रहे। विपक्ष के मुद्दों पर सीएम ने कोई बात नहीं की है। चुनाव में लाडली बहना को लेकर 3000 के पोस्टर लगे लेकिन अब तक नहीं दिए गए। कब 3 हजार करेंगे उसका जवाब सीएम को देना चाहिए। इसी तरह प्रदेश में हजारों करोड़ का घोटाला हुआ लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई है। सरकार गौ माता की बात कर रही है लेकिन आज भी सड़कों पर गाये एक्सीडेंट में मर रही है, उसकी जवाबदेही सरकार ने आजतक तय नहीं की है। उमंग सिंघार ने कहा कि- बीजेपी की सरकार ने एक साल में योजनाएं तक सही से नहीं चलाई है। एयर एम्बुलेंस का फायदा गरीबों को नहीं केवल अमीरों और उद्योगपतियों को इसका फायदा मिलता है। यह योजना केवल कागजों पर है। प्रदेश में अबतक बैकलॉक की भर्ती नहीं हुई न 2 लाख रोजगार दिए गए। इसी तरह अपराध को रोकने के लिए नई भर्ती की आवश्यकता है लेकिन सरकार ने अब तक भर्ती नहीं की है। ब्लॉक स्तर पर डॉक्टर्स की कमी है लेकिन घोटालों की परीक्षा करवाई जा रही है। हाइकोर्ट की फटकार के बाद भी नर्सिंग घोटाले पर कार्यवाही नहीं हुई। किसान खाद के लिए परेशान है कृषि मंत्री को खाद के मामले की जानकारी ही नहीं है। मुख्यमंत्री लंदन गए लेकिन वहां किसानों की बात नहीं की। 60 हजार करोड़ के कौन से एमओयू (MOU) साइन हुए उसकी जानकारी देना चाहिए। सरकार ने स्कूटी देने की बात की आज भी हजारों बच्चे इंतेज़ार कर रहे है। एक तरफ सरकार लोकायुक्त को काम नहीं करने देना चाहती। सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना चाहती है। अधिकारियों के तबादले 3-4 बार हो रहे है। क्या बीजेपी को अधिकारियों पर विश्वास नहीं है जो बार बार ट्रांसफर किए जा रहे है। साइबर ठगी को लेकर भी अभी तक कोई ठोस कानून तैयार नहीं किया गया है। सिंगरौली देश में दूसरी नंबर पर प्रदूषित जिला है। बीजेपी विस्थापितों को समय से मुआवजा देना चाहिए। उनको उनके मूल भाव नहीं दिए जा रहे है। प्रदेश में पैसा कानून की बड़ी बात करती है लेकिन हर गांव में पुलिस पहुंच रही है। प्रदेश में लगातार कर्ज ले रहे है आर्थिक विकास को लेकर मंथन करना चाहिए। recent visitors 163

सारी ताकत लगाकर BJP कैबिनेट मंत्री को नहीं जिता सकी! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

With all its might, BJP could not win over the cabinet minister! Leader of Opposition Umang Singhar भोपाल। मध्यप्रदेश श्योरपुर जिले के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी की हार के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि अन्य प्रदेशों के नेताओं के निशाने पर बीजेपी है। इसी कड़ी में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर सियासी हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर लिखा- MP के विजयपुर में बीजेपी की हार सबसे करारी हार है !!!- सारी ताकत लगाकर भी #BJP अपने एक कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत को नहीं जिता सकी! … क्योंकि, दलबदल और राजनीतिक स्वार्थ का ये अनूठा नमूना है! BJP ने मंत्री पद का लालच देकर #Congress विधायक रामनिवास रावत को खरीदा। उन्होंने भी तब तक विधायकी नहीं छोड़ी, जब तक उन्हें मंत्री पद देने की घोषणा नहीं हो गई! जनता ने भी #रामनिवास_रावत को बता दिया कि मतदाता उनकी जागीर नहीं है! BJP को सबक सिखा दिया कि दलबदल के हथकंडे जनता के फैसले के सामने नहीं चलते! अच्छा होगा BJP अब राजनीतिक खरीद-फरोख्त से बाज आए! recent visitors 150

भाड़े के शिक्षक मामले में सियासत तेज, उमंग सिंघार बोले- ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की…’

Politics intensifies in the case of hired teachers, Umang Singhar said – ‘Double engine is used in schools also…’ सागर ! मझेरा गांव भाड़े के शिक्षक रखने के मामले में सुर्खियों में आ गया है. दरअसल, मझेरा गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए किराए पर शिक्षिका रख ली. मामला उजागर होने के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर जमकर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स ट्वीट कर लिखा कि- मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सोशल मीडिया के एक्स पर कांग्रेस के अधिकृत अकाउंट से ट्वीट किया गया कि- मास्टर जी ने केंद्रीय मंत्री की सेवा चाकरी और जी हजूरी कर ली, फिर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो तो भी परवाह किसे? मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. सत्ता के संरक्षण में शिक्षक पढ़ाने नहीं जाते. मोटी तनख्वाह वसूल रहे शिक्षक एवजी पर 3 हजार के मजदूर शिक्षक भेज देते हैं. मगर भारतीय जनता पार्टी सरकार को बच्चियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की कोई चिंता नहीं है. ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि लगता है प्रदेश के स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार चल रही. सागर जिले के ग्रामीण इलाके मझेरा के स्कूल का असल शिक्षक इंद्र विक्रम, मंत्री वीरेन्द्र खटीक का मुंह लगा है. इस शिक्षक ने अपनी जगह स्कूल में एवजी शिक्षक ममता को तीन हजार रुपए महीने पर नौकरी पर रख लिया, वो इनकी जगह क्लास लेती है और ये मंत्री के हाथों खीर खाते हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघा ने लिखा कि मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सिर्फ यही नहीं प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ऐसे एवजी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. राजनीतिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने एवजियों को पढ़ाने का काम सौंप दिया और खुद राजनीति करते हैं. अब देखना है कि सागर जिले के शिक्षक इंद्र विक्रम पर सरकार क्या कार्रवाई करती है. शिक्षक का 40 हजार रुपए वेतन मझेरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इंद्र विक्रम सिंह परमार उर्फ वट्टू राजा का 40 हजार रुपए वेतन है, जबकि उन्होंने 3000 रुपए महीने में ममता नामक महिला को पढ़ाने के लिए रख रखा है, वह एक साल से इस स्कूल में पढ़ा रही हैं. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि कई बार मना किया, फिर भी ममता स्कूल आ रही हैं. उपस्थिति रजिस्टर में लाइन खींच दी, फिर भी इंद्र महीने में एक बार आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं. वहीं शिक्षक इंद्र का कहना है कि सुबह-शाम केंद्रीय मंत्री के साथ समय व्यतीत करता हूं. दिन में स्कूल जाता हूं. कभी-कभी नहीं जा पाता, वह अलग बात है. बता दें यह केवल एक स्कूल का हाल नहीं है, बल्कि सागर जिले के ही बिलहरा के बंजरिया, भलैयां, रेहटी, कजरई के अलावा नर्मदापुरम के खोकसर के स्कूलों में भी यही हाल है. यहां 40 से 80 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले शिक्षकों ने किराए के शिक्षक रख रखे हैं. recent visitors 136

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार का डाॅ मोहन यादव पर कड़ा प्रहार

Leader of Opposition Umang Singhar took the government to task over the death of elephants in Bandhavgarh. Umang Singhar News: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है. मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने निशाना साधा है. उन्होंने एमपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस घटना पर चुप क्यों है, जबकि हम हाथियों की भगवान गणेश के रूप में पूजा करते हैं. सरकार को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए. उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ हम हाथियों की यानी गणेशजी की पूजा कर रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार हाथियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं और वहीं वन मंत्री वोट मांग रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि वन्य प्राणियों के साथ में आदिवासियों का गहरा नाता और ताना-बना है. इस घटना में आदिवासियों का कोई दोष नहीं है. जल जंगल जमीन आदिवासियों का अधिकार है और सरकार को आदिवासियों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्य प्राणियों की भी सुरक्षा करनी चाहिए. करीब 4 साल से हाथी झारखंड और कर्नाटक से आते रहे हैं. इस बीच में क्या सरकार ने उन वन समितियां से कोई चर्चा की या उन आदिवासियों से चर्चा की या उनके साथ कोई बैठक की या हाथियों के विस्थापन की बात कही. हाथियों का किस तरह से विस्थापन करना है. उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार ने किसी भी तरह की कोई प्लान नहीं बनाया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में संज्ञान लेते हुए वन्य समितियों के साथ और आदिवासियों के साथ चर्चा करनी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इल्जाम लगाते हुए कहा कि सरकार वन्य प्राणी और आदिवासी विरोधी सरकार है. सरकार को संज्ञान लेते हुए उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए फिर चाहे वह अधिकारी हो या उसका कुप्रबंध हो. इस मामले में आदिवासियों की कोई जिम्मेदार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने भी हाथियों की मौत पर सवाल खड़े किए हैं.उमरिया-बांधवगढ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र के सलखनियां के जंगल में 10 हाथियों की मौत हुई है. 10 हाथियों की मौत के बाद बांधवगढ पार्क प्रबंधन अपनी इस गलती को छिपाने में जुटा है. किसानों की कोदो की फसल को मौत का जिम्मेदार मानते हुए फसल को नष्ट कराया. NTCA दिल्ली की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. हाथियों के पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा. recent visitors 179