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 भोपाल
 डॉ. अरुणा कुमार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (DME) बनाए जाने के फैसले ने एक बार फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए सरकार को 24 घंटे में आदेश निरस्त करने की चेतावनी दी है। दोनों संगठनों ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है। साथ ही सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है।

डॉ. अरुणा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने औऱ गाली गलौज करने आरोप लगे हैं। डॉ अरुणा कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है , दो बार उन्हें गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनी डिपार्टमेंट के HOD पद से हटना भी पड़ा था। वहीं एक बार उन्हें डीन पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। डॉ अरुणा कुमार को हटवाने के लिए मेडिकल टीचर्स डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से भी मुलाकात कर चुके हैं। बीते सालों डॉ. अरुणा कुमार के कार्यकाल में एक महिला जूनियर डॉक्टर ने आत्महत्या की थी और आरोप लगाया था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आज डॉ अरुणा कुमार को पदस्थ करने के विरोध में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, जूनियर डॉक्टर्स आज दोपहर हमीदिया अस्पताल मर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस वजह से हटी थी डॉ अरुणा

31 जुलाई 2023 को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की थर्ड ईयर पीजी स्टूडेंट बाला सरस्वती ने आत्महत्या कर ली थी। 27 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर जान दी थी। घटना के बाद जीएमसी परिसर में हड़कंप मच गया था। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने इस आत्महत्या के लिए डॉ. अरुणा कुमार को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल पर चले गए थे। संगठन ने आरोप लगाया था कि छात्रा को थीसिस सबमिशन को लेकर लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद डॉ. अरुणा कुमार को जीएमसी से हटाकर डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) में स्थानांतरित कर दिया था, जहां से वे अब तक कार्यरत थीं। अब उसी डायरेक्टोरेट में उन्हें डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे एक बार फिर विरोध हो रहा है।

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