Intern doctors protest in Bhopal; 5-km-long traffic jam on the road; traffic system thrown out of gear.
भोपाल: भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी के पुराने शहर इलाके में इंटर्न डॉक्टरों के सड़क पर प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई प्रमुख मार्गों पर जाम जैसे हालात बन गए हैं और वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. जाम में कई स्कूल बसें भी फंस गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी उटानी पड़ी. रोजाना अपने काम और नौकरी के लिए घर से निकलने वाले लोगों को भी रास्ते में काफी समय तक रुकना पड़ा.
एंबुलेंस को रास्ता मिलने में परेशानी
प्रदर्शन के बीच एंबुलेंस को भी रास्ता मिलने में परेशानी से जूझना पड़ा. अस्पतालों और मरीजों से जुड़े इलाके में यातायात बाधित होने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई. प्रदर्शन का असर सिर्फ अस्पताल आने-जाने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहा. वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा. पुराने शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से आसपास के मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ.
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन
MBBS इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और काम के हिसाब से पर्याप्त नहीं है. डॉक्टर 14,377 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की मांग कर रहे हैं. डॉक्टरों के सड़क पर प्रदर्शन का सीधा असर आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है. मरीज, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और आम लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं.
जाम मे फ़ंसी एक महिला सीमा ने कहा “आंदोलन करें लेकिन दूसरों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. मैं रोजाना इसी रास्ते से गाँधी मेडिकल कॉलेज जाती हूं. इस स्थिति में मैं कैसे अपने ऑफिस और फिर घर वापस आउंगी.” वहीं डॉक्टरों के जाम को लेकर एसीपी संतोष पटेल ने कहा “आंदोलनकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है. समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. यातायत व्यवस्था को भी ठीक किया जा रहा है.”
अब समाधान पर नजर
स्थिति को देखते हुए बड़ा सवाल है कि मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन और आम जनता की परेशानी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए? प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार जल्द बातचीत करे और ऐसा रास्ता निकाले जिससे डॉक्टरों का आंदोलन खत्म हो जाए और आम राहगीरों की आवाजाही भी प्रभावित न हो.