MY SECRET NEWS

Friday, June 26, 2026 10:42 pm

अखिलेश महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी: नकवी

प्रयागराज

प्रयागराज में जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन होने वाला है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार महाकुंभ की तैयारियों को लेकर वर्तमान बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं. उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के लिए अभी तक सारी तैयारियां हो जानी चाहिए थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार इसमें काफी पीछे है. अखिलेश यादव की इस आलोचना पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्यतार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को पलटवार किया.

उन्होंने कहा कि जिनकी मानसिकता नकारात्मक हो उन्हें काम नहीं दिखता. नकवी ने कहा, 'दुनिया का बड़ा आयोजन है महाकुंभ. वहां मजबूत व्यवस्था होती है. अफसोस है कि कुछ लोग नकारात्मक हैं और भय फैलाते हैं. सपा के मुखिया  भी भय फैलाते हैं. वह महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी.' मुख्तार अब्बास नकवी ने ये बातें प्रयागराज सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं.

उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले का काम बड़ी तेजी से हो रहा है और समय रहते सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी. नकवी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया. बीजेपी नेता ने कहा, 'महाकुंभ मेले पर पूरे विश्व की नजर है. योगी सरकार इसे दिव्य और भव्य बनाने में जुटी है. सुरक्षा के सारे प्रबंध किए गए हैं. इस बार पूरा विश्व महाकुंभ की दिव्य और भव्य छवि को देखेगा.' संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पूछे गए सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने सहमति जताते हुए कहा कि हर धार्मिक स्थल के नीचे मंदिर नहीं खोजना चाहिए, इससे आपसी सौहार्द और सद्भावना बिगड़ेगी.

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'कुछ विदेशी आक्रांताओं ने देश में जो किया उस कलंक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राम मंदिर का जिस तरह से समाधान निकला, उसी प्रकार ऐसे विवादित मामलों का संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान होगा. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कहना ठीक है कि ऐसे मामलों का संवाद से समाधान होना चाहिए.' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. नकवी ने कहा कि मनमोहन सिंह आर्थिक संकट के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था की प्राणवायु बने थे. उनके निधन से भारत ने एक दूरदर्शी राजनेता खो दिया. इसकी भरपाई असंभव है.

 

Loading spinner

Leave a Comment