किसान समृद्ध होंगे तो प्रदेश होगा मजबूत : सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

कृषि वर्ष आयोजन के लिए सरकार ने तय की रूपरेखा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय में हर तरीके से वृद्धि करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं। इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों/बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से संबद्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस किसान कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में हुई बैठक में यह जानकारी दी। कृषि केबिनेट की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है। इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी। कृषि केबिनेट की शुरूआत निमाड़ अंचल से की जाएगी। किसान हित के सभी जरूरी निर्णय फील्ड में होने वाली कृषि केबिनेट में ही लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खेती-किसानी से पर्यावरण में भी व्यापक सुधार आता है। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में खेती-किसानी से बढ़ते लाभ और दिनों-दिन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दूसरे किसान भी खेती की तरफ बढ़े हैं। इससे निमाड़ अंचल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है और इस हरियाली का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पूरे निमाड़ अंचल का तापमान पहले से चार डिग्री कम हो गया है। यह उपलब्धि हमें किसानों की बेहतरी के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई-नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे। नई तकनीक से पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। पैक्स समितियों के जरिए किसानों को दिलाएंगे अधिकतम सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अधिकतम सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष के दौरान राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसान, जो किसी वजह से अबतक केसीसी धारक नहीं हैं, उनकी सूची निकटतम प्राथमिक सहकारी साख समितियों (पैक्स) को उपलब्ध कराई जाएगी। पैक्स समितियां किसानों से सम्पर्क कर पात्र किसानों से तय प्रारूप में आवेदन लेंगी और बैंक स्तर पर केसीसी मंजूर कराने की कार्यवाही भी करेंगी। मंजूरी वाले प्रकरणों को एकत्रित कर कैम्प लगाकर किसानों को केसीसी वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 4500 से अधिक पैक्स समितियां कार्यरत हैं और करीब 23 लाख से अधिक किसान इन पैक्स समितियों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भोपाल में होगा 'आम महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के संबंध में हुई इस बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह में भोपाल में आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में आम उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। महोत्सव के दौरान आम की खेती से संबंधित नई तकनीक पर मार्गदर्शन और प्रेजेन्टेशन दिया जाएगा। साथ ही आम की सभी किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का होगा लोकार्पण मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा भोपाल में तैयार की जा रही राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण भी कृषि वर्ष के दौरान किया जाएगा। लगभग 12.65 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हो रही इस बड़ी प्रयोगशाला की सुविधा मिल जाने से पेस्टीसाइड, रसायन, भारी खनिज, वेजीटेबल आइल, शर्करा तथा दुग्ध उत्पादों और दूध में मिलावट की गहन जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी। इससे दीर्घ अवधि में मिलावटी दूध एवं दूध से बने उत्पादों पर अंकुश लगेगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिलने से उपभोक्ताओं में सांची ब्रांड से बने उत्पादों की साख भी बढ़ेगी। सितम्बर में बालाघाट में होगा 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष में सितम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में बालाघाट जिले में 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में सिंघाड़ा उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों एवं फसल विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी। सिंघाड़ा और मखाना कैश क्राप की तरह हैं। इनका सेवन स्वाथ्यवर्धक होता है। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। recent visitors 41

‘हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं’—CJI ने जाति गणना पर रोक लगाने से किया इनकार

नई दिल्ली  देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने सोमवार को 2027 में होने वाली जनगणना से जुड़ी उस जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें नागरिकों की जाति संबंधी आंकड़ों को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह माना कि याचिकाकर्ता ने एक जरूरी मुद्दा उठाया है, लेकिन मामले पर न्यायिक रूप से विचार करने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे जनगणना अधिनियम 1958 के आलोक में अधिकारियों द्वारा ही देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र और भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय को निर्देश दिया कि जनहित याचिका दायर करने वाले शिक्षाविद् आकाश गोयल द्वारा इस मुद्दे पर दिए गए सुझावों पर विचार करें। गोयल का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने किया। गुप्ता ने कहा कि नागरिकों के जाति संबंधी विवरण को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले एक पारदर्शी प्रश्नपत्र को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कहा कि जाति संबंधी आंकड़ों की पहचान के लिए 'पहले से तय कोई आंकड़ा' नहीं है। इस पर पीठ ने कहा, ''जनगणना की प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1958 और उसके तहत बनाए गए 1990 के नियमों के अनुसार संचालित होती है जो प्रतिवादी प्राधिकारियों को जनगणना करने के विवरण और तौर-तरीके तय करने का अधिकार देते हैं।'' बार एंड बेंच के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ''हमारे पास इस बात पर संदेह या शक करने का कोई वैध कारण नहीं है।" उन्होंने कहा, "याचिकाकर्ता और ऐसे ही विचार रखने वाले कई अन्य लोगों द्वारा जताई गई आशंका के मद्देनजर, प्रतिवादी प्राधिकारी किसी भी प्रकार की गलती से बचने के लिए क्षेत्र के विशेषज्ञों की सहायता एवं सहयोग से एक मजबूत व्यवस्था विकसित कर चुके होंगे। हमें लगता है कि याचिकाकर्ता ने महापंजीयक को दिए गए प्रतिवेदन के जरिए कुछ प्रासंगिक मुद्दे भी उठाए हैं…।'' यह जनहित याचिका आकाश गोयल ने दायर की थी, जिसमें आगामी जनगणना 2027 में प्रस्तावित जाति गणना पर चिंता जताई गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि जाति गणना के दौरान स्व घोषणा के आधार पर जाति के आंकड़े दर्ज नहीं किए जाने चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि जाति डेटा प्रकृति में लंबे समय तक चलने वाला होगा और बिना सत्यापन के इसका संग्रह खतरनाक हो सकता है। इस पर पीठ ने कहा कि प्राधिकारी कानूनी नोटिस एवं याचिका में उठाए गए सुझावों पर विचार कर सकते हैं और इसी के साथ उसने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। वर्ष 2027 की जनगणना आधिकारिक तौर पर 16वीं राष्ट्रीय जनगणना है। यह 1931 के बाद पहली बार व्यापक जातिगत गणना को शामिल करने वाली और देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। recent visitors 55

रिकॉर्ड मशीन बने जोस बटलर, इंग्लैंड के लिए रच दिया नया क्रिकेट इतिहास

नई दिल्ली इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज जोस बटलर ने इतिहास रच दिया है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान उन्होंने ऐसी उपलब्धि हासिल की जो उनसे पहले किसी अंग्रेज क्रिकेटर ने नहीं हासिल की थी। ये उनका 402वां अंतरराष्ट्रीय मैच था और अब वह इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। वह टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज हैं। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी इससे पहले इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम था। उन्होंने 401 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे और अब बटलर ने इस मामले में उन्हें पछाड़ दिया है। 35 साल के जोस बटलर के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 57 टेस्ट मैच खेले हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के लिए 199 ओडीआई और 146 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। बटलर के नाम अब तक टेस्ट में 2907 रन, ओडीआई में 5515 रन और टी20 इंटरनेशनल में 3925 रन बनाए हैं। उन्होंने सितंबर 2022 के बाद से कोई टेस्ट नहीं खेला है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब उनके नाम 402 मैचों में 12308 रन दर्ज हैं। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज जोस बटलर ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 29 गेंदों में 39 रन ठोके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। अब इंग्लैंड ने 3 मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इसके साथ ही जोस बटलर टी20 इंटरनेशनल में 4 हजार रन बनाने के नजदीक पहुंच गए हैं। वह T20I में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और इस मामले में दुनिया में उनका चौथा स्थान है। बटलर से ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन सिर्फ बाबर आजम, रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम हैं। रोहित और कोहली टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए जल्द ही बटलर इस फॉर्मेट में रन बनाने के मामले में इन दोनों खिलाड़ियों को पीछे छोड़ सकते हैं। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज 1- बाबर आजम- 4505 रन (139 मैच) 2- रोहित शर्मा- 4231 रन (159 मैच) 3- विराट कोहली- 4188 रन (125 मैच) 4- जोस बटलर- 3925 रन (146 मैच) 5- पॉल स्टर्लिंग (आयरलैंड)- 3888 रन, (161 मैच) recent visitors 51

खूबसूरत त्वचा का दुश्मन! ये 3 फूड्स अंदर से कर रहे हैं स्किन डैमेज, तीसरा सबसे खतरनाक

अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ महंगी क्रीम और सीरम आपकी स्किन को हेल्दी बनाए रखेंगे, तो आप सिर्फ एक पहलू पर ध्यान दे रहे हैं। दरअसल, हमारी स्किन की हेल्थ इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है कि हमारा खान-पान सही है या नहीं। सही खान-पान आपकी त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बना सकता है, लेकिन गलत डाइट इसे गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इनसे परहेज करना आपकी स्किन को हेल्दी और जवां बनाए रखने के लिए जरूरी है। आइए जानें इनके बारे में। फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप यह एक आर्टिफिशियल स्वीटनर है, जो अक्सर सोडा, पैकेट वाले जूस, बिस्कुट और प्रोसेस्ड जंक फूड में पाया जाता है। डॉक्टर के अनुसार, यह चीनी की तुलना में 10 गुना ज्यादा खतरनाक है और आपकी त्वचा के प्रोटीन को तेजी से नुकसान पहुंचाता है। यह शरीर में AGE (Advanced Glycation End products) बनाता है, जो सीधे आपकी त्वचा के कोलेजन को खत्म कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि त्वचा सख्त हो जाती है, झुर्रियां तेजी से बनने लगती हैं और यह आपके लिवर को भी नुकसान पहुंचाता है। अगर आप पैकेट बंद प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाते हैं, तो आप प्रीमैच्योर एजिंग को बुलावा दे रहे हैं। बार-बार गर्म किया गया रिफाइंड तेल अक्सर हम बाहर के समोसे या डीप-फ्राइड स्नैक्स का आनंद लेते हैं, लेकिन समस्या यह है कि दुकानदार एक ही तेल को बार-बार गर्म करते हैं। बार-बार गर्म करने से तेल की संरचना बदल जाती है। डॉ. रेड्डी बताती हैं कि हर बार तेल गर्म होने पर उसमें मौजूद सुरक्षात्मक विटामिन-ई डैमेज हो जाता है। इस ऑक्सीडाइज्ड फैट से शरीर और त्वचा में अंदरूनी सूजन पैदा होती है। क्रिस्पी और ज्यादा तले हुए फूड्स फ्रेंच फ्राइज, पकौड़े और चिप्स का सुनहरा भूरा रंग और कुरकुरा टेक्सचर हमें बहुत लुभाता है। लेकिन यही कुरकुरापन सेहत के लिए खतरनाक है। डॉक्टर के अनुसार, जब खाने को बहुत अधिक तापमान पर कुरकुरा किया जाता है, तो उसमें एक्रिलामाइड बनता है। खाना जितना गहरा और क्रिस्पी होगा, उसमें AGEs की मात्रा उतनी ही ज्यादा होगी। ये तत्व सीधे आपकी त्वचा की संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं और कोलेजन को तेजी से डैमेज करते हैं, जिससे त्वचा अपनी फ्लेक्सिबिलिटी खो देती है।   recent visitors 48

यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: अब लिमिट पार करते ही भरना पड़ेगा कस्टम ड्यूटी

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को आम बजट में कई ऐसे ऐलान हुए हैं। बजट-डे पर एक अहम ऐलान लगेज यानी सामान को लेकर हुआ है। केंद्र सरकार ने भारत में 'ड्यूटी फ्री' आयातित सामान लाने की लिमिट बदल दी है। ड्यूटी फ्री लगेज की लिमिट पहले के मुकाबले बढ़ाई गई है। पहले यह 50,000 रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब 75 हजार रुपये से ज्यादा के सामान पर ड्यूटी चार्ज लगेगा। बता दें कि सरकार ने सामान नियम, 2026 को नोटिफाई किया है। इसके तहत भारत में भूमि मार्ग के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से आने वाले भारतीय नागरिकों या भारतीय मूल के पर्यटकों को 75,000 रुपये तक का ड्यूटी फ्री सामान लाने की अनुमति होगी। कितने आभूषण लाने की होगी छूट नये नियम दो फरवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएंगे और एक दशक पुराने सामान संबंधी नियम की जगह लेंगे। नये नियमों के तहत भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों (शिशु को छोड़कर) को 25,000 रुपये तक के मूल्य का 'ड्यूटी फ्री' सामान लाने की इजाजत होगी। पहले यह सीमा नियम के तहत 15,000 रुपये थी। इसके अलावा, जो भारतीय नागरिक या भारतीय मूल के लोग एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे हैं, उनके लिए गहनों (ज्वेलरी) को लेकर अलग नियम बनाए गए हैं। 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी लाने की इजाजत भारत लौटने पर महिला यात्री 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकती हैं। वहीं, पुरुष यात्री (या महिला के अलावा अन्य) 20 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकते हैं। यह ज्वैलरी यात्री के वैध सामान का हिस्सा होनी चाहिए। ज्वैलरी में सोना, चांदी, प्लेटिनम या अन्य कीमती धातुओं से बने आभूषण शामिल हैं, चाहे उनमें रत्न जड़े हों या नहीं। सरकार का कहना है कि बैगेज नियम, 2026 आज के समय में बढ़ती यात्रा और लोगों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।   recent visitors 42

प्रदेश के सभी जनपदों में चरणबद्ध रूप से विकसित होंगे एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए सभी जनपदों में उपयुक्त भूमि शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति का लक्ष्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में सुलभ हों। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जोन उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्योग-सहायता से जुड़े विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया, जिससे उद्यमियों को प्रारंभ से ही आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध हो सके। बैठक में अवगत कराया गया कि इस योजना के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग फैसिलिटी, डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, प्लग-एंड-प्ले यूनिट तथा फ्लैटेड फैक्ट्री की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही युवाओं के कौशल उन्नयन हेतु उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी तथा हैंडहोल्डिंग की व्यवस्था भी इसी परिसर से की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि योजना को चरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित जोन के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, कॉमन फैसिलिटी, सर्विस सेक्टर, ग्रीन एरिया और कार्यालय स्पेस का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है। इसके साथ ही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ऑपरेशनल मॉडल के अंतर्गत स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण, कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप तथा संबंधित उद्योगों में वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का एक सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित स्थलों की शीघ्र पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन को गति दी जाए, ताकि यह पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल बन सके। recent visitors 44

कोलेस्ट्रॉल कम करने का घरेलू नुस्खा या सिर्फ मिथक? सुबह लहसुन खाने की हकीकत

नसों में जमा हो रहा 'बैड कोलेस्ट्रॉल' आपके दिल के लिए एक खतरे की घंटी है। अगर बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल समय रहते काबू में न आए, तो यह हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है। खासतौर से, जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल हाई है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि कुदरत के पास भी इसका इलाज मौजूद है। रिसर्च के मुताबिक, आपकी रसोई में मौजूद लहसुन इस खतरे को कम करने की ताकत रखता है। आइए जानते हैं कैसे। लहसुन में छिपा है सेहत का राज लहसुन में 'एलिसिन' नाम का एक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। केवल खराब कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) को घटाने के अलावा, लहसुन के कई अन्य फायदे भी हैं, जैसे:     ब्लड प्रेशर को कम करना     रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार     शरीर को भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स देना कैसे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है लहसुन? ऐसा माना जाता है कि सुबह के समय लहसुन की एक कली छीलकर चबाने से 15 से 20 दिनों के भीतर हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। इस बारे में इजराइल के 'इंस्टिट्यूट ऑफ लिपिड एंड एथेरोस्क्लेरोसिस रिसर्च' ने एक राय भी दी है। स्टडी में बताया गया है कि लहसुन में मौजूद 'एलिसिन' लिवर की कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स के साथ जुड़कर खराब कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को रोक देता है। यह प्रक्रिया सेलुलर स्तर पर होती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इसका गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। क्या है इसे खाने का सही तरीका? अध्ययन बताते हैं कि दिन में एक से दो कलियां कच्चा लहसुन खाना सुरक्षित होता है। आप इसे भोजन के साथ या उसके बिना भी खा सकते हैं। हालांकि, लहसुन के सेवन को लेकर कोई सख्त गाइडलाइंस नहीं हैं, लेकिन सप्लीमेंट्स लेने वालों को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने से कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जैसे- गैस और बदहजमी, सीने में जलन, डायरिया और मुंह से बदबू आना इत्यादि। सावधानी है जरूरी लहसुन में खून को पतला करने वाले गुण होते हैं। इसलिए, यह उन लोगों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है जो किसी प्रकार के ब्लीडिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, लहसुन कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकता है। इसलिए, डाइट में कुछ भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।   recent visitors 45