केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 60% DA बढ़ोतरी, 8वें वेतन आयोग पर नई अपडेट

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक जनवरी 2026 से मिलने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस बीच, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक–औद्योगिक श्रमिक (AICPI-IW) का दिसंबर माह का आंकड़े भी जारी हो गए हैं। श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 60% हो सकता है। यह DA बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है और 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है, फिर भी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA और DR में बढ़ोतरी तब तक जारी रहेगी, जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं। क्या कहते हैं नवंबर के आंकड़े श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नवंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) जारी कर दिया है, जो 148.2 पर पहुंच गया है। यही इंडेक्स हर छह महीने में DA और DR तय करने का आधार होता है। नवंबर के आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर 12 महीने का औसत इंडेक्स 59.93% के करीब पहुंच गया था, जो 60% की अगली सीमा से बस थोड़ा सा नीचे है। ऐसे में अब दिसंबर 2025 के इंडेक्स सामान्य स्तर पर होने के चलते माना जा रहा है कि DA 60% के पार चला जाएगा। चूंकि सरकार DA हमेशा पूरे अंकों में घोषित करती है, इसलिए कर्मचारियों को कम से कम 2% की बढ़ोतरी मिलने की पूरी संभावना है। यानी मौजूदा 58% DA बढ़कर जनवरी 2026 से 60% हो सकता है। क्या है डिटेल ध्यान देने वाली बात यह है कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना गया है। इसके बावजूद नई सिफारिशें लागू होने तक DA और DR में बढ़ोतरी पुरानी व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2025 में DA को 54% से बढ़ाकर 58% किया था। जनवरी 2026 से लागू होने वाली नई दर की आधिकारिक घोषणा मार्च या अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है और तब कर्मचारियों व पेंशनर्स को एरियर भी दिया जाएगा। recent visitors 37

क्रिकेट युद्ध की झलक: भारत ने पाकिस्तान पर किया शानदार हावी, हेड-टू-हेड स्टैट्स देखें

नई दिल्ली रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप का अहम मुकाबला खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 58 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। रविवार के दिन ही पाकिस्तान सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ मैच ना खेलने का ऐलान किया। ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि हार के डर से पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है, बांग्लादेश को हटाए जाने का विरोध तो एक बहाना है। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या सच में पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं है या दोनों टीमें बराबर के टक्कर की हैं। आइए देखते हैं आंकड़े क्या कहते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों फैंस के लिए भावनाओं का सैलाब होता है। जब भी ये दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। हालांकि, अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का एकछत्र राज आईसीसी (ICC) के सबसे बड़े टूर्नामेंट, यानी वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को अब तक एक बार भी सिर उठाने का मौका नहीं दिया है। वनडे वर्ल्ड कप में भारत पाकिस्तान की टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं, लेकिन पाकिस्तान ने कभी भारत के खिलाफ जीत हासिल नहीं की है। इस तरह भारत 8-0 की शानदार बढ़त बनाए हुए है। टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत का दबदबा नजर आता है। इस मेगा इवेंट में दोनों टीमे 8 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 7 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान केवल 1 मैच ही जीत सका है। एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी में भी इंडिया आगे एशिया कप में भी टीम इंडिया का जलवा बरकरार है। वनडे फॉर्मेट वाले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें 12 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान 5 मैच जीत सका है। टी20 एशिया कप में भारत ने 5 बार जीत हासिल की है और पाकिस्तान को सिर्फ 1 बार जीत नसीब हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी एकमात्र ऐसा बड़ा टूर्नामेंट है जहां दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है और दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर खड़ी हैं। महिला क्रिकेट में भी भारत का एकछत्र राज भारतीय महिला टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। वनडे वर्ल्ड कप और वनडे एशिया कप में पाकिस्तान की टीम भारत को एक बार भी नहीं हरा पाई है। जहां भारत क्रमशः 5-0 और 6-0 से आगे है। टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 6 मुकाबले जीते हैं और पाकिस्तान को 2 मैचों में जीत मिली है। वहीं, महिला टी20 एशिया कप में भी भारत 6-1 से बड़ी बढ़त बनाए हुए है। हमारे युवा खिलाड़ियों ने भी बुरी तरह रौंदा युवा स्तर पर भी भारतीय टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। हालांकि, यहां भी भारत 6-5 की बढ़त के साथ पाकिस्तान से एक कदम आगे है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बड़े टूर्नामेंट्स और दबाव वाले मैचों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक निखर कर सामने आता है। चाहे वह सीनियर टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर स्तर के खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट का परचम हर जगह लहरा रहा है। recent visitors 32

कृति सेनन का मनीष मल्होत्रा को खास पोस्ट, खूबसूरत आउटफिट्स के लिए जताया आभार

मुंबई   बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने बीते महीने अपनी बहन और एक्ट्रेस नुपूर सेनन की शादी धूम-धाम से सेलिब्रेट की थी। शादी के बाद अभिनेत्री लगातार अलग-अलग फंक्शन से जुड़ी फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं। उन्होंने अपनी बहन की विदाई को लेकर भी एक भावुक पोस्ट किया था, लेकिन अब उन्होंने इंडस्ट्री के मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के लिए एक थैंक्यू पोस्ट किया है। कृति सेनन और उनके पूरे परिवार ने नुपूर की शादी में जितनी भी इंडियन ड्रेसेज पहनी थीं, उन्हें मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया था। नुपूर की शादी का लहंगा और उनके माता-पिता समेत कृति की ड्रेस भी मनीष ने खास तौर पर डिजाइन किए थे। अब कृति ने इतनी खूबसूरत इंडियन ड्रेसेज और शादी को यादगार बनाने के लिए डिजाइनर का धन्यवाद किया है। उन्होंने परिवार के साथ फोटोज पोस्ट कर लिखा, "मेरे खास दोस्त मनीष मल्होत्रा के लिए खास पोस्ट। शादी के लिए मेरे पूरे परिवार को इतने खूबसूरत ढंग से सजाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।" उन्होंने लिखा, "आपने सभी के लुक को इतने प्यार, स्नेह और आशीर्वाद से कस्टमाइज किया कि दुल्हन से लेकर मेरे माता-पिता तक, जो पहली बार मनीष मल्होत्रा ​​की ड्रेस पहनकर बेहद खुश थे, सभी खुश और सहज महसूस कर रहे थे। सबके चेहरों पर दिख रही खुशी सब कुछ बयां कर रही है। हमारे खास दिन को और भी खूबसूरत बनाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।" बहन नुपूर की शादी के दिन कृति ने ऑफ व्हाइट और गोल्डन कलर का लहंगा पहना था, जिस पर पैच वर्क से लेकर बारीक कढ़ाई की गई थी, जबकि अभिनेत्री की मां ने पिंक और गोल्डन कलर की हैवी एम्ब्रॉयडरी वाली साड़ी पहनी थी। वहीं, दुल्हन नुपूर का लहंगा पिंक और रेड दोनों शेड्स के साथ था। सभी इंडियन ड्रेसेस एक से बढ़कर एक थीं। नुपूर सेनन से पहले मनीष मल्होत्रा परिणीति चोपड़ा, आलिया भट्ट, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, कियारा आडवाणी और कैटरीना कैफ तक के लिए आउटफिट डिजाइन कर चुके हैं। उन्होंने कियारा आडवाणी, कैटरीना कैफ और आलिया भट्ट के लिए शादी का आउटफिट डिजाइन किया था। recent visitors 34

बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सहारा बनेगी नई हेल्पलाइन, छात्रों को मिलेगी हर मदद

रायपुर  बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु आयोजन और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। यह हेल्पलाइन हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी व्यावसायिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित की जा रही है। हेल्पलाइन सेंटर से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक फोन कर सहायता ली जा सकती है। हेल्पलाइन में प्रतिदिन मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक अभिप्रेरक तथा मण्डल के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो परीक्षा से जुड़े तनाव, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करेंगे। खास बात यह है कि यह सेवा रविवार के दिनों में भी कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेगी। माशिमं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन का लाभ उठाएं, ताकि परीक्षाएं तनावमुक्त माहौल में संपन्न हो सकें। recent visitors 31

मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश

अन्तःफसली खेती को मिशन मोड में लागू करें, अन्नदाता की आय में होगा कई गुना इजाफा: मुख्यमंत्री गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों के लिए लाभकारी: मुख्यमंत्री 29.50 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र में तिलहन-दलहन जोड़कर यूपी को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका 'गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अन्तःफसली खेती' को बड़े पैमाने पर लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि 'बहु-गुणित' करने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय उपलब्ध कराती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है, इसलिए ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य के लिए उत्पादन बढ़ाने का एकमात्र रास्ता इकाई क्षेत्रफल से अधिक फसल उत्पादन है। उन्होंने कहा कि 'गन्ना आधारित अंतःफसली खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल है। यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा तीनों प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और साथ ही प्रदेश एवं देश की तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि  कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से क्रियान्वित करते हुए अंतःफसल का चयन वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी सीजन में सरसों और मसूर तथा जायद सीजन में उर्द और मूंग को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा, यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अतिरिक्त उत्पादन सीधे किसानों की आय में वृद्धि करेगा और राज्य के जीवीए में बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सहायता और अनुदान का ढांचा स्पष्ट होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर अंतःफसलों को अपनाने से किसानों को तेज़ नकदी प्रवाह मिलेगा और एकल फसल जोखिम कम होगा, जिससे कृषि अधिक स्थिर और टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल गन्ना क्षेत्र से जुड़े किसानों के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू किया जाना चाहिए। recent visitors 31

Yamaha EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर: 169 किलोमीटर की रेंज और कीमत में होगा दम, जानिए डिटेल्स

मुंबई  यामाहा इंडिया ने भारतीय बाजार में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha EC-06 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.67 लाख रुपये रखी गई है. कंपनी ने इसे सबसे पहले नवंबर 2025 में मुंबई के एक इवेंट में पेश किया था. अब यह स्कूटर देश के चुनिंदा शहरों मे यामाहा के प्रीमियम 'ब्लू स्क्वायर' शोरूम के जरिए ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा. डिजाइन इस स्कूटर का डिजाइन यामाहा की खास पहचान और आधुनिक स्टाइल का मिश्रण है. इसमें शार्प बॉडी लाइन्स और एक मजबूत बनावट दी गई है जो इसे सड़क पर प्रीमियम लुक देती है. राइडिंग को मजेदार बनाने के लिए इसमें तीन मोड दिए गए हैं- इको, स्टैंडर्ड और पावर. इसके अलावा, तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बनाने के लिए इसमें 'रिवर्स मोड' की सुविधा भी स्टैंडर्ड तौर पर दी गई है. परफॉरमेंस परफॉरमेंस की बात करें तो EC-06 में 4 kWh की दमदार बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 169 किलोमीटर की रेंज देती है. इसकी मोटर 9 bhp की पावर और 26 Nm का टॉर्क जनरेट करती है, जिससे यह स्कूटर 79 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक पहुँच सकता है. इसकी बैटरी और मोटर को पानी और धूल से बचाने के लिए IP65 और IP67 रेटिंग दी गई है. फीचर्स  फीचर्स के मामले में यामाहा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसमें 24.5 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जहाँ आप अपना सामान आसानी से रख सकते हैं. सुरक्षा के लिए इसमें आगे और पीछे 200mm के डिस्क ब्रेक दिए गए हैं, जो 'कॉम्बी ब्रेक सिस्टम' (CBS) के साथ आते हैं. साथ ही, इसमें LED हेडलाइट्स और एक रंगीन LCD डिस्प्ले भी मिलता है जो राइडर को जरूरी जानकारी देता है. कनेक्टिविटी के शौकीनों के लिए इस स्कूटर को "Yamaha Motor Connect R" ऐप के जरिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है. इससे राइडर रियल-टाइम डेटा और अन्य स्मार्ट फीचर्स का लाभ उठा सकते हैं. चार्जिंग की बात करें तो इसे घर पर नॉर्मल प्लग से चार्ज किया जा सकता है, जिसमें फुल चार्ज होने में लगभग 8 घंटे का समय लगता है. कंपनी बैटरी पर 3 साल या 30,000 किमी की वारंटी भी दे रही है.  recent visitors 39

सीएम यादव का ऐतिहासिक निर्णय, सरकारी अस्पतालों में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष की अनिवार्यता, 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल 'दिव्य संतान प्रकल्प' के तहत 'गर्भ संस्कार' को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में 'दिव्य संतान प्रकल्प' कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। recent visitors 25