केंद्र में शिवराज सिंह चौहान की सफलता, मध्यप्रदेश के लिए घोषित हुआ सबसे बड़ा बजट

भोपाल   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 9वां बजट पेश किया। इस बजट में कई राज्यों को बड़ी सौगातें दी गई हैं। इसमें के टू और थ्री टियर शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसमें मध्यप्रदेश के 10 शहरों को फायदा मिल सकता है। वहीं, मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के 6 मंत्रियों में सबसे अधिक बजट शिवराज सिंह चौहान के विभाग को मिला है। केंद्र में शिवराज का जलवा कायम मध्यप्रदेश कोटे से मोदी सरकार की कैबिनेट में 6 मंत्री शामिल हैं। जिसमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डीडी उइके, वीरेंद्र कुमार खटीक और सावित्री ठाकुर लोकसभा सदस्य हैं। वहीं, एल मुरुगन एमपी से राज्यसभा के सदस्य हैं। सभी मंत्रियों के विभाग की तुलना करें तो उसमें शिवराज के कृषि और ग्रामीण को सबसे ज्यादा बजट मिला है। शिवराज के दो विभागों को इतना बजट केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 130561.38 करोड़ और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को 9967.40 करोड़। यानी कुल मिलाकर देखें तो कृषि विभाग 140528.78 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 197023.14 करोड़ है। जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 194368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2654.33 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। सिंधिया के विभाग पर मेहरबान हुई केंद्र सरकार केंद्रीय संचार और नार्थ ईस्ट मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और संचार विभाग को 102267.02 करोड़ रूपये दिए गए हैं। जिसमें डाक विभाग को 130561.38 करोड़ और दूरसंचार विभाग को 73990.94 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, पूर्वोतर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6812.30 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। वीरेंद्र कुमार खटीक के विभाग को मिला इतना बजट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को कुल 15357.31 करोड़ दिए गए हैं। जिसमें सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को 13687.59 करोड़ रूपये मिले और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को 1669.72 करोड़ की राशि दी गई है। यह भी पीछे नहीं एमपी कोटे से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के विभाग को कुल 4551.94 करोड़ का बजट मिला। जनजातीय कार्य मंत्रालय डीडी उइके को कुल 15421.97 करोड़ का बजट मिला। वहीं, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर को 28183.06 करोड़ का बजट मिला है। recent visitors 29

बांग्लादेश चुनाव में भारत की सक्रिय भागीदारी, मोहम्मद यूनुस ने भेजा निमंत्रण, सरकार भेजेगी ऑब्जर्वर

ढाका   बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में अब कुछ दिन ही बचे हैं. यह चुनाव शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद हो रहे हैं. हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद 5 अगस्त को उन्हें देश छोड़कर निकलना पड़ा था. इसके बाद से, बांग्लादेश में अंतरिम सरकार चल रही है, जिसके मुखिया मोहम्मद यूनुस हैं. इस चुनाव में शेख हसीना की पार्टी को भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. हालांकि, इन चुनावों में पारदर्शिता एक बड़ा सवाल है. दुनिया को दिखाने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, पर्यवेक्षकों को बुला रही है. इसी के मद्देनजर भारत को भी आमंत्रित किया गया है.  बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने रविवार को इस बाबत बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘आगामी चुनावों के लिए 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की पुष्टि हो चुकी है. जिन देशों ने अब तक अपने प्रतिनिधियों की पुष्टि नहीं की है, उनमें भारत, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, कुवैत, मोरक्को, नाइजीरिया और रोमानिया शामिल हैं.’ बयान में आगे कहा गया, ‘इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) सहित छह अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव और जुलाई नेशनल चार्टर पर जनमत संग्रह के लिए कम से कम 63 पर्यवेक्षक तैनात करने पर सहमति जताई है. ये पर्यवेक्षक यूरोपीय संघ, 16 देशों और विभिन्न वैश्विक संस्थाओं से जुड़े 32 व्यक्तियों के मिशनों के साथ जुड़ेंगे. इस प्रकार दोहरे मतदान के लिए अब तक कुल 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की पुष्टि हो चुकी है.’ बयान में यह भी कहा गया कि आगामी चुनावों के लिए पुष्टि किए गए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की संख्या, 7 जनवरी 2024 को हुए विवादित आम चुनाव की तुलना में दोगुनी से अधिक है. 12वें, 11वें और 10वें आम चुनावों में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की संख्या क्रमशः 158, 125 और केवल चार थी. OIC के चुनाव पर्यवेक्षण इकाई के प्रमुख शाकिर महमूद बंदर दो सदस्यीय OIC पर्यवेक्षक मिशन का नेतृत्व करेंगे.” कई पर्यवेक्षक अमेरिका और यूरोप से हैं. विदेश मंत्रालय और चुनाव आयोग से प्राप्त सूचना के आधार पर मोहम्मद यूनुस ने कहा, ‘इसके अलावा, 28 पर्यवेक्षक एशियन नेटवर्क फॉर फ्री इलेक्शंस (ANFREL) से, 25 कॉमनवेल्थ सचिवालय से, सात अमेरिका स्थित इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट (IRI) से और एक नेशनल डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूट (NDI) से आएंगे. इसके अतिरिक्त, वॉइस फॉर जस्टिस, डेमोक्रेसी इंटरनेशनल, SNAS अफ्रीका, सार्क ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन और पोलिश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स जैसे संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 32 पर्यवेक्षक व्यक्तिगत क्षमता में चुनाव की निगरानी करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की संख्या और बढ़ेगी, क्योंकि कई आमंत्रित देशों ने अभी तक अपने प्रतिनिधिमंडलों के नामों की पुष्टि नहीं की है.’ इन अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की यात्रा के समन्वय की देखरेख वरिष्ठ सचिव और एसडीजी समन्वयक लामिया मुर्शेद कर रहे हैं. कितनी पार्टियां, उम्मीदवार लड़ रहे चुनाव दक्षिण एशिया के चुनाव प्रबंधन निकायों के मंच (FEMBoSA) द्वारा भी जल्द ही अपने प्रतिनिधियों के नाम घोषित किए जाने की उम्मीद है. बांग्लादेश में लगभग 2,000 उम्मीदवार 300 संसदीय सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. बांग्लादेश के इस चुनाव में 50 से अधिक राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी उतर रहे हैं. इस आम चुनाव के दौरान जुलाई नेशनल चार्टर पर भी जनमत संग्रह भी होगा. यह मोहम्मद यूनुस द्वारा पेश किए गए सुधारों की मांग है. अंतरिम सरकार में विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन्हें शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना चाहिए. recent visitors 33

U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: भारत का मुकाबला किस से होगा, जानिए सही डेट और टाइम

 नई दिल्ली U19 World Cup Semi Final Schedule: पाकिस्तान को धूल चटाकर भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और इंग्लैंड के साथ अपनी जगह बना ली है। इस टूर्नामेंट में भारत के अलावा इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम भी अजेय रहीं है, उन्हें भी अभी तक एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है। वहीं अफगानिस्तान को सुपर-6 में एकमात्र हार का सामना श्रीलंका के हाथों करना पड़ा था। अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के मैच काफी रोमांचक होने वाले हैं। आईए एक नजर शेड्यूल समेत मुकाबलों से जुड़ी तमाम अहम जानकारियों पर डालते हैं- आईसीसी U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाली टीमें भारत इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल कब? आईसीसी U19 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल 3 फरवरी को तो दूसरा 4 फरवरी को खेला जाएगा। दोनों नॉकआउट मुकाबले क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में होंगे। U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल शेड्यूल- पहला सेमीफाइनल 3 फरवरी– ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड, क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में दोपहर 1 बजे से दूसरा सेमीफाइनल 4 फरवरी- भारत बनाम अफगानिस्तान, क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में दोपहर 1 बजे से ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों के स्क्वॉड भारतीय टीम: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आर.एस. अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी. दीपेश, मोहम्मद एनान, एरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान ए. पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी ऑस्ट्रेलिया टीम: ओलिवर पीक (कप्तान), केसी बार्टन, नाडेन कूरे, जेडन ड्रेपर, बेन गॉर्डन, स्टीवन होगन, थॉमस होगन, जॉन जेम्स, चार्ल्स लैचमुंड, विल मलाजजुक, नितेश सैमुअल, हेडन शिलर, आर्यन शर्मा, विलियम बायरोम, एलेक्स ली यंग इंग्लैंड टीम: थॉमस रीव (कप्तान), फरहान अहमद, राल्फी अल्बर्ट, विल बेनिसन, बेन डॉकिन्स, कालेब फाल्कनर, अली फारूक, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन, ल्यूक हैंड्स, मैनी लम्सडेन, बेन मेयस, जेम्स मिंटो, जो मूरेस, सेबेस्टियन मॉर्गन अफगानिस्तान टीम:महबूब खान (कप्तान), खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, फैसल खान, उजैरुल्लाह नियाजई, अजीज मिया खिल, नाजीफ अमीरी, खातिर स्टानिकजई, नूरिस्तानी, अब्दुल अजीज, सलाम खान, वाहिद जादरान, जैतुल्लाह शाहीन, रोहुल्लाह अरब, अकील खान ओबैद। रिजर्व: अकील खान, फहीम कासेमी, इज्जत नूर U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलिकास्ट डिटेल अंडर-19 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड और इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान सेमीफाइनल मुकाबलों का लुत्फ आप ऑनलाइन जियोहॉटस्टार पर उठा सकते हैं, वहीं टीवी पर इन नॉक आउट मुकाबलों का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स पर होगा। recent visitors 32

‘क्यों चुप है केंद्र सरकार?’ Epstien Files को लेकर दीपक बैज ने PM मोदी पर साधा निशाना

रायपुर जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी 2017 की इजरायल यात्रा के दावों पर पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स मामले में केंद्र सरकार चुप क्यों हैं? सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए. हालांकि इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि इजरायल दौरे के अलावा कही गई बातें एक दोषी की बकवास और निरधार कल्पनाएं है. इसे पूरी तरह तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए. गरियाबंद हिंसा मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. गरियाबंद के फिंगेश्वर में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कहा कि सरकार कहां है, कौन इसका जिम्मेदार है. लॉ एंड ऑर्डर कहां है, सरकार ने आग में झोंक दिया है. समय पर रोक कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. बैज ने लॉ एंड ऑर्डर खराब होने के चलते घटना घटी की बात कहते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तीन नाकामियों को लेकर पीसी कर रहे हैं. धान खरीदी को लेकर किसान परेशान हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था. पिछले साल से 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया. कई किसानों का पंजीयन हुआ, लेकिन टोकन नहीं दिया गया है. सरकार का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है. बैज ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार लगातार षड्यंत्र कर रही है. 29 जिलों में धान की खरीदी कम हुई है. दीपक बैज ने कहा कि कम धान खरीदी पर सरकार ने जश्न भी मनाया. सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगे. धान खरीदी की तारीख की मांग को दोहराते हुए कहा कि किसानों के लिए कांग्रेस ने सड़को पर उतरकर प्रदर्शन किया, बचे हुए किसानों का टोकन काटने की मांग की. लेकिन गूंगी बहरी सरकार आंख बंद कर चुप रही. किसान परेशान और चिंतित है. बैज ने कहा कि यह हटधर्मिता और किसान विरोधी सरकार है. सरकार का इतना जिद्द ठीक नहीं है. सरकार को एक सर्कुलेशन जारी कर बचे हुए किसानों का धान खरीदना चाहिए. धान खरीदी में सरकार फेल है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ को इस बार के बजट में भी ठगा गया. माइनिंग का विशेष कॉरिडोर बनाने का निर्णय हुआ. चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है. बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है. recent visitors 37

कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री

प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें: मुख्यमंत्री प्रमाणित बीज की कमी न हो, संकर बीजों में बाहरी निर्भरता समाप्त कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य करें; मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर, उपकार और निजी उद्योग को एक मंच पर लाने का निर्देश, बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म रिलीज़ प्रक्रिया तेज हो कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास से जोड़ने और हर क्लाइमेटिक ज़ोन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के निर्देश प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़कर स्थानीय स्तर पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्धता बढ़ाने पर जोर ट्यूबवेलों का सौर ऊर्जीकरण तेज़ हो, प्रदेश के सोलर पैनल निर्माताओं को प्राथमिकता देने के मुख्यमंत्री के निर्देश अगले पाँच वर्षों में पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की योजना, टिशू कल्चर लैब्स और प्रमाणित नर्सरी नेटवर्क सुदृढ़ करने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लिए नई और आधुनिक 'बीज नीति' समय की मांग है। भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में ध्यान केवल रकबे पर नहीं, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी बीज नीति तैयार की जाए जो आने वाले वर्षों की कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करे। बीज नीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पाँच वर्षों के लिए प्रदेश की बीज उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और उपलब्धता को नए स्तर तक ले जाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग आवश्यक है, ताकि प्रमाणित बीज की कमी न हो और किसान सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने भरोसेमंद बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी या अमानक बीजों के प्रति कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। किसानों तक पहुँचने वाला हर बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और पूरी तरह मानक होना चाहिए। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार तथा निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाकर बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज प्रक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता बताई। फसल विविधीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता हेतु विशेष रणनीति तैयार करने को कहा। इसी क्रम में प्रदेश में अगले पांच वर्षों में कम से कम पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। ये सीड पार्क उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी सुविधाओं से सुसज्जित एकीकृत परिसर होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि अनुसंधान, प्रशिक्षण और खेत-स्तर पर तकनीक के प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र-विशेष की फसलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और तकनीकी समाधान तैयार किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को भी बीज विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय अनुभव और आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय बन सके। मुख्यमंत्री ने कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जीकरण से जोड़ा जाए, जिससे किसानों का सिंचाई खर्च कम हो और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में स्थापित सोलर पैनल इकाइयों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय निर्माण को बढ़ावा मिलने से रोजगार, निवेश और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलेगी। recent visitors 42

लोकसभा में चीन को लेकर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री का पलटवार

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।   राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी। इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती। अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है? राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई। मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है। recent visitors 35

जबलपुर में रैकेट का खुलासा: उज़्बेकिस्तान की महिला और उसके पति को हिरासत में लिया, मुख्य आरोपी फरार

जबलपुर  शहर में एक घर में पुलिस ने दबिश दी. यहां उज़्बेकिस्तान की एक महिला मिली. उससे देह व्यापार करवाया जा रहा था. पुलिस की दबिश के दौरान मुख्य आरोपी फरार हो गया. पुलिस ने उसकी पत्नी को हिरासत में लिया है. पुलिस जांच में जुटी है. जांच में पता चला कि उज्बेकिस्तान की इस महिला की शादी मुंबई में हुई थी. वह दिल्ली में ब्यूटी पार्लर की एक लड़की के माध्यम से जबलपुर पहुंची. जबलपुर में इसके पहले भी विदेशी महिलाओं से देह व्यापार करवाने के मामले सामने आ चुके हैं. मुखबिर ने 11 महिलाओं की दी सूचना महिला अपराध शाखा की नगर पुलिस अधीक्षक आशीष जैन ने बताया "जबलपुर के माढोताल थाने में पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि शिव चौधरी नाम का व्यक्ति देह व्यापार का अड्डा चला रहा है और इस बार उसने विदेशी महिलाओं को बुलाया है. जबलपुर में 11 महिलाओं की पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस ने जब शिव चौधरी के ठिकाने पर छापा मारा तो वहां उज़्बेकिस्तान की रहने वाली महिला मिली." मुख्य आरोपी की पत्नी हिरासत में देह व्यापार चलाने का आरोपी शिव चौधरी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने उसकी पत्नी और विदेशी महिला को हिरासत में ले लिया. सीएसपी आशीष जैन ने बताया "उज़्बेकिस्तान की महिला ने पूछताछ में जानकारी दी है कि 2011 में उसकी शादी मुंबई में हुई थी. 2023 में उसके पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. इसके बाद से ही वह दिल्ली में एक पार्लर में काम करती थी." स्पा सेंटर के नाम पर देह व्यापार उज्बेकिस्तान की महिला ने पुलिस को बताया "दिल्ली में एक लड़की ने शिव चौधरी से मेरी मुलाकात करवाई थी और उसी के माध्यम से मैं जबलपुर आई." सीएसपी आशीष जैन का कहना "उज़्बेकिस्तान की महिला पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी जांच की जा रही है." जबलपुर में इसकी पहले भी विजयनगर में इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां कुछ विदेशी महिलाएं मिली थीं. जबलपुर में देह व्यापार कराने वाले लोग इन महिलाओं को रहने की जगह उपलब्ध करवाते हैं. मोबाइल पर ग्राहकों को फोटो और नंबर उपलब्ध करवाए जाते हैं. स्पा सेंटर की आड़ में भी कई जगहों पर इसी तरह के गलत काम चल रहे हैं.  recent visitors 24