बजट 2026 का बड़ा ऐलान: शिक्षा पर रिकॉर्ड निवेश, छात्रों और युवाओं को क्या मिलेगा?

नई दिल्ली लोकसभा में आज बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा सेक्टर को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एजुकेशन सेक्टर के मद्देनजर 1,39,289 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया है। इस मास्टरप्लान के जरिए सरकार का मानना है कि पढ़ाई को रोजगार, उद्यम और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि डिग्री हाथ में होने के साथ-साथ काम का हुनर भी युवाओं के पास हो। सरकार ने शिक्षा और नौकरी के बीच की दूरी कम करने के लिए एक नई सोच के साथ ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ (Education to Employment and Enterprise – EEE) स्टैंडिंग कमेटी बनाने का ऐलान किया है। यह कमेटी खासतौर पर सेवा क्षेत्र, नई इंडस्ट्री और उभरती टेक्नोलॉजी में युवाओं को दक्ष बनाने पर फोकस करेगी। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए भटकते हैं। हायर एजुकेशन और STEM में बेटियों पर खास फोकस बजट में उच्च शिक्षा और खासतौर पर STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ बढ़े ही नहीं, बल्कि स्थायी बने। इसी सोच के तहत देश के हर ज़िले में हायर एजुकेशन STEM संस्थानों से जुड़े गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे दूर-दराज़ से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह मिलेगी। इसके साथ ही, औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप का मकसद पढ़ाई और इंडस्ट्री को एक ही इकोसिस्टम में लाना है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और नौकरी के मौके मिल सकें। रिसर्च और साइंस को बढ़ावा देने के लिए देश में चार बड़े टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बनाए या अपग्रेड किए जाएंगे, जिससे युवा वैज्ञानिक और रिसर्चर अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित हों। स्किल डेवलपमेंट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर दांव डिजिटल दौर की जरूरतों को समझते हुए बजट में स्किल डेवलपमेंट को केंद्र में रखा गया है। खासतौर पर तेजी से बढ़ रहे AVGC सेक्टर यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स पर बड़ा ऐलान हुआ है। सरकार ने देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का फैसला किया है। यह कदम उन युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं और सीधे रोजगार या स्टार्ट-अप की राह पकड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, हेल्थ और केयर सेक्टर को ध्यान में रखते हुए 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई गई है। बुजुर्गों, मरीजों और विशेष जरूरतों वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सेक्टर आने वाले समय में रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। वहीं, दिव्यांग युवाओं के लिए इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक कस्टमाइज्ड स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। खोले जाएंगे नए संस्थान बजट 2026 में शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल मजबूत करने के लिए कई नए संस्थानों की घोषणा की गई है। पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में डिजाइन और क्रिएटिव एजुकेशन को नई पहचान मिलेगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी, ताकि टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को स्किल्ड प्रोफेशनल्स मिल सकें। इसके साथ-साथ दस चुनिंदा विषयों में अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। विदेश पढ़ाई करने वालों को राहत विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए भी बजट राहत लेकर आया है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ छात्रों बल्कि उनके परिवारों पर भी वित्तीय बोझ कम होगा और विदेशी शिक्षा पहले से ज्यादा सुलभ बनेगी।   recent visitors 46

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम, केंद्रीय बजट 2026-27

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी। उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। कर सुधार और आम जनता को राहत आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 41

बजट की खास बातें: टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास के लिए फायदे और नए फैसले

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (फरवरी) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। खास बात यह रही कि भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने बजट को पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से पेश किया। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है। इन प्रयासों के चलते भारत ने लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल की है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। आइए जानते हैं आम आदमी के लिए केंद्रीय बजट 2026 का क्या मतलब है? करदाताओं को राहत – संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। – ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई पहले की तरह ही रहेगी। – गैर-ऑडिट मामलों और ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 अगस्त कर दी गई है। – एनआरआई को बड़ी राहत: संपत्ति बिक्री पर अब TDS की कटौती खरीदार करेगा, जिससे कागजी कार्रवाई आसान होगी। रोजगार के नए अवसर – पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। – 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से निर्माण कार्य और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और MSME को मजबूती – ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए। – आसान लोन, नीति समर्थन और नई तकनीक से छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा। महंगाई पर नियंत्रण और सस्ती चीजें – आत्मनिर्भर भारत पर जोर देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी, जिससे लंबे समय में जरूरी वस्तुएं सस्ती रहेंगी। – सप्लाई चेन मजबूत होने से कीमतों में स्थिरता आएगी। महिलाओं और बेटियों के लिए सुविधाएं – देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे शिक्षा और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। – टेक्सटाइल और MSME सेक्टर में महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके। यात्रा और रोजमर्रा की सुविधा – सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहतर होने से यात्रा समय घटेगा और ईंधन खर्च कम होगा। – शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्वास्थ्य और आयुष सेवाएं – आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स का उन्नयन किया जाएगा। – मेडिकल और वेटरनरी शिक्षा को बढ़ावा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां – मेगा टेक्सटाइल पार्क से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था – राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान। – सरकार के अनुसार 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, जिससे आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई। कुल मिलाकर आम आदमी को क्या फायदा? • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे • टैक्स भरना आसान होगा • बेहतर सड़क, रेल और सुविधाएं मिलेंगी • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार • महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता   recent visitors 49

भारत बनेगा एयरक्रॉफ्ट हब! टैक्स में छूट से घटेंगे विमान बनाने की लागत

नई दिल्ली यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।   सिविल एविएशन के लिए क्या बदला? बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा? वित्त मंत्री के मुताबिक इन फैसलों का मकसद लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करना और भारतीय कंपनियों को ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है। भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब? सरकार पहले से ही चाहती है कि भारत सिर्फ विमान उड़ाने वाला देश न होकर, विमान बनाने वाला, उनके पार्ट्स तैयार करने वाला और MRO सर्विसेज देने वाला ग्लोबल सेंटर बने। ड्यूटी छूट जैसे कदम इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। रोजगार और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा बूस्ट इस फैसले का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स, स्किल्ड मैनपावर सभी के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले सालों में हजारों नई नौकरियां बनने की उम्मीद है। बजट 2026 (Budget 2026) में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान यह साफ संकेत देता है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। इसके साथ ही सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।   recent visitors 49

बजट 2026 में टैक्स का ट्विस्ट! स्लैब बदलने पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान, किसे होगा फायदा?

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे ज्यादा बजटों में शामिल हो गया है। बजट भाषण से पहले उन्होंने परंपरा के अनुसार कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय में कार्यभार संभाला और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं पर जोर दिया। इनकम टैक्स स्लैब में हुआ है बदलाव? बजट 2026 में आम करदाताओं की सबसे ज्यादा नजर इनकम टैक्स स्लैब पर टिकी हुई थी। हालांकि, इस बार वित्त मंत्री ने आयकर की दरों या स्लैब में कोई बड़ा बदलाव करने का ऐलान नहीं किया। लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अब करदाता 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को काफी सहूलियत मिलेगी, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते। पुरानी टैक्स व्यवस्था अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) की बात करें, तो इसमें स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। सालाना ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स और ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लागू रहेगा। इस व्यवस्था में छूट और कटौतियों (जैसे HRA, 80C, 80D) का फायदा मिलता है, इसलिए कई करदाता अभी भी इसे पसंद करते हैं। नई टैक्स व्यवस्था वहीं नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ज्यादा स्लैब हैं और टैक्स दरें चरणबद्ध तरीके से बढ़ती हैं। ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ₹4 से ₹8 लाख तक 5 फीसदी, ₹8 से ₹12 लाख तक 10 फीसदी, ₹12 से ₹16 लाख तक 15 फीसदी, ₹16 से ₹20 लाख तक 20 फीसदी और ₹20 से ₹24 लाख तक 25 फीसदी टैक्स लगेगा। ₹24 लाख से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आसान मानी जाती है जो ज्यादा कटौतियों का दावा नहीं करते। कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स स्लैब भले न बदले हों, लेकिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दी।   recent visitors 48

किसानों के लिए डिजिटल साथी: AI टूल से कम होगा नुकसान, बढ़ेगी पैदावार – बजट में बड़ा फोकस

नई दिल्ली बजट 2026 में सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में खेती करने का तरीका बदल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘भारत विस्तार’ नाम के एक नए AI सिस्टम की बात की है, जो सीधे किसानों की मदद के लिए बनाया है। आज भी किसान मौसम, जमीन और फसल को लेकर सही जानकारी के बिना खेती करते हैं। कभी बारिश धोखा दे देती है, कभी फसल खराब हो जाती है। इन सब वजहों से किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब चाहती है कि किसान सिर्फ अंदाजे से नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ खेती करे। ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम किसान को उसके इलाके के हिसाब से खेती से जुड़ी जरूरी बातें बताएगा। जैसे मौसम कैसा रहेगा, कौन-सी फसल ठीक रहेगी और किस समय क्या करना सही होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसान का नुकसान कम होगा और आमदनी बेहतर हो सकेगी। AI खेती करेगा खेती में मदद किसान के सामने सवाल होता है कि फसल कब बोएं, कब पानी दें या कब दवा डालें। कई बार गलत समय पर काम करने से फसल खराब हो जाती है। भारत विस्तार AI ऐसे सवालों के जवाब देगा। यह मौसम की जानकारी देखकर बताएगा कि आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं। अगर ज्यादा गर्मी या ठंड का असर पड़ेगा तो पहले ही चेतावनी देगा। इससे किसान समय रहते सही कदम उठा सकेगा। किसान कैसे करेंगे ये इस्तेमाल भारत विस्तार को इस तरह बनाया जाएगा कि किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर पर इसका इस्तेमाल कर सके। इसमें बहुत आसान भाषा होगी। किसान अपनी ही रोजमर्रा की भाषा में सवाल पूछ सकेगा और जवाब पा सकेगा। अगर किसान जानना चाहता है कि उसकी फसल में बीमारी क्यों लग रही है, तो वह सिस्टम से पूछ सकता है। AI उसे आसान तरीके से बताएगा कि क्या करना सही रहेगा।मौसम बदलने की वजह से किसान को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। कभी अचानक बारिश, कभी सूखा और कभी ओले फसल बर्बाद कर देते हैं। भारत विस्तार AI मौसम पर नजर रखेगा और पहले ही किसान को सतर्क कर देगा। अगर ज्यादा बारिश की संभावना होगी तो किसान को पहले से जानकारी मिल जाएगी।   recent visitors 43

शिक्षा को बढ़ावा: बजट में छात्राओं को तोहफा, पूरे देश में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

 नई दिल्ली   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि देश के हर जिले में हायर एजुकेशन स्टेम (STEM) संस्थानों में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि स्टेम संस्थानों में पढ़ाई और लैब वर्क के लंबे घंटे लड़कियों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। नए हॉस्टल इन दिक्कतों को दूर करने और एडवांस्ड स्टडीज में महिलाओं की लगातार भागीदारी को सपोर्ट करने के लिए हैं। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान भी खोला जाएगा। हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में केंद्र सरकार राज्यों को समर्थन देगी ताकि मुख्य औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जा सकें। इन अकादमिक जोन में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं होंगी। शिक्षा व रोजगार क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री के अहम ऐलान इस साल शिक्षा क्षेत्र के लिए स्कूलों को कुल 83562.26 लाख करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 55727.22 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     देश के हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा     भारत में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) बनेंगे। साथ ही आयुष फार्मेसी बेहतर होंगी। इनके अलावा उच्च गुणवत्ता टेस्टिंग लैब का निर्माण होगा।     क्रिएटिव और डिज़ाइन शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनेगा एबीजीसी (Animation, Broadcasting, Gaming, and Creative) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देने और 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेजों में ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना बनाई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा । National Council for Hotel Management और Catering Technology को अपग्रेड कर नए प्रशिक्षण और मानक तय किए जाएंगे। पशुपालन शिक्षा को बढ़ावा पशुपालन क्षेत्र में शिक्षा और सेवाओं को बढ़ाने के लिए 20,000 से अधिक पेशेवर जोड़े जाएंगे। इसके लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम शुरू की जाएगी, जो प्राइवेट वेटरनरी और पैरावेटरनरी कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग फैसिलिटी में काम आएगी। सरकार भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगी ताकि पशुपालन में बेहतर तकनीक और ज्ञान साझा किया जा सके। साथ ही, भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को भी समर्थन मिलेगा, जिसमें एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर शामिल हैं। महिलाओं के लिए SHE की घोषणा वित्त मंत्री ने SHE मार्ट्स का ऐलान है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इनका काम कप्तान के तौर पर संभालेंगी। लखपति दीदी की तर्ज पर सरकार ने महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ट मार्ट्स का जिम्मा सौंपने का प्रस्ताव दिया है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाएं आजीविका कमा सेकेंगी। SHE का मतलब सेल्फ हेल्प ग्रुप है। अगले 5 सालों में 100,000 एएचपी वित्त मंत्री ने अगले 5 सालों में 1 लाख एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसे मौजूदा प्राइवेट और सरकारी AHP ट्रेनिंग संस्थानों को अपग्रेड करके और नए संस्थान स्थापित करके हासिल किया जाएगा। FM has also proposed introducd 5 regional medical hubs. सरकार ने 5 रीजनल मेडिकल हब शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित या अपग्रेड की जाएंगी। कमिटी बनेगी विकसित भारत के मुख्य ड्राइवर के तौर पर सर्विस सेक्टर पर फोकस करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए शिक्षा से रोजगार और एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी ग्रोथ, रोजगार और एक्सपोर्ट के लिए पोटेंशियल को ऑप्टिमाइज करने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। यह एआई सहित उभरती टेक्नोलॉजी के नौकरियों और स्किल की जरूरतों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन करेगी। एमएसएमई की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का दस्ता तैयार करेगी सरकार रकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति का गठन करेगी। ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे देश के विभिन्न IIMs में शॉर्ट टर्म कोर्सेस शुरू किए जाएंगे, जो हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में संचालित होंगे। इन कोर्सेस के जरिए टूरिस्ट गाइड्स को मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल टूल्स और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों से बेहतर संवाद की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भारत का पर्यटन अनुभव वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके।   recent visitors 44