पहले दिन झालखम्हरिया, खट्टी, किशनपुर, टेंका, गेर्रा एवं छिबर्रा क्लस्टर में पहुंचेगी यात्रा

महासमुंद “विकसित कृषि संकल्प यात्रा“ 29 मई से आरंभ होगी। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समय सीमा की बैठक में संबंधित विभाग को इसके प्रचार-प्रसार हेतु दृश्य एवं श्रव्य माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विशेष रूप से मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और फसल चक्र परिवर्तन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान के लिए 29 मई से 12 जून तक प्रत्येक दिन 3 टीमों द्वारा अलग-अलग विकासखण्डों में दो-दो पालियों में कार्यक्रम  आयोजित किया जाएगा। टीम में कृषि वैज्ञानिक सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग, कृषि सखी, कृषक मित्र, पशु सखी, प्रगतिशील कृषक, एफपीओ के सदस्य एवं लखपति दीदी सम्मिलित होंगे। प्रथम पाली में प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक एवं द्वितीय पाली में दोपहर 02ः00 बजे से शाम 05ः00 बजे तक कार्यक्रम आयोजित होगा। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि इसकी शुरुआत गुरुवार 29 मई को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत सहकारी समिति झालखम्हरिया एवं खट्टी से होगा। जिसके सफल संचालन के लिए श्री मनीराम उईके वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों पालियों में 7-7 ग्राम पंचायत के कृषक सम्मिलित होंगे। इसी तरह पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत प्रथम पाली में सहकारी समिति किशनपुर एवं द्वितीय पाली में टेंका में कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें क्रमशः 9 एवं 7 ग्राम पंचायत शामिल होंगे। अभियान के संचालन हेतु श्री रोहित कुमार बरिहा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत प्रथम पाली में क्लस्टर ग्राम पंचायत गेर्रा मिडिल स्कूल एवं द्वितीय पाली में छिबर्रा पंचायत भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें क्रमशः 2 एवं 4 ग्राम पंचायत शामिल होंगे। इसके लिए श्री बी.एल. मिर्धा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। recent visitors 55

आधा यूपी हीट इंडेक्स के डार्क रेड जोन में, मौसम का नया पैटर्न, कम तापमान में ज्यादा गर्मी, उमस भरी गर्मी से जूझे कानपुर वाले

कानपुर नौतपा के दूसरे दिन उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने जोर मारा। शुष्क हवाएं चलीं पर नमी अधिक होने के कारण उमस बढ़ गई। हीट इंडेक्स के कारण आधे से ज्यादा यूपी के जिले रेड जोन में चले गए हैं। मौसम विभाग ने चेताया है कि अधिक तापमान से ही नहीं ज्यादा हीट इंडेक्स से भी हीट स्ट्रोक हो सकता है। अप्रैल से लेकर अब तक मौसम में बदलाव रहा है। इसे मौसम के पैटर्न में आ रहे बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। मई में अब तक केवल छह दिन ऐसे रहे हैं जब दिन का पारा 40 डिग्री या इससे अधिक रहा है। 40 के ऊपर पारे से हीट वेव मानी जाती है। मई में हीट वेव की स्थिति कमजोर रही है। मौसम के नए पैटर्न में कम तापमान में भी ज्यादा गर्मी का अहसास होना है.यह स्थिति सेहत के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर पारा ड्राई बल्ब तापमान के आधार पर मापा जाता है। यह थर्मामीटर के आधार पर मापा जाता है। शरीर का तापमान केवल ड्राई बल्ब के आधार पर नहीं बल्कि वेट बल्ब तापमान और इसके आधार पर हीट इंडेक्स जैसी वजह तय करती है। हमें कितनी गर्मी महसूस हो रही है। वेट बल्ब तापमान में हवा की आर्द्रता को भी ध्यान में रखा जाता है। जब आर्द्रता अधिक होती है तो पसीना आसानी से नहीं सूखता, जिसके कारण शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती और ज्यादा गर्मी महसूस होती है भले ही तापमान कम हो। इंडेक्स बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का खतरा मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि द लैंसेट न्यूरोलॉजी जर्नल में पब्लिश स्टडी के मुताबिक हीट इंडेक्स यदि रेड है तो इससे हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। यदि ऑरेंज है तो देर तक धूप में रहने से ऐसा हो सकता है। डार्क ग्रीन की स्थिति में लंबे समय तक रहने से थकान हो सकती है। आने वाले दिनों में आंधी-पानी की संभावना बनी रहेगी। मई के अंतिम दिनों में हल्की बारिश संभव है। उमस भरी गर्मी से जूझे कानपुर वाले सोमवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री रहा जो सामान्य से कम रहा। रात का पारा 28 डिग्री रहा। सामान्य से अधिक रहा। नमी का अधिकतम प्रतिशत 66 और न्यूनतम 45 फीसदी रहा। इस तरह कानपुर का हीट इंडेक्स 62 रहा। यह रेड जोन में आता है।   recent visitors 76

रायपुर : नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

रायपुर : नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान मनरेगा के तहत बने चेकडेम से 20 किसानों के 17 एकड़ भूमि में बढ़ी सिंचाई सुविधा रायपुर नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कानकिसान की मेहनत सफल तभी हो सकती है जब किसान के पास समय पर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो। ग्राम पंचायत बरदर में नाले के किनारे रहने वाले कई किसानों के पास सिंचाई का संसाधन न होने से उन्हें अपने खेतों से मनचाहा लाभ नहीं मिल पाता था। गांव के किनारे बहने वाले नाले से पूरा बारिश का पानी बहकर आगे हसदेव नदी में जाकर मिलता था और उसके बाद गर्मी आते तक वह नाला पूरी तरह से जल विहीन हो जाता था। बारिश में खेतों मे कटाव करके बहने वाली बारिश का पानी बाद में सिंचाई तो दूर उनके पशुओं के लिए पेयजल भी नहीं दे पाता था। लेकिन बीते वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए एक पक्के चेक डेम से अब गांव का एक कोना हर मौसम में हरा भरा रहता है। यहां आधा दर्जन किसान पंपों के सहारे अपने 17 एकड़ से अधिक खेतों में सिंचाई का लाभ लेते हुए दो फसलें और तीन फसलें तक लेने लगे हैं। मई की तपती गर्मी में भी बरदर के दर्जन भर किसानों के खेतों में उड़द की फसल लहलहा रही है।  मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां का एक ग्राम पंचायत बरदर है। यहां गांव के किनारे से एक मोरघनिया नाला बहता है। यह एक बरसाती नाला है जिसमे बारिश में तो पर्याप्त जल रहता था। लेकिन बारिश खत्म होने के बाद से इसमें जल कम होने लगता था और गर्मी आते तक यह पूरी तरह से सूख जाता था। इस नाले को नरवा विकास के तहत चयनित कर इसका सर्वे किया गया और उपयुक्त जगह पर गत वर्ष एक पक्का चेक डेम बनाया जाना प्रस्तावित किया गया। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार कार्य की स्वीकृति प्रदान करते हुए ग्राम पंचायत बरदर को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी सहायक राहुल की देखरेख में ग्राम पंचायत ने समय सीमा में कार्य को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा किया। इस कार्य से एक हजार से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार भी ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। चेक डेम बन जाने के बाद यहां बड़ी मात्रा में जल संचय किया जा रहा है। चेकडेम से पीछे लगभग एक किलोमीटर तक बैकवाटर होने से आस पास का जल स्तर बेहतर हो रहा है। साथ ही किसानों को अपनी फसलों में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भी उपलब्ध हो पा रहा है। मोरघनिया नाले में बने चेक डेम से ग्राम पंचायत में रहने वाले किसान सत्यनारायण, फागुनाथ सिंह, राजकुमार, बलदेव, बाबूलाल, राजकिशुन, सुरेश और शिवप्रसाद जैसे कुल 20 किसानों के लगभग 17 एकड़ से अधिक भूमि में दो फसली सिंचाई सुविधा बढ़ गई है। इन किसानों ने बताया कि पहले सूख जाने वाले नाले में चेकडेम बन जाने से सिंचाई की दिक्कत समाप्त हो गई हैं अब हम अपनी मर्जी से फसलों की बुआई करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं। वर्तमान में इस चेक डेम से लगी भूमि से लगभग दस एकड़ में उड़द और सब्जी की फसल लगी हुई है। इसके पहले किसानों ने धान और गेहूं की भरपूर फसल लेकर अच्छा मुनाफा कमाया है। कुल मिलाकर एक संसाधन से कई घरों में जीवन की शैली और स्तर में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी नरेगा के तहत बने एक पक्के चेक डेम ने उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में परिवर्तन लाना आरंभ किया है। recent visitors 66

रायपुर : खेल विभाग में सीधी तथा संविदा पदों पर होगी शीघ्र भर्ती: खेल मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर : खेल विभाग में सीधी तथा संविदा पदों पर होगी शीघ्र भर्ती: खेल मंत्री टंक राम वर्मा राज्य खेल अलंकरण के लिए खिलाड़ियों से आवेदन पत्र आमंत्रित कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर   खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में खेल विभाग में वित्त विभाग के अनुमति प्राप्त सीधी भर्ती तथा संविदा के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। उन्होंने राज्य खेल अलंकरण के लिए भी आवेदन पत्र आमंत्रित कराने के लिए अधिकारियों से कहा है। निवास कार्यालय रायपुर हुई बैठक में सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार सहित खेल संचालनालय के अधिकारी भी उपस्थित थे। खेल मंत्री वर्मा ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संचालित खेल गतिविधियों, अधोसंरचनात्मक कार्यों, युवा गतिविधियों आदि विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने खेल अधिकारियों को राज्य खेल अलंकरण वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लिए आवेदन आमंत्रित करने हेतु विज्ञापन तत्काल जारी करने कहा। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग में स्वीकृत एवं वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त सीधी भर्ती तथा संविदा के रिक्त पदों पर शीघ्रातिशीघ्र भर्ती की कार्यवाही की जाए। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2025-26 के बजट में सम्मिलित निर्माण कार्यों के प्रस्ताव, पारंपरिक खेलों की प्रतियोगिताओं का संभाग मुख्यालयों में आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियांे को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रचार प्रसार के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिलों को आबंटित राशि के मदवार समीक्षा करते हुए मैदानी स्तर पर कबड्डी मैट की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ब्लॉक में नियमानुसार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने कहा। उद्योग समूहों के सी.एस.आर. मद से प्रारंभ की जाने वाली नवीन खेल अकादमियों की समीक्षा तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नवीन आवासीय अकादमी सी.एस.आर. मद से प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने खेल अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित कार्यों की स्वीकृति के लिए अपेक्षित जानकारियां जिलों से शीघ्र मंगाकर प्रस्ताव भेजा जाए इसके साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की विगत वर्षों की लंबित घोषणा की पूर्ति हेतु आगामी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। इसी तरह जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों में प्रशिक्षक (पास्ट चैम्पियन एथलीट) की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। recent visitors 61

रेयान रिकेल्टन ने स्वीकार किया कि पीबीकेएस से सात विकेट की हार एक चेतावनी की तरह

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस (एमआई) के सलामी बल्लेबाज रेयान रिकेल्टन ने स्वीकार किया कि आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) से सात विकेट की हार एक चेतावनी की तरह है लेकिन उन्हें विश्वास है कि पांच बार की चैंपियन टीम में एलिमिनेटर जीतने के लिए जरूरी क्षमता है। मुंबई ने सोमवार को पंजाब के खिलाफ अपने अंतिम लीग मैच में हारकर शीर्ष दो में जगह बनाने का मौका गंवा दिया। इस हार के बाद अब उसे गुरुवार को एलिमिनेटर में उतरना होगा, जहां उसका सामना गुजरात टाइटंस (जीटी) या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से होगा। रिकेल्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हमें इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसलिए यह हमारे लिए एक चेतावनी की तरह है।’’ इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि नॉकआउट से पहले मुंबई को कुछ क्षेत्रों में सुधार करना होगा। रिकेल्टन ने कहा, ‘‘यह अंत नहीं है। ईमानदारी से कहूं तो टीम बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है, हमें सिर्फ बल्ले, गेंद और क्षेत्ररक्षण में कुछ चीजों में और बेहतर करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास एलिमिनेटर जीतने के लिए कौशल और अच्छे खिलाड़ी हैं। हमारे खिलाड़ी निश्चित रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिनमें हमें सुधार करने की जरूरत है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम अगले मैच में दमदार प्रदर्शन करेंगे।’’ वहीं, मुंबई के कप्तान हार्दिक पंड्या ने पंजाब के खिलाफ हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम ने 20 रन कम बनाए। मुंबई के 185 के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 18.3 ओवर में तीन विकेट पर 187 रन बनाकर जीत दर्ज की। हार्दिक ने कहा, ‘‘विकेट जिस तरह से खेल रहा था उसे देखते हुए हमने 20 रन कम बनाए। ऐसा होता है। हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन आज रात ऐसा नहीं कर पाए। हमने पांच ट्रॉफी जीती हैं, यह हमेशा मुश्किल रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप थोड़ा भी मौका देते हो तो दूसरी टीमें हावी हो जाती हैं। यह एक छोटी सी चूक है। यह अभी भी ताजा है, बाद में समस्याओं की पहचान की जाएगी। हालांकि हमारे बल्लेबाजों को 20 और रन बनाने के लिए मौकों का फायदा उठाने की जरूरत थी।’’   recent visitors 188

सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली 18 माओवादियों ने किया सरेंडर, नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ के एंटी नक्सल ऑपरेशन पर तैनात सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण बस्तर डिवीजन और PLGA बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली सहित कुल 18 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बीहड़ जंगलों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खुलने और फोर्स के एक्शन से नक्सलियों में दहशत है। पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से 18 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुकमा एसपी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सरेंडर करने वाले 2 पुरुष नक्सलियों पर 8-8 लाख, 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर 5-5 लाख, 6 पुरुष नक्सलियों पर 2-2 लाख और 1 पुरुष नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सरेंडर करने वालों में एक महिला और 18 पुरुष नक्सली शामिल है। सभी ने नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन के सामने बगैर हथियार सरेंडर किया है। सभी को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। सुकमा के एसपी किरण जी चव्हाण ने बताया,"नियाद नेलनार'योजना से प्रभावित होकर आज 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 4 नक्सली बटालियन नंबर 1 से जुड़े हैं। 4 बटालियनों से संबंधित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। चूंकि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है,उन्हें राज्य सरकार के तहत चल रही सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। मैं सभी नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करता हूं।" इन नक्सलियों ने किया सरेंडर 1. मड़कम आयता, जिला सुकमा, PLGS बटालियन नंबर 1 हेर्ड क्वार्टर कंपनी नंबर 3, प्लाटून नंबर 2 सेक्शन ‘‘बी’’ का पीपीसीएम, इनामी 8 लाख 2. भास्कर उर्फ भोगाम लक्खा, सुकमा, पीएलजीए बटालियन नंबर-1, प्लाटून नंबर 3, सेक्शन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्य, इनाम 8 लाख 3. मड़कम/कलमू देवे सुकमा , दक्षिण बस्तर डिवीजन टेलर टीम कमाण्डर (एसीएम) इनाम 5 लाख 4. लक्ष्मण उर्फ माड़वी छन्नू, सुकमा, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम सदस्य/एसीएम इनाम 05 लाख 5. हेमला मंगलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार डीएकेएमएस अध्यक्ष कमेटी जन सम्पर्क शाखा अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 6. कुंजाम भीमा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया इनचीफ ईनाम 2 लाख 7. मड़कम भीमा, सुकमा, साकलेर आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 8. मुचाकी मंगा, सुकमा, भण्डारपदर आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 9. कोरसा संतोष उर्फ सोमलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 10. तेलाम माड़ा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 11. वेट्टी बण्डी उर्फ देवेन्द्र कुमार, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मेडिकल टीम अध्यक्ष 12. सोयम हिंगा, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 13. माड़वी मुन्ना, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 14. माड़वी गंगा, बीजापुर, कोमटपल्ली आरपीसी मिलिशिया 15. पदाम सुकालू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार मेडिकल कमेटी अध्यक्ष 16. डोडी मंगलू उर्फ मधु, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम 1 लाख 17. माड़वी लच्छु, सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशिया सदस्य 18. हेमला हड़मा, जिला सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशया सदस्य लीडर के मारे जाने से नक्सल संगठन में दहशत दरअसल, नक्सल लीडर और संगठन के महासचिव खूंखार नक्सली नंबाला उर्फ बसवा राजू के अबूझमाड़ में मारे जाने के बाद माओवादी संगठन में दहशत है। एनकाउंटर में मारे जाने के डर से नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इससे पहले बीजापुर जिले में 32 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। छत्तीसगढ़ के नक्सली पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी सरेंडर कर रहे हैं। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च-2026 तय की गई है। इसके बाद से बस्तर संभाग के नक्सल क्षेत्र में सुरक्षा बलों का एक्शन लगातार जारी है।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

जल बचायें, क्योंकि जल की हर बूंद में समाया है जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शीतलदास की बगिया में घाटों की सफाई की सफाई मित्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की सुबह भोपाल शहर स्थित शीतलदास की बगिया पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के घाटों की सफाई में सेवा कार्य (श्रमदान) किया और सफाई मित्रों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां घाटों की सफाई की। मुख्यमंत्री ने सफाई नौका में बैठकर सफाई कर्मियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने की आत्मीय अपील भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से आव्हान किया कि हर संभव तरीके से जल बचाईये, क्योंकि जल की हर बूंद में जीवन है, अमृत है। इसकी हर बूंद में हमारा सुनहरा भविष्य समाया है। जल बचाना हमारी आज की जरूरत भी है और बेहतर कल के लिए जिम्मेदारी भी। आज जल बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी संभव उपाय किये जायें। जल बचाना सिर्फ सरकार की ही क्यूं, पूरे समाज, हर वर्ग, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आज जल सहजेंगे, तभी तो हमारा आने वाला कल संवरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत उपयोग के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिसके तहत पुरानी बावड़ियों, कुंओं, तालाबों, सरोवरों और अन्य परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है, यह पुण्य भावना प्रदेश के हर नागरिक के मन में होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को "सफाई दूत" निरुपित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि हमारे जीवन की शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अपने घर, आस-पड़ोस और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता दें और जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण को प्राथमिकता दें। बड़ा बाग की पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शीतलदास की बगिया से बड़ा बाग स्थित ऐतिहासिक पुरानी बावड़ी पहुंचें और वहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा कराए जा चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार "विरासत से विकास" की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और पुरानी विरासतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं बनाई थीं। आज जरूरत है कि हम उन ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन करें और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखें। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में सबकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं। इस दौरान लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त, अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। बड़े बाग की पुरानी बावड़ी नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक 05 वार्ड क्रमांक 09 में स्थित जल संरचनाओं में बड़े बाग की बावड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है। बावड़ी का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व किया गया था। बावड़ी तीन मंजिला है, इसकी दीवार सीढियों और मुंडेर से लेकर मेहराब तक बेल पत्तियां बनी है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा इस बावड़ी से प्लास्टिक वेस्ट, फ्लोटिंग पदार्थ एवं लगभग 40 क्यूबिक मीटर सिल्ट निकाली गयी। बावड़ी की दीवारों से नुकसानदेह खरपतवार को अलग किया गया, जिससे बावड़ी की आवक क्षमता 2000 लीटर प्रति घंटा हो गयी है। वर्तमान में इसके जल का उपयोग निस्तार कार्यों में हो रहा है। बावड़ी में दीवारों एवं सीढ़ियों की मरम्मत कर इनकी रंगाई-पुताई, पलेग स्टोन बिछाने एवं लोहे की जाली (फेब्रीकेशन) लगाने का कार्य भी किया गया है।   recent visitors 59