अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है, पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है : तरुण चुघ

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है। तरुण चुघ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से यह साफ है कि अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को महज 20 मिनट में ध्वस्त कर दिया। इसे हमने वीडियो में भी कैद कर लिया, ताकि अगर कोई सबूत मांगे, तो उसे दिखा सकें। पाकिस्तान इस बात को जानता है कि वह हमसे जीत नहीं सकता, इसलिए वह सीमापार से आतंकवादी भेजकर यहां पर माहौल को अव्यवस्थित करना चाहता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। भाजपा नेता तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन को 140 करोड़ देशवासियों की आवाज बताया। कहा कि आज की तारीख में देशवासी नहीं चाहते हैं कि कोई भी आतंकवादी अपना फन उठाए। पाकिस्तान को हर हमले की कीमत चुकानी होगी। साथ ही, तरुण चुघ ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को 'बारात' कहने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठा रहे हैं और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के संबंध में विवादित टिप्पणी कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की तारीफ की। बोले, अगर बाला साहेब ठाकरे जिंदा होते, तो प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाते। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किए जाने की निंदा की। कहा कि पहले जो नेता हिंदुत्व की बातें किया करते थे, अब वह पार्टी हनुमान चालीसा पढ़ने वालों को जेल भेज रही है। अब इन लोगों को आपत्ति हो रही है कि आखिर कोई कैसे हनुमान चालीसा पढ़ सकता है। अब यह पार्टी मुस्लिम लीग की विचारधारा पर चल रही है, जिसे हिंदू और हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बारे में अलग-अलग देशों में पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ‘बारात’ कहा था। उन्होंने कहा था कि इस बारात को भेजने की कोई ज़रूरत नहीं थी। प्रधानमंत्री कमजोर हैं। भाजपा ने ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्हें हर चीज में राजनीति करने की आदत है। इंडिया ब्लॉक को इस 'बारात' का बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के संपादकीय में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिए जाने पर तरुण चुघ ने कहा, "शिवसेना की विरासत मौजूदा समय में उन लोगों के हाथों में है, जो आतंकवाद के मारे जाने पर दुख जाहिर करते हैं और वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की मौत पर तंज कसते हैं। यह 'सामना' नहीं, बल्कि शर्म का दस्तावेज है। उद्धव ठाकरे के लोग 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर भी राजनीति कर रहे हैं। यह शर्मनाक है। ऐसे लोगों से आत्मबल की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।" इसके अलावा, भाजपा नेता तरुण चुघ ने झारखंड के पलामू में नक्सली कमांडर के मारे जाने पर कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को हम बिल्कुल भी नहीं बख्शेंगे। बता दें कि झारखंड के पलामू में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोध अभियान के तहत नक्सलियों के टॉप कमांडर तुलसी भुइयां को मार गिराया है। recent visitors 90

राह-वीर योजना को लेकर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

भोपाल सड़क दुर्घटनाओं में होनी वाली मृत्युदर में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत केबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार 'राह-वीर' योजना शुरू की गई है। योजना की गाईड लाईन जारी कर दी गई है। गाईड लाईन के अनुसार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर (दुर्घटना से एक घंटे के भीतर का समय) में अस्पताल पहुंचाने वाले 'राह-वीर' को 25 हजार रूपये की नगद प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र दिया जायेगा।इसके साथ ही चुने हुए 'राह-वीरों' में से सबसे योग्य 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये पुरस्कार स्वरूप दिये जायेंगे। 'राह-वीर' के लिए पात्रता कोई भी व्यक्ति जो मोटर यान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर तत्परता से पहुँचाकर जान बचाता है ऐसे सभी व्यक्ति 'राह-वीर' योजना के लिए पात्र होंगे। गोल्डन ऑवर अर्थात दुर्घटना होने के एक घंटे के भीतर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना है। कैसे चुने जाएंगे 'राह-वीर' कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा पुलिस थाना, अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। इसकी प्रति संबंधित 'राह-वीर' को भी भेजी जाएगी। मूल्यांकन समिति में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, सीएमएचओ, आरटीओ (परिवहन विभाग) शामिल होंगे। ये समिति मासिक आधार पर प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी देगी। चुने हुए राह वीर को राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया जाएगा। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी के लिए प्रमुख सचिव (गृह) की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति बनाई जाएगी। जो हर तीन महीने में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रभावशील है। 'राह-वीर' की जानकारी केवल अवार्ड प्रदाय के लिए उपयोग की जाएगी, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं। एक 'राह-वीर' को वर्षभर में अधिकतम 5 प्रकरणों में अवार्ड दिया जा सकेगा। इस योजना के तहत दिए जाने वाले सम्मान की राशि परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वहन की जाएगी।   recent visitors 77

डिप्टी CM ने बताया- 676 कोविड कार्मिकों के समायोजन का आदेश स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया

लखनऊ कोविड महामारी के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में अस्थाई, अल्पकालीन, संविदा और आउटसोर्स के माध्यम से अपनी सेवाएं देने वाले 676 कोविड कार्मिकों के समायोजन का आदेश स्वास्थ्य विभाग ने जारी कर दिया है। एक महीने के अंदर इन सभी का समायोजन हो जाएगा। इससे पूर्व 1834 कोविड कार्मिकों का समायोजन किया जा चुका है। यह जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया है कि जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा एक माह में इन कार्मिकों को समायोजित किया जाएगा। कोविड महामारी के दौरान प्रदेश की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में अस्थाई रूप से इन कार्मिकों को भर्ती किया गया था। पिछले कुछ महीनों से इनसे कोई काम नहीं लिया जा रहा था। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने समायोजन के लिए सभी जिलाधिकारियों (अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति), सभी प्रधानाचार्य राजकीय-स्वशासी मेडिकल कालेज, सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति) तथा सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र लिखा है।   समायोजन में कोविड कार्मिकों को उनकी योग्यता के अनुसार तैनाती दी जाएगी। ब्लाक पब्लिक हेल्थ यूनिट में डाटा एनालिस्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों में लैब असिस्टेंट, आपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, आयुष मेडिकल आफिसर, बीडीएस मेडिकल आफिसर, स्वीपर, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, नान मेडिकल साइंटिस्ट, माइक्रो बायोलाजिस्ट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लैब टेक्नीशियन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्टाफ नर्स व अन्य पदों पर पर समायोजन होगा। इन 676 कोविड कार्मिकों को जिला स्तर पर जिला स्वास्थ्य समिति से अनुबंधित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रखा जाएगा। शैक्षिक योग्यता के आधार पर संविदा के पदों की रिक्तियों के सापेक्ष आउटसोर्सिंग के माध्यम से कोविड काल के दौरान दिए गए मानदेय पर फिर से काम पर रखे जाएंगे। जिला स्वास्थ्य समिति को समायोजन को यह काम एक माह के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी जिले में आवश्यक रिक्तियां नहीं हैं तो इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तत्काल मंडलीय अपर निदेशक को सूचित किया जाएगा। मंडलीय अपर निदेशक अपने मंडल के अधीन के जिलों में उपलब्ध रिक्तियों पर इनका समायोजन कराएंगे। recent visitors 150

1947 में हुए देश विभाजन के बाद देश के जो हालात थे, उनको संभालने के लिए नेहरू और पटेल ने कायम किया था भाईचारा

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत विभाजन के बाद हालातों को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल सहित अन्य नेताओं ने संभाला था और भाईचारा कायम किया था। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में हुए देश विभाजन के बाद देश के जो हालात थे, उनको संभालने के लिए जिस प्रकार का नेतृत्व पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ पटेल और और उनके साथ सभी वरिष्ठ कांग्रेसजन और अन्य दलों के नेताओं ने दिया वह मिसाल है। ये वैसे नेता थे जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में योगदान दिया था। सभी लोगों ने मिलकर भाईचारे को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि पं. जवाहरलाल नेहरू ने सिंचाई के क्षेत्र में, खेती के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, उद्योग के क्षेत्र में और अधोसंरचना के क्षेत्र में जो महत्वपूर्ण फैसले लिए, जो आज स्वतंत्र भारत के मंदिर हैं, उसी के कारण आज देश के करोड़ों लोग विदेश में रोजगार पा रहे हैं और अच्छे से अच्छे पदों पर हैं। इस सबका श्रेय पं. जवाहरलाल नेहरू को जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, "पं. नेहरू एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने अपनी कुशल योजना, आर्थिक नीतियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आईआईटी, आईआईएम, एम्स, डीआरडीओ, ओएनजीसी, एलआईसी सहित देश के अनेक औद्योगिक संस्थानों की उन्होंने स्थापना की। कमलनाथ ने कहा, "आधुनिक भारत के तीर्थ के रूप में बांध, सार्वजनिक उपक्रम से लेकर परमाणु संस्थान और अंतरिक्ष कार्यक्रम तक सब कुछ पंडित नेहरू की भविष्य-उन्मुखी दृष्टि के कारण ही स्थापित हुए हैं। आज पंडित नेहरू की विरासत का ही कमाल है कि भारत एक अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में विश्व पटल पर खड़ा है।" recent visitors 81

तहव्वुर राणा ने विशेष एनआईए कोर्ट में याचिका दायर कर फोन पर परिवार से बात करने के लिए अनुमति मांगी

नई दिल्ली पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक और मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने मंगलवार को विशेष एनआईए कोर्ट में याचिका दायर कर जेल से अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात करने की अनुमति मांगी है। एनआईए की विशेष अदालत बुधवार को उसकी याचिका पर सुनवाई कर सकती है। अपनी याचिका में राणा ने दावा किया कि परिवार के सदस्यों से उसकी बातचीत जरूरी है, क्योंकि वे उसके बारे में चिंतित होंगे। पिछले महीने, राणा द्वारा दायर इसी तरह के अनुरोध को एनआईए कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 24 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने राणा की अपने परिवार से बात करने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। एनआईए द्वारा उसकी याचिका का विरोध करने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया था। सुनवाई के दौरान, एनआईए ने तर्क दिया कि अगर राणा को अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति दी जाती है, तो वह बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कर सकता है। पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी राणा को हाल ही में 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मुकदमा चलाने के लिए अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसमें 26 नवंबर, 2008 को 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। 9 मई को विशेष अदालत ने राणा को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिससे एनआईए द्वारा पूछताछ में एक अस्थायी विराम लग गया था। एक अधिकारी ने बताया कि 3 मई को एनआईए ने न्यायाधीश की मौजूदगी में राणा की आवाज़ और हस्तलिपि के नमूने एकत्र किए थे, ताकि 26/11 के सह-आरोपी डेविड कोलमेन हेडली के साथ उसकी टेलीफोन पर हुई चर्चाओं की रिकॉर्डिंग से उनका मिलान किया जा सके। संदेह है कि राणा ने हेडली को हाथ से लिखे नोट दिए थे, जिसमें निर्देश और नक्शे साझा किए गए थे, जिनका इस्तेमाल 26/11 के लक्ष्यों की टोह लेने के लिए किया गया था। एनआईए रिमांड के दौरान राणा से मुंबई पुलिस अधिकारियों ने भी पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान, राणा ने दावा किया कि हमले की योजना या निष्पादन से उसका "कोई संबंध नहीं" था। उसने यह भी दावा किया कि उसका बचपन का दोस्त और सह-आरोपी हेडली 26/11 की रेकी करने और योजना के पहलुओं के लिए पूरी तरह जिम्मेदार था। हेडली वर्तमान में अमेरिका की जेल में है। मामले में सरकारी गवाह बने हेडली ने पहले लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की ओर से मुंबई सहित पूरे भारत में टोही मिशन चलाने की बात स्वीकार की थी। पूछताछ के दौरान राणा ने बताया कि मुंबई और दिल्ली के अलावा वह केरल भी गया था। जब उससे केरल जाने का मकसद पूछा गया तो उसने दावा किया कि वह वहां अपने किसी परिचित से मिलने गया था और उसने एजेंसी को उस व्यक्ति का नाम और पता भी बताया था। recent visitors 95

सेटेलाइट से होगी खनिजों के अवैध उत्खनन की निगरानी : प्रमुख सचिव श्री उमराव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिये सेटेलाइट (उपग्रह) आधारित खनन निगरानी प्रणाली विकसित की गयी है। प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने सेटेलाइट (उपग्रह) आधारित खनन निगरानी प्रणाली को लागू किये जाने के संबंध में जिला कलेक्टर्स को आदेश जारी कर दिये हैं। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश की समस्त खदानों को जियो टैग किया गया है तथा इसे पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। विभाग द्वारा निर्मित पोर्टल URL – https://mines.mp.gov.in/Surveillance/ पर क्लिक कर एक्सेस किया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस पोर्टल से सेटेलाइट के माध्यम से अवैध उत्खनन की पहचान कर एलर्ट्स जारी किये जा रहे हैं, जिसे पोर्टल पर जिला कलेक्टर एवं जिला खनिज अधिकारी द्वारा लॉग इन कर देखा जा सकता है। लॉग इन की जानकारी पृथक से विभागीय ई-मेल आईडी में दी गयी है। जिला कलेक्टर एवं खनिज अधिकारी को एलर्ट की जानकारी एसएमएस द्वारा प्रत्येक माह पोर्टल के माध्यम से दी जायेगी। जिले के अंतर्गत जारी किये गये एलर्ट मैप पर चिन्हित रहेंगे, जिनका अन्य स्थापित खदानों, जियो लॉजिकल लेयर एवं खसरे की जानकारी के आधार पर परीक्षण किया जा सकता है। जारी किये गये एलर्ट को खनिज अधिकारी द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन कर मोबाइल ऐप के माध्यम से वेरीफाई किया जायेगा। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद अवैध उत्खनन पाये जाने पर मध्यप्रदेश अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण नियम-2022 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी। पोर्टल के संबंध में वीसी के माध्यम से समस्त जिला कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रमुख सचिव खनिज द्वारा जिला कलेक्टर्स को सेटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली का जिले में तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अवैध उत्खनन पाये जाने पर परिवहन एवं भण्डारण नियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।   recent visitors 67

तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने रोजगारोन्मुखी डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी प्रचार रथ को हरी दिखाई झंडी

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल स्थित सरदार वल्लभ भाई पॉलीटेक्निक महाविद्यालय से, रोजगारोन्‍मुखी डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रवेश के संबंध में प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार "प्रचार रथ" को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होंगे। यह प्रचार रथ, भोपाल शहर एवं आस-पास के गांवों में तकनीकी शिक्षा अंतर्गत संचालित विभिन्‍न पाठ्यक्रमों, प्रवेश की प्रक्रिया एवं अन्‍य जानकारियों से विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को अवगत कराएगा। ज्ञातव्य है कि संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा सत्र 2025-26 के लिए तकनीकी एवं व्‍यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। इस अवसर पर आयुक्‍त तकनीकी शिक्षा श्री अवधेश शर्मा सहित विभिन्न अधिकारीगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 76