Gautam Adani मिर्जापुर में 14000 करोड़ का प्‍लांट लगा रहे, आसमान पर प्रॉपर्टी के रेट

मिर्जापुर अडानी की कंपनी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बड़ा प्‍लांट बना रही है.  यह 1600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) का ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट है. कंपनी की रणनीति के तहत यह थर्मल पावर, उसकी क्षमता को 30 MW तक बढ़ा देगी. इस प्‍लांट के बन जाने के बाद बड़े स्‍तर पर पावर सप्‍लाई की संभावना होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस यूनिट का निर्माण Adani Power की सहायक कंपनी मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड (MTEUPL) द्वारा किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर ( Adani Power ) 2030 तक अपने थर्मल पोर्टफोलियो को 15.25 गीगावाट से बढ़ाकर 30.67 गीगावाट करने की योजना बना रही है. अडानी पावर प्‍लांंट के लिए इतने करोड़ होंगे खर्च   रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्‍ट पर लगभग 14,000 करोड़ रुपये खर्च किये जाने की उम्मीद है. इस बीच, अडानी पावर लिमिटेड के शेयर ( Adani Power Share ) आज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. आखिरी बार जांच करने पर पता चला कि शेयर 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 718.75 रुपये पर था. हालांकि, साल-दर-साल (YTD) आधार पर इसमें 36.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. प्‍लांट के लिए मिर्जापुर में पर्याप्‍त जमीन अडानी पावर (Adani Power) ने  एक बयान में कहा कि MTEUPL के पास उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बड़े पैमाने पर थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि है. कंपनी ने आगे कहा कि "सुपरक्रिटिकल, एनर्जी प्‍लांट की क्षमता बढ़ती रहेगी, संशोधित क्षमता बढ़ोतरी अनुमान 80 गीगावाट+ है. रायपुर में भी बन रहा 1600 मेगावाट का प्‍लांट अडानी पावर ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 1600 मेगावाट (2X800 मेगावाट) की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर विस्तार परियोजना का विकास भी शुरू किया है, जहां 1,370 मेगावाट का प्‍लांट पहले से ही मौजूद है.       recent visitors 139

UPSC को एक बड़ा आदेश- कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार, पूजा खेडकर अब होगी गिरफ्तार!

नई दिल्ली पूर्व प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर को दिल्ली की अदालत से एक और झटका लगा है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी कर यूपीएससी की परीक्षा पास करने का आरोप है। खेडकर को अग्रिम जमानत से इनकार के बाद कोर्ट ने यूपीएससी और दिल्ली पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है। पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगाला ने आदेश देते हुए कहा कि जांच की जाए कहीं अन्य लोगों ने भी बिना पात्र हुए ओबीसी और दिव्यांग कोटे का लाभ तो नहीं उठाया है। बता दें कि पूजा खेडकर पर यूपीएससी परीक्षा में फर्जी तरह से सर्टिफिकेट बनवाने और इस आधार पर परीक्षा में ज्यादा अवसर पाने का आरोप लगा है। इस मामले में पूजा खेडकर ने गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस को जांच का आदेश दिया है। कोर्ट को शक है कि कहीं यूपीएससी के अंदर से किसी ने पूजा की मदद तो नहीं की है। कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच करेगी। बीते बुधवार को पूजा खेडकर मामले पर यूपीएससी ने बड़ा ऐक्शन लिया था। आयोग ने पूजा की आईएएस उम्मीदवारी पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही आयोग ने पूजा को यूपीएससी द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए हुए यूपीएससी ने कि आयोग ने उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरी जांच की है। इस जांच में पूजा को आयोग के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है।   recent visitors 129

अधेड़ उम्र की महिला महानदी में गिर गई, 60 किलोमीटर दूर जिंदा मिली, मछुआरों ने बचाया

रायपुर छत्तीसगढ़ की एक महिला ने महानदी के तेज बहाव के साथ-साथ मौत को भी चकमा दे दिया है। यहां के एक गांव की एक अधेड़ उम्र की महिला महानदी में गिर गई। जहां से बचने की कोई उम्मीद नहीं थी वहां वह बहकर 60 किलोमीटर दूर पहुंच गई और स्थानीय मछुवारों को जिंदा मिली। गुरुवार को उसे झारसुगुड़ा जिले में मछुआरों ने बचाया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह नदी में कैसे गिरी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पोरथ की सरोजिनी रणबीर बुधवार शाम को तेज बहाव में बह गई। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी अपने पूरे उफान पर थी। गुरुवार की सुबह झारसुगुड़ा जिले में महानदी के किनारे पलसीडा गांव के कुछ मछुआरों ने उसे देखा और उसकी जान बचाई। उसके पैर में लोहे की जंजीरें बंधी हुई थी। रेंगाली पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु दुर्गा ने बताया कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त लग रही थी। हालांकि पूछताछ करने पर उसने अपने भाई और गांव का नाम बताया। उन्होंने कहा, "शुरुआती पूछताछ में पता चला कि मानसिक बीमारी के कारण उसके पति ने उसे छोड़ दिया था और वह अपने भाई के साथ रहती थी। ऐसा लगता है कि उसके परिवार ने उसके पैरों में बेड़ियां डाल दी थी। लेकिन यह अविश्वसनीय है कि 60 किलोमीटर तक नदी में बहने के बाद भी महिला कैसे बच गई।" बाद में महिला की मेडिकल कराई गई और उसके पैरों की बेड़ियां खोली गई। पुलिस ने कहा है कि महिला के भाई को झारसुगुड़ा बुलाया गया है।   recent visitors 129

मॉल से कमाए पैसों से 50 मस्जिदें बनवाएगा ये इस्लामिक देश, होश उड़ा देंगी सुविधाएं, सुर्खियों में दुबई की नई पहल

दुबई दुनिया भर में अपनी भव्यता और शानदार प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाने वाला शहर दुबई एक नई और अनोखी पहल के साथ फिर से सुर्खियों में है। यहां एक ऐसे मॉल का निर्माण हो रहा है, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल होगा बल्कि इससे होने वाली आय का उपयोग अमीरात में मस्जिदों के निर्माण के लिए किया जाएगा। यह कोई साधारण शॉपिंग सेंटर नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा स्थल होगा जो सामुदायिक और धार्मिक समर्थन में अहम भूमिका निभाएगा। इस मॉल में सुविधाएं किसी स्वर्ग से कम नहीं होंगी। दुबई स्थित एंडोमेंट्स एंड माइनर्स अफेयर्स ट्रस्ट फाउंडेशन (अवकाफ) की इस परियोजना के अंतर्गत अल खवानीज में 1,65,000 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में फैले मॉल में 29 दुकानें, एक बड़ा शॉपिंग सेंटर, मेडिकल सेंटर, रेस्तरां, और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा यहां की अन्य सेवा सुविधाओं में सड़कें, पार्क, पार्किंग लॉट, और पुरुषों और महिलाओं के लिए दो प्रार्थना कक्ष भी शामिल होंगे। इस मॉल का निर्माण अंतरराष्ट्रीय हरित भवन मानकों के अनुसार किया जा रहा है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों और निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सौर और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके ऊर्जा का उत्पादन, प्रबंधन और पुनर्चक्रण भी इस मॉल की विशेषता होगी। रिपोर्ट के अनुसार, मॉल के निर्माण की अनुमानित लागत 40 मिलियन दिरहम है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 91 करोड़ 19 लाख रुपये के बराबर है। इस मॉल के पूरा होने के बाद, इसकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उन 50 मस्जिदों के निर्माण में लगेगा, जिन्हें पर्याप्त दान प्राप्त नहीं होता। मॉल से हर साल लगभग 8 मिलियन दिरहम, यानी लगभग 18 करोड़ रुपये इन मस्जिदों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत मॉल का निर्माण दुबई के 'मस्जिद बंदोबस्ती' अभियान का हिस्सा है, जो दुबई मस्जिद बंदोबस्ती कोष को सहायता प्रदान करता है। अवकाफ दुबई के महासचिव अली मोहम्मद अल मुतावा और उनकी टीम ने हाल ही में मॉल के निर्माण स्थल का दौरा किया और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने इस अभियान में योगदान देने के लिए सरकारी और निजी संस्थाओं, संगठनों और व्यक्तियों से अपील की है।   recent visitors 132

शिव के रुद्राभिषेक में क्या करें और क्या न करे

भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बहुत ही लाभकारी होता है। रुद्राभिषेक से साधक में शिवत्व का उदय होता है। साथ ही व्यक्ति को रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता और सभी मनोरथपूर्ण होती हैं। लेकिन, रुद्राभिषेक कुछ खास तिथियों पर नहीं करनी चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो व्यक्ति को मृत्युतुल्य कष्ट मिलता है। दरअसल, विभिन्न तिथियों पर शिवजी का निवास अलग-अलग जगह होता है। इसलिए रुद्राभिषेक तभी करें, जब शिवजी का निवास करना मंगलकारी होता है। कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी अमावस्या और शुक्लपक्ष की द्वितीया पर भगवान शिव का निवास अलग-अलग जगह होता है। रुद्राभिषेक तभी करें, जब शिवजी का निवास मंगलकारी हो। आइए जानते हैं किस दिन भगवान शिव का तिथि अनुसार रुद्राभिषेक करने से क्या लाभ मिलता है। इन तिथियों पर अभिषेक करने से आती है सुथ समृद्धि कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या व शुक्लपक्ष की द्वितीया और नवमी पर भगवान शिव माता गौरी के साथ रहते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। जबकि कृष्णपक्ष की चतुर्थी, एकादशी और शुक्लपक्ष की पंचमी और द्वादशी तिथि को भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर होता है। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से सुख और परिवार में आनंद और मंगल की प्राप्ति होती है। प्रतिपदा सहित इन तिथियों पर भगवान शिव का अभिषेक करना लाभकारी कृष्णपक्ष की पंचमी एवं द्वादशा तिथि और शुक्लपक्ष की षष्ठी एवं त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव नंदी पर सवार होकर माता पार्वती के साथ पृथ्वी का भ्रमण करते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से अभीष्ट सिद्धि और विशेष मनोकामना की प्राप्ति होती है। कृष्णपक्ष की सप्तमी व चतुर्दशी और शुक्लपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी और पूर्णिमा को शिवजी श्मशान में समाधिस्थ होते हैं। इस समय शिवजी का यदि कोई आवाहन करता है तो उस व्यक्ति को पर मृत्युतुल्य कष्ट दूर होते हैं। इन तिथियों पर भगवान शिव का अभिषेक करने से मिलता है दुख कृष्णपक्ष की द्वितीया व नवमी और शुक्लपक्ष की तृतीया और दशमी को शिवजी देवताओं की समस्या सुनते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक से दुःख मिलता है। कृष्णपक्ष की तृतीया और दशमी और शुक्लपक्ष की चतुर्थी और एकादशी को शिवजी क्रीड़ारत रहते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से संतान को कष्ट होता है। इसलिए इस दिन भगवान शिव का अभिषेक आदि करने से बचना चाहिए। षष्ठी तिथि पर भी न करें भगवान शिव का अभिषेक मिलती है पीड़ा कृष्णपक्ष की षष्ठी व त्रयोदशी और शुक्लपक्ष की सप्तमी व चतुर्दशी को महादेवजी भोजन करते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से पीड़ा मिलती है। इसके अलावा महाशिवरात्रि, प्रदोष और श्रावण सोमवार को रुद्राभिषेक किया जा सकता है। श्रावण मास रुद्राक्ष धारण करने के लिए सर्वोत्तम होता है। recent visitors 410

हेल्थ सही नहीं तो नाखूनों में लक्षण नजर आने लगते है, तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत

वाशिंगटन नाखून से इंसान की सेहत का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टर के अलावा आप भी अपने नाखून देखकर अपनी सेहत के बारे में जान सकते हैं। दरअसल, नाखून शरीर का अहम हिस्सा होते हैं जो सेहत का राज बताते हैं। जिसकी हेल्थ सही नहीं रहती, उसके नाखूनों में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। इसका मतलब है कि नाखून आपको संकेत दे रहे हैं कि आपके शरीर में कुछ तो गड़बढ़ है और तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। नाखून विटामिन की कमी से लेकर कैंसर तक की जानकारी दे सकते हैं। अगर आपके नाखून में भी नीचे बताए हुए संकेत नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। नाखूनों का पीलापन बहुत लंबे समय तक नेल पॉलिश लगाने के कारण भी हो सकते हैं लेकिन नाखून के आसपास के अन्य बदलावों पर भी ध्यान देना काफी जरूरी है। यदि नाखूनों के आसपास की त्वचा पीली होती है तो वह थायरॉयड की निशानी भी हो सकते हैं। थायरॉइड के कारण नाखून मोटे, सूखे, टूटने वाले हो सकते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एसोसिएशन के मुताबिक, सूजी हुई उंगलियां, घुमावदार नाखून, नाखून के ऊपर की त्वचा का मोटा होना थायरॉयड की निशानी हो सकता है। नाखूनों पर लकीर : नाखूनों पर लकीर दिखना सबसे गंभीर लक्षणों में से एक है। नाखूनों पर दिखने वाली लकीर मेलेनोमा का संकेत हो सकता है जो कि नाखूनों के नीचे होने वाला एक प्रकार का स्किन कैंसर है। यह पैर और हाथों की उंगलियों में भी हो सकता है। लोग अक्सर नाखून पर दिखनी वाली लकीर को अनदेखा कर देते हैं लेकिन इसे अनदेखा करना गलत हो सकता है। नाखून में काले या भूरे रंग की लकीर दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। लकीरों के साथ नाखून से खून आ सकता है, नाखून में दरार आ सकती है और आसपास की त्वचा भी काली हो सकती है। मेलेनोमा, स्किन कैंसर का सबसे खतरनाक रूप है जो आमतौर पर यूवी किरणों के संपर्क में आने से होता है। इसे मेलानोनीचिया भी कहा जाता है जो अफ्रीकी, अमेरिकी, हिस्पैनिक, भारतीय, जापानी और अन्य गहरे रंग की स्किन वाले लोगों में हो सकता है।  कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, कोई भी जानलेवा बीमारी वाले लगभग 35 प्रतिशत लोगों के नाखून नरम हो जाते हैं और नाखून के बगल की त्वाचा सामान्य से अधिक घुमावदार हो जाती है। साथ ही साथ उंगलियों के सिरे सामान्य से बड़े हो जाते हैं। इस स्थिति को नाखून या फिंगर क्लबिंग कहते हैं। फिंगर क्लबिंग कई गंभीर स्थितियों जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस, हार्ट डिसीज, कैंसर या अन्य आनुवांशिक बीमारियों के कारण हो सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि फेफड़े के कैंसर में लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में फिंगर क्लबिंग जिम्मेदार होता है। गुर्दे या थायरॉयड की समस्या होने पर होरिजोंटल लकीरें रेखाएं नाखून पर बन जाती हैं। साथ ही साथ यह तेज बुखार, कोविड, मम्बल, खसरा या निमोनिया के कारण भी हो सकती हैं। जो लोग डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और जिंक का सेवन नहीं करते उनके नाखूनों में भी होरिजोंटल लकीरें दिखाई देती हैं। यह स्थिति एक्जिमा या सोरायसिस का साइड इफेक्ट भी हो सकता है। पीले और मोटे नाखून डायबिटीज का संकेत हैं। डायबिटीज वाले लोगों के नाखून पीले और मोटे हो जाते हैं। डायबिटीज वाले लोगों में काफी पहले से ये लक्षण नाखूनों पर नजर आने लगते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर किसी को सोरायसिस (त्वचा की स्थिति) की शिकायत होती है तो नाखून टूट सकते हैं। इस स्थिति के अन्य लक्षण कोहनी, घुटनों और खोपड़ी पर भी नजर आने लगते हैं। सोरायसिस वाले आधे से अधिक लोगों की हाथ और पैरों की उंगुलियों के नाखूनों में इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। पिटिंग की स्थिति में आपके नाखूनों में गहरे छेद हो सकते हैं या वे अधिक नुकीले हो सकते हैं।     recent visitors 119

ईरानी नेताओं को सिर्फ औरतों पर सारे कानून बनाना और जुल्म ढहाना आता है- पूर्व मंत्री चौधरी

इस्लामाबाद  हमास नेता इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी में हत्या पर पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चौधरी ने इजरायल को तुरंत जवाब ना देने के लिए ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पूछा है कि ईरानी नेताओं को सिर्फ औरतों के लिए ही सारे कानून बनाना आता है। हानिया की बुधवार तड़के तेहरान में उनके ठिकाने पर हमला कर हत्या कर दी गई थी। वह ईरान के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के लिए तेहरान में थे। हमास और ईरान का मानना है कि हमले के पीछे इजरायल है। दूसरी ओर इजरायल ने इस पर चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में ईरान में महिलाओं के लिए अनिवार्य हिजाब और दूसरे कानूनों की ओर इशारा करते हुए लिखा, 'ईरान के मुल्ला मोरल पुलिसिंग के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को तो मार सकते हैं और उन पर अत्याचार कर सकते हैं लेकिन जब बात इजरायल की बात आती है तो वे किसी बूचड़खाने के मेमना बनकर दुबक जाते हैं।' ईरान ने कही है बदला लेने की बात ईरान की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन काफी सख्त संदेश इजरायल को दिया गया है। ईरान ने जामकरण मस्जिद में लाल रंग का झंडा लगा लिया है। इस मस्जिद पर लाल झंडे का मतलब जंग के ऐलान से है। मस्जिद के ऊपर लाल रंग का ये झंडा उस वक्त फहराया जाता है, जब ईरान किसी हमले का बदला लेने का ऐलान करता है। इस लाल झंडे के फहरने को युद्ध के ऐलान की तरह माना जाता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमैनी ने तेहरान में इस्माइल हानिया की हत्या के बदले के तौर पर इजरायल पर हमले का आदेश दिया है। खुमैनी ने बुधवार सुबह ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में यह आदेश दिया। ईरान ने हनिया की हत्या बाद इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त ना करने की बात कहते हुए बदला लेने का ऐलान किया है। recent visitors 128