अगर आप भी यूएस से लेना चाहते है डिग्री, तो जाने की कितने तरह की मिलती है डिग्री

वॉशिंगटन विदेश में कॉलेज जाकर डिग्री हासिल करना आपके लिए अवसरों से नए दरवाजे खोल सकता है। डिग्री होने पर ना सिर्फ नौकरी के ऑप्शन बढ़ जाते हैं, बल्कि सैलरी में भी इजाफा होता है। अगर आपके पास अमेरिका से मिली डिग्री है, तो फिर जॉब मार्केट में आपकी वैल्यू और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। अमेरिका का एजुकेशन सिस्टम भारत से बिल्कुल अलग है, जिस वजह से यहां पढ़ने जाने वाले छात्र यूएस की डिग्रियों को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। आइए जानते हैं कि अमेरिका में कितने तरह की डिग्रियां दी जाती हैं। एसोसिएट डिग्री: अगर आप हायर एजुकेशन की शुरुआत कर रहे हैं या फिर कुछ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करना चाहते हैं, तो एसोसिएट डिग्री आपके लिए सही हो सकती है। एसोसिएट डिग्री को 2 साल की डिग्री के रूप में जाना जाता है और ये हाई स्कूल डिप्लोमा या उसके बराबर की एजुकेशन हासिल करने के बाद प्राप्त की जा सकने वाली पहली डिग्री है। इसका मतलब है कि ये डिग्री आपको बेसिक जानकारी देती है और आगे की पढ़ाई के लिए तैयार करती है। बैचलर्स डिग्री: बैचलर डिग्री प्रोग्राम आपको कई तरह के करियर के लिए जरूरी नॉलेज और स्किल सिखाते हैं। बैचलर डिग्री 4 साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री है। ये डिग्री आपको किसी खास विषय में गहराई से जानकारी देती है। बैचलर डिग्री शुरू करने के लिए आपको एसोसिएट डिग्री की जरूरत नहीं है। आप सीधे 12वीं के बाद ये डिग्री कर सकते हैं। बैचलर ऑफ साइंस (BS) और बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) जैसी डिग्रियां आपको किसी खास विषय पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती हैं। मास्टर्स डिग्री: मास्टर डिग्री हासिल करना आपके करियर में आगे बढ़ने का एक शानदार तरीका हो सकता है। मास्टर डिग्री बैचलर डिग्री के बाद ली जाती है। यह आपको किसी खास सब्जेक्ट में विशेष नॉलेज और स्किल प्रदान करती है। इसे पूरा करने में आमतौर पर 12 से 18 महीने लगते हैं। मास्टर डिग्री रिसर्च-आधारित, सिखाए गए कोर्स या दोनों का मिक्स हो सकती है। मास्टर ऑफ साइंस (MS) या मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) जैसी मास्टर डिग्री कई सब्जेक्ट में उपलब्ध हैं। डॉक्टोरल डिग्री: अगर आप कॉलेज में सबसे ऊंची डिग्री हासिल करना चाहते हैं, तो डॉक्टरेट डिग्री आपके लिए सही हो सकती है। इंडस्ट्री और करियर के लक्ष्यों के आधार पर कई प्रकार की डॉक्टरेट डिग्रियां हैं। डॉक्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (DBA), डॉक्टर ऑफ एजुकेशन (EdD) और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) इनमें से ही कुछ एक हैं। डॉक्टरेट की डिग्री पूरी करने में 7 साल तक लग सकते हैं। recent visitors 72

2030 तक अमर हो सकते हैं इंसान, मशहूर भविष्यवक्ता रे कुर्जवील का दावा

वॉशिंगटन अमरता यानी कभी न मरने का सपना इंसानों की सोच में कई हजार सालों से बसा हुआ है। कभी इसे कहानियों में अमृत के रूप में देखा गया, तो कभी साइंस फिक्शन फिल्मों में दिखाया गया कि इंसान टेक्नोलॉजी मदद से मौत को मात दे सकता है। अब तक सिर्फ कल्पना में ही सच लगने वाला यह सिद्धांत जल्द हकीकत बन सकता है। दरअसल तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनेटिक इंजीनियरिंग और नैनोटेक्नोलॉजी इंसान को बहुत ही जल्द अमर बना देंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट् के मुताबिक यह कहना है मशहूर भविष्यवक्ता या भविष्य वैज्ञानिक और गूगल के पूर्व इंजीनियर रे कुर्जवील का। कुर्जवील ने हाल ही में दावा किया है कि इंसान 2030 तक अमर हो सकते हैं। उनके इस बयान ने दुनिया भर में एक बार फिर अमरता को लेकर चर्चा छेड़ दी है। इसके पीछे उन्होंने किसी चमत्कार नहीं बल्कि टेकनोलॉजी को ही आधार बताया है। चलिए जानते हैं कुर्जवील के दावों के पीछे कितना दम है? कौन हैं रे कुर्जवील रे कुर्जवील के दावों के बारे में जानने से पहले जान लेते हैं कि रे कुर्जवील हैं कौन। दरअसल कुर्जवील टेक्नोलॉजी से जुड़े बड़े-बड़े दावों के लिए जाने जाते हैं, और हैरानी की बात यह है कि उनके ज्यादातर दावे सच भी साबित हुए हैं। यही वजह है कि उन्हे भविष्यवक्ता या भविष्य वैज्ञानिक कहा जाता है। उन्होंने कई साल पहले इंटरनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोलॉजी व कंप्यूटर के मेल जैसी चीजों की भविष्यवाणी की थी। समय के साथ यह सब सच साबित हुआ है। बता दें कि उनकी 147 में से करीब 86% भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं। इसी के चलते उन्हें 1999 में अमेरिका का सबसे बड़ा तकनीकी सम्मान 'नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी' भी मिला। उनकी खुद की नई-नई तकनीकों पर रिसर्च और काम की वजह से ही उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाता है। नैनोबॉट्स का कमाल प्रसिद्ध भविष्य वैज्ञानिक रे कुर्जवील का कहना है कि 2030 तक इंसान जैविक रूप से अमर हो सकते हैं। यह बात सुनने में भले विश्वास के लायक न लगे, लेकिन इसके पीछे मजबूत वैज्ञानिक आधार हैं। कुर्जवील के मुताबिक, भविष्य की चिकित्सा प्रणाली में नन्हें रोबोट्स यानी नैनोबॉट्स का अहम रोल होगा। ये नन्हें-नन्हें रोबोट हमारे शरीर की नसों में घूमते रहेंगे और शरीर के अंदर से हेल्थ की निगरानी करेंगे। इनका काम टूटी हुई कोशिकाओं की मरम्मत करना और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उल्टा करना होगा। अगर यह तकनीक सच साबित होती है, तो न सिर्फ बीमारियों को पहले ही ठीक किया जा सकेगा, बल्कि बुढ़ापे को भी रोक दिया जाएगा। एक हो जाएगा इंसानी और मशीनी दिमाग रे कुर्जवील का कहना है कि आने वाले सालों में न सिर्फ इंसानों का शरीर बदलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि AI भी एक नए दौर में पहुंच जाएगा। उनके अनुसार, साल 2029 तक मशीनें इंसानों जैसी बुद्धि हासिल कर लेंगी और ट्यूरिंग टेस्ट पास कर सकेंगी। ट्यूरिंग टेस्ट का मतलब है कि मशीनें इंसानों जैसा व्यवहार करने लगेंगी जिसमें फर्क करना मुश्किल हो जाएगा। उनका दावा है कि भविष्य में इंसान और AI सिर्फ साथ-साथ काम नहीं करेंगे बल्कि वह एक ही हो जाएंगे। जब इंसानी दिमाग और AI का मेल होगा, तब हमारी याददाश्त, सोचने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति हमारी सोच से भी कहीं आगे बढ़ जाएगी। 2045 तक बदल जाएगी मानव सभ्यता रे कुर्जवील की भविष्यवाणी "सिंग्युलैरिटी" के सिद्धांत से जुड़ी है। दरअसल सिंग्युलैरिटी का मतलब उस समय से है जब तकनीकी विकास इतनी तेजी से होगा कि वह पूरी मानव सभ्यता को बदल देगा। कुर्जवील का मानना है कि यह बदलाव साल 2045 तक आएगा। उस समय इंसानी बुद्धि अरबों गुना बढ़ जाएगी, क्योंकि हम अपनी बनाई तकनीकों से पूरी तरह जुड़ जाएंगे। तब चेतना सिर्फ आपके शरीर तक सीमित नहीं रहेगी। इसे डिजिटल रूप में अपलोड किया जा सकेगा और अमर बनाया जा सकेगा। क्या है वर्तमान स्थिति दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। 2023 में Google और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने एडवांस AI चैटबॉट लॉन्च किए, जिन्होंने लोगों को हैरान भी किया और डराया भी। आज जो AI हमारे बीच मौजूद है वह खुद सीखता है, सुधार करता है और इंसानों के नियंत्रण से बाहर भी जा सकता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह आधुनिकता भविष्य में कौन सा रास्ता लेती है। recent visitors 74

राज्य के 3 लाख 60 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को मिला पीएम आयुष्मान वय-वंदना कार्ड

रायपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की  गई  पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना से 70 वर्ष व अधिक आयु के नागरिकों को निः शुल्क इलाज मिल रहा है। छत्तीसगढ मे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राज्य के 3 लाख 60 हजार  से अधिक 70 वर्ष व अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बन चुके हैं। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ पूरे देश में वय वंदना कार्ड बनाने के मामले में  पांचवें स्थान पर पहुँच गया है। इस मामले में राज्य ने राजस्थान, महाराष्ट्र , ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों से आगे निकलकर कीर्तिमान रच दिया है । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर लगातार आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिससे कि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजनांतर्गत् निःशुल्क इलाज लाभ पाने से वंचित ना रह जाए।  जिलों में आयुष्मान वय-वंदना पंजीयन हेतु विभिन्न शासकीय विभागों के अतिरिक्त, सामाजिक संस्थाओं, पेंशनर संथाओं, शियान-सदन, वरिष्ठ-जन कल्याण संघों, वृद्धाश्रमों, निजी आवासीय सोसायटियों, इत्यादि से लगातार संपर्क कर शिविर लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि, कोई भी व्यक्ति जिसके माता-पिता या अन्य सदस्य यदि 70 वर्ष व अधिक आयु के हैं एवं उनके पास आधार कार्ड उपलब्ध है तो वे नजदीकी शासकीय चिकित्सालय, सी.एम.एच.ओ./ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय या शासकीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं या टोल फ्री टेलीफोन नंबर 104 पर बात कर अधिक जानकारी ले सकते हैं। व्यक्ति चाहे तो गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान भारत एप व आधार फेस आई.डी. एप डाउनलोड कर आधार वेरीफिकेशन से अपना सामान्य आयुष्मान कार्ड या घर के वरिष्ठ सदस्य का आयुष्मान वय-वंदना कार्ड दोनों पंजीयन स्वयं भी कर सकता है। उल्लेखनीय है कि माह अक्टूबर 2024 से देश में प्रारंभ वय-वंदना कार्ड पंजीयन में राज्य में नवंबर के बाद तेजी से कार्य किया जा सका है। राज्य शासन द्वारा 6 जिलों जहां 60 प्रतिशत से अधिक आयुष्मान वय-वंदना कार्ड पंजीयन कवरेज कर लिया गया है, को “वय-मित्र” जिलों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत् इन जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर’ का आयोजन, ‘मोबाइल मेडिकल यूनिट’ के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, आयुष्मान-आरोग्य मंदिर में टेली-मेडिसीन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग व प्रत्येक बृहस्पतिवार ‘शियान-जतन शिविर’ का आयोजन, आयुष पद्धति से इलाज की सुविधा, मोतियाबिंद जांच, इत्यादि विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। recent visitors 64

आज से प्रदेश के पूर्वी, तराई और वाराणसी मंडल में तेज हवाएं और वज्रपात के आसार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और बूंदाबांदी के असर से तपिश भरी गर्मी से राहत मिली है।  इस बार 25 मई से दो जून के बीच नौतपा के दौरान तपिश और गर्मी मध्यम दर्जे वाली रहने के संकेत हैं। आज से प्रदेश के पूर्वी, तराई और वाराणसी मंडल में  तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है।  प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में कहीं भी लू की परिस्थितियां नहीं रहीं। हालांकि पूर्वा हवाओं में पर्याप्त मात्रा में नमी की वजह से उमस भरी चिपचिपी गर्मी बरकरार है। रविवार को पश्चिमी यूपी के ज्यादातर इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ दिल्ली एनसीआर से सटे जिलों नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ समेत अगरा, अलीगढ़, बरेली,  सहारनपुर परिक्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से अगले तीन दिन तराई और पूर्वी इलाकों में नमी युक्त पूर्वा हवाओं के साथ बादलों का आना-जाना बना रहेगा। वहीं तराई और दक्षिणी यूपी के इलाकों व वाराणसी परिक्षेत्र में कहीं कहीं बूंदाबादी की परिस्थितियां बन सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि  प्रदेश में बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाला मानसून अपनी सामान्य तिथि 18 जून से करीब चार दिन पहले दस्तक दे सकता है। हालांकि, इसका सही आकलन मानसून के पूर्वोत्तर भारत पहुंचने के बाद ही किया जा सकता है। इन जिलों मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ में मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना है। recent visitors 82

गुजरात में आज PM मोदी का मेगा रोड शो, तीन जनसभा भी संबोधित करेंगे, विकासकार्यों का लोकार्पण भी करेंगे

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात दौरे पर आ रहे हैं. आज और कल मई को पीएम मोदी गुजरात में रहेंगे. दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और गांधीनगर में मौजूद रहेंगे. इन सभी जगहों पर पीएम के स्वागत की विशेष तैयारी की जा रही है. साथ ही पीएम तीन जनसभा भी संबोधित करेंगे. इसी के साथ पीएम कई विकासकार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे. 26 मई के दिन पीएम मोदी का सुबह 10 बजे वडोदरा में आगमन होगा. वडोदरा में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद पीएम मोदी 11 बजे दाहोद पहुंचेंगे. दोपहर बाद भुज के लिए पीएम मोदी रवाना होंगे. दाहोद और भुज में पीएम मोदी का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया है, दोनों ही जगह पीएम जनसभा को संबोधित करके कई विकासकार्यों का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे. अहमदाबाद में पीएम का रोड शो 26 मई की शाम पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचेंगे. अहमदाबाद में पीएम मोदी के स्वागत के लिए भव्य रोड शो का आयोजन किया गया है, जिसके बाद पीएम गांधीनगर स्थित राजभवन पहुंचेंगे और 27 मई के दिन पीएम मोदी गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम के मौजूद रहकर विविध विकासकार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. वडोदरा में पीएम का रोड शो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम पहलीबार गुजरात में और वडोदरा पहुंच रहे है. जिसके मद्देनजर सुबह 10 बजे पीएम के रोड शो का आयोजन किया जा रहा है. पीएम के स्वागत में महिला कार्यकर, पदाधिकारियों की मौजूदगी रहेगी. महिलाओं को पीएम के स्वागत के लिए लाल साड़ी और विवाहित महिलाओं को मांग में सिंदूर के साथ उपस्थित रहने के लिए अनुरोध किया गया है. वडोदरा में स्वागत कार्यक्रम बाद पीएम दाहोद रवाना होंगे. 11 बजे दाहोद पहुंचकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत जनसभा स्थल तक किया जाएगा. पीएम दाहोद में जनसभा संबोधित करेंगे. 24,000 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास दाहोद से पीएम मोदी राज्य सरकार के विविध विभागों के 24,000 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगें, जिसमें 21,405 करोड़ के खर्च से बने लोको मैनुफैक्चरिंग शॉप – रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का लोकार्पण समेत रेलवे से जुड़े विकासकार्यों का लोकार्पण शामिल है. दाहोद में पीएम मोदी 9000 HP के पहले लोकोमोटिव इंजन देश को समर्पित करेंगे. दाहोद में निर्मित रेलवे प्रोडक्शन यूनिट से दस हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. दाहोद में निर्मित लोकोमोटिव इंजन 4600 टन माल ले जाने में सक्षम होगा. अगले 10 वर्षों में लगभग 1200 इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा पीएम 181 करोड़ की जल विभाग की चार योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे 193 गांवो में फ़ायदा मिलेगा. इसके साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी दाहोद स्मार्ट सिटी के तहत दाहोद में नगरपालिका भवन, आदिवासी म्यूजियम सहित सार्वजनिक सुविधाओं और जन कल्याण के लिए 233 करोड़ रुपये के विकासकार्यों को जनता को समर्पित करेंगे. 53 करोड़ रुपये की लागत वाले पुलिस आवास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. भुज में पीएम का रोड शो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई को दोपहर दो बजे गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भुज में पहुंचेंगे. भुज में भी पीएम के रोड शो की तैयारी की जा रही है. रॉड शो के बाद पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे. इस दौरान पीएम ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, मार्ग और मकान विभाग, जल विभाग, पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड, पावर ग्रिड और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी समेत 53,414 करोड़ के कुल 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और शीलान्यास करेंगे. भुज में रॉड शो और जनसभा के बाद पीएम मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे. अहमदाबाद एयरपोर्ट से इंदिरा ब्रिज सर्किल तक पीएम के स्वागत के लिए भव्य तैयारी की जा रही है. इस दो किलोमीटर के दरमियान पीएम मोदी रॉड शो करेंगे. पीएम के स्वागत में अलग अलग कटआउट्स और 15 से अधिक स्टेज बनाये गए हैं. पीएम के कटआउट्स के साथ सेना के जवानों की भी तस्वीरें है. रोड शो के रूट पर एलईडी, ब्रह्मोस मिसाइल, S400 डिफेंस सिस्टम, फाइटर प्लेन के कटआउट्स लगाये गए है. ऑपरेशन सिंदूर के कटआउट्स के साथ बाउल जिसमें सिंदूर रखा गया है. पूरे रोड पर तिरंगे लगाए गए है साथ ही में रोड के दोनों तरफ ट्राई कलर के पट्टे लगाए गए हैं. अहमदाबाद के रोड शो के बाद पीएम गांधीनगर स्थित राजभवन पहुंचेंगे और दिन के सभी आधिकारिक कार्यक्रम समाप्त होंगे. पीएम मोदी 27 मई के दिन गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर से 5,536 करोड़ के विकासकार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. जिनमें 1,006 करोड़ की लागत से PMAY के तहत निर्मित 22,055 घरों का उद्घाटन करेंगे और 1,000 करोड़ की लागत से निर्मित साबरमती रिवरफ्रंट चरण-3 की आधारशिला रखेंगे. पीएम स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत नगर निकायों को 3,300 करोड़ के चेक वितरित करेंगे. पीएम जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 888 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली थराद धनेरा पाइपलाइन और 678 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली दियोदर लाखणी पाइपलाइन का शिलान्यास भी करेंगे.   recent visitors 77

यूपी में पंचायत चुनाव अगले साल, जून में शुरू होगा मतदाता सूचियों में संशोधन का काम

लखनऊ त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए तैयारियों का आगाज हो चुका है। जून में मतदाता सूचियों को संशोधित करने का अभियान शुरू होगा। अगले साल मई में ग्राम पंचायतों और जुलाई में क्षेत्र व जिला पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होगा। प्रदेश में 57691 ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायत क्षेत्र हैं। पिछला चुनाव वर्ष 2021 में हुआ था। अगले चुनाव अप्रैल-मई 2026 में संभावित हैं। इन चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की मतदाता सूचियों का बड़े पैमाने पर पुनरीक्षण कराने का फैसला किया है। इसके तहत नाम जोड़ने और हटाने का काम होगा। ऐसा अंतिम रूप से करने से पहले आम लोगों से आपत्तियां भी मांगी जाएंगी। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को अंतिम रूप दे रहा है। जल्द ही इसे जारी किया जाएगा। मतदाता सूचियों को संशोधित करने में न्यूनतम छह माह लगेंगे। यानी, जून से दिसंबर के बीच इस काम को पूरा किया जाएगा। इसके बाद पंचायतों में पदों को आरक्षित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर पालिकाओं का अगला चुनाव ईवीएम से कराने की तैयारी प्रदेश में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों का अगला चुनाव ईवीएम से कराने की तैयारी है। इसके लिए शासन ने प्रस्ताव तैयार करा लिया है। वर्ष 2023 में नगर निगम चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल किया गया था। नगर निकायों के चुनाव वर्ष 2028 में होने हैं, लेकिन प्रदेश में इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाने की कवायद अभी से प्रारंभ हो गई है। प्रदेश में नगर निकायों की कुल संख्या 762 है। इनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत क्षेत्र हैं। सभी 745 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अगला चुनाव ईवीएम से कराने का निर्णय लिया गया है। इससे अपेक्षाकृत कम समय में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नगर निकायों का अगला चुनाव वर्ष 2028 में होगा। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी इन चुनावों में काफी समय है। तब तक ईवीएम और जरूरी इन्फास्ट्रक्चर जुटा लिया जाएगा।   recent visitors 81

कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल

भोपाल साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का जबलपुर में स्थापित विराट हॉस्पिटल ‘स्वालम्बी नारी, सशक्त राष्ट्र’ की अवधारणा को साकार कर रहा है। कैंसर की जंग हार चुके रोगियों के उपचार और उनकी सेवा के लिए इस हॉस्पिटल का समर्पण सराहनीय है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ से ही कैंसर रोगियों के लिये सेवा और उपचार के आदर्श केन्द्र की स्थापना के संकल्प की सिद्धि की साधना स्थली बनाया। इस समर्पण भाव के कारण विराट हॉस्पिटल कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान औऱ सम्मान अर्जित कर सका है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का यह प्रकल्प असाध्य रोगों के उपचार और सेवा सुश्रूषा की प्रेरणा स्थली बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को जबलपुर प्रवास के दौरान इस अस्पताल का अवलोकन करेंगे। कैंसर रोगियों के जीवन में प्रसन्नता का संचार करता बिराट हॉस्पिटल कैंसर मरीजों की जीवन के अंतिम समय में विराट हॉस्पिटल में की जा रही देखभाल की ऐसे ही तारीफ नहीं की जाती, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान यहां भेजा जाना इसका प्रमाण है। कैंसर रोगियों के चेहरे पर यहां सेवाभाव से की जा रही देखभाल को लेकर संतोष देखा जा सकता है। ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि शुरूआत में लगता था कि ऐसे कैंसर मरीजों की देखभाल कैसे की जा सकेगी, जिनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है, डॉक्टर भी जबाब दे चुके हैं और परिवार भी उनका साथ छोड़ चुका है, लेकिन लोगों, दानदाताओं और कॉरपोरेट कंपनियों के सहयोग से धीरे-धीरे सारी व्यवस्थाएं होती गई और पिछले करीब बारह वर्षों में ढाई हजार से अधिक कैंसर मरीजों की सेवा की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि विराट हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों को चाय, दूध, नास्ता और दोनों समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मरीज के परिवार के एक सदस्य को भी यहॉं रहने की अनुमति है उनके भोजन आदि की व्यवस्था भी हॉस्पिटल की ओर से की जाती है। भोजन पौष्टिक हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन पकाने में बायो गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिसर में उगाई गई आर्गेनिक सब्जियां ही भोजन में परोसी जाती हैं। परिसर स्थित गौशाला की गायों का दूध मरीजों को दिया जाता है। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि करीब सवा तीन एकड़ में फैले विराट हॉस्पिटल का पूरा परिसर इको फ्रेंडली है। यहाँ सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। हॉस्पिटल परिसर से निकला प्रदूषित पानी माँ नर्मदा में न मिले इसके लिये यहाँ दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाये गये हैं। इनसे साफ किया गया पानी परिसर में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई और निस्तार में इस्तेमाल किया जाता है। अब उपचारात्मक सुविधाएं देने की तैयारी, बनेगा कैंसर अस्पताल कैंसर से जंग हार चुके मरीजों की जीवन के अंतिम समय में देखभाल करने वाले विराट हॉस्पिटल परिसर में अब कैंसर के नये मरीजों को उपचारात्मक सेवाएं देने 75 बिस्तरों का तीन मंजिला अस्पताल भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ अखिलेश गुमास्ता ने बताया कि अस्पताल का भूतल बनकर तैयार हो चुका है। दान दाताओं और कार्पोरेट्स के सहयोग से यहाँ ब्रेकी थेरेपी जैसी अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है इससे कैंसर मरीजों का उपचार शुरू भी कर दिया गया है। भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर से अनुमति मिलते ही यहाँ स्थापित कोबाल्ट मशीन से भी कैंसर मरीजों की रेडियो थेरेपी शुरू की जाएगी। सर्जरी की जरूरत वाले कैंसर मरीजों के लिये इस नये भवन में सर्जिकल वार्ड भी बनाया जा रहा है। विराट हॉस्पिटल की संस्थापक ज्ञानेश्वरी दीदी मूल रूप से हरियाणा के पिंजौर की रहने वाली हैं। अपने गुरु ब्रह्मर्षि विश्वात्मा बावराजी महाराज से दीक्षा लेने के बाद साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने समाजसेवा के लिए अलग-अलग शहरों में भ्रमण किया। नर्मदा नदी के किनारे बसा जबलपुर शहर पसंद आया और इसे ही उन्होंने अपना कर्मक्षेत्र बना लिया। साध्‍वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने बताया कि उनकी इच्छा एक ऐसा परिसर बनाने की थी, जहां जीवन के अंतिम समय में कैंसर मरीजों को पारिवारिक माहौल में रखकर इलाज और सेवा की जा सके।   recent visitors 70