आयुष म्हात्रे को प्रसिद्ध कृष्णा ने किया चलता, चेन्नई को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मैच है। चेन्नई के कप्तान एमएस धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। गुजरात की टीम के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। अगर शुभमन गिल की कप्तानी वाली जीटी को प्वॉइंट्स टेबल में टॉप-2 पर बने रहना है और फाइनल के लिए अपनी राह आसान बनानी है तो यह मैच जीतना होगा। वहीं, सीएसके के कप्तान एमएस धोनी चाहेंगे कि उनकी टीम भी जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन करे। बतौर सीएसके कैप्टन यह एमएस धोनी का आखिरी मैच हो सकता है। सवाल यह भी हैं कि क्या धोनी अगले सीजन में खेलेंगे। लेकिन फिलहाल सभी की निगाहें जीटी वर्सेस सीएसके मैच के नतीजे पर होंगी। आयुष म्हात्रे को प्रसिद्ध कृष्णा ने किया आउट प्रसिद्ध कृष्णा ने गुजरात टाइटंस को बड़ा ब्रेक दिलाया है। उन्होंने आक्रामक खेल दिखा रहे म्हात्रे को मोहम्मद सिराज के हाथों कैच कराया। आयुष म्हात्रे, नाम याद रखना आयुष म्हात्रे ने बहुत ही शानदार अंदाज में आगाज किया है। उन्होंने अरशद खान के ऊपर लगातार बाउंड्रीज लगाकर रनों की बरसात करते हुए 28 रन बटोर लिए हैं। recent visitors 59

पैसा डबल करने का लालच देकर 10 लाख 50 हजार रुपए की ठगी, भाजपा नेता और उसका साथी गिरफ्तार

सूरजपुर जिले में पैसा डबल करने का लालच देकर 10 लाख 50 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने प्रकरण में भाजपा नेता के साथ उसके साथी को गिरफ्तार किया है. दरअसल, दो प्रार्थियों ने भटगांव पुलिस से शिकायत की थी कि भाजपा नेता इरफान अंसारी अपने साथी विकेन्द्र जगने के साथ मिलकर पैसा डबल करने का लालच देकर उनसे 10 लाख 50 हजार की ठगी को अंजाम दिया है. पुलिस ने मामले की जांच में पाया कि इरफान अंसारी ने विकेन्द्र जगने के साथ मिलकर 2024 में ग्राम मलगा निवासी शिकायतकर्ताओं से 10 लाख 50 हजार रुपए की ठगी के अलावा अन्य व्यक्तियों से भी धोखाधड़ी कर रकम हासिल की है. मामले में पुलिस ने दबिश देकर आरोपी भाजपा नेता इरफान इंसारी और विकेन्द्र जगने को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने पूछताछ में रकम डबल करने के नाम पर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाना स्वीकार किया है. आरोपियों के निशानदेही पर लेपटॉप व मोबाइल जप्त किया गया है. मामले में मिले सबूतों की पुलिस जांच कर रही है. recent visitors 44

मोहन भागवत ने कहा- भारत के पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक स्पष्ट और गंभीर आकलन पेश करते हुए कहा कि भारत के पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब संघ अपनी शताब्दी वर्ष की तैयारी कर रहा है और हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सफलतापूर्वक ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया है।  विशेष साक्षात्कार में भागवत ने कहा, “हम विश्व व्यापार पर प्रभुत्व जमाने के लिए ताकतवर नहीं बनना चाहते, बल्कि इसलिए कि हर कोई शांतिपूर्ण, स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सके। हमारी सीमाओं पर बुराई की ताकतें सक्रिय हैं, इसलिए हमें शक्ति अर्जित करनी ही होगी।” भागवत ने इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा केवल सरकार या सेना का कार्य नहीं है, बल्कि समाज से शुरू होती है। उन्होंने हिंदू समाज को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की सलाह दी, “आपको खुद अपनी रक्षा करनी होगी। दूसरों का इंतजार मत कीजिए। जब हिंदू मजबूती से खड़े होते हैं, तब दुनिया उन्हें गंभीरता से लेती है।” मोहन भागवत ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सीमाओं या बैरकों तक सीमित न मानते हुए इसे मानसिक, सांस्कृतिक और पूर्व-सक्रिय बताया। उन्होंने कहा कि जातीय समरसता, पारिवारिक मूल्यों और पारिस्थितिकी के प्रति ज़िम्मेदारी भी सुरक्षा के घटक हैं। उन्होंने कहा कि एक टूटा हुआ समाज अपनी रक्षा कैसे करेगा? युद्ध न हो, इसकी तैयारी करो मोहन भागवत ने कहा, “ऐसी शक्ति हमें प्राप्त हो कि हम वैश्विक स्तर पर अजेय बन जाएं। सच्ची ताकत आंतरिक होती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें दूसरों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। कोई भी ताकत चाहे कई देशों की संयुक्त शक्ति हो, हमें पराजित न कर सके। हम युद्ध की कामना नहीं करते, लेकिन युद्ध न हो इसकी तैयारी करते हैं।” हिंदू अल्पसंख्यकों की चिंता मोहन भागवत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की बात करते हुए कहा कि अब वे भागने की बजाय लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “इस बार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ जो आक्रोश सामने आया वह अभूतपूर्व है। अब स्थानीय हिंदू भी कह रहे हैं कि हम भागेंगे नहीं, अधिकारों के लिए लड़ेंगे। संघ का यही उद्देश्य है। जहां कहीं भी हिंदू हैं, हम उनके लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के अंतर्गत हर संभव प्रयास करेंगे।”   recent visitors 64

अमेरिका में दो पाकिस्तानी गद्दारों को किया गिरफ्तार, वीजा फ्रॉड, अवैध इमिग्रेशन और मनी लॉन्ड्रिंग में थे संलिप्त

वाशिंगटन अमेरिका में दो पाकिस्तानी गद्दारों को गिरफ्तार किया गया है जो कि मनी लॉन्ड्रिंग और इमिग्रेशन फ्रॉड में लगे हुए थे। टेक्सास के रहने वाले आरोपियों के बारे में एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि अब्दुल हादी मुर्शिद और मोहम्मद सलमान नासिर नाम के शख्स रिलायबल वेंचर्स के नाम से कंपनी चलाते थे। वे वीजा फ्रॉड, अवैध इमिग्रेशन और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त थे। मुर्शिद पर अवैध रूप से अमेरिका की नागरिकता लेने की कोशिश करने का भी आरोप है। काश पटेल ने एफबीआई टीम को शाबाशी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। एफबीआई ने जानकारी दी है कि अगर ये दोनों दोषी पाए जाते हैं तो दोनों को 20 साल तक की जेल हो सकती है। आरोप है कि दोनों ही फर्जी वीजा ऐप्लिकेशन के जरिए विदेशियों को अमेरिका में घुसाते थे। वे अवैध रूप से अमेरिका आ जाते थे और फिर यहीं रुक जाते थे। कई बार वे नौकरी के फर्जी दस्तावेज पेश करते थे। इसके बाद ईबी-2, ईबी-3 और एच-1बी वीजा सिस्टम के जरिए जालसाजी करते थे। दोनों आरोपी न्यूजपेपर में फर्जी नौकरी का विज्ञापन देते थे। अमेरिकियों को पहले नौकरी देने के नाम पर जब उन्हें अमेरिकी सरकार से मंजूरी मिल जाती थी तब वे वीजा सीकर्स के नाम पर ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करते थे। वे वीजा सीकर्स से पैसा ले लेते थे और इसी का कुछ हिस्सा उन्हें वापस कर देते थे। वे इसे सैलरी बताते थे। एफबीआई ने बताया कि आरोपी लंबे समय से इमिग्रेशन कानून की धज्जियां उड़ा रहे थे। वे अंतरराष्ट्रीय गिरोह चला रहे थे। मुर्शीद और नासिर को 23 मई को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें अगली सुनवाई तक के लिए हिरासत में रखा गया है। 30 मई को फिर सुनवाई होनी है। मुर्शिद को अमेरिका की नागरिकता मिल गई है। वह अगर दोषी पाया जाता है तो उसकी नागरकिता भी चली जाएगी और 20 साल की जेल भी हो सकती है।   recent visitors 58

रायपुर का मामला: बाल श्रमिक के नाम पर उगाही में लगे है अधिकारी…

  रायपुर  बालश्रम आज के समय में एक अत्यंत ही चिंता जनक विषय है। जिसपर रोक लगाना बेहद ही जरुरी है। लेकिन जब बालश्रम रोकने वाले ही अधिकारी कर्मचारी ही अपने कर्तव्यों का निवर्हन पूरी ईमानदारी से नहीं करेंगे तब तक इस बाल मजदूरी पर रोक लगाना मुश्किल ही नहीं असंभव भी नजर आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर से लगे ग्राम कुथरेल में जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के संजय निराला एवं श्रम विभाग तथा बचपन बचाओ आंदोलन समिति के संयुक्त टीम द्वारा चलाये गए एक अभियान के तहत धरसीवां स्थित संभव स्टील प्लांट से तथाकथित 4 बालश्रम में संलग्न बालकों का रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (cwc) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश अनुसार बालकों को शासकीय बालगृह रायपुर में सुरक्षा संरक्षण और आश्रय में उपलब्ध कराया गया। इस मामले में प्लांट प्रबंधन के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम में निहित प्रावधान, किशोर न्याय अधिनियम बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम 2015, भारतीय न्याय संहिता में दिए गए प्रावधान के अनुसार कार्यवाही करने के साथ-साथ एट्रोसिटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई किए जाने हेतु थाना धरसीवा में प्लांट प्रबंधन और ठेकेदार के के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने आवेदन प्रस्तुत किया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह उठता है कि जब 4 मई को जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के संजय निराला एवं श्रम विभाग तथा बचपन बचाओ आंदोलन समिति के द्वारा इन बच्चो को रेस्क्यू कर लिया गया था तो इसकी सुचना सम्बंधित थाने में क्यों नहीं दी गई थी और जब मीडिया द्वारा इस मामले को लेकर सम्बंधित अधिकारी संजय निराला से संपर्क किया तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए थाना प्रभारी कि अनुपस्तिथि के कारण इस मामले कि सुचना नहीं दिए जाने का हवाला दिया गया है। इसके साथ ही अन्य छोड़े गए 8 बच्चो को जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के संजय निराला एवं श्रम विभाग तथा बचपन बचाओ आंदोलन समिति के द्वारा किस आधार पर उन्हें छोड़ा गया है यह भी एक सोचनीय विषय है। झारखंड से आये दो बच्चो के परिजनों ने मिडिया के समक्ष बतलाया कि हमारे पास जो भी प्रमाण पात्र है उसके आधार पर मेरा पुत्र 18 वर्ष से अधिक का है लेकिन सम्बंधित दस्तावेजों को फर्जी बतलाकर हमारे बच्चो को रिहा करने से मना किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के संजय निराला एवं श्रम विभाग तथा बचपन बचाओ आंदोलन समिति सदस्यों द्वारा अवैध रूप से हमारे बच्चो को अपने कब्जे में पिछले 20 दिनों से रखे हुए है जबकि CWC के प्रथमन्ययाधीश महोदय से मीडिया कर्मियों ने मुलाकात कर इस मामले कि जानकारी ली तो उन्होंने बतलाया कि ये प्रक्रिया मात्र दो दिन कि होती है संजय निराला द्वारा किस आधार पर इन बच्चो को अभी तक अपने पास रखे हुए है ये समझ से परे है। इसके साथ ही जब बच्चो को चार मई को रेस्क्यू करके लाया गया था तो संजय निराला द्वारा किसका इंतज़ार किया जा रहा था कि उन्होंने इसका अपराध 20 मई को सिलतरा चौकी (धरसींवा थाना) में दर्ज कराई गई। क्या संजय निराला के द्वारा किसी का इन्तजार किया जा रहा था। संजय निराला के कार्यालय में कार्यरत कुछ हमारे सूत्रों ने स्वयं हमारे संवादाता से संपर्क करके एक चौकाने वाले मामले कि जानकारी दी है कि संजय निराला के द्वारा कुछ दिन पूर्व ही एक पास्को एक्ट के मामले में आरोपी से लम्बा लेनदेन करके उसको (आरोपी) रिहा कर दिया गया था। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि इस तरह के अधिकारी को विभाग के द्वारा कब तक बचाया जाता रहेगा या फिर इस तरह बाल संरक्षण का आड़ लेकर यह अवैध उगाही का खेल जारी रहेगा। recent visitors 67

खंडवा जिले में दिल्ली के निर्भया जैसा कांड की आशंका, महिला की गैंगरेप के बाद मौत, प्राइवेट पार्ट में सरिया डालने का शक

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जिले के ग्रामीण अंचल में 45 वर्षीय महिला के साथ दरिंदो ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया और फिर लथपथ हालत में छोड़कर फरार हो गए। पड़ोस के घर में अर्धनग्न हालत में बेटी ने मां को पाया तो पुलिस को सूचित किया। महिला के साथ इस कदर बर्बरता हुई कि उसकी बच्चादानी तक बाहर आ गई थी। जब तक पुलिस मदद के साथ घटनास्थल पर पहुंची महिला की मौत हो चुकी थी। घटना आदिवासी अंचल खालवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रोशनी चौकी पुलिस क्षेत्र की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला के साथ बर्बरपूर्ण ढंग से दरिंदगी किए जाने की आशंका है, क्योंकि महिला के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था और शरीर के आंतरिक अंग(बच्चादानी) बाहर पड़ी मिली थी। पुलिस को शक है कि महिला के प्राइवेट पार्ट में किसी ने लकड़ी या लोहे की रॉड डाली थी। इस घटना को कुछ हद तक दिल्ली के निर्भया कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि मृतिका दो बच्चों की माँ थी। पुलिस ने महिला के गांव के ही दो लोगों हरि पालवी और सुनील धुर्वे को पकड़ा है। दोनों महिला के परिचित बताए जा रहे हैं, इनके ऊपर ही महिला के साथ हैवानियत भरी घिनौनी वारदात को अंजाम देने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार महिला बेहोशी की हालत में आरोपी हरी पालवी के घर ही पड़ी मिली थी। कुछ देर बाद महिला को होश आया था, तो उसने अपने साथ गलत काम होने की बात बताई थी। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, हालांकि इस बीच महिला की मौत हो गई। महिला का शव खालवा अस्पताल से जिला अस्पताल खंडवा भेजा गया है, जहां मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के एक्सपर्ट की निगरानी में रविवार को उसका पोस्टमार्टम होगा । इस घटना पर क्या बोले जीतू पटवारी इस मामले में अब कांग्रेस ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर ट्वीट करते हुए लिखा है। खंडवा में एक महिला की गैंगरेप के बाद मौत हो गई है! बेहोशी की हालत में उसे तेज ब्लीडिंग हो रही थी! बताया जा रहा है दरिंदे ने निजी अंग में सरिया या लकड़ी जैसा कुछ डाला, इससे बच्चादानी ही बाहर निकल गई! बर्बर अत्याचार की इस हद ने 'आदिम युग के जंगलराज' को भी पीछे छोड़ दिया है! दुस्साहस की ऐसी पराकाष्ठा तभी हो सकती है, जब प्रदेश में कानून का डर खत्म हो गया हो! लाड़लियों के उत्पीड़न की इस इंतहा पर भी सरकार चुप है! महिला उत्पीड़न से गंभीर रूप से पीड़ित मप्र में महिला अपराध के इस न्यू नॉर्मल ने बीजेपी सरकारों के सरोकारों को भी उजागर कर दिया है! क्या मध्य प्रदेश की भाजपा इस "सरकारी-हत्या" के दोष से मुक्त हो पाएगी? 31 मई को प्रधानमंत्री जी को भोपाल नहीं, अब खंडवा ही आना चाहिए! सरकारी खर्च पर प्रदेश की हजारों महिलाओं को भी अब खंडवा ही बुलाना चाहिए! देश के "हृदय प्रदेश" की तेज धड़कनों को पूरे देश को सुनाना चाहिए! recent visitors 54

तीनों फॉर्मेट में अब कौन-कौन है टीम इंडिया का कैप्टन और वाइस कैप्टन?, भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नए युग की शुरुआत

नई दिल्ली भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नए युग की शुरुआत हुई। रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की वजह से टेस्ट टीम के नए कप्तान की घोषणा हुई। इसके साथ-साथ टेस्ट में नया वाइस कैप्टन भी नियुक्त किया गया। इस तरह अब इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत का अलग-अलग कप्तान और उपकप्तान है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार होगा, जब आधिकारिक तौर पर तीनों फॉर्मेट का कैप्टन और वाइस कैप्टन अलग-अलग है।   टेस्ट क्रिकेट में तो शुभमन गिल कप्तान और ऋषभ पंत उपकप्तान हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में अभी भी रोहित शर्मा कप्तान हैं और उपकप्तानी शुभमन गिल के पास है। वहीं, टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम के कप्तान इस समय सूर्यकुमार यादव हैं और उपकप्तानी अक्षर पटेल को दी हुई है। इस तरह तीन फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तान और अलग-अलग उपकप्तान हैं। इससे पहले कभी भी भारतीय क्रिकेट में ऐसा देखने को नहीं मिला है, जब इतनी ज्यादा स्प्लिट कैप्टेंसी देखी गई हो। इंटरनेशनल क्रिकेट भारतीय टीम के कप्तान और उपकप्तान टेस्ट में – शुभमन गिल और ऋषभ पंत वनडे में – रोहित शर्मा और शुभमन गिल टी20 में – सूर्यकुमार यादव और अक्षर पटेल इसके अलावा आपको जानकर हैरानी होगी कि 2024 में तीनों फॉर्मेट के जो कप्तान और उपकप्तान थे, वह 2025 में बिल्कुल अलग हैं। सिर्फ वनडे टीम के कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा बरकरार हैं, जबकि अन्य टीमों के कप्तान और उपकप्तान बदल दिए गए हैं। टेस्ट फॉर्मेट में 2024 में रोहित शर्मा कप्तान थे और उपकप्तान जसप्रीत बुमराह थे, जबकि वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा थे और उपकप्तान हार्दिक पांड्या थे। टी20 टीम की कमान रोहित शर्मा के पास थी और उपकप्तान वहां भी हार्दिक पांड्या थे, लेकिन अब हार्दिक पांड्या किसी भी टीम के कप्तान या उपकप्तान नहीं, बल्कि जो उपकप्तान नहीं थे, वह सीधे कप्तान बना दिए गए।   recent visitors 68