विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का रामलला के किए दर्शन कर पहुंचे हनुमान गढ़ी

अयोध्या विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा संग आजकल अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर नजर आते हैं। आईपीएल के व्यस्त शेड्यूल के बीच रविवार को दोनों ने अयोध्या पहुंच रामलला के दर्शन किए। इसके बाद वे हनुमान गढ़ी गए और दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद भगवान के दर पर माथा टेका। हनुमान गढ़ी मंदिर में विराट-अनुष्का की पूजा अर्चना का वीडियो भी सामने आया है। हनुमान गढ़ी मंदिर में पहुंचे तो पुजारी ने उन्हें फूल माला पहनाकर टीका लगाया। इस दौरान फैन्स उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। बता दें कि 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट, पत्नी अनुष्का संग वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचे थे। दोनों ने प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक चर्चा की थी। रविवार को दोनों के हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन के बाद इस बारे में जानकारी देते हुए हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत संजय दास जी महाराज ने एएनआई से कहा, ‘विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का आध्यात्म के प्रति बहुत ही लगाव है। भगवान राम लला के दर्शन के बाद उन्होंने हनुमान गढ़ी में भी आशीर्वाद लिया। उनके साथ आध्यात्म की भी कुछ चर्चाएं हुईं…।’ आईपीएल मैच के लिए लखनऊ में हैं विराट विराट कोहली इन दिनों आईपीएल के लीग स्टेज के मुकाबलों के लिए लखनऊ में ठहरे हुए हैं। 23 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच खेला गया था। इस मैच में विराट कोहली ने हिस्सा लिया था। उन्होंने 25 गेंद पर 43 रन बनाए थे। हालांकि उनकी टीम हार गई थी। 27 मई लखनऊ में ही मेजबान टीम लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच खेलना है। इस बीच 4 दिन का गैप मिला है। इसी दौरान विराट कोहली और अनुष्का ने अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला और हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उनकी सुरक्षा में जहां यूपी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी तो वहीं फैन्स उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे।   recent visitors 62

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए की बैठक , विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे सीएम और डिप्टी सीएम

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए के सीएम और डिप्टी सीएम की बैठक नई दिल्ली स्थित अशोक होटल में शुरू हो गई है। बैठक में NDA के तहत शासित 20 राज्यों के करीब 20 मुख्यमंत्री और 18 उपमुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। यह बैठक पूरे दिन चलने की संभावना है। बैठक में सभी राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर और जातिगत जनगणना पर चर्चा होगी। साथ ही  इस बैठक का उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा तैयार करना और सुशासन  के मॉडल पर साझा रणनीति बनाना है। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं। बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के लिए सशस्त्र बलों और पीएम मोदी को बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में जाति जनगणना को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। अगले महीने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा हो रहा है। इन राज्यों के सीएम हुए शामिल बैठक में तमाम दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं.बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी अपने उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी बैठक में शामिल हुए हैं। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नीतीश कुमार की बातों और मांगों पर विशेष ध्यान रहेगा। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नई सरकार बनने के बाद पहली आधिकारिक बातचीत है। इसमें बिहार की पुरानी और नई योजनाओं के लिए केंद्र से समर्थन की बात प्रमुख रूप से उठेगी। इस बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा     ऑपरेशन सिंदूर: एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कर सकते हैं और देश के सेना की इस बड़ी उपलब्धि को लोगों को बताने के लिए रोड मैप बनाया जा सकता है।     जातिगत जनगणना:हाल ही में मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना करवाने का फैसला लिया था। देश के कई राज्यों की तरफ से इसकी मांग होती रही थी. इस मुद्दे पर भी चर्चा की संभावना है।     विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा बनेगी:एनडीए के तमाम दल पीएम मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को लेकर सहमत हैं और इसे लेकर लंबी चर्चा हो आज के बैठक में होने की संभावना है। शनिवार को नीति आयोग की बैठक ली इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें पीएम ने कहा- हमें टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा, तो भारत विकसित होगा। इस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और CEO शामिल हुए। नीति आयोग के स्टेटमेंट के मुताबिक, इस साल बैठक की थीम ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ है। बैठक में भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश के सामने मौजूद विकास से जुड़ी चुनौतियों के बारे में बताया। इसके अलावा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्य किस तरह आधारशिला बन सकते हैं, यह भी बताया गया। बैठक में उद्यमिता, कौशल और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। recent visitors 50

रायबरेली में गंगा में डूबकर तीन लोगों की मौत

रायबरेली रायबरेली के डलमऊ घाट पर तीन युवकों की गंगा में डूबने से मौत हो गई है। गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस मौजूद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डलमऊ के रानी शिवाला घाट के सामने गंगा स्नान के दौरान तीन युवकों की मौत हुई है। चार युवक गंगा में नहा रहे थे। एक के बाद एक सभी डूबने लगे। इसमें से एक को बचा लिया गया, जबकि तीन की डूबकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहां युवक नहाते-नहाते गहरे पानी में चले गए थे। मरने वाले तीनों अमेठी के जगदीशपुर के रहने वाले हैं। सभी मृतक अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के पालपुर निवासी चंद्रमा कौशल, चंद्र कुमार कौशल, चंद्र प्रकाश, विधि चंद्र कौशल, बाल चंद्र कौशल, घरम चंद्र कौशल, आयुष कौशल, अनिल कौशल और आर्या डलमऊ के रानी शिवालाघाट के पास स्नान करने के लिए आए थे। सभी लोग स्नान कर रहे थे। इस दौरान चंद्र कुमार कौशल (60), बाल चंद्र कौशल (42) और आर्या (17) गहरे पानी में चले गए। इस कारण तीनों की डूबकर मौत हो गई। घटना से घाट पर हड़कंप मच गया। लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। recent visitors 52

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा निर्वाचन आयोग

एमसीबी मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने और मतदान दिवस की व्यवस्थाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। इनमें मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल जमा सुविधा प्रदान करना और प्रचार नियमों का सरलीकरण शामिल है। ये निर्देश लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के संबंधित प्रावधानों के अनुरूप है।  शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग और मतदाताओं विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को मतदान दिवस पर मोबाइल फोन संभालने में होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा सुविधा की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मतदान केंद्र से 100 मीटर की परिधि के भीतर केवल बंद (स्विच ऑफ) स्थिति में मोबाइल फोन रखने की अनुमति होगी। मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के पास साधारण पिजनहोल बॉक्स या जूट बैग रखे जाएंगे, जिनमें मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। मोबाइल फोन मतदान केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, कुछ मतदान केंद्रों को स्थानीय प्रतिकूल परिस्थितियों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है। मतदान केंद्र के भीतर मतदाता की गोपनीयता सुनिश्चित करने वाला निर्वाचन संचालन नियम 49 एम सख्ती से लागू रहेगा। इसके अतिरिक्त, मतदान दिवस पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोग ने प्रचार की अनुमति सीमा को निर्वाचन कानूनों के अनुरूप मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी तक सीमित कर दिया है। मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। अतः मतदान दिवस पर उम्मीदवारों द्वारा मतदान दिवस पर ऐसे बूथ, जिनसे वे आधिकारिक मतदाता सूचना पर्ची (VIS) न होने की स्थिति में अनौपचारिक पहचान पर्ची वितरित करते हैं, अब मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी के बाहर लगाए जा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्तगण डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग विधिक ढांचे के अनुसार निष्पक्ष निर्वाचन कराने के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही मतदाताओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने हेतु लगातार नवाचार करता रहेगा। recent visitors 42

केंद्र सरकार वाहन चालकों के लिए लाई FASTag PASS, 3 हजार रुपए में करें साल भर सफर

नई दिल्ली टोल नाके पर हाई फाई टोल टैक्स को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होते आपने देखा होगा। मामला तब और खराब हो जाता है जब फास्ट टैग रिचार्ज ख़त्म हो जाए। लेकिन इन समस्याओं का अंत करने केंद्र सरकार अब एक योजना लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार जल्द ही FASTag से जुड़ी एक नई पॉलिसी शुरू करने जा रही है, जिसके तहत वहां चालकों को मात्र 3000 रुपए में सालभर का वार्षिक पास मिलेगा। इस पास से वाहन चालक एक साल तक किसी भी टोल प्लाजा पर भुगतान किए बिना हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर सकेंगे। इस योजना से अक्सर यात्रा करने वाले चालकों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ रोजमर्रा टोल नाकों से सफर करनेवाले ट्रक और बड़े वाहनों को मिलेगा। हालांकि, यह योजना “Distance Based Pricing” प्रणाली पर आधारित होगी, यानी पास विशेष दूरी या क्षेत्र तक ही मान्य होग। किस वजह से लाई गई यह योजना ? FASTag Pass को लाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और कैश ट्रांजैक्शन को खत्म करना है। अगर ज्यादा वाहन चालक यह वार्षिक पास लेते हैं, तो भविष्य में टोल नाकों को पूरी तरह हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। आसानी से मिल जाएगा FASTag Pass गौरतलब है कि, इस वार्षिक पास को लेने के लिए वाहन मालिकों को किसी भी नए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। यह पास सीधे आपके मौजूदा FASTag अकाउंट से रिचार्ज किया जा सकेगा। गौरतलब है कि, पहले सरकार ने 15 वर्षों के लिए 30,000 रुपए वाला पास लॉन्च किया था, लेकिन लोगो ने इसमें कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं ली तो वह योजना अब बंद कर दी गई है। recent visitors 43

रियलमी जीटी 7 स्मार्टफोन ने 24 घंटे मूवी चलाकर गिनीज बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली Realme के एक जल्द लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन ने कमाल का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। दरअसल हम बात कर रहे हैं Realme GT 7 की जिसने पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करके एक अनोखा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह स्मार्टफोन जल्द ही लॉन्च होने वाला है। Realme ने 23 मई को पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करने का रिकॉर्ड बनाया। क्या है रिकॉर्ड बता दें कि Realme की “Endless Power Journey” नाम की एक खास मुहिम के तहत कंपनी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है। यह इवेंट यूरोप में एक क्रूज पर आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत रोम, इटली से हुई। इस चैलेंज की शुरुआत 22 मई 2025 को रात 9:30 बजे (भारतीय समय के अनुसार) शेनझेन, चीन से एक लाइवस्ट्रीम के जरिए की गई थी। लगातार 24 घंटे तक मूवी प्लेबैक करने के इस रिकॉर्ड को 23 मई 2025 की रात 9:30 बजे आधिकारिक रूप से पूरा किया गया। जहां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जजेस ने इसे मान्य घोषित किया। Realme ने क्या बताया Realme ने हाल ही में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन GT7 सीरीज से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी शेयर की हैं। कंपनी के मुताबिक, इस शानदार रिकॉर्ड के पीछे फोन की पावरफुल 7000mAh की बैटरी है, जो 120W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी बड़ी बैटरी और तेज चार्जिंग की वजह से ही Realme GT 7 ने बिना रुके 24 घंटे लगातार मूवी चलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। Realme ने यह भी बताया कि GT 7 की बैटरी की क्वालिटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार TÜV Rhineland की 5-Star बैटरी सर्टिफिकेशन से नवाजा गया है। यह इस फोन में इस्तमाल की गई बैटरी की क्वालिटी और सेफ्टी को साबित करता है। बता दें कि यह सर्टिफिकेशन सिर्फ उन्हीं डिवाइसेज को दिया जाता है, जो लंबी बैटरी लाइफ, तेज चार्जिंग और सुरक्षित इस्तेमाल के सभी स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं। कब होगा लॉन्च Realme GT 7 सीरीज का ग्लोबल और इंडिया लॉन्च 27 मई 2025 को होने वाला है। यह खास लॉन्च इवेंट पेरिस, फ्रांस में होगा। इस मौके पर कंपनी GT 7 और GT 7T दोनों ही पेश किए जाएंगे। लॉन्च के बाद इन दोनों स्मार्टफोन मॉडल्स को realme.com, Amazon.in और अन्य रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा। कुल मिलाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के जरिए Realme GT 7 ने साबित कर दिया है कि बैटरी को लेकर इस फोन से किसी को कोई शिकायत नहीं होने वाली है। recent visitors 165

उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म के हब के तौर पर किया जा रहा विकसित

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक वन एवं वन्य जीव विभाग उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म के हब के तौर पर विकसित कर रहा है. वन एवं वन्य जीव विभाग के संबंधित अधिकारियों ने बताया कि विभाग प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता को संरक्षित करते हुए बफर में सफर योजना शुरू की जा रही है. जिसके तहत प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में नए सफारी रूटों के साथ भीरा और मोहम्मदी जैसे क्षेत्रों में ईको टूरिज्म की नई संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है. साथ ही स्थानीय लोगों को गाइड, रेस्टोरेंट संचालक के रूप में प्रशिक्षित कर स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इन प्रयासों का परिणाम है कि यूपी में पिछले वर्षों में ईको टूरिज्म के पर्यटकों की संख्या में भी तीव्र वृद्धि हुई है. सीएम योगी के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश को ईको टूरिज्म के हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इस दिशा में प्रदेश के वन एवं वन्य जीव विभाग ने मानसून के दौरान “बफर में सफर” योजना शुरू करने जा रही है. प्रदेश के टाइगर रिजर्वों के बफर जोन में सफारी के नए रूटों को विकसित किया जा रहा है. इस योजना के तहत दुधवा, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, और उत्तर खीरी बफर जोन में नए सफारी रूट विकसित किए जा रहे हैं. इसके तहत सोहागीबरवा, उत्तर खीरी और पीलीभीत में बफर जोन क्षेत्रों के नए मार्गों का चयन किया गया है. होगा जंगल के रोमांच का अनुभव इन बफर जोन में पर्यटक बरसात के दिनों में भी सफारी का आनंद ले सकेंगे. साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टाईगर रिजर्वों को अधिक दिन खोलने की भी व्यवस्था की जा रही है. बफर में सफर योजना का सबसे बड़ा लाभ मानव और वन्य जीवों के संघर्ष में कमी लाते हुए पर्यटकों को जंगल के रोमांच का अनुभव प्रदान करना है. नई संभावनाएं की जा रही हैं विकसित वन एवं वन्य जीव विभाग प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए टाइगर रिजर्व और अभ्यारण्यों के अतिरिक्त अन्य नई संभावनाओं को भी विस्तार दे रहा है. इस दिशा में लखीमपुर खीरी के भीर और मोहम्मदी के क्षेत्रों को भी ईको टूरिज्म के स्पाट के तौर पर विकसित किया जा रहा है. दक्षिणी खीरी के गोला, मोहम्मदी रेंज और भीर में टूरिस्ट सर्किट का निर्माण किया गया है. साथ ही इस क्षेत्र में पड़ने वाली सेमराई झील, जो पक्षियों के प्रवास के लिए प्रसिद्ध है, इसको भी सर्किट में पर्यटकों के मनोरंजन के लिए शामिल किया जाएगा. नेपाल सीमा से सटे हुए कर्तनिया घाट के बफर जोन में भी जंगल सफारी की शुरुआत की गई है।.इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता के साथ वन्य जीवों की समृद्धि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी. ईको टूरिज्म के हब के तौर पर किया जाएगा विकसित वन एवं वन्य जीव विभाग सीएम योगी के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश को ईको टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में कई और नवीन प्रयास कर रहा है. इस दिशा क्रम में दुधवा पर्यटन परिसर में एक आधुनिक सूचना केंद्र की स्थापना की गई है, जो पर्यटकों को क्षेत्र की जैव विविधता, वन्य जीव, और स्थानीय संस्कृति की जानकारी प्रदान करेगा और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक भी करेगा. इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए नेचर गाइड, कैंटीन कर्मियों, और खानसामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण न केवल उनकी कौशल क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं भी सुनिश्चित करेगा. साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी प्रदान करेगा. इन प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश जल्द ही देश और दुनिया के नक्शे पर इको टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है. recent visitors 57