ताजमहल को एक बार फिर से उड़ाने की धमकी, पुलिस हाईअलर्ट

आगरा ताजमहल को एक बार फिर से उड़ाने की धमकी मिली है. ये धमकी केरल से मिली है. ई-मेल से भेजी गई इस धमकी में ताजमहल को बम से उड़ाने की बात लिखी है. जिसके बाद से पुलिस हाईअलर्ट पर है. शनिवार सुबह करीब सात बजे केरल से सव्वाकू शंकर की ईमेल आईडी से एक मेल यूपी टूरिज्म, दिल्ली पुलिस और अभय श्रीवास्तव की आईडी पर आई. जिसमें ताजमहल को दोपहर 3:30 बजे तक आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी दी गई थी. धमकी मिलने के बाद सीआईएसएफ, ताज सुरक्षा पुलिस, बन निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉइड, पर्यटन पुलिस और भारत पुरातत्व सर्वेक्षण ​विभाग ने करीब तीन घंटे तक ताजमहल का चप्पा-चप्पा छान मारा. हालांकि, कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. धमकी के चलते ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर सतर्कता और बढा दी गई. पर्यटकों को ताजमहल में पेन ले जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई. तीन घंटे की तलाशी के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तो सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली. डीसीपी सिटी के मुताबिक यह हॉक्स ईमेल था, जो केरल से आया था. इस बारे में साइबर सेल थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसकी जांच साइबर सेल कर रही है. recent visitors 61

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में बोला – सेना ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 122वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, "आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, आक्रोश से भरा हुआ है, संकल्पबद्ध है। आज हर भारतीय का यही संकल्प है कि हमें आतंकवाद को खत्म करना है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना ने जो पराक्रम दिखाया उसने हर हिंदुस्तान का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया…" "जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया" पीएम मोदी ने आगे कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, यह हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है…" उन्होंने कहा, "हमारे जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया, यह उनका अदम्य साहस था और उसमें शामिल थी, भारत में बने हथियारों, उपकरणों और टेक्नोलॉजी की ताकत। उसमें 'आत्मनिर्भर भारत' का संकल्प भी था। हमारे इंजीनियर, हमारे टेक्निशियन हर किसी का पसीना इस विजय में शामिल है।" उन्होंने कहा कि जिस सटीकता के साथ, जिस सटीकता के साथ, हमारी सेनाओं ने सीमा पार के आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया, वो अद्भुत है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दुनिया-भर में आतंक के खिलाफ़ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है। पीएम मोदी ने कहा, "'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, ये हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है और इस तस्वीर ने पूरे देश को देश-भक्ति के भावों से भर दिया है, तिरंगे में रंग दिया है। आपने देखा होगा, देश के कई शहरों में, गावों में, छोटे-छोटे कस्बों में, तिरंगा यात्राएं निकाली गई। हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर देश की सेना, उसके प्रति वंदन-अभिनंदन करने निकल पड़े। कितने ही शहरों में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर बनने के लिए बड़ी संख्या में युवा एकजुट हो गए, और हमने देखा, चंडीगढ़ के वीडियो तो काफी वायरल हुए थे।" उन्होंने आगे कहा, "सोशल मीडिया पर कविताएं लिखी जा रही थीं, संकल्प गीत गाये जा रहे थे । छोटे-छोटे बच्चे पेटिंग्स बना रहे थे जिनमें बड़े सन्देश छुपे थे। मैं अभी तीन दिन पहले बीकानेर गया था । वहाँ बच्चों ने मुझे ऐसी ही एक पेटिंग्स भेंट की थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने देश के लोगों को इतना प्रभावित किया है कि कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। बिहार के कटिहार में, यूपी के कुशीनगर में, और भी कई शहरों में, उस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों का नाम 'सिंदूर' रखा गया है।" नक्सलवाद पर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बस से कहीं आना-जाना कितनी सामान्य बात है। लेकिन मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। इस दिन का वहां के लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे। और जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी।" पीएम ने कहा, "क्यों, क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था। यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। काटेझरी में आए इस परिवर्तन को आसपास के पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मन की बात' में हम छत्तीसगढ़ में हुए बस्तर ओलंपिक्स और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में साइंस लैब पर चर्चा कर चुके हैं। यहां के बच्चों में साइंस का जुनून है। वो स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी होते हैं। इन लोगों ने तमाम चुनौतियों के बीच अपने जीवन को बेहतर बनाने की राह चुनी है। मुझे यह जानकार भी बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे हैं। करीब 95 परसेंट रिजल्ट के साथ ये जिला 10वीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं 12वीं की परीक्षा में इस जिले ने छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया । सोचिए। जिस दंतेवाड़ा में कभी माओवाद चरम पर था, वहां आज शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं। शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर पीएम मोदी ने शेरों की बढ़ती आबादी का जिक्र करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियो, अब मैं लॉयन्स, शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर आपको बताना चाहता हूं। पिछले केवल पाँच वर्षों में गुजरात के गिर में शेरों की आबादी 674 से बढ़कर 891 हो गई है। 674 से 891! शेरों की गणना के बाद सामने आई शेरों की ये संख्या बहुत उत्साहित करने वाली है।" उन्होंने कहा, "आप में से बहुत से लोग यह जानना चाह रहे होंगे कि आखिर ये जानवरों की जनगणना होती कैसे है? ये अभ्यास बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शेरों की गणना 11 जिलों में, 35 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में की गई थी। गणना के लिए टीमों ने हर समय यानी चौबीसों घंटे इन क्षेत्रों की निगरानी की। इस पूरे अभियान में वेरिफिकेशन और क्रॉस वेरिफिकेशन दोनों किए गए। इससे पूरी बारीकी से शेरों की गिनती का काम पूरा हो सका।" उन्होंने कहा, "एशियाई शेरों की आबादी में बढ़ोतरी ये दिखाती है कि जब समाज में ऑनरशिप का भाव मजबूत होता है, तो कैसे शानदार नतीजे आते हैं। कुछ दशक पहले गिर में हालात बहुत चुनौतीपूर्ण थे। लेकिन वहां के लोगों ने मिलकर बदलाव लाने का बीड़ा उठाया। वहां लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ ही ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस को भी अपनाया गया। इसी दौरान गुजरात ऐसा पहला राज्य बना, जहां बड़े पैमाने पर वन विभाग के पद पर … Read more

भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा किया हासिल

नई दिल्ली भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक और बड़ी छलांग लगाई है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के लेटेस्ट आंकड़ों पर आधारित है। सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैं बोल रहा हूं, भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हमारी अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गई है। यह मेरा नहीं बल्कि IMF का डेटा है। भारत अब जापान से आगे निकल गया है।" उन्होंने आगे कहा कि अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से आगे हैं। यदि भारत की आर्थिक प्रगति इसी रफ्तार से चलती रही तो आने वाले 2 से 3 वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। IMF की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (अप्रैल 2025) रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत की GDP करीब 4,187 अरब डॉलर होगी। वहीं, जापान की GDP अनुमानित रूप से 4,186 अरब डॉलर रहने की संभावना है। भारत 2024 तक दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। IMF का कहना है कि भारत 2025 और 2026 में क्रमश: 6.2% और 6.3% की दर से विकास करेगा। इसके विपरीत वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2025 में 2.8% और 2026 में 3% रहने की संभावना है। यह आंकड़े भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को रेखांकित करते हैं। ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मजबूत कदम बैठक के दौरान ‘विकसित राज्य से विकसित भारत 2047’ विषय पर केंद्र और राज्यों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ। नीति आयोग के सीईओ ने बताया कि इस बैठक में मैन्युफैक्चरिंग, सेवाएं, ग्रामीण और शहरी गैर-कृषि क्षेत्र, अनौपचारिक क्षेत्र, ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सुब्रह्मण्यम ने कहा, “भारत अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से उसकी अर्थव्यवस्था बहुत तेज गति से आगे बढ़ सकती है। हम टेक-ऑफ स्टेज पर हैं।”   recent visitors 72

उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार ले रहा करवट, आज बारिश के आसार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है. केरल में मानसून की दस्तक का असर प्रदेश में भी कहीं ना कहीं दिखने रहा है. दिन में धूप, कभी बारिश, वहीं रात में हवाओं ने मौसम बदल दिया है. मौसम विभाग की मानें तो 25 मई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं पर बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान प्रदेश के दोनों हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है. रविवार को गोंडा, बलरामपुर, उन्नाव, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज, फर्रुखाबाद, गोरखपुर में बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, देवरिया,, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और उसके आसपास के इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. साथ ही आंधी भी चल सकती है. तापमान की बात करें तो शनिवार को सबसे ज्यादा तापमान झांसी में रहा. यहां पर 42.1डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. वहीं बांदा, उरई और मुरादाबाद जिले में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा गया है. राजधानी लखनऊ में 38.8 डिग्री अधिकतम और 27 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है. recent visitors 62

तूफानी हवाओं के साथ दिल्ली-NCR में हो रही झमाझम बारिश

नई दिल्ली शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली में जमकर बारिश हुई। बारिश के सात तेज हवाएं चलीं, जिससे पेड़ उखड़ गए। भीषण बारिश के कारण दिल्ली में गर्मी से राहत मिली है, हालांकि, लोगों मई के महीने में ऐसे मौसम की उम्मीद नहीं रहती है। दिल्ली के साथ ही देश के उत्तर-पश्चिमी कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर चला। कहा जा रहा है कि तेज बारिश के साथ गरज और तूफानी हवाओं का यह दौर कालबैसाखी हो सकता है। यह घटना देश के पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी के पहले की घटना है, जो पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में भी देखने को मिल रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर ये कालबैसाखी क्या है… कालबैसाखी या नॉरवेस्टर क्या है? कालबैशाखी को नॉरवेस्टर भी कहा जाता है। यह भयंकर आंधी के रूप में अप्रैल-मई के महीनों में पूर्वी भारत के राज्यों जैसे- पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, झारखंड और बिहार से उठती है। कालबैसाखी प्री-मॉनसून सीजन के दौरान ही देखने को मिलती है। नॉरवेस्टर शब्द की उत्पत्ति उत्तर-पश्चिम से पूर्व की ओर उठने वाला तूफान की सामान्य गति को दर्शाता है। कालबैसाखी एक स्थानीय नाम है, जिसका अर्थ अप्रैल-मई महीने की आपदा होता है। नाम के अर्थ से ही इसकी विनाशकारी प्रकृति का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के कई कारण रविवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला। इस दौरान बारिश के साथ ही गरज भी सुनने को मिली। इस बारिश को प्री-मानसून प्रणालियों से जोड़कर देखा जा सकता है। एक ही समय पर दिल्ली में बारिश के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। इससे बारिश के पूरे सिस्टम को पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर से होते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लाकर छोड़ा है। ये भूमध्य सागर पर उत्पन्न होते हैं। ये कम दबाव वाले सिस्टम हैं जो दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में बेमौसम बारिश के लिए जिम्मेदार होते हैं। मई के महीने ये सिस्टम गर्मी और नमी के साथ मिलकर गरज और भारी बारिश का कारण बन जाते हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भी नमी के साथ मिलकर एक पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की है।   recent visitors 55

युद्धपोत को समंदर में उतारने के दौरान ही हादसा, अधिकारियों पर गिरी गाज

उत्तर कोरिया उत्तर कोरियाई प्राधिकारियों ने हाल में नौसेना के डिस्ट्रॉयर शिप का जलावतरण असफल रहने के मामले में शिपयार्ड के तीन अधिकारियों को हिरासत में लिया है। देश के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक पोत को समंदर में उतारने के दौरान ही हादसा हो गया और यह क्षतिग्रस्त हो गया। किम जोंग उन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह आपराधिक लापरवाही के कारण हुआ है। उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए अहम माना जा रहा 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत अपने जलावतरण समारोह के दौरान बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर कोरिया के नेता किम भी शामिल हुए थे। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में पोत स्थल पर एक ओर पड़ा हुआ और नीले रंग के कवर से ढका नजर आ रहा है। पोत के कुछ हिस्से पानी में डूबे दिख रहे हैं। देश के दूसरे डिस्ट्रॉयर शिप के जलावतरण में विफलता किम के लिए शर्मिंदगी की बात है। किम अमेरिकी नेतृत्व वाली सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए नौसैनिक बलों को मजबूत करने पर जोर देते हैं। उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अपने पहले विध्वंसक पोत का जलावतरण किया था। यह भी 5,000 टन वजनी पोत है। सरकारी मीडिया ने बताया कि यह पोत उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा एवं सबसे उन्नत युद्धपोत है और इसे परमाणु मिसाइल सहित विभिन्न हथियारों को ले जाने के लिए बनाया गया है। आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने चोंगजिन शिपयार्ड के मुख्य अभियंता, पोत के एक हिस्से के निर्माण से जुड़ी कार्यशाला के प्रमुख और प्रशासनिक मामलों के उप प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है। प्राधिकारियों ने बताया कि वे बुधवार को जलावतरण असफल रहने के लिए जिम्मेदार हैं। केसीएनए ने पहले बताया था कि उत्तर कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग ने इस घटना की जांच शुरू करते हुए चोंगजिन शिपयार्ड के प्रबंधक हांग किल हो को तलब किया है। उत्तर कोरिया की प्रमुख सैन्य समिति ने शुक्रवार को कहा था कि जिम्मेदार लोगों को इस ‘अक्षम्य आपराधिक कृत्य’ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उत्तर कोरिया ने जलावतरण के दौरान युद्धपोत को कोई गंभीर नुकसान पहुंचने की बात से इनकार किया है। उसने कहा कि पोत के निचले में खरोंच आई और समुद्री का कुछ पानी पोत के एक हिस्से में भर गया जिसे निकालने, पोत की मरम्मत करने और खरोंचों को ठीक करने में कुल 10 दिन लगेंगे।   recent visitors 52

पंजाब किंग्स आईपीएल में 200 से अधिक का स्कोर डिफेंड करते हुए सबसे ज्यादा बार हारी

नई दिल्ली पंजाब किंग्स के नाम आईपीएल के इतिहास का एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। आईपीएल के अपने पहले खिताब की ओर देख रही पंजाब की टीम को दूसरी बार इस सीजन 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद हार मिली है। इसी के साथ पंजाब की टीम आईपीएल की पहली ऐसी टीम बन गई है, जिसने 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद सबसे ज्यादा मैचों में हार झेली है। पंजाब किंग्स के साथ ऐसा सातवीं बार शनिवार 24 मई को हुआ, जब दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में रौंद दिया। आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच 200 या इससे ज्यादा रन बनाने के बावजूद हार झेलने के मामले में पंजाब किंग्स शर्मनाक आंकड़ों के साथ शीर्ष पर है। टीम अब तक 7 मैच 200 से ज्यादा के टोटल को डिफेंड करते हुए हारी है। लिस्ट में दूसरा नाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू यानी आरसीबी का है, जिसने 6 बार 200 से ज्यादा का टोटल डिफेंड नहीं किया। चेन्नई सुपर किंग्स लिस्ट में तीसरे नंबर पर है, जिसने 5 मैच 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद हारे हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटन्स ने 4-4, राजस्थान रॉयल्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2-2 मैच 200 से ज्यादा का टोटल बनाकर गंवाए हैं। मुंबई इंडियंस अभी तक एक भी मैच 200 या इससे ज्यादा रनों का टोटल बनाकर नहीं हारी है। सबसे ज्यादा बार 200 का स्कोर डिफेंड करते हुए हार 7 मैच – पंजाब किंग्स 6 मैच – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू 5 मैच – चेन्नई सुपर किंग्स 4 मैच – कोलकाता नाइट राइडर्स 2 मैच – सनराइजर्स हैदराबाद 2 मैच – लखनऊ सुपर जायंट्स हालांकि, आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा बार 200 या इससे ज्यादा रन बनाने के मामले में पंजाब किंग्स तीसरे नंबर पर है। सबसे ज्यादा 34 बार सीएसके ने 200 से ज्यादा रन आईपीएल में बनाए हैं। आरसीबी ने 33 बार ये कमाल किया है। वहीं, पंजाब किंग्स 31 बार आईपीएल में 200 प्लस का टोटल बना चुकी है। मुंबई इंडियंस ने 29 बार इस कारनामे को अंजाम दिया है, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने 26 बार ये करिश्मा किया है। सनराइजर्स हैदराबाद ने 25, दिल्ली कैपिटल्स ने 18, गुजरात टाइटन्स ने 15 और एलएसजी ने 12 बार ये कमाल किया है। आईपीएल में सबसे ज्यादा 200 रन बनाने वाली टीमें 34 – चेन्नई सुपर किंग्स 33 – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू 29 – कोलकाता नाइट राइडर्स   recent visitors 66