केरल में मानसून का आगमन, पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी दी दस्तक

 नई दिल्ली केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी हुआ है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हो रहा है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। क्या पूरे देश में जल्दी पहुंचेगा मानसून? मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून की शुरुआत की तारीख और पूरे देश में मौसम के दौरान होने वाली कुल बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। केरल में जल्दी या देर से आने वाले मानसून का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों को भी उसी हिसाब से कवर करेगा। recent visitors 64

मदरसा शिक्षक नहीं लिख सके बृहस्पतिवार, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हैरान

बहराइच यूपी के बहराइच में मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा सात के बच्चों को सप्ताह के सातों दिनों के नाम तक ठीक से नहीं पता है। अफसोस की बात यह है कि बच्चों की इन गलतियों को मदरसे में 92 हजार रुपये के वेतन पर पढ़ाने वाले शिक्षक भी नहीं पकड़ पाए। बृहस्पतिवार कैसे लिखते हैं, यह तक मदरसा के शिक्षक नहीं जानते हैं। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में हुआ है। दो दिन पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा ने महसी इलाके के मदरसा दारुल उलूम अशरफिया हस्मतुरर्जा का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब उन्होंने छात्रों की कापी देखी तो पाया कि कक्षा सात का छात्र अपने हिन्दी की कॉपी में सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नहीं लिख सका है। उसकी कॉपी को मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षक मौलवी साहब ने जांची तो गलती के बावजूद उन पर सही का निशान लगा मिला। यह देखकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भड़क गए। उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या कॉपी में लिखा बृहस्पतिवार सही है। इस पर मौलवी साहब बगले झांकने लगे। मौलवी ने बताया 92 हजार रुपये वेतन मिलता है कई बार सवाल पूछने पर मौलवी साहब ने उंगली से कॉपी पर इशारा करते हुए बताया कि मात्रा इधर से होनी चाहिए, लेकिन जो वह उंगली से बता रहे थे। वह भी गलत था। इस पर अधिकारी ने पूछा कि कितना वेतन पाते हो तो मौलवी ने बताया कि 92 हजार रुपये। इससे हतप्रभ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कहा कि इससे खराब क्या हो सकता है कि कक्षा सात का छात्र सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नही लिख पा रहा है। उन्होंने शिक्षक गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य के लिए चेतावनी भी जारी की। recent visitors 56

साउथ की फिल्म इंडस्ट्री को पातालकोट भाया, आज से शूटिंग शुरू, लोकल कलाकारों को भी मिलेगा मौका

छिंदवाड़ा  अब तक पातालकोट के आदिवासियों की अलग-अलग कहानी सुनी और देखी होगी. लेकिन अब पातालकोट के आदिवासी बड़े पर्दे पर नजर आएंगे. क्योंकि यहां की वादियों में भी लाइट, कैमरा और एक्शन की गूंज सुनाई देगी. साउथ की फिल्म इंडस्ट्री को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा का पातालकोट भा गया है. शनिवार से यहां पर तेलुगु फिल्म की शूटिंग शुरू हो रही है. जिसमें यहां के लोकल कलाकार भी शामिल होंगे. 25 दिनों तक पातालकोट में गूंजेगा लाइट कैमरा एक्शन जिले में पर्यटन विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इस कड़ी में मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस के मौके पर शनिवार को एक तेलगू फिल्म की शूटिंग शुरू होगी. मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और जिला प्रशासन के सहयोग से करीब 25 दिनों तक चलने वाली तेलगू फिल्म भार्गवी की शूटिंग की जाएगी. बता दें कि हर साल 24 मई को मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस मनाया जाता है. फिल्मी पर्दे पर दिखेंगे पातालकोट के लोग अब तक पातालकोट के वनवासियों के बारे में अलग-अलग जानकारियां मिलीं कि जंगल में रहने वाले पातालकोट के आदिवासियों की जिंदगी भी अलग है. लेकिन अब फिल्म शूटिंग के जरिए पातालकोट के आदिवासी भी बड़े पर्दे पर नजर आएंगे. इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा. कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि, ''पर्यटन विकास के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. साऊथ फिल्म इंइस्ट्री से छिंदवाड़ा आ रहे प्रोड्यूसर, डायरेक्टर व फिल्मों की टीम से जुड़े कलाकारों व तकनीकी सहयोगियों को सुरक्षित माहौल और बिना परेशानी के फिल्म अनुमति व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं. जिससे साऊथ फिल्म इंइस्ट्री को छिंदवाड़ा और यहां का हिल स्टेशन तामिया और पातालकोट भा गए हैं. मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड व जिला प्रशासन के संवेदनशील रूख के कारण तामिया में तेलगू फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला आगे बढ़ रहा है और शनिवार से तामिया में तेलगू फिल्म भार्गवी की शूटिंग शुरू होने जा रही है.'' साउथ के सुपरस्टार छिंदवाड़ा में डालेंगे डेरा साउथ के जाने माने निर्देशक निर्माता जी अशोक इस फिल्म की शूटिंग करेंगे, जिसमें कई बेहतरीन कलाकार हिस्सा लेंगे. बता दें कि जी अशोक ने दुर्गामती, भागमती, कुछ खट्टा हो जाए और चित्रांगदा जैसी बड़ी फिल्में बनाईं हैं. इस फिल्म से निर्देशक वाई एस श्रीनिवास वर्मा भी जुड़े हैं, जो साऊथ फिल्म इंइस्ट्री के बड़े निर्देशक के रूप में पहचाने जाते हैं. तामिया की वादियों और होमस्टे में होगी शूटिंग तामिया में फिल्म की शूटिंग के व्यवस्था से जुड़े लाइन प्रोड्यूसर उमर गुल खान ने बताया कि, ''भार्गवी फिल्म की शूटिंग के दौरान तामिया, पातालकोट, पर्यटन ग्राम काजरा की ज्यादा से ज्यादा लोकेशन दिखाई जाएगी और तामिया, छिंदवाड़ा के लोगों को रोजगार दिया जाएगा.'' स्थानीय कलाकारों, बढ़ई, केटरर, होटल, ट्रेवल्स को रोजगार से जोड़ने वाले उमर गुल खान इसके पहले तामिया में फीचर फिल्म तपिंच कोलेरू व ओटीटी वेब सीरिज सरपंच साहब के साथ कई वीडियो एलबम कर चुके हैं. recent visitors 56

खेत में 38 क्विंटल 36 किलो गांजा मिला, टीआई ने मामले में दिखाई उदासीनता, अब हुए संस्पेड

शहडोल  मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में करोड़ों के गांजा मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सवा तीन करोड़ के गांजे मामले में उदासीनता बरतने वाला टीआई (थाना प्रभारी) को सस्पेंड कर दिया गया है। शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाने में पदस्थ टीआई एसपी चतुर्वेदी को एसपी रामजी श्रीवास्तव ने निलंबित कर दिया है। दरअसल हाल ही में 38 क्विंटल से अधिक गांजा पकड़ने का मामला सामने आया था। इस मामले की कार्रवाई में टीआई की उदासीनता सामने आई थी। रिटायर्ड DFO के खेत में लावारिस हालत में 121 बोरियों में 38 क्विंटल 36 किलो 100 ग्राम गांजा मिला था। इस गांजे की कीमत लगभग 3 करोड़ 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई थी। इतने बड़े मामले में संबंधित थाने की भनक नहीं लगी थी। recent visitors 39

अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को कहा पागल कुत्ता, पाकिस्तान को बताया उसका हैंडलर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए भारत का डेलीगेशन एक एक करके दुनियाभर के देशों में पहुंच रहा है। ऐसे में दुनियाभर में अब पाकिस्तान की पोल खुलने लगी है। इस बीच जापान में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, "हम यहां संदेश और सच्चाई साझा करने के लिए आए हैं कि भारत झुकने से इनकार करता है। हम डर के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। मैं एक राजनीतिक दल से संबंधित हूं जो विपक्ष में है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पाकिस्तान को उसकी भाषा में सबक सिखाया जाना चाहिए। अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है, तो पाकिस्तान एक जंगली हैंडलर है। हमें सबसे पहले इस जंगली हैंडलर से निपटने के लिए दुनिया को एक साथ लाने की जरूरत है। अन्यथा, यह जंगली हैंडलर और अधिक पागल कुत्तों को पालेगा और बड़ा करेगा। विदेशों में खुलने लगी पाकिस्तान की पोल इसके अलावा आज दो और डेलीगेशन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अगुवाई में एक डेलिगेशन गुयाना के लिए रवाना हो गया, जो अमेरिका, पनामा, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेगा। डेलिगेशन में शशि थरूर के साथ डॉ सरफराज अहमद, शांभवी, जीएम हरीश बालयोगी, शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, तेजस्वी सूर्या और मिलिंद देवड़ा शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में भी सांसदों का एक डेलिगेशन बहरीन के लिए रवाना हो गया है। ये डेलिगेशन सऊदी अरब, कुवैत और अल्जीरिया जाएगा और ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखेगा। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा के डेलिगेशन का हिस्सा हैं। 'हम डर के आगे नहीं झुकेंगे' टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया. उन्होंने साफ कहा कि भारत झुकेगा नहीं. हम डर के आगे नहीं झुकेंगे. भारत अब आतंकवाद का जवाब उसी भाषा में देगा जो उसे (पाकिस्तान) समझ आती है. हम सटीक, नियंत्रित और गैर-उकसाऊ तरीकों से जवाब दे रहे हैं. लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे. हमारे सभी उत्तर और कदम सटीक, सोच-समझकर उठाए गए और गैर-उकसावे वाले हैं. 'पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर करेंगे' बनर्जी ने कहा, हम कुछ विशेष तस्वीरें और फुटेज सामने लाएंगे, ताकि पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने उजागर हो सके. सब कुछ सार्वजनिक है. उन्होंने पाकिस्तान पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद सार्वजनिक डोमेन में आई तस्वीरों में देखा गया कि मारे गए आतंकियों के जनाजों में पाकिस्तान की सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. 'प्रवासी हैं भारत की असली ताकत' अभिषेक ने भारतीय प्रवासियों को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा, भारतीय प्रवासी संस्कृति, खानपान, संगीत और परंपरा के जरिए अपार प्रभाव रखते हैं. आप भारत को जीते हैं. आप भारत को सांस में लेते हैं. मैं चाहता हूँ कि आप देश के प्रमुख प्रचारक बनें और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत के संदेश को फैलाएं. अभिषेक ने आगे कहा, आप भारत में नहीं हैं, लेकिन भारत आपमें है. आप हमारी सांस हैं, हमारी पहचान हैं. आप ही हैं जो दुनिया को भारत का सच बता सकते हैं. उन्होंने भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया, नेटवर्क और समुदायों के जरिए भारत का पक्ष रखें और आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाएं. 'TRF और पाकिस्तान का संबंध उजागर' बनर्जी ने कहा, पहलगाम हमले के 24 घंटे के भीतर आतंकवादी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने अटैक की जिम्मेदारी ली. ये लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन है,जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. हमें यह भी पता है कि कैसे पाकिस्तान ने लश्कर का नाम उस सूची से हटाने की कोशिश की. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से पाकिस्तान के संबंध को वैश्विक मंच पर उजागर करने की मांग की. 'अगर आतंकवाद पागल कुत्ता है तो PAK उसका जहरीला पालक' अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर दुनिया को आतंकवाद से बचाना है तो पहले उसके पोषक (पाकिस्तान) पर लगाम लगानी होगी. वरना ये पालक और भी पागल कुत्तों को जन्म देता रहेगा. उन्होंने कहा, मैं विपक्षी पार्टी से आता हूं और मैंने हमेशा कहा है- पाकिस्तान से उसी भाषा में बात की जानी चाहिए जो वह समझता है. अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है तो पाकिस्तान उसका विषैला पालक है. पहले हमें इस जहरीले पालक को नियंत्रित करना होगा, वरना यह और पागल कुत्ते पैदा करता रहेगा. बनर्जी ने भारतीय समुदाय को 'देश का सबसे जुनूनी प्रचारक' बनने को कहा और भाषण का अंत करते हुए 'जय हिंद' का नारा लगाया. क्या बोले शशि थरूर गुयाना रवाना होने से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद की पोल खोलने के लिए हम जा रहे हैं। हम लोगों को ये समझाने के लिए जा रहे हैं कि आखिर हमारा अनुभव क्या था। इसके अलावा बहरीन रवाना होने से पहले ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी शिविर चला रहा है, जिसे लेकर हम चारों देशों से इसके बारे में बात करेंगे। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने इस दौरे को लेकर कहा, "आज हमारा डेलीगेशन पश्चिम एशिया की इस यात्रा पर निकल रहा है। सबसे बड़ा संदेश वह एकता है जो भारत ने दुनिया को दिखाई है और दिखाना जारी रखा है। हम इस संदेश को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि युद्ध के मैदान में जीत हासिल करने के बाद, दुनिया से आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहना महत्वपूर्ण है। हम एक विशेष प्रकार के आतंकवाद से पीड़ित हैं जो राज्य द्वारा प्रायोजित है।" जेडीयू नेता ने कहा, सरकार ने तय किया कि अलग-अलग जाकर बताना जरूरी है कि वहां की सरकार और आर्मी ही इस सारे काम में शामिल है। हम और दुनिया न्युट्रल नहीं रह सकती। हमने तो संदेश दे दिया है कि हम पर आएगा तो घर में घुसकर मारेंगे। हम शांति से नहीं बैठेंगे। पाकिस्तान को यह बात समझ लेनी चाहिए कि भारत के बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता। वह कुछ करेगा तो हम घुसकर मारेंगे। संजय कुमार झा ने कहा, हमने फोटोग्राफ दिखाए कि पाकिस्तान के सेना के अधिकारी आतंकियों के जनाजे में शामिल हो रहे हैं। पाकिस्तान का हाल तो … Read more

हाईकोर्ट ने कविता रैकवार की पार्षदी पुनः बहाल करने के आदेश दिए

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर से भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार के पार्षदी शून्य करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने डिविजनल कमिश्नर के आदेश को रद्द करते हुए कविता रैकवार की पार्षदी पुनः बहाल करने के आदेश दिए हैं। दरअसल 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा ने भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार की पार्षदी सिर्फ इस आधार पर रद्द कर दी थी कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। आपको बता दें कि संभागीय कमिश्नर ने यह आदेश भोपाल की उच्च स्तरीय जांच कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर सुनाया था। एक दिन पहले ही उच्च स्तरीय आदेश को हाई कोर्ट कर चुका था खारिज 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर के आदेश के पहले यानी की 28 अप्रैल को हाई कोर्ट भोपाल की उच्च स्तरीय जांच को खारिज कर चुका था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस तरह से किसी के आरोप मात्र लगा देने से किसी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी नहीं हो जाता। हाई कोर्ट ने इसमें कहा था कि आप इस मामले में पहले जांच कर ले और जांच में जो बिंदु निकले उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए। लेकिन 28 तारीख को हाई कोर्ट का फैसला आया और उसके एक दिन बाद ही संभागीय कमिश्नर ने भोपाल की उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कविता रैकवार की पार्षदी रद्द कर दी। जिसके बाद कविता रैकवार ने मामले को दोबारा हाईकोर्ट में चुनौती दी।   हाईकोर्ट ने एक बार फिर से मामले की सुनवाई करते हुए कहा की जब पिछले आदेश में ही यह बात क्लियर हो चुकी थी, कि किसी के आरोप मात्र के आधार आप किसी का जाति प्रमाण पत्र रद्द नहीं किया जा सकता। फिर दोबारा क्यों इस मामले की जांच नहीं कराई गई और कैसे महिला की पार्षदी रद्द कर दी गई। हाई कोर्ट ने दोबारा महिला की पार्षदी बहाल करने के निर्देश दिए। हाई कोर्ट में इस मामले में की टिप्पणी हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि जांच कमेटी का ये दायित्व बनता है कि वो जिस पर आरोप लगाए गए है उससे सुबूत न मांगते हुए आरोप लगाने वाले से सबूत मांगे जाने चाहिए। लेकिन यहां उल्टी गंगा बह रह रही है। कोर्ट ने कहा कि महिला पार्षद ने सक्षम अधिकारी के समक्ष ही दस्तावेज जमा करवाकर कास्ट सर्टिफिकेट बनवाया होगा। जब महिला ने दस्तावेज जमा किए होंगे तो सक्षम अधिकारी द्वारा उसकी जांच करके ही यह सर्टिफिकेट जारी हुआ होगा। फिर ऐसे में कैसे उस सक्षम अधिकारी की कलम को बिना जांच के ही खारिज किया जा सकता है। क्या है पूरा मामला दरअसल 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा ने जबलपुर से भाजपा से महिला पार्षद कविता रैकवार की पार्षदी सिर्फ इसलिए शून्य कर दी थी क्योंकि महिला पर फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगा था। जबलपुर के वार्ड क्रमांक 24 हनुमानताल वार्ड  पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित था, जहां से साल 2022 के नगर निगम चुनाव में बीजेपी की कविता रैकवार चुनाव जीती थी। चुनाव जीतने के बाद किसी ने कविता रैकवार के जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत कर दी थी। शिकायत में कहा गया था कि कविता रैकवार सामान्य वर्ग से आती है, लेकिन उसने ओबीसी का फर्जी सर्टिफिकेट बना चुनाव लड़ा था। शिकायत पर भोपाल की उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच कर महिला से उसके ओबीसी होने की सबूत मांगे और उसके बाद उसके सर्टिफिकेट को ही फर्जी बता दिया। इसी आधार पर संभागीय कमिश्नर ने महिला की पार्षदी को शून्य कर दिया। दरअसल कविता रैकवार महाराष्ट्र की रहने वाली है और उनकी शादी जबलपुर में हुई थी जो कि ओबीसी वर्ग से आते हैं। लेकिन शिकायतकर्ता कहना है की कविता रैकवार के पति ओबीसी से है लेकिन कविता रैकवार सामान्य वर्ग से आती है। recent visitors 59

अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो उसे मध्यस्थता नही कहा जाएगा- थरूर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए टीम इंडिया ग्लोबल मिशन पर है. शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हो गया है. ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में पाकिस्तान के काले कारनामों से रूबरू कराएगा. इससे पहले थरूर ने  बातचीत में भारत की भूमिका, विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक को लेकर रुख स्पष्ट किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर भी टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में पारदर्शिता और संवाद की परंपरा रही है, लेकिन इसे ‘मध्यस्थता’ कहना गलत होगा. थरूर ने कहा, आप हमारी सरकार का रुख बहुत अच्छे से जानते हैं. किसी भी संकट के दौरान उन देशों के साथ हमेशा संपर्क होता है, जो फोन करते हैं और मदद मांगते हैं. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई औपचारिक मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई है. ना ऐसा कोई अनुरोध आया, ना ही भारत ने ऐसी कोई पहल की है. थरूर ने उदाहरण देकर समझाया थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, और हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो क्या उसे मध्यस्थता कहा जाएगा? मुझे नहीं लगता है. उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, हमारे विदेश मंत्री हमेशा यह बात सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं कि किसने उनसे संपर्क किया. जब भी किसी अन्य विदेश मंत्री ने उन्हें कॉल किया, उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है. थरूर उन सात संसदीय समूहों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा रहा है. 'भारत का रुख साफ है…' थरूर ने कहा है कि जब वे विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो वहां वो भारत का स्पष्ट और एकजुट रुख पेश करेंगे. उन्होंने कहा, यह बेहद अहम है, जब दुनिया भारत को देख रही है, हम सब एक ही पेज पर हों. थरूर ने बताया कि सरकार की ओर से जो ब्रीफिंग दी गई, उसका मकसद भी यही था कि सभी सांसद एक साझा रुख को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा, हम सब इस भावना के साथ जा रहे हैं कि हम देश की ओर से बोल रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के आंतरिक मतभेद उनके विदेश दौरे को प्रभावित करेंगे तो थरूर ने स्पष्ट किया कि हम जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होते हैं तब हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, पार्टी का नहीं. घरेलू राजनीति की चर्चा का स्थान संसद या देश के मंच हैं. न कि अंतरराष्ट्रीय सभाएं. किन देशों के दौरे पर हैं थरूर? शशि थरूर ग्रुप 5 की अगुवाई कर रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में LJP, JMM, TDP, BJP और शिवसेना के सांसद भी शामिल हैं.  डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्या बयान दे रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मदद की है और यह व्यापार वार्ताओं के जरिए संभव हुआ. उन्होंने कहा, मैं नहीं कहना चाहता कि मैंने किया, लेकिन मैंने मदद की. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का परिणाम था.   recent visitors 63