जबलपुर के एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत

जबलपुर  एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत हो गई है. इन घोड़ों की मौत के बाद एक अनजान बीमारी का डर फैल गया है. घोड़े को ग्लैंडर्स (एक संक्रामक रोग है जो बर्कहोल्डरिया मैलेई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है) नाम की एक बीमारी होती है. दुनिया में कई जगह घोड़े से यह बीमारी आदमियों तक भी पहुंचती है. इस बीमारी में बैक्टीरिया घोड़े के शरीर में जन्म लेता है उसके शरीर में गांठे बनती हैं और इन्हीं की वजह से उसकी मौत हो जाती है. हैदराबाद से आए थे 57 घोड़े यह मामला पनागर के पास रैपुरा गांव है. यहीं के निवासी सचिन तिवारी जबलपुर में एक रेस कोर्स खोलने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए इन्होंने हैदराबाद से 57 घोड़े बुलवाए थे. सचिन की तैयारी थी कि कुछ ही दिनों में रेस कोर्स शुरू हो जाएगा. यह प्रदेश का पहला रेस कोर्स बनने वाला था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और अचानक तबीयत बिगड़ने से 8 घोड़ों की मौत हो गई. अनजान बीमारी से हुई 8 की मौत शुरुआत में सचिन तिवारी को लगा कि हैदराबाद से जबलपुर आने की वजह से घोड़ों को यहां का मौसम अभी सूट नहीं हो रहा है. जिसकी वजह से उनकी थोड़ी बहुत तबीयत खराब हो रही हो. जब तक घोड़े सिर्फ बीमार थे तब तक सचिन तिवारी चिंता में नहीं थे, लेकिन जैसे ही घोड़ों की मौत शुरू हुई उनकी चिंता बढ़ने लगी. धीरे-धीरे करके 8 घोड़ों की मौत हो गई और अभी भी कई घोड़े बीमार हैं. सचिन तिवारी ने तुरंत इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी. रेस कोर्स में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने इस मामले में तुरंत 4 रैपिड एक्शन टीम बनाई. क्योंकि घोड़ों की मौत की एक बड़ी वजह ग्लैंडर्स नाम की बीमारी होती है. वेटरनरी डॉक्टर की टीम तुरंत रेस कोर्स में पहुंची और बीमारी की जांच शुरू की. वेटरनरी डॉक्टर देवेंद्र गुप्ता ने बताया, "घोड़ों को जो बीमारी हुई है उसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्लैंडर्स होने की आशंका है. इसलिए घोड़ों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, यदि उन्हें ग्लैंडर्स बीमारी होती है तो घोड़ो को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. ताकि यह बैक्टीरिया एक जानवर से दूसरे जानवर में न फैल सके." ग्लैंडर बीमारी होने की जताई जा रही आशंका जबलपुर के वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टर आदित्य मिश्रा ने बताया, "ग्लैंडर्स के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह बैक्टीरिया घोड़े से आदमियों तक फैल सकता है, हालांकि, ऐसे कम ही मामले सामने आए हैं." ग्लैंडर्स बीमारी में जब बैक्टीरिया घोड़े में बनते हैं तो उसके शरीर में गांठे बन जाती हैं और यह गांठें इतनी खतरनाक होती हैं कि इससे घोड़े की मौत हो जाती है. यह बैक्टीरिया हवा में फैल सकते हैं. इनके संपर्क में आने से घोड़े और आदमी बीमार पड़ जाते हैं. इसलिए देश भर में जब भी ऐसी कोई संभावना नजर आती है, तो तुरंत प्रशासन सतर्क होकर उसे रोकने की कार्रवाई शुरू कर देता है." जानलेवा है ग्लैंडर्स बैक्टीरिया संक्रमण हालांकि, वेटरनरी डॉक्टर ने जो सैंपल भेजे थे उनमें अभी तक ग्लैंडर्स की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि चिंता की बात नहीं है. लेकिन एक सवाल है कि आखिर एक साथ इतने सारे घोड़े कैसे मर गए. वेटरिनरी विभाग इसकी जांच कर रहा है कि आखिर इन घोड़ों को हुआ क्या है?. फिलहाल, जबलपुर वेटरनरी डिपार्टमेंट की टीम इसकी जांच में लगी हुई है. साथ ही बीमार घोड़ों के संपर्क में आने वालों को चिन्हित किया जा रहा है, जिससे की उन्हें दूसरे लोगों से मिलने से रोका जा सके. यदि कोई अनजान बैक्टीरिया या वायरस घोड़े की वजह से किसी तक पहुंचा हो तो वह आगे ना बढ़ सके. recent visitors 48

टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ पहुंची अदालत

पंजाब पंजाब किंग्स की स्वामित्व वाली कंपनी केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड में नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है। PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया है। उन्होंने 21 अप्रैल को कंपनी की अहम मीटिंग को अवैध ठहराने की मांग की है। पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े।   recent visitors 65

इंदौर में बनेगा भव्य रणजीत लोक, पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक

इंदौर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर का कायापलट होने जा रहा है। यहां रणजीत लोक बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर कुल 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लान तैयार हो चुका है, टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा- रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के पास बने बड़े मैदान से प्रवेश करेंगे। वहां से एक पाथ-वे के माध्यम से छोटी पार्किंग तक पहुंचेंगे। पाथ-वे में जिग-जैग पैटर्न पर रेलिंग लगाई जाएंगी। इनकी संख्या भीड़ के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी।इसके बाद श्रद्धालु दत्त मंदिर से होते हुए दर्शन की मुख्य लाइन में पहुंचेंगे। भगवान के दर्शन कर वहीं से वापस बाहर निकलेंगे। पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- यहां सभी तरह के मौसम के मुताबिक व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी ताकि सर्दी, गर्मी और बारिश में भक्तों को परेशानी न हो। बैठने के लिए नई बेंच लगेंगी। बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।25 फीट का पाथ-वे बनेगा, इसकी दीवारों पर पत्थरों से भगवान हनुमान से जुड़े दृश्य उकेरे जाएंगे। रामायण और सुंदरकांड को तस्वीरों में दर्शाया जाएगा। छत पर कशीदाकारी, बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी रोशनी रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। भक्त पाथ-वे के जरिए दर्शन करने जाएंगे। यहां एलईडी पर भगवान के लाइव दर्शन होंगे।स्मार्ट सिटी संभाल रहा निर्माण की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते इसका काम शुरू किया जा चुका है। पांचवीं पीढ़ी संभाल रही पूजा-अर्चना का काम वर्तमान पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा स्व. पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। व्यास के अनुसार, होलकर राजा जब भी युद्ध के लिए जाते थे तो यहां पूजा-हवन करते थे। विजय की कामना के साथ यहां आते और फिर युद्ध के लिए जाते थे इसलिए मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा। उन्होंने कहा- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यहां रणजीत अष्टमी मनाई जाती है। सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली जाती है। दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाती है। 21 लाख रुपए के रथ पर सवार होकर रणजीत हनुमान नगर भ्रमण करते हैं। महाकाल लोक के बाद अब मध्यप्रदेश में हनुमान लोक नजर आएगा। इसका निर्माण सौंसर के जाम सांवली में होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड 314 करोड़ की लागत से करीब 30 एकड़ में इसका निर्माण करवा रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 6 फेज में हनुमान लोक कॉरिडोर का काम होगा। फर्स्ट फेज में 35 करोड़ की लागत से एंट्रेंस प्लाजा से हनुमान लोक तक का काम किया जाएगा। recent visitors 52

मुख्यमंत्री साय बोले – व्यर्थ नहीं जाएगा शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान, नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प करेंगे पूरा

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।   मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।           इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे। recent visitors 41

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ऐसी बात, जैसे हम लोगों को हत्या करने से नहीं रोक सकते वैसे ही

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी एप्लीकेशन को विनियमित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। पीठ ने कहा कि वह केंद्र से पूछेगी कि वह इस मुद्दे पर क्या कर रहा है क्योंकि उसने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहायता भी मांगी गई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने के ए पॉल की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिन्होंने दावा किया था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े ऐप का इस्तेमाल करने के बाद कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली लोग, अभिनेता और क्रिकेटर इन ऑनलाइन ऐप का प्रचार कर रहे हैं, जिसके कारण बच्चे सट्टेबाजी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए पॉल ने कहा, 'मैं यहां उन लाखों माता-पिता की ओर से पक्ष रख रहा हूं, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में अपने बच्चे खोए हैं। तेलंगाना में 1,023 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की, क्योंकि 25 बॉलीवुड और टॉलीवुड अभिनेताओं/प्रभावशाली लोगों ने मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ किया।' उन्होंने यह भी दावा किया कि तेलंगाना में प्रभावशाली लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, क्योंकि मामला मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का है। पीठ ने कहा कि वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकती क्योंकि ये समाज की विकृतियां हैं और कानून बनाकर लोगों को स्वेच्छा से सट्टेबाजी में लिप्त होने से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'क्या किया जा सकता है? सैद्धांतिक रूप से हम आपके साथ हैं कि इसे रोका जाना चाहिए… लेकिन शायद आप इस गलतफहमी में हैं कि इसे कानून के जरिए रोका जा सकता है।' उन्होंने कहा, 'जैसे हम लोगों को हत्या करने से नहीं रोक सकते, वैसे ही कोई कानून लोगों को सट्टेबाजी या जुआ खेलने से नहीं रोक सकता।' पॉल ने कहा कि कुछ पूर्व क्रिकेटर भी इन ऐप को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण बहुत से युवा सट्टेबाजी में लिप्त हो रहे हैं।   recent visitors 61

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की हरकतें MP पुलिस की भी रडार पर, पूछताछ कर पुलिस टीम वापस लौटी

 उज्जैन यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने की जानकारी सामने आने के बाद, उसके एक वीडियो को लेकर पुलिस सतर्क हो गई थी। इसके बाद पुलिस की पांच सदस्यीय टीम, ज्योति से पूछताछ के लिए हिसार गई। हालांकि, टीम वहां से खाली हाथ लौटी। जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा एक साल पहले उज्जैन और इंदौर गई थी। उसने इसके वीडियो यूट्यूब पर शेयर किए, लेकिन उज्जैन रेलवे स्टेशन के बाद का एक भी वीडियो अपलोड नहीं किया। उज्जैन पुलिस की पांच सदस्यीय टीम मंगलवार को पूछताछ के लिए हिसार गई थी। टीम वहां दो दिन रुकी और पूछताछ के बाद गुरुवार रात को वापस लौट आई। उज्जैन-इंदौर पहुंची, लेकिन वीडियो शेयर नहीं किए ज्योति के यू-ट्यूब चैनल Travel with JO पर उज्जैन और इंदौर के वीडियो अपलोड हैं। पहला वीडियो हिसार से उज्जैन की रेल यात्रा का है। जबकि दूसरा वीडियो इंदौर से दिल्ली की बस यात्रा का है। ज्योति एक ट्रैवल ब्लॉगर है। पर्यटन नगरी होने के बाद भी ज्योति ने यहां के वीडियो शेयर क्यों नहीं किए। एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद टीम को पूछताछ के लिए भेजा गया था, लेकिन पूछताछ में कोई खास जानकारी नहीं मिली। अब टीम अन्य सोर्सेज से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ज्योति ने उज्जैन से संबंधित कितने वीडियो बनाए और उन्हें अपलोड क्यों नहीं किया। पहले वीडियो में क्या? हिसार से ट्रेन में बैठते हुए ज्योति ने महाकाल मंदिर के बारे में बताया। रास्ते में भी वीडियो बनाया। उज्जैन रेलवे स्टेशन उतरते ही यात्री और ऑटो रिक्शा चालकों से चर्चा की। इस दौरान वो महाकाल मंदिर की भी बात कर रही है। दूसरे वीडियो में क्या? इंदौर से उज्जैन, नागदा, मंदसौर होते हुए राजस्थान और फिर दिल्ली तक के सफर के बीच ज्योति ने इंदौर-उज्जैन और नागदा के बारे में बताया। recent visitors 52

जोधपुर में अवैध रूप से रह रहे 153 बांग्लादेशियों को किया डिपोर्ट

जोधपुर राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को 153 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। इन्हें सीकर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जोधपुर लाया गया, जहां से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां से इन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर उनके देश वापस भेजा जाएगा। सरकार की ओर से यह सख्त संदेश दिया गया है कि नया भारत अब अवैध प्रवास को बर्दाश्त नहीं करेगा। देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई भी उसी नीति का हिस्सा है। राजस्थान पुलिस ने हाल ही में एक विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में अवैध प्रवासियों की पहचान की थी। इस दौरान कुल 1008 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनमें से अकेले जयपुर रेंज से 761 और सीकर से 394 अवैध नागरिक चिन्हित किए गए। पहले चरण में 148 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। अब दूसरे चरण में 153 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया है। यह कार्रवाई सीकर पुलिस की निगरानी में की गई, जिसमें नागरिकों को सीकर से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन लाया गया और फिर वहां से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। सरकार को खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि राजस्थान में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके बाद ही यह व्यापक अभियान चलाया गया और विभिन्न जिलों से इन नागरिकों को पकड़ा गया। recent visitors 62