आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे -जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ तनाव के मुद्दे पर उपदेश देने वाले यूरोपीय देशों को सुनाया है। एस. जयशंकर ने नीदरलैंड के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूरोप के देश तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही स्थिरता और शांति के दौर में हैं। खासतौर पर 1991-92 के बाद से और ज्यादा अच्छी स्थिति रही है, लेकिन हम बीते 80 सालों से ऐसे संघर्ष को झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप तो आतंकवाद को ही नकारते रहे हैं, लेकिन हम लगातार 8 दशक से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, उसके बारे में हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास दो कठिन पड़ोसी हैं- चीन और पाकिस्तान। हमारे लिए पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद वाली परेशानी हमेशा रही है। इसलिए हमने इस कठिन दुनिया में चुनौती को पूरी मजबूती के साथ झेला है। लेकिन मुझे लगता है कि यूरोप के देश तो इस समस्या से मुंह ही चुराते रहे हैं।' उनसे पत्रकार ने सवाल पूछा कि यदि पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव को समाप्त कर लिया जाए तो तीनों देश तेजी से आगे बढ़ेंगे। इस पर जयशंकर ने कहा कि आप ऐसा इसलिए कह पा रहे हैं क्योंकि यूरोप में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ही सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा आर्थिक समृद्धि और स्थिरता से भी पहले का मसला है। जयशंकर ने कहा कि भारत की सुरक्षा चुनौतियां यूरोप के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसी स्थिति के चलते हमें सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ती है। आज आप समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आपकी (यूरोप) स्थिति दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही शांतिपूर्ण और स्थिरता वाली रही है। आप आज रियलटी चेक कर रहे, हम 8 दशकों से ऐसे ही हैं विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोप में खासतौर से 1991-92 के बाद तो स्थिति और सुधर गई। आपका यह अच्छा भाग्य रहा कि भू-राजनीतिक तौर पर आपको अच्छे हालात मिले। इसलिए आपने यह सोचा कि सब कुछ नॉर्मल है। हमारी स्थिति ऐसी नहीं है।' उन्होंने कहा कि हालांकि आज यूरोप रियलटी चेक कर रहा है। हम इस रियलटी के साथ तो बीते 8 दशकों से जी रहे हैं। इसलिए हमारे पास सुरक्षा को मजबूत करने से पहले कोई और चॉइस ही नहीं है। recent visitors 58

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व, जाने कब और कैसे बनता है गुरु पुष्य योग?

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु पुष्य योग कब बनता है और इस योग का निर्माण कैसे होता है. ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है जो गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र के पड़ने पर बनता है. यह एक गोचर योग है जो सभी के लिए लाभकारी होता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्य स्थायी और फलदायी होते हैं. इसके अलावा इस योग में किए गए उपायों से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है. गुरु पुष्य योग कब बनता है? ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग के लिए गुरुवार का दिन होना अनिवार्य है, क्योंकि गुरुवार का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है और 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र है और इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह अत्यंत शुभ, पुष्टिदायक और कल्याणकारी माना जाता है. जब ये दोनों (गुरुवार और पुष्य नक्षत्र) एक साथ आते हैं, तो गुरु पुष्य योग का निर्माण होता है. इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहते हैं. गुरु पुष्य योग का कुंडली में महत्व गुरु पुष्य योग किसी विशेष व्यक्ति की कुंडली में बनने वाला योग नहीं है, बल्कि यह गोचर का योग है. यानी, यह आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण बनता है और एक निश्चित समय के लिए सभी के लिए प्रभावी होता है. गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान, धन, धर्म, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह है. पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि देव हैं. इसलिए, पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान होता है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है. शनि स्थिरता, अनुशासन और स्थायित्व का कारक है. जब गुरु (बृहस्पति) और पुष्य नक्षत्र (जिसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं) का शुभ संयोग बनता है, तो यह योग अत्यधिक शक्तिशाली हो जाता है. बृहस्पति अपनी शुभता को बढ़ाता है और शनि उस शुभता को स्थायी बनाता है. गुरु पुष्य योग का महत्व ऐसी मान्यता है कि गुरु पुष्य योग में किए गए कार्य या खरीदी गई वस्तुएं अक्षय फल देती हैं, यानी उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और उनमें वृद्धि होती है. इस दिन सोना, चांदी, गहने, वाहन, घर, जमीन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. व्यापार शुरू करना, विद्या आरंभ करना, नए सौदे करना, गृह प्रवेश करना, या कोई भी नया और महत्वपूर्ण काम शुरू करना इस योग में बहुत लाभकारी होता है. इस योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है. यह योग जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लाता है. विशेष रूप से यह गुरु और शनि से संबंधित दोषों को कम करने में सहायक होता है.   recent visitors 70

पेशियों की न दें बार-बार तारीख, फील्ड में दिखे सक्रियता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, राम कुमार टोप्पो, भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 60

नगर निगम की बड़ी लापरवाही: सड़क किनारे सो रहे मजदूर पर पलट दी कचरे से भरी ट्रॉली, दबकर हुई मौत

बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में नगर निगम कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसकी वजह से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बरेली में इन दिनों नालों की सफाई का काम चल रहा है। नालों से निकले कीचड़ को शहर के बाहर फेंकने के लिए ट्रालियों में भरकर ले जाया जाता है। लेकिन इसी काम के दौरान एक बड़ी दुर्घटना हो गई। क्या हुआ हादसे के वक्त? मिली जानकारी के मुताबिक, बारादरी क्षेत्र के सतीपुर इलाके में नाले की सफाई चल रही थी। उस समय 45 वर्षीय सुनील कुमार अपने घर के पास ही पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान नगर निगम की टीम ने बिना नीचे देखे, कीचड़ भरी ट्राली को पलट दिया, जो सीधे सुनील कुमार के ऊपर गिर गई। इसके कारण सुनील कुमार उस कीचड़ में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश हादसा होते ही आसपास के लोगों ने सुनील कुमार को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। यह खबर सुनते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार वाले दुख में डूबे हुए हैं और रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार की जिम्मेदारी निभाते थे सुनील कुमार सुनील कुमार सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रोजाना की तरह सफाई का काम खत्म करके दोपहर में आराम कर रहे थे कि अचानक यह हादसा हो गया। नगर निगम की प्रतिक्रिया नगर निगम के अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है। साथ ही, लापरवाह ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि इस तरह की घटना दोबारा ना हो। recent visitors 47

नवीन सुविधाओं और आधुनिकीकरण से लैस हुआ भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन

 भानुप्रतापपुर का पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन आधुनिक भारत का प्रतिबिम्ब है: उप मुख्यमंत्री अरुण साव अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया देश के 103 पुनर्विकसित स्टेशनों का वर्चुअल शुभारंभ नवीन सुविधाओं और आधुनिकीकरण से लैस हुआ भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन रायपुर   रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के भानुप्रतापपुर (जिला कांकेर) के स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित, यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक, सुरक्षित और स्तरीय पुनर्विकसित भानुप्रतापपुर स्टेशन का आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बीकानेर से वर्चुअली शुभारंभ किया। शुभारंभ समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव भानुप्रतापपुर से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधुनिक और विकसित भारत की संकल्पना आज साकार हुई है। भानुप्रतापपुर के रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित कर इसे नवीन सुविधाओं और आधुनिक सेवाओं से लैस किया गया है। भानुप्रतापपुर के स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री साव ने आगे कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उभरते और विकसित भारत का कायाकल्प हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे के क्षेत्र में वर्ष 2014 से लगातार विकास और उन्नयन हो रहा है। उप मुख्यमंत्री मंत्री साव ने उपस्थितजनों को रेलवे आधुनिकीकरण की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेल भारत देश की लाइफ लाइन है और इसके मजबूत होने से पूरा भारतवर्ष मजबूत होगा। साथ ही यह भी बताया कि बोधघाट परियोजना की स्वीकृति केंद्र से मिल चुकी है जिससे आने वाले समय में बस्तर के विकास की दिशा में नई इबारत लिखी जाएगी। इसके अलावा कांकेर सांसद भोजराज नाग ने भी क्षेत्रवासियों को भानुप्रतापपुर के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन की बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है। इस दौरान अमृत भारत स्टेशन योजना पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम आने वाले स्कूली विद्यार्थियों को उप मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला, रायपुर रेल मंडल के एडीआरएम बजरंग अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगरपालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, कांकेर के पूर्व सांसद मोहन मंडावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन : रेल प्रशासन द्वारा बताया गया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकसित कर कायाकल्प किया गया है। इसके तहत स्टेशन परिसर में पृथक प्रवेश एवं निकास द्वार, 10.50 मीटर चौड़ी पहुंच सड़क, सौंदर्यीकृत गेट, उच्चतम प्रकाश, भूदृश्य और लौह मूर्तिकला तथा सेल्फी पॉइंट के साथ प्रवेश द्वार भी है, जिसमें रैंप और सीढ़ियाँ हैं ताकि प्रवेश करना आसान हो। इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पक्की सतह वाली प्रकाशयुक्त प्रकाश पार्किंग, दिव्यांगजनों के लिए पार्किंग सुविधा और डबल रेल हैंड ग्रिप के साथ प्रवेश व निकास रैंप, पीली पट्टियों के साथ 9 स्टैटिअर आदि शामिल हैं। इसी तरह बुकिंग काउंटर्स, अनारक्षित और आरक्षित टिकटिंग और स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रतीक्षा कक्ष, पुरुष, महिला और दिव्यांगजन यात्रियों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा, नए मुख्य स्टेशन प्रबंधक कक्ष, वाटर कूलर और वाटर बूथ, वाटर कूलर और दिव्यांगजन अनुकूल नल वाले बूथ, आरपीएफ पोस्ट, सीसीटीवी रूम, कैटरिंग स्टॉल, अग्निशामक यंत्र, स्वच्छ परिसर सहित विभिन्न प्रकार की आधुनिकीकृत सुविधाएं विकसित की गई हैं। क्रमांक-1007/कोसरिया/सिन्हा recent visitors 57

भारतीय सेना की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर देश के सैनिकों को सलामी दी और विजय का जश्न मनाया

रायपुर जय हरितिमा महिला समिति द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर देश के सैनिकों को सलामी दी और विजय का जश्न मनाया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में समिति की अध्यक्ष श्रीमती ममता चंदेल के कुशल नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वप्रथम पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गये भारतीय नागरिकों को भावपूर्ण श्रध्दांजलि दी गयी। सभी सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखकर अपने श्रध्दासुमन अर्पित किये। तदोपरन्त ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया गया। समिति की सदस्यों ने तिरंगा लहराया, जय हिन्द, भारत माता की जय के नारे लगाए। समिति की सभी सदस्यों ने भारत के जल, थल एवं वायु सेना के वीर जवानों को सलामी दी। समिति द्वारा इस मौके को और भी खास बनाया गया क्यूंकि इस अवसर पर समिति की सदस्यों ने ड्रेस से लेकर व्यंजन तक तिरंगे की थीम में रखा था।  इस अवसर पर विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में महिला शेफ गरिमा शर्मा को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने अपने कुकिंग टप्स् के द्वारा मिलेट केक, बिस्किट जैसे स्वादिष्ट और स्वास्थवर्धक व्यंजन बनाना सिखाया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन कार्यकारिणी समिती की सचिव श्रीमति दुर्गा प्रजापति, सह सचिव श्रीमति दिप्ती मई दास, उपाध्यक्ष श्रीमति ममता लखेरा, कोषाध्यक्ष मंजुषा पाली और खेल प्रभारी श्रीमती प्रिती भंडारकर ने किया। recent visitors 58

उप मुख्यमंत्री साव ने विद्यार्थियों को सीख देते हुए कहा यह ऐसा दौर है, जब अच्छी और बुरी दोनों तरह की चीजें अपनी ओर आकर्षित करती

रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव  भानुप्रतापपुर प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भानुप्रतापपुर स्टेशन के वर्चुअल शुभारंभ समारोह में शामिल हुए। इसके पश्चात् साव जिला प्रशासन द्वारा संचालित की जा रही निःशुल्क कोचिंग संस्था “मावा मोदोल“ का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लाइब्रेरी और अन्य सुविधाओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों से फीडबैक लिया। इसके पहले साव ने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से रु-ब-रु होते हुए उनके लक्ष्य के बारे में पूछा। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि “मावा मोदोल“ दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। साव ने विद्यार्थियों को सीख देते हुए कहा कि यह ऐसा दौर है, जब अच्छी और बुरी दोनों तरह की चीजें अपनी ओर आकर्षित करती हैं। आपको ये तय करना होगा कि अपने जीवन को किस दिशा की ओर लेकर जाएं। समय की कीमत पहचानें और एक-एक पल का सदुपयोग करें। साव ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक क्लास में पढ़ने वाले दो विद्यार्थी को क्रमशः 95 और 45 प्रतिशत अंक मिलते हैं, जबकि शिक्षक वही, किताबें वही हैं। अब तय आपको करना होगा खुद को 95 प्रतिशत वाले स्थान पर रखना है या 45 प्रतिशत वाली जगह पर। जिले के प्रभारी मंत्री ने आगे बताया कि असफलता हार नहीं होती, बल्कि सीखने का सबक होता है। पिछली कमियों को दूर कर पूरी शिद्दत और लगन के साथ पर जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने में लग जाता है, उसे सफलता अनिवार्य रूप से मिलती ही है। इस दौरान सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित मावा मोदोल का स्टाफ मौजूद रहे। recent visitors 41