मरीज कई वर्षों से बीमारी से जूझ रहे थे, एक दुर्लभ सर्जरी 60 मिनट तक चली, पेट से निकले 8125 स्टोन्स, मिली राहत

नई दिल्ली गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ सर्जरी कर 70 वर्षीय मरीज के पित्ताशय से 8,125 स्टोन्स (पथरी) सफलतापूर्वक निकालकर मरीज को पिछले लंबे समय से हो रही पीड़ा और बेचैनी से राहत दिलाई। मरीज कई वर्षों से पेट के दर्द, बीच-बीच में बुखार आने, भूख न लगने और कमजोरी की शिकायत से जूझ रहे थे और उन्हें सीने में भी भारीपन महसूस हो रहा था। ये है डॉक्टरों की टीम डॉ. अमित जावेद, सीनियर डायरेक्टर, गैस्ट्रोइंस्टेस्टाइनल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम तथा डॉ नरोला येंगर, प्रिंसीपल कंसल्टेंट– जीआई, जीआई ओंकोलॉजी, मिनीमल एक्सेस एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के नेतृत्व में डॉक्टरों की कुशल टीम ने इस जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मामले को संभाला और करीब घंटे भर चली सर्जरी के दौरान मरीज के पेट में पित्ताशय की थैली से पथरी निकालकर उनकी वर्षों पुरानी तकलीफ का दूर किया। असहनीय हुआ दर्द तो पहुंचे अस्पताल मरीज शुरुआत में इलाज को लेकर अनिच्छुक थे। लेकिन उनका दर्द लगातार बढ़ रहा था और उनके नियंत्रण से बाहर हो गया, तो उन्हें नाजुक हालत में फोर्टिस गुरुग्राम लाया गया। यहां भर्ती करवाने पर उनके पेट का तत्काल अल्ट्रासाउंड किया गया जिसमें उनके पित्ताशय में काफी भारीपन दिखायी दिया। उनकी कंडीशन को देखते हुए, डॉक्टरों ने तुरंत मिनीमली इन्वेसिव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर गॉल ब्लैडर (पित्ताशय की थैली) में जमा हजारों गॉलस्टोन्स को निकाला। यह सर्जरी करीब एक घंटे चली और 2 दिन बाद ही स्थिर अवस्था में मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। सर्जरी से ज्यादा समय स्टोन गिनने में लगा लेकिन, सर्जरी के बाद और भी लंबा काम बाकी था क्योंकि सपोर्ट टीम को मरीज के पित्ताशय से निकाले गए गॉलस्टोन्स की गिनती करनी थी। सर्जरी के बाद घंटों बैठकर टीम ने इस गिनती में पाया कि यह आंकड़ा आश्चर्यजनक रूप से 8,125 था। इस मामले की जानकारी देते हुए, डॉ अमित जावेद, डायरेक्टर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने कहा, 'यह मामला वाकई दुर्लभ था, भले ही अभूतपूर्व न रहा हो। यदि पित्ताशय की पथरी का उपचार नहीं किया जाए, तो धीरे-धीरे पथरी बढ़ती रहती है।' मरीज की उपेक्षा से इस हद तक बढ़ी पथरी वह आगे बोले, 'इस मामले में, मरीज द्वारा पिछले कई वर्षों तक उपेक्षा का ही नतीजा था कि पथरी इस हद तक बढ़ गई थी। यदि अब और देरी की जाती, तो मरीज की हालत काफी बिगड़ सकती थी और पित्ताशय में इंफेक्शन, पेट दर्द की और गंभीर शिकायत भी हो सकती थी।' डॉ. अमित ने बताया, 'ऐसे में भी इलाज न कराया जाए तो गॉलब्लैडर में पस (मवाद) बनने लगता है, और गॉलब्लैडर की भीतरी सतह भी सख्त होने लगती है और इसमें फाइब्रॉसिस भी हो सकता है, यहां तक की गॉलब्लैडर के कैंसर की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।' सर्जरी के बाद, मरीज की हालत स्थिर है और उन्हें कोई खास बेचैनी भी नहीं है। इस मामले को दुर्लभ बनाया मरीज के पित्ताशय में भारी संख्या में मौजूद स्टोन्स ने जो आमतौर पर कलेस्ट्रोल से बने होते हैं और प्रायः इनका संबंध मोटापे तथा अधिक-कलेस्ट्रोल युक्त खुराक से होता है। recent visitors 81

कमल की हत्या उसके अपने ही परिचितों ने की थी, जिसमें एक हिस्ट्रीशीटर है, हत्याकांड में लिप्त दो युवक अरेस्ट

अयोध्या कमल सिंह हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के अंदर अनावरण कर दिया है। कमल की हत्या उसके अपने ही परिचितों ने की थी, जिसमें एक हिस्ट्रीशीटर है। हत्याकांड में लिप्त दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों में पूराकलंदर का नरियावां निवासी लाखन उर्फ अतुल सिंह तथा महराजगंज के मोहर्रमपुर अरती निवासी विकास सिंह हैं। लाखन पर 13 और विकास पर 11 मुकदमें दर्ज हैं। आरोपित विकास सिंह मोहर्रमपुर अरती निवासी कुख्यात मुन्ना सिंह का भाई और हिस्ट्रीशीटर है। गुरुवार को पुलिस लाइन में हुई पत्रकार वार्ता में एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि गत 19 मई की रात तारुन के गयासपुर निवासी कमल सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनका शव गयासपुर चौकी के निकट मिला था। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है। छानबीन में पता चला कि कमल ने उस दिन स्थानीय शराब की दुकान से शराब खरीदी थी। दुकान की सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद सैल्समैन से पूछताछ की गई, तो ज्ञात हुआ कि शराब पीने के दौरान कमल का उसके परिचित विकास और लाखन से विवाद हुआ था। इसके बाद तीनों वहां से चले गए। अगले दिन कमल का खून से लथपथ शव मिला। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों ने पुलिस के समक्ष घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। ठेके पर शराब के नशे में तीनों का विवाद हुआ था। उन्होंने बताया कि विवाद के बाद घर जाते समय पर कमल पर ईंट और डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। थाना प्रभारी तारुन संदीप त्रिपाठी एवं सर्विलांस प्रभारी अमरेश त्रिपाठी की संयुक्त टीम ने वारदात के रहस्योद्घाटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लूटी गई पिकअप बरामद, तीन लोग गिरफ्तार एसएसपी ने पत्रकार वार्ता में पिकअप लूट की वारदात का भी खुलासा क‍िया। यह घटना गत दो मई को कैंट के जलालाबाद में हुई थी। बाराबंकी जिले के जहांगीराबाद भथारा निवासी पिकअप स्वामी जमील ने इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई है। एसएसपी ने बताया कि गत दो मई को उनका पिकअप चालक चाय पीने के लिए जलालाबाद के पास ठहरा हुआ था, जहां दो युवक उसे मिले और प्लाई बोर्ड लाने के लिए भाड़े पर जलालाबाद चलने का झांसा दिया। इसके बाद पिकअप लेकर वह जलालाबाद प्लाई फैक्ट्री के बाहर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति फैक्ट्री में चला गया, जबकि दो युवक चालक के साथ बाहर ही रुक गये। युवकों ने चालक से कहाकि समय अधिक लग रहा है तब तक चाय पी लेते हैं। इसके बाद पिकअप को वहीं छोड़ दोनों चाय पीने के चले गए। आरोप है कि चाय में नशीला पदार्थ मिला कर चालक को पिलाया गया, जिससे वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो तीनों युवक वहां नहीं मिले और पिकअप भी लापता थी। गत सात मई को इसकी प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कैंट थाना प्रभारी पंकज सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर छानबीन शुरू की गई। पड़ताल के दौरान पुख्ता साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी कर पिकअप बरामद की गई। पकड़े गये लोगों में वाराणसी जिले के मिर्जामुराद पूरे कक्षवा रोड निवासी दयाशंकर भारती, सुलतानपुर जिले के जयसिंहपुर सवई निवासी संदीप व परसा निवासी लक्ष्मण यादव हैं। पिकअप भी बरामद कर ली गई है। recent visitors 64

कांग्रेस ने माई-बहिन मान योजना के लिए नामांकन कराने तक की घोषणा कर दी, बढ़ी राजद की बेचैनी!

पटना समन्वय समिति की अध्यक्षता मिलने के बाद तेजस्वी यादव महागठबंधन में राजद के प्रभुत्व को लेकर आश्वस्त हो गए थे। अपने तौर-तरीकों से कांग्रेस ने भी कुछ ऐसा ही संकेत दिया था। हालांकि, महिलाओं को नकदी लाभ की घोषणा में श्रेय लेने की मची होड़ बता रही कि अंदरखाने सब कुछ सामान्य नहीं। सत्ता मिलने पर हर महिला को मासिक ढाई हजार रुपये देने की घोषणा तेजस्वी पहले ही कर चुके थे। इस बीच बुधवार को कांग्रेस ने ऐसी ही योजना (माई-बहिन मान योजना) के लिए नामांकन कराने तक की घोषणा कर दी। इसके बाद राजद के भीतर सन्नाटा-सा पसर गया। इसका कारण ऐसा है कि कोई किसी को दोष भी नहीं दे सकता। राजद ने भी यह घोषणा एकतरफा ही की थी। कांग्रेस ने हिसाब बराबर किया। वैसे भी कांग्रेस लोकसभा चुनाव के दौरान राजद के दांव-पेच को अभी तक भूली नहीं है। विधानसभा चुनाव में महिलाओं को लुभाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष 14 दिसंबर को तेजस्वी ने माई-बहिन योजना की घोषणा की थी। वह वस्तुत: राजद की घोषणा थी, जबकि बिहार में सत्ता की परिकल्पना महागठबंधन कर रहा। महागठबंधन में राजद के अलावा कांग्रेस, तीनों वाम दल (भाकपा, माकपा, माले) और विकासशील इन्सान पार्टी (वीआइपी) भी है। वीआईपी तो वैसे भी चंचल है, लेकिन वाम दलों को भी राजद की इस एकतरफा घोषणा से कोई आपत्ति नहीं हुई। उसका कारण अस्तित्व की रक्षा के लिए एक-दूसरे के साथ की विवशता है। कांग्रेस अब इस विवशता से उबरना चाह रही, क्योंकि पिछले चुनावी वर्षों में अपने हितों से समझौते की त्रासदी वह झेलती रही है। इस बीच बहाने के लिए उसे कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में अपनी सरकारों द्वारा महिलाओं को दी जा रही नकदी लाभ का आसरा भी मिल गया। झारखंड में हेमंत सोरेन की सत्ता में वापसी का मूल कारण ही मंईयां सम्मान योजना रही। कांग्रेस उस सरकार में राजद से बड़ी हिस्सेदार है। ऐसे में तेजस्वी की उस घोषणा का श्रेय लेने से कांग्रेस को कोई संकोच नहीं। उसका मानना है कि अंतत: लाभ महागठबंधन को ही होना है। यह कांग्रेस और राजद के नेताओं के मिले-जुले विचार हैं। अपने-अपने शीर्ष नेतृत्व के कोपभाजन बनने की आशंका में वे नाम उजागर करना नहीं चाहते। महागठबंधन को तो लाभ तेजस्वी के वादे से भी मिल जाता! फिर कांग्रेस आतुर क्यों हुई! इसका कारण यह कि महागठबंधन से जुड़े समस्त निर्णय अब तक राजद ही लेता रहा है। पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव के परिणाम के साथ ही यह स्पष्ट हो गया था कि अब आगे की राह निर्विघ्न नहीं। तब सीटोंं से लेकर प्रत्याशियों के चयन तक में राजद ने मनमानी की थी। कांग्रेस वह घाव आज भी सहला रही है। अब विधानसभा चुनाव में उसे पसंद की कम-से-कम 70 सीटें चाहिए। राजद 50 के भीतर रखना चाह रहा, लिहाजा महागठबंधन के भीतर ही राजनीति होने लगी है। recent visitors 68

कलेक्टर ध्रुव ने 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में जुड़ने के लिए किया आग्रह

सुकमा जिला प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था कायम रखने और पुनर्वास की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस के लिए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को भारतीय स्टेट बैंक, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सुकमा द्वारा 13 दिवसीय कृषि उद्यमी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि से सम्बंधित प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र एवं संस्थान में सब्जी नर्सरी, धान की खेती, डेयरी, मुर्गीपालन, बकरी पालन, मछली पालन का प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। इसके साथ ही ओम प्रकाश साहू फैकल्टी के द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। प्रशिक्षण उपरांत अरुण कुमार सोनी स्टेट कंट्रोलर के निर्देशन में सभी कैंडिडेट्स का असेसमेंट किया गया। असेसमेंट में सभी कैंडिडेटस पास हुए एवं उन्हें कलेक्टर महोदय के द्वारा उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कलेक्टर ध्रुव के द्वारा समस्त आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में जुड़ने के लिए आग्रह किया गया। प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में लाइवलीहुड कॉलेज के लेखापाल क्रांति बघेल, संस्थान के कार्यालय सहायक कमलेश कुमार सिन्हा एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 62

राजद नेता प्रेम चंद गुप्ता ने कहा- जब से पाकिस्तान का जन्म हुआ है, तभी से वह भारत के खिलाफ साजिश रचता आ रहा है

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य प्रेम चंद गुप्ता ने गुरुवार को पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब से पाकिस्तान का जन्म हुआ है, तभी से वह भारत के खिलाफ साजिश रचता आ रहा है। 1948 में उसने मुजाहिदीन भेजकर जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों को अपने कब्जे में कर लिया। इसके बाद इन लोगों ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के खिलाफ युद्ध किया। उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादियों को संरक्षण देने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक जितनी भी सरकारें सत्ता में रहीं, उन सभी ने पाकिस्तान को सिर्फ यही कहा कि आप लोग आतंकियों को पनाह देना, उनका पालन-पोषण बंद कीजिए, लेकिन आज तक पाकिस्तान ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान की तरफ से लगातार आतंकवादियों को संरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन अब इस स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर कहा कि यह पाकिस्तान का अमानवीय कृत्य है, जिसके तहत उसने पर्यटकों को निशाना बनाया। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहा है। इसी को देखते हुए भारत को ऑपरेशन सिंदूर जैसा कदम उठाना पड़ा, जिससे परिणाम अब साफ देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग देशों में भारत सरकार की तरफ से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने के उद्देश्य के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि हम इस प्रतिनिधिमंडल को भेजकर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के नापाक चेहरे को बेनकाब करना चाहते हैं। हम पूरी दुनिया को यह बताना चाहते हैं कि किस तरह से वह आतंकवादियों को संरक्षण देता है, उन्हें पालता और पोषता है। उन्होंने पाकिस्तान की फितरत को झूठा बताया और कहा कि वैश्विक मंच पर हमेशा से ही पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। पाकिस्तान के पास अपना मौलिक कुछ नहीं है। वह सिर्फ दूसरे देशों की नकल करता है। प्रेम चंद गुप्ता ने ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते हुए कहा कि इससे आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब मिला है। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में हमारी सेना ने अहम भूमिका निभाई है। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है। recent visitors 73

मिट्टी में मिल गये है वो, जिसने हमको ललकारा है, भारत ने गद्दारों को फिर घर में घुसकर मारा है: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि आपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं, यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायक शक्ति की त्रिवेणी है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गुरुवार को इन्द्र‌पुरी गोविन्दपुरा भोपाल में भारतीय सेना के सम्मान में आयोजित सिंदूर यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मातृशक्ति को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मिट्टी में मिल गये है वो, जिसने हमको ललकारा है, भारत ने गद्दारों को फिर घर में घुसकर मारा है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है अपने देश की सेना पर, अभिमान है सेना के शौर्य और पराक्रम पर। आपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरे विश्व को दिखा दिया कि भारत की शक्ति, भारत की ताकत, भारत की क्षमता को कोई भी कम समझने की भूल नहीं करें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज हम सब आपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता का उत्सव मनाने जुटे हैं। हमारी जाबांज सेना का यह एक ऐसा अभियान था, जिसने भारत की शक्ति, रणनीति और अदम्य इच्छाशक्ति को पूरी दुनियां के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आप सबने देखा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में जब आतंकवादियों ने हमारी बहनों, बेटियों के सिंदूर पर हमला किया तो हमारी भारतीय सेना ने आतंक का सिर कुचलने में देरी नहीं की। हमारी पराक्रमी सेना ने ये बता दिया कि जब अधर्म सिर उठाता है तो धर्म का रक्षक शस्त्र उठाता है। यही हमारी परंपरा है और इसी परंपरा का निर्वाह हम करते है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में जिस सिंदूर को मातृशक्ति अपनी, मांग में लगाते हुए अपने अमर सुहाग की कामना करती है, वही सिंदूर आज उन वीर सैनिकों की पत्नियों के मस्तक पर हमने लगाया, जिन्होंने अपने सुहाग को मातृभूमि की रक्षा के लिये समर्पित किया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि अगर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस करने की कोशिश की तो हम उसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हम अपनी सेना का अपने बहादुर सैनिकों का केवल युद्ध में नहीं बल्कि हर मोर्चे पर सम्मान और आदर देंगे। यात्रा को संबोधित करते हुए श्री हितानंद शर्मा ने कहा कि आपरेशन सिंदूर की सफलता के पश्चात् आयोजित सिंदूर यात्रा सेना के सम्मान में है। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों के सिंदूर पर हमला करने वालों को हमारे सैनिकों ने घर में घुस कर मारा है। देश का एक-एक नागरिक सेना के अदम्य साहस के साथ है। हम सब मिल कर श्रेष्ठ भारत का निर्माण कर रहे है। यात्रा में उपस्थित मातृशक्ति को भोपाल नगर की महापौर श्रीमती मालती राय मे भी संबोधित किया। यात्रा पिपलानी गोविन्दपुरा में यादव टी स्टॉल से प्रारंभ होकर पिपलानी पेट्रोल पंप पर सम्पन्न हुई। यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में मातृ शक्ति ने भाग लिया।   recent visitors 65

इमरान मसूद ने कहा- हमें तो पीओके की उम्मीद थी, लेकिन, सीजफायर का ऐलान हो गया

लखनऊ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर में पीएम मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है। इमरान मसूद ने कहा कि हमें तो पीओके की उम्मीद थी। लेकिन, सीजफायर का ऐलान हो गया। मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीकानेर में पीएम मोदी ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही कहा है, उनके पास इनपुट होगा। इसीलिए, जनता के सामने उन्होंने कहा, लेकिन, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि हमने इन आतंकियों को मार गिराया। हमें उम्मीद थी कि हम पीओके पर नियंत्रण कर लेंगे। हमारी सेना तो पीओके में घुस गई थी। पीओके पर बटन दबाना था, लेकिन सीजफायर का बटन दबा दिया। अगर सीजफायर नहीं होता तो आज पीओके भारत का होता। उन्होंने सीजफायर पर कहा कि क्या हम ट्रंप के गुलाम हैं, नहीं हैं तो फिर सीजफायर क्यों? सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के विदेश जाने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि देश के भीतर हमारे जो भी मतभेद हो सकते हैं, वह हमारा आंतरिक मामला है। लेकिन, जब हम विदेश जाएंगे, तो हम एकता के साथ जाएंगे, हम देश के लिए बोलेंगे, हम केवल भारत के हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अलावा कुछ नहीं। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के बयान पर इमरान मसूद ने कहा कि देश के लिए हम एक हैं, हम बाहर जाएंगे तो अलग-अलग नहीं बोलेंगे। सभी एक स्वर में ही बोलेंगे। छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़ पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "कोई भी राष्ट्र विरोधी ताकत, चाहे वह कोई भी हो, उससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए और उसे पूरी तरह से कुचल दिया जाना चाहिए।" बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवादियों के खिलाफ सरकार युद्ध स्तर पर अभियान चला रही है। केंद्र सरकार मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को अंजाम देने में जुटी है। इस अभियान में लगातार सफलताएं भी मिल रही हैं। recent visitors 52