तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया, अब विवादों में फंसी

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गुरुवार को कर्नाटक सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद से विरोध पैदा हो गया। ऑनलाइन पब्लिश नोटिफिकेशन में कहा गया है कि तमन्ना दो साल तक सोप की ब्रांड एंबेसडर रहेंगी और इसके लिए उन्हें 6.20 करोड़ रुपए की रकम भुगतान किया जाएगा। मुंबई अभिनेत्री तमन्ना ने कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) के साथ दो वर्षों के लिए उसके प्रतिष्ठित उत्पाद का प्रचार करने के लिए करार किया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले की हालांकि कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ब्रांड एंबेसडर के लिए किसी कन्नड़ एक्टर या एक्ट्रेस को क्यों नहीं लिया गया? कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने इसे स्थानीय गौरव का अपमान बताया है और कहा कि दीपिका पादुकोण जैसी कर्नाटक की मूल की स्टार को इसके लिए क्यों नजरअंदाज किया गया।   कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टी नारायण गौड़ा ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा, -‘‘यह निराशाजनक निर्णय है कि सरकार को कर्नाटक की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भी कन्नड़ व्यक्ति नहीं मिला। इसके लिए दीपिका पादुकोण या कोई अन्य स्थानीय स्टार क्यों नहीं?'' फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा- ‘‘यह बॉलीवुड और निष्पक्षता के प्रति हमारे निरंतर जुनून को दर्शाता है। कर्नाटक में खूबसूरत, प्रतिभाशाली सितारे हैं, अगर इसका मतलब हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों को संरक्षित करना है तो कई लोग मुफ्त में ब्रांड का समर्थन करेंगे।''    इसके जवाब में केएसडीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रशांत पीकेएम ने कहा कि राज्य से बाहर ब्रांड की द्दश्यता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा- ‘‘हमारे 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व का सिफऱ् 12 प्रतिशत कर्नाटक से आता है। राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हमें व्यापक अपील वाले किसी व्यक्ति की ज़रूरत थी और तमन्ना उस प्रोफ़ाइल में फिट बैठती हैं।'' मंत्री एमबी पाटिल और एचके पाटिल ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ब्रांड की पहुंच को पूरे देश में पहुंचाना है। ऐसा करने से राज्य के जड़ें मजबूत होंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1916 में लॉन्च किया गया मैसूर सैंडल सोप कर्नाटक की सबसे स्थायी विरासतों में से एक है। recent visitors 67

PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया

चंडीगढ़ पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े। recent visitors 73

वन विभाग ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तरह खेर की लकड़ी की तस्करी पकड़ी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में सांक नदी से 35 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद कर वन विभाग ने 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है. लेकिन आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेने से कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. चेकिंग के दौरान दो ट्रकों में मिली थी खैर की लकड़ी असल में ग्वालियर जिला वन मंडल में फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर कुछ तस्कर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे. इस तस्करी के बारे में वन विभाग की टीम को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी. वन विभाग के मुताबिक, उन्होंने अलवर से आए दो ट्रकों से चेकिंग के दौरान बहुमूल्य खैर की लकड़ी पकड़ी थी. ये लकड़ी कत्था बनाने के काम में ली जाती है. जो काफी महंगी होती है. पुष्पा की तर्ज पर नदी में इकट्ठा कर रहे थे लकड़ी तस्करों ने ट्रकों में छुपा कर रखी ज्यादातर लकड़ियों को पहले ही जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया था. जब ग्रामीणों की सूचना वन विभाग को मिली तो टीम सांक नदी किनारे पहुंची और नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खैर की लकड़ी जब्त की. पता चला है कि तस्करों का गिरोह पुष्पा फिल्म की तरह ही खैर की लकड़ी को नदी से बहाकर इकट्ठा कर रहे थे. वन विभाग की विजलेंस टीम ने मौके से तीन तस्कर हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान को भी पकड़ा है. जबकि उनका एक साथी रामनिवास गुर्जर मौके से फरार हो गया. अंडरग्राउंड हुआ तस्करी का मास्टर माइंड खैर की लकड़ी की तस्करी का मास्टरमाइंड शोभित यादव बताया जा रहा है, जो वन विभाग की कार्रवाई के बाद के बाद अंडर ग्राउंड हो गया है. ऐसे में वन विभाग ने पकड़े गए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट में पेश कर दिया है. वन विभाग के ग्वालियर रेंज सीसीएफ एपीएस सेंगर से बात करने पर उनका कहना है कि, ''सोनचिरैया अभियारण्य में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी की जानकारी मिल रही थी. इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है.'' पुष्पा फिल्म की तरह छुपाई लकड़ी ग्वालियर में वन विभाग को खेर की लकड़ी की तस्करी का एक बड़ा मामला मिला है। यह मामला फिल्म 'पुष्पा' की तरह है। 15-16 मई की रात को वन विभाग को खबर मिली कि कुछ लोग लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। राजस्थान से आ रहे थे ट्रक अलवर से आ रहे दो ट्रकों की तलाशी ली गई। ट्रकों में कीमती खेर की लकड़ी छुपाई गई थी। तस्करों ने लकड़ियों को जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने सांक नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खेर की लकड़ी जब्त की। हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान नाम के तीन तस्करों को भी पकड़ा गया। रामनिवास गुर्जर नाम का एक तस्कर मौके से भाग गया। सांक नदी से लकड़ी निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिमांड पर नहीं लिए तस्कर, उठा सवाल शोभित यादव नाम का एक व्यक्ति इस तस्करी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह वन विभाग की कार्रवाई के बाद से गायब है। वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पकड़े गए तस्करों को रिमांड पर नहीं लिया गया। अगर रिमांड पर लिया जाता, तो तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता था। recent visitors 71

योगी सरकार ने यूपी में एक बार फिर अफसरों के तबादले, IAS, PCS के बाद अब 27 PPS के ट्रांसफर

लखनऊ यूपी में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने इस बार 27 PPS के तबादले किए हैं। देवेंद्र सिंह को पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर भेजा गया है। वहीं अमित कुमार पांडेय को सहायक पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से हटाकर पुलिस उपाधीक्षक पीटीएस जालौन भेजा गया है। इसके अलावा नईम खान मंसूरी पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, गणेश कुमार पुलिस उपाधीक्षक आरीटीसी चुनार मिर्जापुर बनाया गया है। संत प्रसाद उपाध्याय को पुलिस उपाधीक्षक मुजफ्फरनगर से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अवनीश कुमार गौतम को पुलिस उपाधीक्षक गोरखपुर से सहायक सेनानायक 6वीं वाहिनी पीएएसी मेरठ, अभिषेक प्रताप अजेय को पुलिस उपाधीक्षक कुशीनगर से पुलिस उपाधीक्षक कन्नौज, राकेश प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ से कुशीनगर पुलिस उपाधीक्षक, आशुतोष मिश्रा को पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या से पुलिस उपाधीक्षक प्रतापगढ़ भेजा गया है। वहीं उदय प्रताप सिंह-1 को सहायक सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज, अरुण कुमार राय-1 को पुलिस उपाधीक्षक झांसी, सुरेंद्र नाथ यादव को पुलिस उपाधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर लखनऊ, अमित चौरसिया को सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर, नरेश कुमार को मण्डलाधिकारी (वीके) गाजियाबाद, अमित प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक एएनटीए लखनऊ, मनोज कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक संभल, दीपशिखा अहिरवन को सहायक सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा भेजा गया है। सोहराव आलम को पुलिस उपाधीक्षक, रेलवे झांसी, सौरभ कुमार वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक कानपुर देहात, आदित्य कुमार गौतम को सहायक सेनानायक 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ, कर्णसिंह यादव को सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएससी झांसी, अंबुजा त्रिवेदी को पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ, अंकित कुमार-II को पुलिस उपाधीक्षक सीआईडी मुख्यालय लखनऊ, गौरव कुमार त्रिपाठी को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, अशोक कुमार सिंह-IV को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, कमलेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक अलीगढ़, अंकित कुमार-I को सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ बनाया गया है।   recent visitors 72

भारत की जासूसी कर रहे दो ISI एजेंटों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो जासूसों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम तुफैल है जिसे वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे आरोपी मोहम्मद हारून को दिल्ली से दबोचा गया। दोनों को गुरुवार देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ATS दाखिल करेगी रिमांड अर्जी एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके। यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 600 से जुड़ा था तुफैल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था। तुफैल उन तक संवेदनशील सूचनाएं और जानकारी पहुंचाता था। इसके अलावा, तुफैल तहरीके-लब्बैक पाकिस्तान से संबंधित सामग्री भी लोगों के बीच प्रचारित करता था, जो एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में पहचाना जाता है।   recent visitors 67

एवेंजर्स: डूम्‍सडे और सीक्रेट वॉर्स पोस्‍टपोन, बढ़ा इंतजार

लॉस एंजिल्स मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्‍में बीते कुछ समय से वह जादू नहीं चला पा रही हैं, जिसकी इनसे उम्‍मीद रहती है। एक दिन पहले जहां टॉम हॉलैंड की 'स्‍पाइडर मैन 4' अपनी कास्‍ट‍िंग को लेकर चर्चा में थी, वहीं अब MCU की मोस्‍ट अवेटेड फिल्‍मों 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' को लेकर बड़ी खबर आई है। इन दोनों ही फिल्‍मों से जहां फैंस को भरदम उम्‍मीदें हैं, वहीं डॉक्‍टर डूम के रोल में विलेन बनकर आ रहे रॉबर्ट डाउनी जूनियर के कारण भी एक्‍साइटमेंट लेवल हाई है। पर अफसोस, फैंस को इन दोनों ही फिल्‍मों के लिए थोड़ा और लंबा इंतजार करना होगा। 'आयरन मैन' बनकर फैंस के फेवरेट बने रॉबर्ट डाउनी जूनियर की 'डॉक्‍टर डूम' के रूप में झलक पाने के लिए फैंस की बेताबी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए कि डिज्नी ने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की इन दोनों ही फिल्‍मों की रिलीज को पोस्‍टपोन कर दिया है। स्टूडियो ने गुरुवार को इस बाबत घोषणा की है। बताया है कि MCU की दोनों अगली 'एवेंजर्स' फिल्मों की रिलीज में देरी होगी। 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' की नई रिलीज डेट डिज्नी, जो अब मार्वल स्टूडियोज की मूल कंपनी है ने बताया, 'अब एवेंजर्स: डूम्सडे, जिससे रॉबर्ट डाउनी जूनियर MCU में वापसी कर रहे हैं, अब 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी।' यह फिल्‍म पहले 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्‍तक देने वाली थी। लेकिन अब इसे 7 महीने के लिए पोस्‍टपोन कर दिया गया है। यह फिल्म अभी प्रोडक्‍शन लेवल पर है। 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की नई रिलीज डेट मार्वल स्‍टूडियोज ने इससे पहले बताया था कि 'एवेंजर्स' की दोनों अपकमिंग फिल्‍मों की शूटिंग शुरू हो चुकी है। नई घोषणा में 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' के साथ ही 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की रिलीज डेट बदलने का भी ऐलान हुआ है। अब यह फिल्‍म 2 मई 2027 की बजाय 17 दिसंबर 2027 को रिलीज होगी। फिल्‍म निर्माण में देरी के कारण पोस्‍टपोन हुई रिलीज 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, नए शूटिंग शेड्यूल तय हुए हैं। फिल्म निर्माताओं को सुपरहीरो फिल्मों को पूरा करने के लिए अधिक समय देने का फैसला लिया गया है। ये डिज्नी द्वारा अब तक बनाई गई सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हैं। रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' का डायरेक्‍शन 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' दोनों ही मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के फेज-VI का हिस्सा हैं। इन फिल्‍मों का डायरेक्‍शन रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं। इससे पहले, रुसो ब्रदर्स ने MCU को अपनी सबसे बड़ी हिट फिल्में- एवेंजर्स: एंडगेम और एवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर दी हैं। 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़ेंगी 'डूम्‍सडे' और 'सीक्रेट वॉर्स'? सही मायने में मार्वल स्‍टूडियोज की प‍िछली बंपर हिट फिल्‍म 2019 में रिलीज 'एवेंजर्स: एंडगेम' ही थी। इसने दुनियाभर में 2.79 बिलियन डॉलर यानी करीब 23902 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह दुनियाभर में 'अवतार' (2.9 बिलियन डॉलर' के बाद सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍म है। 'एवेंजर्स: एंडगेम' ने भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर भी 373.05 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था। recent visitors 64

साई सुदर्शन को पछाड़ नंबर-1 बनना है तो चढ़ना होगा ‘शतक का पहाड़’, ऑरेंज कैप से कितना दूर विराट कोहली?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का 65वां मैच आज यानी शुक्रवार, 23 मई को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में विराट कोहली की नजरें ऑरेंज कैप के करीब पहुंचने पर होगी। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश की भेंट चढ़ने से किंग कोहली इस लिस्ट में काफी पिछड़ गए हैं। विराट के नाम आईपीएल 2025 में 11 मैचों में 63.12 की औसत के साथ 505 रन दर्ज है, वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में 8वें पायदान पर खिसक गए हैं। अगर आज उन्हें टॉप पर बैठे साई सुदर्शन को पछाड़ना है तो शतक का पहाड़ चढ़ना होगा। गुजरात टाइटंस के दोनों सलामी बल्लेबाज -साई सुदर्शन और शुभमन गिल- ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-2 में अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। साई सुदर्शन के नाम जहां 13 मैचों में 638 रन दर्ज है, वहीं शुभमन गिल 636 रनों के साथ बिल्कुल उनके पीछे हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा अभी तक कोई और इस सीजन 600 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। गुरुवार, 22 मई को हुई जीटी वर्सेस एलएसजी मैच में शतक जड़ मिचेल मार्श भी 560 रनों के साथ चौथे पायदान पर पहुंच गए हैं। विराट कोहली को ऑरेंज कैप की रेस में नंबर-1 बनने के लिए चाहिए कितने रन? विराट कोहली को अगर आज ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाना है तो उन्हें शतकीय पारी खेलनी होगी। वह साई सुदर्शन से अभी 133 रन पीछे हैं। विराट कोहली के नाम IPL के इतिहास में सबसे अधिक 8 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है, ऐसे में उनके लिए यह काम मुश्किल नहीं है। कोहली पिछले दो सीजन से लगाकार शतक मारते हुए आ रहे हैं। ऐसे में उनकी नजरें इस सीजन भी शतक जड़ हैट्रिक पूरी करने पर होगी। recent visitors 64