मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 3 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे। वे लहार के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। यह दूसरा मौका होगा जब भाजपा के मुख्यमंत्री यहां किसी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। यह कांग्रेस नेता पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का क्षेत्र है जहां उनको भाजपा के अंबरीश शर्मा से पराजय मिली है।  मुख्यमंत्री दोपहर 2:40 बजे ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। यहां हेलीकॉप्टर से लहार जाएंगे। वहां से लौटकर ग्वालियर आएंगे। ग्वालियर के इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पारिवारिक आयोजन में शामिल होंगे। यहां से शाम 7:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शादी में होंगे शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को 4.30 घंटे के लिए ग्वालियर और भिंड आ रहे हैं। सीएम पहले लहार जाएंगे वहां कार्यक्रम में शामिल होंगे फिर ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होंगे। सीएम विजिट के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस दौरान हाइवे पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। विवाह समारोह में सीएम के अलावा कई और वीआइपी भी आएंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम भी पुता किए हैं। ऐसा रहेगा पूरा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव शुक्रवार दोपहर इंदौर से ग्वालियर आएंगे। सीएम यादव दोपहर तीन बजे विमान से ग्वालियर पहुंचेगे और करीब 20 मिनट विमानतल पर रुकने के बाद लहार रवाना होंगे। वहां से शाम करीब 6 बजे वापस ग्वालियर आकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युनसिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए इपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में जाएंगे। सीएम यादव विवाह समारोह में करीब 1.30 घंटे रुकेंगे और शाम 7.30 बजे वापस भोपाल रवाना होंगे। ये रूट रहेंगे डाइवर्ट, यातायात होगा प्रभावित     सीएम विजिट के दौरान शम 6 बजे से निरावली तिराहा से बायपास होते सिकरौदा तिराहा तक वाहनों की एंट्री नहीं होगी।     दतिया से आकर भिंड जाने वाले वाहनों को सिकरौदा तिराहे से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाडिया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली होकर जाना पड़ेगा।     मुरैना से शिवपुरी जाने वाले वाहन निरावली से मोतीझील, गोल पहाडिया, बेला की बावड़ी से नया गांव होकर जाएंगे।     शिवपुरी से भिंड जाने वाले वाहनों को नयागांव से बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली के रास्ते जाना पड़ेगा।     भिंड से दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जाने वाले वाहनों को निरावली जाना पड़ेगा वहां से मोतीझील, गोल पहाडिया के रास्ते बेला की बावड़ी से नयागांव के रास्ते जाना पड़ेगा। recent visitors 55

हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन सेंसेक्स 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा

मुंबई हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है। बिजनेस डेस्कः हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है।   सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में तेजी, जबकि 1 में गिरावट है। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और जोमैटो के शेयर 3% चढ़े हैं। सनफार्मा 3% गिरा है। ITC, HCL टेक सहित 8 शेयरों में 1% की तेजी है। एशियाई बाजारों का क्या हाल? एशियाई बाजार शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर खुले। निवेशकों ने क्षेत्रभर से आए आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा की। जापान के निक्केई इंडेक्स में 0.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि व्यापक टॉपिक्स सूचकांक 0.71 प्रतिशत ऊपर रहा। कोस्पी 0.12 प्रतिशत बढ़ा और ASX 200 में 0.36 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जापान में अप्रैल महीने में मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) 3.5 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसकी एक बड़ी वजह चावल की कीमतों में तेज़ी रही। यह आंकड़ा सरकार की तरफ से शुक्रवार को जारी किया गया। यह डेटा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को और जटिल बना सकता है। वह मौजूदा अमेरिकी टैरिफ के प्रभावों के बीच दरों में संभावित विराम पर विचार कर रहा है। recent visitors 76

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक विस्फोटों में मारे गए

कराची आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान हाल के दिनों में खुद भी धमाकों से दहल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पाकिस्तान विस्फोटक हथियारों से नागरिकों को नुकसान पहुंचने के मामले में दुनिया का सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया। ब्रिटेन स्थित एक गैर सरकारी संगठन एक्शन ऑन आर्म्ड वायलेंस (AOAV) द्वारा  जारी की गई रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक इन विस्फोटों में मारे गए। उस साल वहां 248 ऐसे वारदात हुए, जो कि 2023 की तुलना में 11% अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन घटनाओं में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का प्रमुख हाथ है। बीएलए ने अकेले 119 नागरिकों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक, BLA द्वारा की जाने वाली हिंसा में 440% की वृद्धि देखी गई। 2023 में 22 घटनाओं के मुकाबले 2024 में 119 नागरिक प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में पाकिस्तान में हुए सभी आत्मघाती हमलों के पीछे BLA ने प्रमुख भूमिका निभाई। 2024 में पाकिस्तान में 2014 के बाद सबसे अधिक 248 घटनाएं दर्ज की गईं। 2018 के बाद दूसरा सबसे बड़ा साल रहा जिसमें नागरिकों की अधिक मौत हुई। 2015 के बाद दूसरे सबसे ज्यादा सशस्त्र बल के सदस्य मारे गए हुए। रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों और बीएलए की सक्रियता न केवल स्थानीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि क्षेत्रीय अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा और आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को निशाना बनाया है। recent visitors 77

आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे -जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ तनाव के मुद्दे पर उपदेश देने वाले यूरोपीय देशों को सुनाया है। एस. जयशंकर ने नीदरलैंड के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूरोप के देश तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही स्थिरता और शांति के दौर में हैं। खासतौर पर 1991-92 के बाद से और ज्यादा अच्छी स्थिति रही है, लेकिन हम बीते 80 सालों से ऐसे संघर्ष को झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप तो आतंकवाद को ही नकारते रहे हैं, लेकिन हम लगातार 8 दशक से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, उसके बारे में हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास दो कठिन पड़ोसी हैं- चीन और पाकिस्तान। हमारे लिए पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद वाली परेशानी हमेशा रही है। इसलिए हमने इस कठिन दुनिया में चुनौती को पूरी मजबूती के साथ झेला है। लेकिन मुझे लगता है कि यूरोप के देश तो इस समस्या से मुंह ही चुराते रहे हैं।' उनसे पत्रकार ने सवाल पूछा कि यदि पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव को समाप्त कर लिया जाए तो तीनों देश तेजी से आगे बढ़ेंगे। इस पर जयशंकर ने कहा कि आप ऐसा इसलिए कह पा रहे हैं क्योंकि यूरोप में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ही सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा आर्थिक समृद्धि और स्थिरता से भी पहले का मसला है। जयशंकर ने कहा कि भारत की सुरक्षा चुनौतियां यूरोप के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसी स्थिति के चलते हमें सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ती है। आज आप समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आपकी (यूरोप) स्थिति दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही शांतिपूर्ण और स्थिरता वाली रही है। आप आज रियलटी चेक कर रहे, हम 8 दशकों से ऐसे ही हैं विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोप में खासतौर से 1991-92 के बाद तो स्थिति और सुधर गई। आपका यह अच्छा भाग्य रहा कि भू-राजनीतिक तौर पर आपको अच्छे हालात मिले। इसलिए आपने यह सोचा कि सब कुछ नॉर्मल है। हमारी स्थिति ऐसी नहीं है।' उन्होंने कहा कि हालांकि आज यूरोप रियलटी चेक कर रहा है। हम इस रियलटी के साथ तो बीते 8 दशकों से जी रहे हैं। इसलिए हमारे पास सुरक्षा को मजबूत करने से पहले कोई और चॉइस ही नहीं है। recent visitors 67

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व, जाने कब और कैसे बनता है गुरु पुष्य योग?

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु पुष्य योग कब बनता है और इस योग का निर्माण कैसे होता है. ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है जो गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र के पड़ने पर बनता है. यह एक गोचर योग है जो सभी के लिए लाभकारी होता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्य स्थायी और फलदायी होते हैं. इसके अलावा इस योग में किए गए उपायों से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है. गुरु पुष्य योग कब बनता है? ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग के लिए गुरुवार का दिन होना अनिवार्य है, क्योंकि गुरुवार का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है और 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र है और इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह अत्यंत शुभ, पुष्टिदायक और कल्याणकारी माना जाता है. जब ये दोनों (गुरुवार और पुष्य नक्षत्र) एक साथ आते हैं, तो गुरु पुष्य योग का निर्माण होता है. इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहते हैं. गुरु पुष्य योग का कुंडली में महत्व गुरु पुष्य योग किसी विशेष व्यक्ति की कुंडली में बनने वाला योग नहीं है, बल्कि यह गोचर का योग है. यानी, यह आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण बनता है और एक निश्चित समय के लिए सभी के लिए प्रभावी होता है. गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान, धन, धर्म, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह है. पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि देव हैं. इसलिए, पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान होता है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है. शनि स्थिरता, अनुशासन और स्थायित्व का कारक है. जब गुरु (बृहस्पति) और पुष्य नक्षत्र (जिसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं) का शुभ संयोग बनता है, तो यह योग अत्यधिक शक्तिशाली हो जाता है. बृहस्पति अपनी शुभता को बढ़ाता है और शनि उस शुभता को स्थायी बनाता है. गुरु पुष्य योग का महत्व ऐसी मान्यता है कि गुरु पुष्य योग में किए गए कार्य या खरीदी गई वस्तुएं अक्षय फल देती हैं, यानी उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और उनमें वृद्धि होती है. इस दिन सोना, चांदी, गहने, वाहन, घर, जमीन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. व्यापार शुरू करना, विद्या आरंभ करना, नए सौदे करना, गृह प्रवेश करना, या कोई भी नया और महत्वपूर्ण काम शुरू करना इस योग में बहुत लाभकारी होता है. इस योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है. यह योग जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लाता है. विशेष रूप से यह गुरु और शनि से संबंधित दोषों को कम करने में सहायक होता है.   recent visitors 77

पेशियों की न दें बार-बार तारीख, फील्ड में दिखे सक्रियता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, राम कुमार टोप्पो, भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 67

नगर निगम की बड़ी लापरवाही: सड़क किनारे सो रहे मजदूर पर पलट दी कचरे से भरी ट्रॉली, दबकर हुई मौत

बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में नगर निगम कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसकी वजह से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बरेली में इन दिनों नालों की सफाई का काम चल रहा है। नालों से निकले कीचड़ को शहर के बाहर फेंकने के लिए ट्रालियों में भरकर ले जाया जाता है। लेकिन इसी काम के दौरान एक बड़ी दुर्घटना हो गई। क्या हुआ हादसे के वक्त? मिली जानकारी के मुताबिक, बारादरी क्षेत्र के सतीपुर इलाके में नाले की सफाई चल रही थी। उस समय 45 वर्षीय सुनील कुमार अपने घर के पास ही पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान नगर निगम की टीम ने बिना नीचे देखे, कीचड़ भरी ट्राली को पलट दिया, जो सीधे सुनील कुमार के ऊपर गिर गई। इसके कारण सुनील कुमार उस कीचड़ में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश हादसा होते ही आसपास के लोगों ने सुनील कुमार को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। यह खबर सुनते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार वाले दुख में डूबे हुए हैं और रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार की जिम्मेदारी निभाते थे सुनील कुमार सुनील कुमार सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रोजाना की तरह सफाई का काम खत्म करके दोपहर में आराम कर रहे थे कि अचानक यह हादसा हो गया। नगर निगम की प्रतिक्रिया नगर निगम के अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है। साथ ही, लापरवाह ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि इस तरह की घटना दोबारा ना हो। recent visitors 54