US के बाद अब EU को चुभ रहा ड्रैगन, यूरोपीय संघ में 91 फीसदी छोटे पार्सल चीन से आयातित, दे दी नई टेंशन

नई दिल्ली दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच पिछले कई महीनों से ट्रेड वॉर छिड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 145 फीसदी का रेसिप्रोकल टैक्स लगाया है, इसके जवाब में चीन ने भी उतना ही टैक्स अमेरिकी आयातित वस्तुओं पर लगाया है। हालांकि, फिलहाल दोनों देशों ने इसे 90 दिनों के लिए रोक रखा है और व्यापार को सुगम बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं लेकिन इस ट्रेड वॉर में चीन का खिलौना उद्योग तबाही के कगार पर पहुंच गया है। वहां कई कारखाने बंद हो चुके हैं, जबकि कई ने कर्मचारियों की छंटनी कर दी है तो कुछ कंपनियों में सैलरी का संकट आ पड़ा है। इसी बीच, अब यूपोपीय संघ (EU) ने चीन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। EU ने चीन से आने वाले हरेक छोटे पार्सल पर हैंडलिंग शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे चीनी ई-कॉमर्स मार्केट को बड़ा नुकसान हो सकता है। ईयू के इस प्रस्ताव से चीन बौखला गया है। चीन ने यूरोपीय संघ से व्यापार के लिए निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "चीन का मानना ​​है कि एक खुला और समावेशी व्यापार वातावरण बनाना सभी पक्षों के साझा हित में है। हमें उम्मीद है कि यूरोपीय यूनियन खुला बाजार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएगा और चीनी कंपनियों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावकारी व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।" छोटे मूल्य के पार्सल पर शुल्क दरअसल, यूरोपीय यूनियन ने विदेशों से सीधे ग्राहकों को भेजे जाने वाले 150 यूरो या उससे कम मूल्य के छोटे पैकेजों के लिए 2 यूरो यानी 2.27 डॉलर (195.15 रुपये) शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा यूरोपीय गोदामों में भंडारण के लिए भेजे जाने वाले पार्सल के लिए प्रति पार्सल 50 सेंट का शुल्क रखा गया है। EU के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने मंगलवार को यूरोपीय सांसदों को इस प्लान के बारे में जानकारी दी है। इस टैक्स से EU को लगभग 3 अरब यूरो (3.4 अरब अमेरिकी डॉलर) की आय होगी। यूरोपीय संघ में 91 फीसदी छोटे पार्सल चीन से आयातित सेफकोविक ने सांसदों को बताया कि इस आय का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर पार्सल की आवाजाही के लिए सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच की लागत को कवर करने के लिए किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले लगभग 4.6 अरब छोटे पार्सल में से 91 फीसदी सिर्फ चीन से आए थे। अगर EU ने नए टैक्स प्रस्ताव को मंजूरी दी तो शीन और टेमू जैसी चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा मार पड़ेगी। इन दोनों कंपनियों के यूरोपीय यूनियन के अंदर कई वितरण केंद्र हैं। टेमू यूरोपीय ऑर्डर का करीब 80 फीसदी माल लोकल वेयरहाउस से सप्लाई करता है। फ्रांसीसी सरकार बढ़-चढ़कर कर रही काम बहरहाल, सेफकोविक ने यह नहीं बताया है कि प्रस्तावित टैक्स कब से लागू होगा। न ही इसका उल्लेख किया गया है कि लोकल वेयरहाउस से सप्लाई किए जाने पर कितना टैक्स लगंगा। दूसरी तरफ फ्रांसीसी सरकार, जो इस शुल्क के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रही है, ने पिछले महीने कहा था कि 2026 तक नया शुल्क वसूलना शुरू हो जाएगा।   recent visitors 50

हॉकी इंडिया ने आज यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की, हरमनप्रीत को मिली कप्तानी

नई दिल्ली हॉकी इंडिया ने गुरुवार को नीदरलैंड के एम्सटेलीवन और बेल्जियम के एंटवर्प में सात से 22 जून तक होने वाली एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25 के यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की। अनुभवी ड्रैगफ्लिकर हरमनप्रीत सिंह कप्तान के रूप में टीम अगुवाई करेंगे। मिडफील्डर हार्दिक सिंह उप-कप्तान होंगे। भारत अपने यूरोपीय चरण की शुरुआत में सात और नौ जून को नीदरलैंड के खिलाफ दो-दो मैचों खेलेंगा। इसके बाद 11 और 12 जून को एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में अर्जेंटीना के खिलाफ दो मैच होंगे। टीम 14 और 15 जून को ऑस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए एंटवर्प जाएगी और फिर 21 और 22 जून को मेजबान बेल्जियम के खिलाफ अपना अभियान समाप्त करेगी। टीम में गोलकीपर के रूप में कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा शामिल हैं। सुमित, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, नीलम संजीप जेस, कप्तान हरमनप्रीत सिंह,जरमनप्रीत सिंह, संजय और यशदीप सिवाच टीम की रक्षा पंक्ति में होंगे। मिडफील्ड में राज कुमार पाल, नीलकांत शर्मा, उप कप्तान हार्दिक सिंह, युवा प्रतिभावान राजिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और शमशेर सिंह शामिल हैं। गुरजंत सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह भारतीय टीम के फॉरवर्ड है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘हम इस बार टीम में थोड़ा और अनुभव चाहते थे और मैं टीम चयन से वास्तव में बेहद खुश हूं। टीम अच्छी तरह से अभ्यास कर रही है और हम जितना संभव हो सके उतना प्रयास करने और प्रो लीग जीतने की कोशिश कर रहे हैं।' recent visitors 44

आतंकवादी उसकी ही जड़ें खोद रहे हैं तो उसके पास निकलने का रास्ता नहीं, बौखलाया पाक, अब नया प्रोपेगेंडा

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने लंबे समय तक तालिबान को पाला था। यहां तक कि तालिबान का एक हिस्सा जिसे टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान कहा जाता है, वह खैबर पख्तूनख्वा में ऐक्टिव रहा है। इन आतंकियों को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में सक्रिय अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए पाला था। लेकिन आज जब आतंकवादी उसकी ही जड़ें खोद रहे हैं तो उसके पास निकलने का रास्ता नहीं है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने अब भारत पर ही आरोप लगाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो गुरुवार को यहां तक कहा कि टीपीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के पास पर्याप्त सबूत हैं, जिससे यह साबित किया जा सकता है कि ये भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं। बुधवार को बलूचिस्तान के खुजदार जिले में एक आर्मी स्कूल की बस पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन बच्चों समेत 5 लोग मारे गए थे। अब पाकिस्तान ने इस अमानवीय हरकत के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराना शुरू किया है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि पहलगाम आतंकी हमले से ध्यान भटकाया जा सके। पहलगाम में पाकिस्तान प्रेरित आतंकियों ने 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार डाला था। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि हम जो दावा कर रहे हैं, उसके लिए सबूत भी देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं, उसमें तो कोई दम नहीं है। लेकिन हम यह साबित करेंगे कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और भारत के बीच लिंक है। बता दें कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। कहा जाता है कि भारत पर हमलों के लिए आतंकियों को पालना पाकिस्तान की 'ब्लीड इंडिया विद थाउजेंड कट्स' की नीति का हिस्सा है। इसी पॉलिसी के तहत वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठनों को पालता है। इन आतंकी संगठनों के मुख्यालयों पर ही भारत ने जोरदार हमला बोलते हुए 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर किया था। इस हमले में करीब 100 आतंकी मारे गए थे और आतंकियों के 9 ठिकाने तबाह किए गए थे। माना जा रहा है कि दुनिया भर में खुद के आतंकी देश की छवि बनने से चिंतित पाकिस्तान ने अब यह नया प्रोपेगेंडा चला है, जिसमें अपने ही पाले तालिबान का भारत से लिंक बता रहा है।   recent visitors 48

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का परिणाम किया जारी, अनुप्रिया 99.60% लाकर किया टॉप

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE), अजमेर द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी। रिजल्ट शाम 5 बजे जारी किया गया. परिणाम की घोषणा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर की जाएगी। RBSE 12वीं का रिजल्ट रोल नंबर से चेक करना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा. इस वर्ष भी आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम्स का रिजल्ट एक साथ जारी किया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठ उपाध्याय (Senior Upadhyay) परीक्षा का परिणाम भी घोषित होगा। रिजल्ट जारी करने के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि बोर्ड प्रशासक व संभागीय आयुक्त महेश चंद्र शर्मा रिजल्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे। इस साल कुल 8,93,616 छात्र परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, जिनमें साइंस संकाय से 2,73,984, कॉमर्स से 28,250, आर्ट्स से 5,87,475 और वरिष्ठ उपाध्याय पाठ्यक्रम से 3,907 छात्र शामिल हैं।   परीक्षा में शामिल हुए कुल छात्र इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम को मिलाकर कुल 8,93,616 छात्रों ने राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लिया था। इनमें से साइंस स्ट्रीम से 2,73,984 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। कॉमर्स स्ट्रीम से 28,250 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। आर्ट्स स्ट्रीम से सबसे ज़्यादा 5,87,475 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 6 मार्च से 7 अप्रैल, 2025 तक आयोजित की गई थीं। तीनों ही स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ जारी किया गया है।   किस स्ट्रीम में कितने फीसदी छात्र हुए पास? साइंस (विज्ञान) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 94.43% कॉमर्स (वाणिज्य) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 99.07% आर्ट्स (कला) स्ट्रीम में पास प्रतिशत: 97.70% 12वीं आर्ट्स टॉपर्स लिस्ट अनुप्रिया 99.60% प्रगति अग्रवाल 99.60% प्रियंका 99.60% उर्मिला 99.60%   recent visitors 59

दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ से हुई बाहर , 13 मैच में 7 सलामी जोड़ी, कोच हेमंग बदानी ने बताई कमजोरी

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स शानदार शुरुआत के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) नॉकआउट चरण में आगे नहीं बढ़ पाई। टीम के मुख्य कोच हेमंग बदानी का कहना है कि पूरे सत्र में सलामी जोड़ी नहीं ढूंढ पाना ही टीम की नाकामी का एक कारण रहा। दिल्ली कैपिटल्स बुधवार को मुंबई इंडियंस से 59 रन से हारकर आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई जो पिछले सात मैच में उनकी पांचवीं हार भी थी। दिल्ली कैपिटल्स ने 13 मैच में सात सलामी जोड़ी को आजमाया लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली और अब टीम शनिवार को अपने आखिरी मैच में पंजाब किंग्स से भिड़ेगी। बदानी ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक अच्छी सलामी जोड़ी तभी मिलती है जब वह आपको अच्छी शुरुआत दे। अगर आपको शुरुआत नहीं मिलती है, तो आपको उस कमी को पूरा करने के लिए बदलाव करने होते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप दूसरी टीमें देखें कि जिन्होंने शानदार शुरुआत की है और पावरप्ले में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन हम वैसी शुरुआत नहीं कर पाए और इसलिए हमें वे बदलाव करने पड़े।’’ बदानी ने कहा, ‘‘हमारे पास पहले जैक (फ्रेजर-मैकगुर्क) थे लेकिन हमारे लिए यह कारगर नहीं रहा। अभिषेक (पोरल), फाफ (डुप्लेसी) थे, फिर करुण (नायर) भी थे। यह सिर्फ इतना है कि हमारे पास कोई ऐसा नहीं था जो हमें अच्छी शुरुआत कराए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष स्थान पर हमारे लिए पारी का आगाज करना चिंता का विषय था और मुझे लगता है कि यही एक कारण है कि हम आगे नहीं बढ़ पाए।’’   recent visitors 85

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

भोपाल प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समागम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति, किसान, आमजन आदि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य "कृषि उद्योग समागम 2025" का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।   recent visitors 44

कोतासुरा गांव में पानी की समस्या, हैंडपंपों और बोरपंपों का पानी सूखा, घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर लोग

रायगढ़ नल जल योजना गांव-गांव पहुंचने के बावजूद आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड रहा है। गर्मी के दिनों में कई गांव में पानी की गहराई इतनी ज्यादा होती है कि हैंडपंपों और बोरपंपों से निकलने वाला पानी भी सूख जाता है जिससे लोगों को नदी-नाले या डबरी-तालाबों के पानी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ठीक इसी तरह इन दिनों रायगढ़ जिले के कोतासुरा गांव में पानी की समस्या इस कदर है कि ग्रामीणों को पीने पानी के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तलक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।     रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोतासुरा गांव की आबादी लगभग 2500 के आसपास है। गर्मी के दिनों के यहां वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण बीते कुछ वर्षों से यहां के लोगों को पीने के पानी के लिये कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान हालात की बात करें तो मात्र दो बोर पंप पर पूरा गांव आश्रित है। उसमें भी बूंद-बंद करके लोगों का घड़ा भर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव मे 500 से अधिक घरों में नल जल का कनेक्शन हो चुका है। जिसमें लास्ट जनवरी तक ही पानी आया है उसके बाद से घरों में लगा नल पूरी तरह से सुख चुका है।   देर रात 3 बजे लगानी पड़ती है लाइन गांव की महिलाओं ने बताया कि बीते तीन महीनों से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। इससे पहले गांव से गुजरी पाइप लाइन से वे पीने का पानी के अलावा दाल और चाय बनाने के लिये पानी लाते थे। लेकिन अब उस पाइप लाइन को बंद कर दिया गया है और वाटर लेवल नीचे जाने के चलते बोर पंप भी सूख चुके हैं। जिसके कारण पीने के पानी के लिये देर रात तीन बजे से लाइन लगानी पड़ती है तब जाकर उन्हें पानी नसीब हो पाता है। खेती किसानी पर पड़ रहा असर ग्रामीणों ने बताया कि पानी की समस्या के चलते यहां खेती किसानी भी पूरी तरह से ठप्प होती जा रही है। पानी के अभाव में यहां के कई किसान गर्मी के दिनों में धान के अलावा अन्य फसलों की खेती करना लगभग बंद कर चुके हैं। कुछ किसान ऐसे हैं जो तालाबो के भरोसे खेती कर रहे हैं। गांव के कई किसानों के 15 से 20 एकड़ में लगे धान की फसल भी पानी के अभाव में नष्ट हो जाने की बात  ग्रामीणों ने कही है।     क्या कहते हैं अधिकारी   पीएचई विभाग के अधिकारी केपी कंवर ने बताया कि पुसौर ब्लॉक का कोतासुरा गांव वाटर लेवल नीचे जाने के चलते पानी की समस्या वाला गांव है। इसी वजह से वहां के लिए सतही जो श्रोत है उसे आधार मानकर योजना तैयार की जाएगी। कलमा बैराज से पानी ला करके जल शोधन केंद्र में ट्रीटमेंट करके सप्लाई करने की योजना बनाई गई है। जिसका 60 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। आगामी 6 महीनों के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा। recent visitors 35