आज आरसीबी हैदराबाद के खिलाफ भिड़ेगी, RCB जीत के साथ लीग चरण में शीर्ष दो में बनाना चाहेगी जगह

नई दिल्ली आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना चुकी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आज सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला जीतकर नौ साल में पहली बार लीग चरण में शीर्ष दो में जगह बनाना चाहेगी। आरसीबी 2016 सत्र में उप विजेता रही थी लेकिन इसके बाद से शीर्ष दो में नहीं पहुंची है। अभी टीम 12 मैच में 17 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अपने बचे हुए दो मैचों में जीत शीर्ष दो स्थान को सुरक्षित कर सकती है। शुक्रवार का मैच मूल रूप से बेंगलुरु की टीम का घरेलू मैच था लेकिन मानसून की शुरुआत के कारण इसे स्थानांतरित कर दिया गया।   भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के कारण लीग के हुए व्यवधान से पहले आरसीबी शानदार फॉर्म में थी और टीम ने लगातार चार जीत हासिल की थी। लेकिन लीग के फिर शुरू होने के बाद पहले मैच के बारिश से धुलने के कारण उसकी लय में बाधा आ गई। 20 दिन के ब्रेक के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम अपनी लय और प्रतिस्पर्धी बढ़त बरकरार रख पाती है या नहीं। आईपीएल खिताब जीतने की दौड़ में शामिल आरसीबी ने हाल के दिनों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमेशा की तरह टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने 11 पारियों में सात अर्धशतक बनाए हैं। कप्तान रजत पाटीदार, टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड ने समय-समय पर पावरहिटिंग करके उनका अच्छा साथ दिया है। हालांकि ब्रेक से ठीक पहले पाटीदार की फॉर्म में गिरावट आई। वह अपने पहले पांच मैचों में 37.2 की औसत के बाद अगले पांच मैचों में 10.6 के औसत से सिर्फ 53 रन ही बना पाए। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान लगी उंगली की चोट से उबरने के बाद अब वह फिर नेट्स पर खुलकर बल्लेबाजी कर रहे हैं जो आरसीबी के लिए अच्छा संकेत है। क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा की स्पिन जोड़ी बहुत प्रभावी रही है जबकि जोश हेजलवुड और यश दयाल ने तेज गेंदबाजी विभाग में मुश्किल ओवरों को आसानी से पूरा किया है। हेजलवुड हालांकि अपने कंधे की चोट से उबरने की वजह से मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी इस मैच और उसके बाद के लिए उपलब्ध हैं। पिछले साल फाइनल तक पहुंची सनराइजर्स हैदराबाद की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स पर छह विकेट की जीत के बाद इस मुकाबले में उतरेगी। टीम इसी लय को जारी रखने और इस सत्र को जीत से समाप्त करने की कोशिश करेगी। एसआरएच के अभियान में विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने बीच बीच में अच्छी पारियां खेली लेकिन लगातार अच्छा नहीं कर सके जिसके कारण टीम तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गई है। कप्तान पैट कमिंस और भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद उनकी गेंदबाजी इकाई संघर्ष करती दिखी है। टीम इस प्रकार हैं : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख दार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अथर्व तायडे, अभिनव मनोहर, अनिकेत वर्मा, सचिन बेबी, स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रेविस हेड, हर्षल पटेल, कामिंडु मेंडिस, वियान मुल्डर, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, मोहम्मद शमी, राहुल चाहर, सिमरजीत सिंह, जीशान अंसारी, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा।   recent visitors 67

ये दो सरकारी ऐप्स कर लें इंस्टॉल, हर समस्या का होगा समाधान

नई दिल्ली जैसे-जैसे लोगों की पहुंच इंटरनेट तक बढ़ी है वैसे-वैसे सभी टेलिकॉम कंपनियों के नेटवर्क पर लोड बढ़ा है। इसके चलते अक्सर लोग खराब नेटवर्क और स्लो इंटरनेट स्पीड का सामना करते हैं। अगर आप भी कभी कॉल ड्रॉप या बहुत ही धीमे इंटरनेट की वजह से परेशान हुए हैं, तो TRAI के दो ऐप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं। दरअसल टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी कि TRAI मोबाइल फोन यूजर्स के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस सुनिश्चित करने का काम करता है। TRAI और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन समय-समय पर अपनी सर्विसेज को बेहतर करने के निर्देश टेलिकॉम कंपनियों को देते रहते हैं। हालांकि फिर भी अगर आप कभी खराब नेटवर्क की वजह से कॉल ड्रॉप या स्लो इंटरनेट का सामना करें, तो TRAI के TRAI MySpeed और TRAI MyCall को फोन में इंस्टॉल करके रख लें। TRAI MySpeed इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं के लिए TRAI ने यह ऐप लॉन्च ही इसलिए किया था ताकि लोगों को अच्छी इंटरनेट स्पीड मिल सकें। अगर किसी को अच्छी इंटरनेट स्पीड नहीं मिल रही है, तो वह यूजर इस ऐप की मदद से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके बाद TRAI और आपका सर्विस प्रोवाइडर उस समस्या को दूर करने की दिशा में काम करते हैं। इस ऐप को इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। आपको सिर्फ इस ऐप को Google Play Store से डाउनलोड करना है और ऐप में Begin Test पर टैप करना है। इसके बाद आपको आपके ऑपरेटर का नाम और मौजूदा इंटरनेट स्पीड दिखाई जाएगी। यहां आपको शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन भी मिलेगा। Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, MySpeed ने 10 लाख से ज्यादा यूजर्स को स्पीड से संबंधित समस्याओं को रिपोर्ट करने में मदद की है. TRAI MyCall ऐप, कॉल ड्रॉप या खराब नेटवर्क के लिए इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स खराब नेटवर्क की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। इस ऐप को भी Google Play Store से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें आपको कॉल ड्रॉप, कमजोर सिग्नल, या इनडोर/आउटडोर कवरेज की समस्या को रिपोर्ट करने का ऑप्शन मिलेगा। आपको अपनी शिकायत में नेटवर्क ऑपरेटर, लोकेशन, और समस्या डिटेल्स देनी होंगी। TRA0 के इस ऐप की मदद से टेलिकॉम ऑपरेटर्स सिग्नल और कॉल क्वालिटी की समस्याओं को जल्दी पहचानने में मदद मलती है। ध्यान देने वाली बात इन ऐप्स पर किसी भी तरह की शिकायत के बाद आपको कुछ दिन इंतजार करना होगा। हालांकि इन ऐप्स पर की गई शिकायतों के बाद समस्याओं को ठीक किए जाने की संभावना काफी ज्यादा है। सरकारी विभाग की ऐप्स होने के चलते इनकी परफॉर्मेंस काफी अच्छी है और टेलिकॉम कंपनियां इन ऐप्स के जरिए मिली शिकायतों को काफी गंभीरता से लेती हैं। recent visitors 79

प्रदेश में जल संरचनाओं की सफाई में बढ़ती भागीदारी, जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा

भोपाल प्रदेश में जन सामान्य को पानी के महत्व को समझाने के लिये अनेक स्लोगन तैयार किये गये हैं। इन स्लोगन के पोस्टर और दीवार लेखन से समाज के सभी वर्गों में जन जागरूकता फैलाने के व्यापक स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी का प्रभाव है कि प्रदेश में जल संरचनाओं की साफ-सफाई में जनता की भागीदारी दिनोदिन बढ़ती जा रही है। ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान जल संरक्षण के सिद्धांत को अपनाने पर जोर देता है। इस अभियान में बुरहानपुर अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अभियान में ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण कार्य जारी है। इस कार्य में ग्रामीणजन स्वयं आगे आकर सहभागिता कर रहे है। पौंड निर्माण कार्य से वर्षा का जल संचित किया जा सकेगा और आस-पास के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। जिले में जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई इत्यादि कार्य प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। बाग बगीचों को चिन्हांकित कर किया जा रहा हरित विकास उमरिया जिले में जिला शहरी एवं विकास अभिकरण ने जन भागीदारी से नगरीय निकायों में शहरी क्षेत्रों और टाउनशिप के उजड़े बाग बगीचों को चिन्हांकित कर हरित विकास किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद उमरिया में अमृत 2.0 के अंतर्गत लालपुर पानी टंकी के पास 45 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क के निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वार्ड नंबर 14 में कन्या स्कूल के सामने 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह वार्ड नंबर 12 सत्संग भवन के पास 50 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क का निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह नगर पालिका परिषद पाली में अमृत 2.0 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 13 में सांई मंदिर के सामने 33.20 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद चंदिया के अंतर्गत अमृत 2.0 के तहत भरोसा तालाब के पास 21 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद मानपुर अंतर्गत वार्ड क्रमांक एक पंचायत भवन सेमरा में पौधरोपण किया गया है। नगर परिषद नौरोजाबाद में अमृत 2.0 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 में बागीचे का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उमरिया की नदी ग्राम पंचायत गौरय्या में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान नागरिकों ने नदी तथा उसके आस पास पड़े कचरे को एकत्र किया और जन जागरूकता का संदेश दिया।  पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा शहडोल जिले में जल संरचनाओं के कार्य में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी ली जा रही है। अभियान में नागरिकों को बताया जा रहा है कि पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा। सरकार और समाज दोनों को मिलकर जल के महत्व को समझना होगा। इसी से हम सबका भविष्य सुरक्षित होगा। जल चौपाल में बताया गया कि जल जीवन का अभिन्न अंग है, और इसके बिना न तो कृषि संभव है, न ही उद्योग, और न ही हमारी दैनिक आवश्यकताएँ पूरी हो सकती हैं। जनपद पंचायत बुढ़ार के ग्राम सिंघली में जल की एक-एक बूंद सहेजने के लिए चौपड़ा का निर्माण किया गया। चौपड़ा के निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगों को जल की समस्या से निजात मिली, वहीं वर्षा जल का संचयन भी होगा। भीषण गर्मी में भी चौपडा पानी से लबालब भरा हुआ है। जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा शहडोल जिले में "जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा", प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से 30 जून तक चलाये जाने का निर्णय लिया है। जिले में जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत बरमनिया, देवरी बुढार जनपद पंचायत के रूपौला सहित अन्य ग्राम पंचायतों में नवीन खेत तालाब के कार्य किये गए। नागौद के खजलइयां तालाब की हुई सफाई सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नगर परिषद नागौद द्वारा वार्ड क्रमांक-3 स्थित खजलइयां तालाब में जल सहयोग से सामूहिक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शासकीय अमला और नागरिक शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान की निगरानी के लिए 6 दल तैनात रीवा जिले में संभाग के सभी जिलों में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में नदियों के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण संरचनाओं में सुधार तथा नई जल संरचनाओं के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने जल संरक्षण कार्यों की निगरानी के लिए संभागीय अधिकारियों के 6 दल तैनात किए हैं। सभी दल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलों का भ्रमण करके जल संरक्षण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। recent visitors 57

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट किया जारी

रायपुर मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले तीन घंटे में 40-60 किमी प्रति घंटे की तफ्तार से तेज हवा के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव , उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में 40-60 किमी प्रति घंटे की तफ्तार से तेज आंधी के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर और दुर्ग में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. बता दें कि बुधवार को दुर्ग का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक हुई, लेकिन तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आई. आज सुबह से बादल छाए रहने से प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. recent visitors 54

मोबाइल नंबर फ्रॉड तो नहीं, सरकार लाई नया टूल

नई दिल्ली देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों ने सरकार को भी चिंता में डाला है। इससे निपटने के लिए सरकारी स्‍तरों पर काम तेज किए गए हैं। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग यानी डीओटी ने एक टूल पेश किया है। इसका नाम है फाइनेंशल फ्रॉड रिस्‍क डिटेक्‍टर यानी एफआरआई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टूल डिजिटल इंटेलिजेंस प्‍लेटफॉर्म का हिस्‍सा है जिसका मकसद ऐसे मोबाइल नंबरों को आइडेंटिफाइ करना है जो साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे नंबरों को बहुत जल्‍द फाइनेंशल इंस्‍टीट्यूशंस के साथ जैसे बैंक आदि से शेयर किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि किसी ऑनलाइन पेमेंट से पहले यूजर को यह मालूम चल जाएगा कि जिस नंबर पर पर पेमेंट करने जा रहे हैं, कितना रिस्‍की है। तीन कैटिगरी में बांटे जाएंगे मोबाइल नंबर मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एफआरआई के अंतर्गत आने वाले मोबाइल नंबरों को तीन कैटिगरी में बांटा जाएगा। मीडियम, हाई या वेरिहाई। वेरिहाई का मतलब ऐसे मोबाइल नंबरों से है, जिन पर पेमेंट करने पर धोखाधड़ी की संभावना बहुत अधिक है। सवाल हो सकता है कि नंबर आइडेंटिफाई कैसे किए जाएंगे। दरअसल, सरकार को उसके अलग-अलग पोर्टलों पर लोगों की कंप्‍लेंट मिल रही हैं, जिनमें ऐसे मोबाइल नंबरों की शिकायत है जिनके जरिए धोखाधड़ी की गई। ये नंबर चक्षु प्‍लेटफॉर्म, एनसीआरपी यानी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल आदि पर रिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा बैंकों के पास भी ऐसी शिकायतें आती हैं, जिनमें ग्राहक अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताते हैं और मोबाइल नंबरों का जिक्र करते हैं। PhonePe इस्‍तेमाल कर रहा नया टूल रिपोर्टों के अनुसार, फोनपे ने एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह ऐप ऐसे नंबरों पर ट्रांजैक्‍शंस को रोकता है जिन्‍हें हाई रिस्‍क कैटिगरी में रखा गया है। ऐसे नंबर जो मीडियम रिस्‍की होते हैं उन पर पेमेंट करने वालों को अलर्ट भेजा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अब पेटीएम, गूगलपे जैसे यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स ने एफआरआई सिस्‍टम को इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई सर्विस प्राेवाइडर तो इस टूल का इस्‍तेमाल करेंगे ही, NBFC भी इस टूल की मदद से लोगों को आगाह करेंगी। दूरसंचार विभाग चाहता है कि एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल हर जगह किया जाएगा ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिले। इससे देश का डिजिटल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और मजबूत व‍ सिक्‍योर होगा। दावा है कि यह टूल, रियल टाइम में काम करता है और जैसे-जैसे फ्रॉड से जुड़े नंबर सामने आते हैं उन्‍हें बैंकों और यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स के साथ शेयर किया जाता है। recent visitors 86

एशिया में कोविड का नया वेरिएंट JN.1 से खतरे की घंटी? पिछले 1 साल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस, डॉक्टर ने कही ये बात

नई दिल्ली कोरोना वायरस कहें या कोविड-19 साल 2020 के बाद से इसका खौफ लोगों के बीच खूब देखने को मिला. इस महामारी से दुनियाभर में सैंकड़ों लोगों ने जान गवाईं. अभी लोग ढंग से कोविड-19 द्वारा मचाई गई तबाही को भूले भी नहीं थे के इस बीच एशिया के कुछ देशों में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं. सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसकी वजह है ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट है जो बहुत जल्दी फैलता है और अब इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है. सिंगापुर में 3 मई तक के हफ्ते में 14,200 नए कोरोना केस मिले, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 11,100 थी. वहां अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी 30% बढ़ोतरी हुई है. इस वजह से वहां के हेल्थ ऑफिसर ज्यादा सतर्क हो गए हैं. हांगकांग में भी हालात अच्छे नहीं हैं. वहां कोरोना का फैलाव काफी ज्यादा बताया जा रहा है. हेल्थ ऑफिसर अल्बर्ट औ के मुताबिक, इस साल अब तक सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं. एक ही हफ्ते में 31 लोगों की मौत भी हुई है, जो एक साल में सबसे ज्यादा है. कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. भारत में अभी कोरोना के मामले कम हैं, लेकिन थोड़ी बढ़त जरूर हुई है. 19 मई तक 257 एक्टिव केस सामने आए हैं. आसपास के देशों में मामले बढ़ने की वजह से भारत के डॉक्टर और हेल्थ ऑफिर्स अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि समय रहते कोई जरूरी कदम उठाया जा सके. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर ओमिक्रॉन का ये नया वेरिएंट JN.1 क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है? चलिए जानते हैं. JN.1 वैरिएंट क्या है? JN.1 कोरोना वायरस का एक नया रूप है, जो ओमिक्रॉन से जुड़ा है. यह BA.2.86 नाम के पुराने वेरिएंट से निकला है, जिसे पिरोला भी कहा जाता है. इस वेरिएंट की पहचान सबसे पहले 2023 के आखिरी में हुई थी. इसके बाद यह अमेरिका, यूके, भारत, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में तेजी से फैल गया. इस वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन (वायरस का वो हिस्सा जिससे वह शरीर की सेल्स से चिपकता है) में एक खास बदलाव (म्यूटेशन) हुआ है. इस बदलाव की वजह से यह वायरस ज्यादा तेजी से फैल सकता है. यह शरीर की उस इम्युनिटी को भी बेद सकता है, जो वैक्सीन लगवाने या पहले कोविड होने के बाद बनी थी. कितना खतरनाक है JN.1? फिलहाल के आंकड़ों के मुताबिक, JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट्स की तरह ही है और इससे गंभीर बीमारी होने का खतरा बहुत कम है. अधिकतर लोगों में इसके लक्षण हल्के से मध्यम लेवल के ही देखे गए हैं. इनमें गले में खराश, बहती नाक, हल्का बुखार, थकान और खांसी जैसे लक्षण शामिल हैं. ये लक्षण पहले वाले ओमिक्रॉन वायरस से बहुत मिलते-जुलते हैं. हालांकि, JN.1 की सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से फैलने की क्षमता है. यह वेरिएंट बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए इसके केस तेजी से बढ़ सकते हैं. अभी तक डॉस्पिटल में एडमिट होने वालों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, लेकिन फिर भी बुज़ुर्ग लोगों, पहले से बीमार लोगों और जिनकी इम्युनिटी कमजोर है उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है. इस वेरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके. कोविड का नया वेरिएंट JN.1 क्या खतरे की घंटी कोरोना एक बार फिर एशिया के कुछ हिस्सों में दस्तक दे रहा है। भारत में पिछले एक साल में सबसे अधिक 257 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, AIIMS के एक्सपर्ट डॉ संजय रॉय का कहना है कि JN-1 एक साल पुराना वेरिएंट है, कोई नया वायरस नहीं है। न ही यह कोई नया स्ट्रेन है। पॉजिटिव केस इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि टेस्ट किए जा रहे हैं। मौजूदा हालात में JN.1 को लेकर घबराने वाली बात नहीं है। अभी तक इसको लेकर साइंस यही कहता है कि यह कॉमन कोल्ड है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। स्वास्थ्य मंत्रालय का भी कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के एक्सपर्ट और कोरोना वैक्सीन ट्रायल के प्रमुख रहे डॉक्टर संजय रॉय ने बताया कि कोरोना फैमिली के हजार से भी ज्यादा वेरिएंट हैं। लेकिन, मुख्य रूप से सात ऐसे वायरस हैं जो इंसानों को प्रभावित करते हैं। 2002 तक कोरोना वायरस (CoV) इंसानों के लिए मामूली वायरस माना जाता था। लेकिन पिछले 20 से 25 सालों में इसके इफेक्ट को देखें तो कोरोना परिवार का 5वां वायरस सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) आया। इसके बाद इस परिवार का छठा वायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (MERS-CoV) आया। अब इसका 7वां वायरस कोविड-19 है। जहां तक वर्तमान हालात की बात है तो अब यह कॉमन कोल्ड है। इसके ज्यादा खतरनाक होने का कोई एविडेंस अभी नहीं है। वैज्ञानिक समझ के आधार पर करनी होगी बात डॉक्टर संजय ने कहा कि साइंस की बातें तो साइंस के आधार पर ही होनी चाहिए। वट्सऐप से जानकारी लेकर बातें नहीं करनी चाहिए। JN.1 वेरिएंट में नया कुछ नहीं है। एक साल पुराना है। इसको लेकर इतनी बातें करने के पीछे कोई साइंस तो नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी का कमर्शियल इंट्रेस्ट हो तो यह अलग बात है, लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं चलता है। अमेरिका जैसे देश ने अपने यहां छह महीने तक के बच्चों का भी कोविड वैक्सीनेशन करा दिया, जबकि हमने साइंस की बात की। हमारी सरकार ने भी इसे तवज्जो दिया और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को एक भी वैक्सीन नहीं लगी और वायरस का उनपर असर भी कुछ नहीं हुआ। हमें समझना होगा और वैज्ञानिक समझ के आधार पर ही बात करनी होगी। सिक्वेंसिंग में पहले भी मिला था वेरिएंट JN.1 दिल्ली में कोरोना वायरस पर नजर रखने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती थी, लेकिन सूत्रों का कहना है … Read more

अदालत ने आदेश में कहा पत्नी के पास पति से अलग रहने का कोई ठोस कारण नहीं, भरण-पोषण की हक़दार नहीं

इंदौर कुटुंब न्यायालय ने एक महिला की तरफ से लगाई गई भरण-पोषण की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पत्नी के पास अपने पति से अलग रहने का कोई पर्याप्त वैधानिक कारण नहीं है. इसलिए वह भरण-पोषण पाने की अधिकारी नहीं है. हालांकि धीरेंद्र सिंह की कोर्ट ने अवयस्क बच्चों को भरण-पोषण दिए जाने के आदेश दिए हैं. अधिवक्ता डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में एक तरह ये माना कि पत्नी स्वयं का भरण पोषण करने में सक्षम नहीं है और पति अपनी पत्नी का भरण पोषण करने में उपेक्षा कर रहा है. लेकिन दूसरी तरफ़ ये भी माना कि पत्नी के पास अपने पति से अलग रहने का कोई पर्याप्त वैधानिक कारण नहीं है. महिला ने मई 2022 में पति के खिलाफ थाने में दर्ज कराई थी शिकायत बताया कि सुलोचना(परिवर्तित नाम) का विवाह सन 2013 में अमन(परिवर्तित नाम) से हुआ था. सन 2022 में सुलोचना ने पति के खिलाफ विवाह के बाद से ही कम दहेज लाने को लेकर ताने मारना, पांच लाख रुपये दहेज की मांग करना, गाली-गलौच व मारपीट करना, डिलीवरी का खर्चा उठाने से मना करने, घर से निकालने को लेकर मई 2022 में पुलिस थाने में शिकायत की. जिसके आधार पर पत्नी ने स्वयं और बच्चों के लिए पति से भरण-पोषण की मांग करते हुए कुटुंब न्यायालय, इन्दौर में याचिका लगाई. पति की और से जवाब पेश करते हुए वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे ने कोर्ट को बताया कि पत्नी ने झूठे आधारों पर केस लगाया था. कोर्ट में पत्नी के बयानों एवं पति के वकील के द्वारा पत्नी से पूछे गये सवाल-जवाब के दौरान महत्वपूर्ण बातें उजागर हो गईं. कोर्ट ने माना कि पत्नी खुद और अवयस्क बच्चे का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं है कुटुंब न्यायालय ने अपने फैसले में यह तो माना कि पत्नी खुद और अवयस्क बच्चे का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं है. और पति भरण -पोषण करने में उपेक्षा कर रहा है. लेकिन माननीय न्यायालय में अपने फैसले में यह भी कहा कि पत्नी ने 2013 में शादी के पश्चात कोई शिकायत नहीं की. पत्नी ने सिर्फ मई 2022 में मामले की शिकायत दर्ज कराई. मई 2022 के पूर्व पत्नी द्वारा प्रताड़ना की कोई रिपोर्ट क्यों नहीं की गई. महिला द्वारा इसका स्पष्टीकरण नहीं देने पर कोर्ट ने विवाह के बाद पैसों के लिए उसको परेशान करने के बयानो को संदेहास्पद माना. ये महत्वपूर्ण फैसला उनके लिए नजीर है जो बिना पर्याप्त वैधानिक कारण पति से अलग रहती हैं और कोर्ट में ख़ुद के भरण-पोषण के लिए गलत आधार पर केस लगाती हैं. recent visitors 60