जबलपुर से 31 मई को होगी जय हिंद सभा की शुरुआत, राहुल, प्रियंका के आने की उम्मीद

जबलपुर  सेना और नारी शक्ति को लेकर भाजपा नेताओं के आपत्तिजनक बयानों और ताजा हालातों को लेकर कांग्रेस अब जमीन पर उतरेगी। देशभर में जय हिंद सभा करने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत जबलपुर से 31 मई को होगी। यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। कांग्रेस लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी या सांसद प्रियंका गांधी को सभा सबोधित करने के लिए बुलाएगी। कांग्रेस करेगी जय हिन्द सभा, जबलपुर से शुरुआत तैयारी के लिए जबलपुर आए केवलारी विधायक व सह प्रभारी रजनीश सिंह ने कहा कि इन दोनों में से किसी एक नेता का आना निश्चित है। महाकोशल सहित प्रदेश में संदेश पहुंचाने के लिए देश की पहली जय हिंद सभा को मेगा इवेंट बनाने के लिए कांग्रेस ने दो विधायक आरके दोगने को प्रदेश प्रभारी और रजनीश सिंह को सह प्रभारी नियुक्त किया है।  31 मई को राहुल या प्रियंका का हो सकता है दौरा बुधवार को इन दोनों विधायकों ने जबलपुर के कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों के साथ तैयारी पर चर्चा की। सभा में कई वरिष्ठ नेता सबोधित करेंगे। सभा स्थल के लिए जगह का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन इसे शहीद स्मारक गोलबाजार में आयोजित करने पर विचार किया गया है। बैठक में विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री तरुण भनोत, पूर्व विधायक संजय यादव, जिला ग्रामीण अध्यक्ष डॉ नीलेश जैन ने सभा की तैयारी और रणनीति पर बात रखी।  संगठनात्मक समन्वय पर विस्तार से चर्चा अध्यक्षता जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, जिमेदारियों का निर्धारण एवं संगठनात्मक समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कौशल्या गोटिया, कमलेश यादव, पूर्व विधायक नित्यरंजन खंपरिया, समति सैनी, सतीश तिवारी, अमरीश मिश्रा, राजेश पटेल,इंदिरा पाठक तिवारी, विजय रजक, सचिन रजक, चमन राय, अनुराग जैन गड़वाल, राजकिशोर पटेल, अयोध्या तिवारी, अतुल बाजपेई, संतोष दुबे आदि मौजूद रहे। recent visitors 74

आठ साल पहले मृत व्यक्ति की आत्मा गांव के कोटे से राशन ले रही है, अब हुआ खुलासा

  सतना  सतना के टिकुरी अकौना गांव में कुछ अजीब हो रहा है. आठ साल पहले मृत व्यक्ति की आत्मा कथित तौर पर गांव के कोटे से राशन ले रही है. यह आत्मा बकायदा पीडीएस मशीन में अंगूठा लगाकर अपने हिस्से का राशन ले जाती है. यह आत्मा बलवंत सिंह की है, जो आठ साल पहले एक हादसे में मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन राशन लेने के लिए उनका नाम आज भी राशन कार्ड में दर्ज है. साक्ष्य मिलने के बाद गांव की महिला सरपंच श्रद्धा सिंह ने इसकी शिकायत तहसीलदार से की, लेकिन कोटर तहसीलदार ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया.   जांच हुई तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है. यहां 8 साल पहले मृत बलवंत सिंह के नाम पर आज भी राशन कार्ड से राशन उठाया जा रहा है, जबकि जिंदा शंकर आदिवासी को 2017 में मृत घोषित कर राशन सहित सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया. यह मामला तब उजागर हुआ, जब गांव की महिला सरपंच श्रद्धा सिंह ने जिंदा व्यक्ति को राशन दिलाने की कोशिश की और मृतक के नाम पर राशन वितरण का खुलासा हुआ. बलवंत सिंह की 8 साल पहले एक हादसे में मौत हो चुकी है, लेकिन उनका नाम राशन कार्ड पोर्टल से नहीं हटाया गया. फूड इंस्पेक्टर ब्रजेश पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में पाया गया कि बलवंत सिंह का नाम समग्र पोर्टल से हटाया गया था, लेकिन राशन पोर्टल पर उनका नाम बरकरार रहा. उनके परिवार के अन्य सदस्य, धर्मेंद्र सिंह और प्रदीप सिंह, उनके नाम पर अंगूठा लगाकर राशन ले रहे थे. परिवार के 8 सदस्यों के नाम पर राशन वितरित हो रहा था. शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने बलवंत सिंह का नाम राशन पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं, शंकर आदिवासी को 2017 में मृत घोषित कर दिया गया था. जैसे-तैसे उन्होंने खुद को जिंदा साबित किया, लेकिन राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं से आज भी वंचित हैं. फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि पात्रता और अपात्रता की जांच पंचायत स्तर पर होती है और पंचायत सचिव को राशन मित्र पोर्टल के जरिए नाम विलोपन की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई है. शंकर आदिवासी का नाम भी जल्द अपडेट कर लिया जाएगा. गांव के पंच और सरपंच पति अनुराग सिंह ने इस भ्रष्टाचार पर हैरानी जताते हुए कहा कि जिंदा लोग राशन के लिए भटक रहे हैं, जबकि मृतक के नाम पर राशन उठाया जा रहा है. उन्होंने तहसीलदार से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया. कोटर तहसील के सेल्समैन शिव कुमार गौतम ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई और कहा कि अब नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह मामला पीडीएस में भ्रष्टाचार की काली छाया को उजागर करता है. भारत सरकार की मंशा हर गरीब को पर्याप्त राशन देने की है, जहां गरीबी रेखा से नीचे वालों को 35 किलो और उससे ऊपर वालों को 15 किलो राशन प्रति माह मिलता है. लेकिन टिकुरी अकौना जैसे हालात व्यवस्था की खामियों को दर्शाते हैं, जहां जिंदा लोग राशन के लिए तरस रहे हैं और मृतकों के नाम पर राशन का दुरुपयोग हो रहा है.   recent visitors 72

देश में ‘हनी मिशन’ में 2,29,409 मधुमक्खी बक्से और मधु कॉलोनियां की गई वितरित

केवीआईसी के ‘हनी मिशन’ में 20 हजार मीट्रिक टन शहद का हुआ उत्पादन मधुमक्खी पालकों को 325 करोड़ रुपये की हुई आमदनी देश में 'हनी मिशन' में 2,29,409 मधुमक्खी बक्से और मधु कॉलोनियां की गई वितरित भोपाल खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2025’ के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस वर्ष का आयोजन थीम – "प्रकृति से प्रेरित मधुमक्खी, सबके जीवन की पोषक" पर आधारित था, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण "श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति" के अभियान को सशक्त करता है। इसमें महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए मधुमक्खी पालक लाभार्थी, प्रशिक्षु, वैज्ञानिकों, सफल मधुमक्खी पालकों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में केवीआईसी की उपलब्धियों को साझा किया गया। यह आयोजन न केवल एक तकनीकी मंच रहा, बल्कि ग्रामीण भारत के नवाचार, प्रेरणा और स्वावलंबन की सजीव मिसाल बना। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुरूप राशि की उपस्थिति में किया। केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने मधुमक्खी दिवस पर आयोजित समारोह में कहा कि "मधुमक्खियां हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं। ये न केवल शहद देती हैं, बल्कि परागण के जरिए हमारी खेती को समृद्ध करती हैं और पर्यावरण का संरक्षण करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘हनी मिशन’ आज गांवों की आजीविका का बड़ा आधार बन चुका है। "उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब ‘स्वीट क्रांति’ का आह्वान किया, तब उन्होंने एक नया रास्ता दिखाया, जिसमें शहद उत्पादन न केवल आर्थिक समृद्धि का, बल्कि स्वास्थ्य समृद्धि का भी स्रोत बना। उनके नेतृत्व में केवीआईसी ने इस दिशा में जो कार्य किया है, वह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।" केवीआईसी अध्यक्ष ने ‘हनी मिशन’ की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि केवीआईसी द्वारा अब तक देशभर में 2,29,409 मधुमक्खी बक्से और मधु कॉलोनियां वितरित की गई हैं। इससे लगभग 20,000 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हुआ है। मधुमक्खी पालकों को इससे लगभग 325 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में हनी मिशन से जुड़े मधुमक्खी पालकों ने करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य का शहद विदेश में भी निर्यात किया है। केवीआईसी की सीईओ सुरूप राशि ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "हनी मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह एक समग्र आजीविका मॉडल है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों युवाओं, महिलाओं और किसानों को इस मिशन से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी द्वारा संचालित हनी प्रोसेसिंग प्लांट्स, प्रशिक्षण केंद्र और मार्केटिंग नेटवर्क ने मधुमक्खी पालन को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है।" कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने बताया कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग 75 प्रतिशत खाद्य फसलों का परागण मधुमक्खियों से होता है। मधुमक्खियां यदि न रहें, तो 30 प्रतिशत खाद्य फसलें और 90 प्रतिशत जंगली पौधों की प्रजातियां संकट में आ सकती हैं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सहित देश के सभी हिस्सों से लाभार्थियों ने डिजिटल रूप से अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक, कविता, और निबंध ने कार्यक्रम में जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में केवीआईसी के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।   recent visitors 53

प्रेम संबंध खराब होने के बाद अपराध के लिए अभियोजन जारी रखने की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग होगा-HC

जबलपुर  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पदस्थापना के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) के खिलाफ दुष्कर्म व दहेज एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने आदेश में कहा है "दो साल तक चले संबंध के बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई. पीड़िता शिक्षित है और सरकारी कर्मचारी है. प्रेम संबंध खराब होने के कारण कथित अपराध के लिए अभियोजन जारी रखने की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग होगा." युवती रिश्वत के केस में फंसी तो शादी से इंकार पन्ना निवासी मनोज सोनी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया "वर्ष 2015 में उसके परिवार ने आरोप लगाने वाली युवती के साथ शादी का प्रस्ताव रखा. उसने 14 फरवरी 2018 को युवती को सगाई की अंगूठी पहनाई. लेकिन जैसे ही उसे पता चला कि युवती के खिलाफ रिश्वत लेने का आपराधिक प्रकरण दर्ज है तो उसने शादी से इंकार कर दिया. इसके बाद युवती ने उसके खिलाफ पन्ना जिले के अजयगढ़ थने में दुष्कर्म व दहेज एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवा दी." दहेज मांगने के साक्ष्य नहीं मिले एफआईआर में युवती ने आरोप लगाया "शादी का वादा कर उसके साथ जबरन संबंध बनाए और दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शादी से इनकार कर दिया." सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने कहा "प्रेम संबंध खराब के होने के कारण दुष्कर्म के कथित अपराध के लिए अभियोजन जारी रखने की अनुमति देना गैरकानूननी है. प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से दहेज की मांग के संबंध में भी विश्वसनीय साक्ष्यों का अभाव है. स्पष्ट है कि युवती द्वारा अनावश्यक रूप से उत्पीड़न करने का प्रयास किया गया." रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ बनेगी एसआईटी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले की जांच में लापरवाही पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की 3 सदस्यीय विशेष जांच टीम के गठित करने आदेश जारी किये हैं. जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने आदेश में कहा है "एसआईटी की अध्यक्षता आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे और इसमें एसपी स्तर की महिला अधिकारी को शामिल किया जाएगा. समिति में जबलपुर जिले से किसी को शामिल नहीं किया जाएगा. एकल पीठ ने डीजीपी को 3 दिन के भीतर एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया है." मीटिंग के दौरान अश्लील इशारे करने का आरोप गौरतलब है कि जबलपुर स्थित विश्वविद्यालय में पदस्थ एक महिला अधिकारी ने कुलपति राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत पर कार्रवाई न होने पर पीड़ित महिला अधिकारी ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी. याचिका में कहा गया है "21 नवंबर 2024 को बैठक के दौरान कुलपति ने अपने कार्यालय में अभद्र हरकतें की. उन्होंने सबके सामने अनुचित टिप्पणियां और इशारे किए. उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत कुलपति कार्यालय से घटना वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज मांगे, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए गए." याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने किया. recent visitors 55

तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, अयोध्या उत्सव की तैयारी में जुटी

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में इस समय तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तीन जून को अयोध्या एक बार फिर भव्य उत्सव मनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस बार राम दरबार समेत अन्य मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक होगी। बैठक में समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा शामिल होंगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हो रही तीन दिवसीय समीक्षा बैठक में पहले और दूसरे तल समेत परकोटा के छह मंदिरों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा होगी। सप्त मंडपम के मंदिरों की समीक्षा की जाएगी। राम मंदिर की लाइटिंग की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा राम मंदिर में आवागमन के लिए लगाई गई सीढ़ियों पर लगी रेलिंग के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर पत्थरों को रिप्लेसमेंट करने को लेकर भी समीक्षा होगी। राम मंदिर में दूसरी बार प्राण-प्रतिष्ठा के लिए साधु-संतों को निमंत्रण दिया जा रहा है। उत्तराखंड के संतों को निमंत्रण देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय के अलावा अन्य पदाधिकारी हरिद्वार पहुंचे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और योग गुरु बाबा रामदेव के अलावा अन्य संतों को निमंत्रण देंगे। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण 5 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह तीन जून से शुरू होगा। यह पांच जून तक चलेगा। पांच जून के बाद एक सप्ताह के अंदर सभी मंदिर दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार अतिथि अलग होंगे। बता दें कि पिछले साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा भव्य राम मंदिर में हुई थी। इसमें खेल, बिजनेस और राजनीति से जुड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया था।   recent visitors 68

इंदौर शहर साइबर क्राइम के लिए हॉट स्पॉट बन गया है, जहां फर्जी खाते और सिमकार्ड आसानी से उपलब्ध

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर साइबर स्कैम का नया गढ़ बन गई है। यहां फर्जी खाते-सिमकार्ड और एटीएम आसानी से मिल जाते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इंदौर को हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चिंतन हुआ। बैठक में जोन-2 के डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को भी बुलाया गया। दिल्ली में हाल ही में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में देशभर की बैंक सेक्टर, साइबर पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों की बैठक हुई। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर होम सेक्रेटरी के नेतृत्व में हुई बैठक में साइबर अपराध से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।  इसमें बताया गया कि देशभर के 35 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में एमपी के इंदौर शहर का नाम भी सामने आ रहा है। बीते कुछ समय में यहां डिजिटल अरेस्ट से लेकर अन्य साइबर अपराध हुए हैं। बैठक में उन राज्यों पर भी बात हुई जहां के कुछ क्षेत्र में विशेष रूप से साइबर अपराध हो रहे हैं। इन अपराधों पर कैसे रोक लगाई जाए और एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ) में शिकायत दर्ज होने के बाद कैसे कार्रवाई हो सके, इस पर भी चर्चा हुई। भोपाल, इंदौर से भी अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे। इंदौर में फर्जी अकाउंट और सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी डीजीपी को इसके नियंत्रण के निर्देश दिए। शनिवार को दिल्ली में आई4सी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय में पदस्थ सचिव गोविंद मोहन द्वारा की गई। प्रदेश से इंटेलिजेंस एडीजी ए. साईं मनोहर, साइबर डीआइजी मोहम्मद यूसुफ कुरैशी और इंदौर से डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को बुलाया गया। इसमें बताया गया कि इंदौर में म्यू खाते, सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं। इंदौर में यहां होती है ठगों की डील फर्जी एडवाइजरी फर्म और एटीएम विड्राल के लिए भी सुरक्षित माना गया है। दुबई, लाओस, कंबोडिया जैसे शहरों में बैठे साइबर अपराधी पैडलर के माध्यम से फ्रॉड करते हैं। इंदौर के विजयनगर, तुकोगंज, तिलकनगर, पलासिया, एरोड्रम, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं, खजराना, लसूड़िया, कनाड़िया जैसे क्षेत्रों में होटल, रेस्त्रां, कैफे पर ही डील हो जाती है। इसी तरह उत्तमनगर (दिल्ली), नुहू(हरियाणा), भरतपुर (राजस्थान), नालंदा (बिहार), देवगढ़ (झारखंड) भी कुख्यात हैं। बगैर सत्यापन के करंट खाते खोल रहे बैंक अफसर बैठक में सीबीआइ, आरबीआइ, ट्राई, साइबर सेल, ईडी सहित तमाम एजेंसियों के अफसर शामिल हुए। बैंक अफसरों की भूमिका पर चर्चा की गई। अफसरों ने कहा कि साइबर अपराधी किराए का अनुबंध करवा कर कंपनी रजिस्टर्ड करवा लेते हैं। उससे करंट खाता खुल जाता है। बैंक अफसर भौतिक सत्यापन नहीं करते। इसी तरह कैनोपी लगाकर चौराहों पर सिमकार्ड इशू करने वालों के लिए गाइड लाइन तैयार होना चाहिए। सिमकार्ड पोर्ट करने और नई सिम इशू करवाने पर दो-तीन कार्ड जारी हो जाते हैं। अफसरों ने कहा साइबर अपराधियों को पकड़ने और विवेचना के लिए भी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। खाते फ्रीज करने, सिमकार्ड ब्लाक करने और बैंक से जानकारी लेने के अधिकार और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता है। दुकानदार, मजदूरों के नाम से खुल रहे करंट खाते शहर में कई गिरोह सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से फर्जी सिमकार्ड और फर्जी करंट खाते मुहैया करवा रहे हैं। इस गिरोह द्वारा दुकानदार, मजदूर, सब्जी बिक्रेताओं के नाम से भी खाते और सिम खरीदे गए हैं। लसूड़िया थाना क्षेत्र में तो कई होटलों में अपराधियों के रूम बुक रहते हैं। साठ फीट रोड पर तो कैफे हाउस में ही डील हो जाती है। साइबर अपराध के सेंटर पर इस तरह हुई चर्चा -इंदौर की बात की जाए तो यहां डिजिटल अरेस्ट, बैंक खातों से ठगी कर पैसा निकालने व अन्य साइबर फ्रॉड होते हैं। इंदौर को फर्जी सिम और फर्जी बैंक खाते का हॉटस्पॉट माना गया। ये भी चर्चा हुई कि मल्टीपल लेयर में खातों में पैसा ट्रांसफर होने पर पुलिस जांच धीमी हो जाती है। इस वजह से अपराधी तक पहुंचने में समय लगता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल की गैंग की घेराबंदी में मुश्किलें आती हैं। -सवाल उठे कि किराए के व्यापार पर गुमाश्ता बनाकर करंट अकाउंट खुल जाते है। बैंक अपने स्तर पर ऐसे खाताधारकों को वेरिफाई नहीं कर पाती। यही वजह है कि करंट खाते का साइबर ठगी में सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। -फर्जी सिम का खेल भी जारी है। लोगों को पता नहीं चलता और ठग उनसे तीन-तीन बार फिंगरप्रिंट लेते हैं। एक ही व्यक्ति के नाम कई सिम अलॉट हो जाती हैं। इसे बाद में साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं। –मध्यप्रदेश में भोपाल भी साइबर ठगी के मामले में आगे हैं। उन शहरों पर भी चर्चा हुई जो राजस्थान और उप्र की बॉर्डर से लगे हैं। यहां भी साइबर फ्रॉड हो रहा है। किस राज्य में किस तरह का साइबर फ्रॉड गुजरात और केरल : यहां के कुछ स्थान से साइबर फ्रॉड हो रहे हैं। ठगी के बाद एटीएम से ठगी का पैसा निकाला जा रहा है। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली : यहां के कुछ इलाकों से फर्जी बैंक खाते तैयार कर उसे ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं। ठगी में विदेशी कनेक्शन डिजिटल अरेस्ट में विदेशी नेटवर्क की बात सामने आई। लाओस, कंबोडिया से ऐसे बैंक खाते संचालित हो रहे हैं, जिनमें चेन सिस्टम में ठगी का पैसा ट्रांसफर हो रहा है। recent visitors 54

मध्य प्रदेश के वन विहार और इंदौर के जू में जल्द ही दर्शक गैंडे, जिराफ और जेब्रा का दीदार कर सकेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के वन विहार या फिर इंदौर के जू में जल्द ही लोग गैंडे, जिराफ और जेब्रा का दीदार कर सकेंगे. वन विभाग जल्द ही बोत्सवाना से जिराफ और जेब्रा लाने के लिए प्रक्रिया शुरू करेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई स्टेट वाइल्फ लाइफ बोर्ड की बैठक में इस पर सहमति बन गई है. इसी तरह असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से वन भैंसा और गैंडे लाए जाएंगे. इन्हें भोपाल के वन विहार या फिर इंदौर के जू में रखा जाएगा. बैठक में प्रदेश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए दो कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. बैतूल और बालाघाट में बनेंगे कंजर्वेशन रिजर्व मध्य प्रदेश में टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के बाद अब कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जा रहे हैं. सरकार ने प्रदेश के बैतूल में ताप्ती और बालाघाट के सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने को सहमति दे दी है. वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने तीन कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन राघौगढ़ में बनने वाले कंजर्वेशन रिजर्व पर फिलहाल फैसला नहीं हो पाया है. इसी तरह इंदौर के आसपास मौजूद वन्य क्षेत्र में अहिल्याबाई सेंचुरी और हरदा में बनने वाले डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सेंचुरी पर भी निर्णय नहीं हो सका है. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के वंतारा चिड़ियाघर से संपर्क कर मध्य प्रदेश के चिड़ियाघरों में बेहतर इंतजाम किए जाएं और ऐसे वन्यजीवों को यहां लाया जाए जो अभी प्रदेश के चिड़ियाघरों में नहीं हैं. कंजर्वेशन रिजर्व किस तरह अलग होगा राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य के मुकाबले कंजर्वेशन रिजर्व छोटे होते हैं. कंजर्वेशन रिजर्व में वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम ही लागू होगा. इसके चलते यहां कटाई, चराई और शिकार पर तो पूरी तरह रोक रहेगी, लेकिन स्थानीय लोगों को कुछ छूट दी जाएगी. इसके लिए अलग से संचालन समिति का गठन किया जाएगा. समिति में स्थानीय लोग और वन विभाग के अधिकारी रहेंगे. recent visitors 59